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CG – मंदिर में लाखों की चोरी : महामाया मंदिर में चोरो ने बोला धावा, दानपेटी तोड़कर चुराए लाखों रुपए, जांच में जुटी पुलिस…..

जांजगीर-चांपा। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। अकलतरा नगर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर पर चोरों ने धावा बोला है। मंदिर की दानपेटी तोड़कर लगभग ढाई लाख रुपए की चोरी कर चोर रफूचक्कर हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, दान पेटी में नवरात्रि, नववर्ष और मकर संक्रांति में का चढ़ावा था। विगत आठ माह से दान पेटी नहीं खुला था। अकलतरा क्षेत्र के लोगों के आस्था के केंद्र महामाया मंदिर में चोरी की घटना की सूचना मिलने के बाद अकलतरा पुलिस जांच में जुट गई है।

पुलिस मंदिर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस डॉग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट से भी जांच करा रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में चोरी करते दिख रहे आरोपी की पहचान करने में जुटी है।

CG – तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन तथा मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा…

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने किया प्रदर्शन तथा मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा

जगदलपुर। प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं पर लगातार मुखर रहने वाला राज्य के कर्मचारियों का सबसे बड़ा संगठन छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने आज पूरे प्रदेश भर में भोजन अवकाश के दौरान प्रदर्शन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा तथा शीघ्र ही उचित कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को उग्र करते हुए आगामी विधानसभा सत्र के दौरान राजधानी रायपुर में प्रदर्शन करने की बात कही है।

बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में संघ के प्रदेश महामंत्री गजेंद्र श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष टारजन गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष अतुल शुक्ला तथा बस्तर जिला अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में आज शाम 4:00 बजे संघ के प्रमुख पदाधिकारी एकत्रित होकर कलेक्ट्रेड चौक जगदलपुर में जोरदार नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर वहां अनुविभागीय अधिकारी जगदलपुर कौशिक को मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम का ज्ञापन सौंपा।

जिसमें प्रमुखत केंद्रीय कर्मचारियों की तरह राज्य के कर्मचारियों को भी देय तिथि से महंगाई भत्ता देने , घोषणा अनुसार महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान किया जाए, मध्य प्रदेश की तरह अवकाश नगदीकरण 240 दिनों के स्थान पर 300 दिन करने, लंबित पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल पूर्ण कर आदेश जारी करने, शिक्षक, लिपिक सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगति दूर करने हेतु गठित समिति की रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक करने, चार स्तरीय वेतनमान का आदेश जारी करने, संविदा, दैनिक, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने तथा मध्य प्रदेश की भांति सेवा सुरक्षा देने।

अनुकंपा नियुक्त प्राप्त लिपिक की दक्षता हेतु पूर्व की भांति कार्यालय प्रमुख/ विभाग अध्यक्ष को कौशल परीक्षा हेतु अधिकृत किया जाए। सभी विभागों के आकस्मिकता निधि से नियुक्त कर्मचारियों को सेवानिवृत समय अवकाश नगदीकरण दिए जाने संबंधी सामान्य आदेश जारी किया जाए। ताकि माननीय न्यायालय की शरण में बार-बार कर्मचारियों को न जाना पड़े।

इसी के साथ-साथ प्रदेश के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के परिवीक्षा अवधि/ पदोन्नति /समयमान वेतन /ग्रेडेशन सूची_ जैसी मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग का ज्ञापन भी पृथक से सौंपा गया।

आज कलेक्ट्रेट कार्यालय जगदलपुर में प्रदर्शन के दौरान संघ के संजय चौहान , सुभाष पांडे, अनिल गुप्ता, प्रमोद पांडे, मनोज महापात्र,आर पी मिश्रा, संजय वैष्णव ,नरेश मरकाम, मोतीलाल वर्मा, जी एल यादव,मनीष श्रीवास्तव, नवीन साहू ,जागेश्वर सिंहा, रवि नारायण, झाम लाल कंवर,नरेंद्र कश्यप ,टीनू ठाकुर ,महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष नीलम मिश्रा, आशा दान, भावना दीक्षित, गायत्री मरकाम, चेती कश्यप, कलावती आदि कर्मचारी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

दो दिवसीय प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण में जिले के 73 वाहन चालक हुए शामिल…


