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लोहर्सी में एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन रखें गए कई आकर्षक इनाम सीमा मितेश मल्होत्रा बतौर मुख्य अतिथि होंगे शामिल जानें कब हो रही प्रारम्भ पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी के लोहर्शी में एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन 11 जनवरी कों किया जा रहा हैँ जहाँ क्षेत्र के कबड्डी खिलाड़ी अपना जौहर दिखाएंगे आपको बता दे की यहाँ 252 रुपए एंट्री फीस रखी गई हैँ वही देर से एंट्री कराने वाली टीमों कों 300 रुपए देने होंगे बात करें पुरुस्कार की तो यहाँ पहला 7000 रूपए व कप,दूसरा 5000 व कप,तीसरा 3000 व कप,और चौथा 2000 व कप रखा गया हैँ मालूम हो की यहाँ वर्तमान जिला पंचायत सदस्य किरण संतोष यादव जगदीश तिवारी सोनी डॉक्टर सीमा मितेश मल्होत्रा अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

नियम व शर्ते….

अम्पायर का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा,चोट लगने पर खिलाड़ी स्वयं जिम्मेदार होंगे,प्रवेश प्रथम दिवस कों सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे लिया जायेगा लेट एंट्री लेने वाली टीम कों 300 रुपए पे करना होगा,बाहर से आने वाली टीमों के लिए खाने की ब्यवस्था की जाएगी,सभी मैच मेट पर खेला जाएगा सभी मैच राधा कृष्ण मंदिर के पास खेला जाएगा

CG – 4 की मौत : दर्दनाक सड़क हादसा, खड़ी ट्रक से टकराई बस, 4 की मौत, कई गंभीर रूप से घायल, मौके पर मची चीख-पुकार…..

सुकमा। सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सुकमा- तेलंगाना बार्डर पर भीषण सड़क हादसे में 4 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गयी है। वही कई यात्री बुरी तरह से घायल हो गये। जानकारी मिली है कि तड़के 3 से 4 बजें के बीच तेज रफ्तार बस रेत से भरे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बस में बैठे यात्रियों के बीच चीख पुकार मच गयी। हादसे में अब तक 2 महिला और 2 पुरूष के मरने की पुष्टि पुलिस ने की है।

जानकारी के मुताबिक भीषण सड़क हादसा तेलंगाना के सूर्यापेट-खम्मम नेशनल हाइवे पर आज तड़के घटित हुआ। जगदलपुर की गुप्ता ट्रेवल्स की बस क्रमांक सीजी 17 केएस 7719 ओडिसा से हैदराबाद के लिए रवाना हुई थी। तड़के यह बस यात्रियों को लेकर सुकमा होते हुए हैदराबाद की तरफ बढ़ी ही थी कि बीच रास्तें में भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गयी। बताया जा रहा है कि कोहरे के कारण बस के चालक को सड़क पर खड़ी ट्रक दिख नही पाया। जिसके कारण तेज रफ्तार बस खड़ी रेत से भरी ट्रक में जा घुसी।

इस हादसे में बस के सामने और एक साइड का पूरा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही तेलंगाना के सूर्यापेट डीएसपी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। राहत बचाव कार्य के दौरान इस दुर्घटना में घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं हादसे में अब तक 2 महिला और 2 पुरूषों की मौत की पुष्टि पुलिस ने की है।

CG – महिला तस्कर गिरफ्तार : शहर में खुलेआम बेच रही थी नशे का सामान, 23 वर्षीय युवती गिरफ्तार……

बलौदबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले की पुलिस लगातार नशे के कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस दौरान पुलिस ने नशीली टैबलेट के साथ एक युवती को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है। कि इस युवती को सिमगा के सिविल लाइन क्षेत्र से नशीली टैबलेट के साथ पकड़ा गया है। इस दौरान उनके पास से SPASMO PROXYVON PLUS 50 नग एवं NITROSUN-10 नशीली टेबलेट एवं बिक्री के 1830रु जप्त किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस युवती का नाम चांदनी बंजारे 23 वर्ष हैं। जिसे पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी: गौ-तस्करों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं, सुधर जाए या….

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौमाता की तस्करी और गौमांस बिक्री जैसे अपराधों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे कृत्य करने वाले या तो अपनी हरकतें सुधार लें या फिर प्रदेश छोड़ दें। मुख्यमंत्री ने इसे न केवल एक गंभीर अपराध बताया, बल्कि इसे सनातन धर्म और सामाजिक सद्भाव पर गहरा आघात करार दिया।  

मोमिनपारा में कार्रवाई: 6 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने रायपुर के मोमिनपारा इलाके में गौमांस बेचने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस रेड के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन विशेष टीम ने उन्हें पकड़ लिया। घर के अंदर छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन कमरों से बड़ी मात्रा में गौमांस, काटने के उपकरण, तराजू और सप्लाई से जुड़ी सूची बरामद की। 
 
गौ-सेवकों का प्रदर्शन

यह मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। रेड के दौरान बड़ी संख्या में गौ-सेवक भी मौके पर उपस्थित थे। गिरफ्तारी की मांग को लेकर गौ-सेवकों ने जमकर प्रदर्शन किया। SSP डॉ. लाल उम्मेद ने बताया कि विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की थी।  

