धमतरीनगरी

CG – वनांचल के बच्चों का भविष्य अधर में,शिक्षा ही विकास का आधार, फिर क्यों पिछड़ रहा दुगली क्षेत्र? — सुरेन्द्र राज ध्रुव

धमतरी नगरी…”शिक्षा दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार है।” शिक्षा वह माध्यम है जो व्यक्ति के जीवन को बदलने के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा से ही गरीबी, अन्याय और अज्ञानता को दूर कर बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

लेकिन समय के साथ शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यदि दुगली क्षेत्र की बात करें तो यहां की शैक्षणिक स्थिति भी चिंता का विषय बनती जा रही है। इसके पीछे प्रशासनिक नीतियों की खामियां, पालकों की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता प्रमुख कारण माने जा सकते हैं।

शैक्षणिक सत्र 2026 शुरू होने वाला है, लेकिन क्षेत्र के कई विद्यालय आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। अधिकांश पालक बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराने के बाद उनकी पढ़ाई और अनुशासन पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। परिणामस्वरूप बच्चे अधूरी शिक्षा और अनुशासनहीनता की ओर बढ़ रहे हैं।

क्षेत्र के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी एक गंभीर समस्या है। शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शिक्षा की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।

समस्याओं की कमी नहीं है, लेकिन उनके समाधान के लिए पालकों, शिक्षकों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षा केवल स्कूल की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मेरे नजरिए से दुगली क्षेत्र में शिक्षा का स्तर पहले की तुलना में काफी गिरा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा जागरूकता का वह हथियार है जो व्यक्ति को सही और गलत की पहचान कर समाज को सही दिशा देने में सक्षम बनाता है।

बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों को समान रूप से गंभीरता और रुचि दिखानी होगी। तभी क्षेत्र के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बन सकेगा।

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