धमतरी… कलेक्टर एवं अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा धमतरी सुश्री नम्रता गांधी के मार्गदर्शन में 15 एवं 16 जनवरी को विभागीय वाहन चालकों का प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के प्रशिक्षण हॉल में आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.यू.एल.कौशिक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ.प्रिया कंवर सहित कुल 73 वाहन चालक उपस्थित रहे। इनमें पहले दिन 37 और दूसरे दिन के प्रशिक्षण में 36 वाहन चालकों ने प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर वाहन चालकों को फर्स्ट एड की प्री एवं पोस्ट टेस्ट भी लिया गया। साथ ही सभी प्रकार के प्रारंभिक उपचार के बारे में बताते हुए प्रेक्टिकल कर ग्रुप वाईस चलित रूप से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में प्रबंध समिति इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमेन श्रीमती प्राप्ति वासानी, वाईस चेयरमेन श्री शिवा प्रधान, संगठक श्री आकाशगिरी गोस्वामी, जिला प्रबंध समिति इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी एवं नेत्र सहायक अधिकारी डॉ.गुरूशरण साहू, श्री तोमेश्वर कुमार भण्डारी, श्री प्रदीप साहू उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के बाद सभी को प्राथमिक उपचार प्रमाण पत्र भी प्रदाय किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्के घर का सपना…

धमतरी/कोष्टापारा वार्ड क्र. 16 की निवासी सोन कुंवर देवांगन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान का सपना साकार किया। अपने परिवार के साथ पिछले 30 वर्षों से कच्चे मकान में निवास कर रहीं सोन कुंवर बीड़ी बनाने का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं।

पति के देहांत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई, जिससे कच्चे मकान की मरम्मत करना भी मुश्किल हो गया। कच्चे मकान में रहकर उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान मिला, जिससे अब उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है।

सोन कुंवर ने केन्द्र और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने न केवल उनके परिवार को सिर पर छत दी, बल्कि कच्चे मकान की समस्याओं से भी छुटकारा दिलाया। इस योजना से समाज के कमजोर वर्गों को स्थायी और बेहतर आवास का लाभ मिल रहा है।

मकई तालाब गार्डन सुकून मस्ती और स्वाद का परफेक्ट संगम…


धमतरी/छत्तीसगढ़ शासन और नगरीय निकाय मंत्री के निर्देश पर धमतरी के मकई तालाब गार्डन को एक नया रूप दिया गया है। आयुक्त प्रिया गोयल ने गार्डन के विकास और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर निरीक्षण किया, जिससे यह गार्डन अब बच्चों और परिवारों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है।

बच्चों के लिए विशेष झूले और अन्य मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जो उनकी खुशी को दोगुना कर देती हैं। गार्डन का माहौल बच्चों की मस्ती और खेलकूद के लिए आदर्श है। वहीं, बुजुर्गों के लिए यह स्थान सुकून और शांति का अनुभव प्रदान करता है।

गार्डन में सुबह-शाम योग और ध्यान करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। खुला वातावरण, हरियाली और शांत माहौल इसे योगाभ्यास के लिए एक अच्छा स्थल बनाते हैं।

गार्डन की दीवारों और पेड़ो पर की गई आकर्षक पेंटिंग इसकी सुंदरता को और बढ़ाती हैं,जो आने वाले हर व्यक्ति को प्रभावित करती हैं।

गार्डन के पास स्थित चौपाटी भी इसकी लोकप्रियता का बड़ा कारण है। यहां के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने के लिए लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचते हैं। चौपाटी का स्वाद, रौनक और यहां का माहौल हर किसी के दिल को छू लेता है।

पार्किंग की बेहतर व्यवस्था ने भी गार्डन में आने वाले लोगों के अनुभव को और सुविधाजनक बनाया है। प्रशासन द्वारा गार्डन और उसके आसपास की सफाई और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

मकई तालाब गार्डन, छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन के प्रयासों का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह गार्डन न केवल बच्चों के मनोरंजन का केंद्र बना है, बल्कि परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए एक आदर्श स्थान बन गया है। सुकून, मस्ती और स्वाद का यह संगम हर किसी को यहां बार-बार आने के लिए प्रेरित करता है।

18 जनवरी 10 राज्य दो केंद्र शासित राज्य 230 से अधिक जिले के लगभग 50 हजार से अधिक गांवो के लोगों कों पीएम मोदी बांटेंगे स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड पढ़े पूरी ख़बर

केंद्र सरकार देश के शहरों के साथ साथ ग्रामीण विकास को लेकर भी लगातार कार्य कर रही है. सरकार इसके लिए तमाम योजनाएं भी चला रही है. ग्रामीणों के लिए केंद्र की योजनाओं में सबसे अहम स्कीम पीएम स्वामित्व योजना है.

इस योजना के पीछे केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण इलाकों को आर्थिक रूप से और भी ज्यादा मजबूत बनाया जाए.

