माता ब्रह्मचारिणी (भाग १) : माता ब्रह्मचारिणी की कथा और उनका वर्णन विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, आइए जानते है डॉ सुमित्रा अग्रवाल से...

माता ब्रह्मचारिणी (भाग १)

डॉ सुमित्रा अग्रवाल (कोलकाता)
सेलिब्रिटी वास्तु शास्त्री 
यूट्यूब वास्तु सुमित्रा 

कोलकाता : माता ब्रह्मचारिणी की कथा और उनका वर्णन विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, विशेषकर शिव पुराण, दुर्गा सप्तशती, और स्कंद पुराण में। माता ब्रह्मचारिणी, देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों में से दूसरा स्वरूप हैं, और नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा की जाती है। उनका नाम "ब्रह्मचारिणी" इसलिए पड़ा क्योंकि उन्होंने कठिन तपस्या (ब्रह्मचर्य) के माध्यम से भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था।

खबरें और भी

गरबा आयोजक तिशा ग्रुप व वन्या के संचालक पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाने व सनातन धर्म के अपमान करने पर एफ.आई.आर. करवाने कोतवाली थाना मे देर रात सौपा ज्ञापन : अविनाश सिंह गौतम, संयोजक सक्षम

CG - संयुक्त पत्रकार महासभा की हुंकार, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन...

दरभा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बिसपुर में सड़क, पुल, पुलिया निर्माण एवं पेयजल व्यवस्था की समस्या पर जल्द कार्य करने कलेक्टर से मील ज्ञापन सौंपे, अगले सोमवार तक समस्या पर समाधान का कोई पहल नहीं तो, दरभा जनपद के सामने 7 अक्टूबर को करेंगे हाइवे जाम - मोहसिन खान, गंगा भवानी /छ. ग. यु. म

 

6sxrgo

धार्मिक ग्रंथों में माता ब्रह्मचारिणी का उल्लेख :

1. शिव पुराण :

शिव पुराण में माता ब्रह्मचारिणी का उल्लेख देवी पार्वती के रूप में किया गया है, जिन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी।

इस पुराण के अनुसार, जब पार्वती ने नारद मुनि से भगवान शिव को पति रूप में पाने का सुझाव सुना, तो उन्होंने कठोर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए कई वर्षों तक तपस्या की। इस तपस्या के कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी के नाम से जाना गया।

उनकी तपस्या इतनी कठोर थी कि वे हजारों वर्षों तक केवल फल और जड़ी-बूटियों पर जीवित रहीं, और फिर अंत में भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया।

2. स्कंद पुराण :

स्कंद पुराण में भी माता ब्रह्मचारिणी की तपस्या का विस्तृत वर्णन मिलता है। यहाँ यह बताया गया है कि किस प्रकार माता ब्रह्मचारिणी ने अपने जीवन के वर्षों को कठोर तपस्या और साधना में समर्पित किया।

स्कंद पुराण के अनुसार, माता ब्रह्मचारिणी ने कई हज़ार वर्षों तक बिना भोजन और जल के भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए तपस्या की। इस दौरान वे कठिन परिस्थितियों का सामना करती रहीं और उनकी इस साधना को देखकर देवता भी आश्चर्यचकित हो गए।

3. मार्कण्डेय पुराण (दुर्गा सप्तशती का हिस्सा) :

मार्कण्डेय पुराण, जिसे दुर्गा सप्तशती के रूप में भी जाना जाता है, में माता ब्रह्मचारिणी का संक्षिप्त उल्लेख मिलता है। यहाँ उनके तपस्विनी रूप और उनकी भक्ति का वर्णन किया गया है।
उनके ब्रह्मचर्य और तप का महत्व नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा में विशेष रूप से बताया गया है।

माता ब्रह्मचारिणी का स्वरूप :

माता ब्रह्मचारिणी का रूप अत्यंत सरल और शांत है। वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है। यह उनके तप, संयम और साधना का प्रतीक है।

उनका यह स्वरूप भक्ति, प्रेम, और आत्मनियंत्रण का प्रतीक है। उनके जपमाला और कमंडल से उनकी साधना और तपस्या की महिमा का बोध होता है।

माता ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व :

माता ब्रह्मचारिणी की पूजा से भक्तों को धैर्य, आत्मविश्वास और शक्ति मिलती है। उनके आशीर्वाद से व्यक्ति को तप और संयम का बल प्राप्त होता है, जिससे जीवन के कठिनाइयों का सामना करना आसान हो जाता है।

उनकी पूजा से भक्त की साधना और तप का मार्ग प्रशस्त होता है, और उसे इच्छाओं की पूर्ति के लिए आंतरिक शक्ति और धैर्य प्राप्त होता है।


bd247eee-188e-485b-b825-2fd63271fe47
IMG-6476
06257e10-771d-471c-939d-68f4949d8d61
180c0b56-719c-4d0d-893f-48cc6a836b87
149863b6-66b7-4c2a-9388-2b467cf5da86
d7092dc8-dab7-4e6f-88d7-68911b0502b3


प्रदेशभर की हर बड़ी खबरों से अपडेट रहने नयाभारत के ग्रुप से जुड़िएं...
ग्रुप से जुड़ने नीचे क्लिक करें
Join us on Telegram for more.
Fast news at fingertips. Everytime, all the time.

खबरें और भी
05/Oct/2024

बस्तर सांसद  महेश कश्यप एवं विधायक जगदलपुर  किरण देव प्रदेश अध्यक्ष,की गरिमामय उपस्थिति में जय झाड़ेश्वर सहकारी समिति मर्यादित नगरनार (J.P.S.) कार्यालय का उद्घाटन समारोह ग्राम पंचायत आमागुड़ा नायरा पेट्रोल पंप के सामने में संपन्न हुआ...

05/Oct/2024

CG ब्रेकिंग : पटवारियों के लिए जारी हुआ आदेश, 15 दिनों के अंदर करना होगा ये काम, देखें आदेश.....

05/Oct/2024

CG - गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्‍सल प्रभावित राज्‍यों की दिल्‍ली में बड़ी बैठक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी होंगे शामिल....

05/Oct/2024

अरिहंत पब्लिक स्कूल में मनाया गया दशहरा और नवरात्र का त्यौहार बच्चों ने प्रस्तुत किए कई रंगारंग कार्यक्रम प्रिंसिपल और शिक्षकों की सहयोग से संपन्न हुआ आयोजन पढ़े पूरी ख़बर

05/Oct/2024

CG मां-बेटे की मौत : मॉर्निंग वॉक में निकले मां-बेटे को हाइवा ने मारी टक्कर, दोनों की मौके पर हुई दर्दनाक मौत, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल.....