इसी योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार( 18 जनवरी, 2025) दोपहर करीब 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50,000 से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड वितरित करेंगे.

पहले चरण में इन राज्यों में लागू की गई थी

ग्रामीण इलाकों में कई लोग रहते हैं, जिनके पास उनकी जमीन और घर का मालिकाना हक और सरकारी दस्तावेज नहीं होते हैं. इन लोगों के लिए पीएम स्वामित्व योजना बेहद लाभदायक साबित होगी. इस योजना की शुरुआत पीएम मोदी की ओर से साल 2020 की अप्रैल में शुरू की गई थी, जिसे पहले चरण में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के गांवों में लागू की गई थी.

बैंक लोन, विवाद से लेकर इन चीजों में मिलेगा फायदा

इय योजना के तहत लोग आर्थिक रूप से न केवल मजबूत होंगे बल्कि आत्मनिर्भर भी बनेंगे. इसके तहत लोगों को न सिर्फ मालिकाना हक मिलेगा बल्कि लोगों को बैंक से लोग मिलना भी आसान होगा. संपत्ति से जुड़े मसलों को भी सुलझाने में मदद मिलेगी. कोई भी अपनी संपत्ति आसानी से किसी को भी बेच सकेगा. इस योजना के तहत ड्रोन से गांव, खेत भूमि का मैपिंग की जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी कल्याण कारी योजनाओं की केंद्र सरकार नें की प्रशंसा मिलेगी 1874 करोड़ का अतिरिक्त आबंटन पढ़े पूरी ख़बर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी जनहितैषी नीतियों एवं कार्यक्रमों से न केवल प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बनाई है, अपितु राज्य के बजट और केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि का जनहित में सदुपयोग सुनिश्चित कर केंद्र सरकार से सराहना और प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की भी हकदार बनी है.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि राज्य की जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना सरकार की प्राथमिकता है।

छत्तीसगढ़ ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय के तहत आबंटित धनराशि का कुशल और प्रभावी उपयोग किया है, जिसकी केंद्र सरकार ने सराहना की है। पूंजीगत व्यय के तहत राशि के सदुपयोग के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य को शीघ्र ही 1874 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आबंटन मिलेगा। यह राशि राज्य के बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए खर्च की जाएगी। पूंजीगत व्यय यानि कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का अर्थ है उन पूंजीगत व्ययों का प्रावधान, जो किसी राज्य या देश में बुनियादी ढांचे के निर्माण, नए परिसंपत्तियों के सृजन और दीर्घकालिक विकास के लिए किए जाते हैं। बजट में इसे इसलिए शामिल किया जाता है ताकि शासकीय धन का उपयोग सड़क, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, और उद्योग जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण और विकास के लिए किया जा सके।

CG – 2 अफसर सस्पेंड : धान खरीदी गड़बड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक व प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी निलंबित, लगे ये गंभीर आरोप, जाने पूरा मामला…..

महासमुंद। धान खरीदी में गड़बड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक व प्रभारी सहकारिता विस्तार अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश दिया था। दोनों पर लापरवाही के गंभीर आरोप थे। संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है।

एसके डे पर जानबूझकर लापरवाही और मनमानी करने का आरोप है, जिससे राज्य शासन के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। यह आचरण सेवा नियमों के प्रतिकूल पाया गया। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विकासखण्ड पिथौरा के पथरला, जाड़मुड़ा, आरंगी और नरसैयापालम धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया गया था।

जिसमें एस.के.डे. द्वारा विकासखण्ड पिथौरा में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों में समुचित रूप से निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण नहीं किया जाना पाया था। इसके अलावा धान के बोरे फड़ में बिना स्टैकिंग के रखा गया था जो भौतिक सत्यापन के योग्य नहीं था। उनके द्वारा शासन के महत्वपूर्ण कार्य धान खरीदी में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में जानबूझकर लापरवाही किया जाना पाया गया था।

CG – सरकारी नौकरी : वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी मंजूरी, इतने रिक्त पदों पर होगी भर्ती…..

रायपुर। वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री ओपी चौधरी ने पहल करते हुए रजिस्ट्री विभाग के पुनरीक्षित सेटअप को स्वीकृति दी है। इस नए सेटअप में पंजीयन विभाग में विभिन्न श्रेणी के 85 नए पद सृजित किए गए है। इसके साथ ही मंत्री ओपी चौधरी ने पंजीयन विभाग के वर्तमान लागू सेटअप के विभिन्न श्रेणी के लगभग 100 रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती को मंजूरी भी दी है।

विदित हो कि राज्य विभाजन के बाद से 24 वर्षों से रजिस्ट्री विभाग का सेटअप रिवीजन लंबित था। रजिस्ट्री विभाग के अधिकारी कर्मचारी लंबे समय से सेटअप पुनरीक्षण की मांग कर रहे थे। सेटअप रिवीजन नहीं होने से रजिस्ट्री विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों को पदोन्नति के अवसर नहीं मिल पा रहे थे। 25 30 साल की सेवा के बाद भी एक भी पदोन्नति नहीं मिल पा रहा था ,जबकि उनके समकक्ष दूसरे विभाग के अधिकारी कर्मचारी तीन चार पदोन्नति प्राप्त कर चुके होते थे।

राज्य विभाजन के बाद रजिस्ट्री विभाग का काम, दस्तावेज संख्या तथा राजस्व कई गुना बढ़ चुका है, लेकिन सेटअप रिवीजन नहीं होने से कर्मचारी अधिकारी काम के अत्याधिक बोझ से ग्रसित थे। राज्य विभाजन के बाद से दूसरे विभागों का सेटअप कई कई बार रिवाइज हो चुका है। पंजीयन विभाग के वर्तमान सेट अप रिवीजन में महानिरीक्षक पंजीयन पुष्पेंद्र मीणा ने भी काफी प्रयास किया। सेट अप रिवीजन से राज्य के युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

रिक्त पदों पर भर्ती की मंजूरी दिए जाने से राज्य के बेरोजगार युवाओं को तत्काल भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा। वहीं दूसरी ओर पंजीयन विभाग को अपने कर्तव्यों को अधिक कुशलतापूर्वक निर्वहन करने में आसानी होगी। सेट अप रिवीजन तथा रिक्त पदों पर भर्ती के मंजूरी दिए जाने से जनता को भी सुविधा होगी।

छत्तीसगढ़ पंजीयन मुद्रांक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र श्रीवास ने सेटअप रिवीजन किए जाने और रिक्त पदों पर भर्ती की स्वीकृति दिए जाने का स्वागत किया है, तथा वर्षों से लंबित इस कार्य को तत्काल पूरा किए जाने पर मंत्री ओपी चौधरी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

CG- कैबिनेट ब्रेकिंग : निकाय और पंचायत चुनाव से पहले साय कैबिनेट की अहम बैठक कल,मुख्यमंत्री साय कर सकते हैं बड़ा ऐलान…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की भी तैयारी अंतिम दौर में है। नगरीय चुनाव की तारीखों की अटकलों के बीच कैबिनेट की बैठक रविवार (19 जनवरी) को बुलायी गयी है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को आचार संहिता का ऐलान किया जा सकता है। आचार संहिता के पहले कैबिनेट की ये आखिरी बैठक हो सकती है, लिहाजा बैठक में कई अहम फैसले लिये जा सकते हैं। कैबिनेट की यह बैठक मंत्रालय में सुबह साढ़े 11 बजे से होगी। इस बैठक में चुनाव से ठीक पहले कई बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।

नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कई बड़ी घोषणाएं प्रदेशवासियों के लिए कर सकते हैं। जिसका निर्णय इस कैबिनेट की बैठक में लिया जाएगा। संभावना यह भी है कि इस बैठक में राजनीतिक प्रकरणों की वापसी के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा भी बैठक में कई अन्य मुद्दों को लेकर भी चर्चा की संभावना है।

माना जा रहा है कि निकाय चुनाव से पहले सीएम साय प्रदेशवासियों के लिए बड़ा ऐलान कर सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में प्रदेश के उद्योगों से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। उद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सरकार प्रदेश के उद्योगों को बड़ी राहत प्रदान कर सकती है।

पिछले वर्ष राज्य सरकार द्वारा लोड फैक्टर रिलीफ को वापस ले लिया गया था, जिसके चलते उद्योगों में बिजली की खपत की दर में वृद्धि हो गई थी। प्रति यूनिट बिजली दर में डेढ़ रुपये तक की बढ़ोतरी के कारण उद्योगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया था। इससे बिजली की लागत 6 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 8 से 9 रुपये तक पहुंच गई थी।

इस बढ़ोतरी के चलते प्रदेश के उद्योगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बाद से ही उद्योग संघों के प्रतिनिधि सरकार से बार-बार राहत की मांग कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर शासन और प्रशासन से मिलकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रस्तुत किए थे।

अब खबर है कि सरकार इस मुद्दे पर विचार करते हुए उद्योगों को बड़ी राहत देने की योजना बना रही है। उम्मीद है कि कल की बैठक में इस संबंध में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिससे उद्योगों को बिजली की लागत में कमी का लाभ मिल सके।