प्रदेश में अपराधियों के लिए नहीं होगी कोई सहानुभूति
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में गौमाता की तस्करी और इस प्रकार के अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कदम छत्तीसगढ़ में शांति और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।  

गौमाता की रक्षा के लिए सरकार के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में इस तरह की हरकत करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। अब देखना होगा कि यह सख्ती अपराधों पर कितना अंकुश लगा पाती है।  

बद्री प्रसाद देवांगन मध्यनगरीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल नें एनएसएस इकाई के स्वयंसेवकों कों उनके सेवा भावना के लिए किया सम्मानित पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मल्हार स्थित बद्री प्रसाद देवांगन मध्यनगरीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा सात दिवसीय एन एस एस इकाई नें गोद ग्राम जैतपुर में विशेष शिविर का आयोजन दिनांक 21/12/2024 से 27/12/2024 तक किया गया था जहाँ सक्रिय सहभागिता देने वाले एनएसएस छात्रों को प्राचार्य प्रदीप कुमार वैष्णव और प्रभारी प्राचार्य गोकुल प्रसाद पाटले के द्वारा सम्मानित किया गया साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर छात्र छात्राओं का हौसला बढ़ाने का नेंक कार्य किया गया वही कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य नें उपस्थित विद्यार्थियों को कहाँ की स्कूली जीवन में हमें ऐसा काम करना चाहिए जो आगे चल कर आने वाले बच्चों छात्र छात्राओं को अच्छे कार्य करने प्रेरित करें और समाज में भी एक अच्छा संदेश जाए स्कूली लाइफ में हमेशा से नियम और कायदे कानून सिखाए जाते हैँ जो पूरी जिंदगी काम आती हैँ स्कूली लाइफ में आदर्श आचरण का पालन करते हुए पढ़ाई पर सभी विद्यार्थियों को ध्यान देना चाहिए.आपको बताते चलें की एन एस एस इकाई के द्वारा जैतपुर में सात दिवसीय केम्प लगाया गया था जहाँ उन्होंने सात दिनों तक गाँव की साफ सफाई की और ग्रामीणों को स्वास्थ्य स्वच्छता अंधविश्वास और बाल विवाह जैसे गंभीर सामाजिक समस्याओं पर जागरूक किया गया इसके लिए दीवारों पर स्लोगन भी लिखा गया जिसे पढ़ कर लोग जागरूक हो सकें।

CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में इन कर्मचारियों को हेलमेट व सीट बेल्ट लगाना हुआ जरूरी, मुख्य सचिव ने जारी किए निर्देश……

रायपुर। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों और गंभीर चोटों के मामलों पर चिंता जताते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय कर्मियों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सभी विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

बता दें कि मुख्य सचिव ने इस संबंध में पत्र में यह उल्लेख किया है कि हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं के कारण कई शासकीय कर्मियों की जान गई है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने मोटरयान (संशोधन) अधिनियम, 2019 का हवाला देते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है। साथ ही, संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि ये निर्देश सभी शासकीय कर्मियों तक प्रभावी रूप से पहुंचें और इनका पालन हो। यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और शासकीय कर्मियों के जीवन की रक्षा के लिए उठाया गया है।

8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के गठन पर महत्वपूर्ण अपडेट,जाने कब होगी घोषणा…

8th Pay Commission : सरकारी कर्मचारी और पेंशन भोगियों के लिए बड़ी खबर है। जल्दी उनके लिए नए वेतनमान की घोषणा की जा सकती है। लंबे समय से नए वेतन आयोग की मांग की जा रही है।

8वें वेतन आयोग की मांग कर्मचारियों ने पिछली बजट में उठाई थी। हालांकि वित्त मंत्रालय ने तब तब साफ किया था कि फिलहाल आठवीं वेतन आयोग की गठन की कोई योजना नहीं है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ 6 जनवरी को हुई बजट पूर्व बैठक में ट्रेड यूनियन ने 8वें वेतन आयोग के तत्काल गठन की मांग की। अब सवाल उठता है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में आठवें वेतन आयोग के गठन पर कोई महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है?

नए वेतन आयोग की मांग उठाई
कर्मचारी यूनियन ने पिछले केंद्रीय बजट सहित पिछले कई वर्षों में नए वेतन आयोग की मांग उठाई है। पिछले बजट में 8वें वेतन आयोग के बारे में कोई घोषणा नहीं की गई थी।

केंद्रीय कर्मचारी महासंघ ने 12 दिसंबर को पीएम मोदी को पत्र लिखकर नए वेतन आयोग के गठन की मांग की थी। लेटर में कर्मचारी संगठन ने कहा था कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी और रुपए की वैल्यू में गिरावट के कारण यह आवश्यक हो गया है। आठवीं वेतन आयोग का गठन बिना देरी के किया जाए।

नए वेतन आयोग के गठन की कोई योजना नहीं
हालांकि केंद्र सरकार के पास फिलहाल नए वेतन आयोग के गठन की कोई योजना नहीं है लेकिन अब मान जा रहा है कि नए सत्र के बजट सेशन में मोदी सरकार कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए नए वेतन आयोग के गठन की मांग पर सकारात्मक विचार कर सकती है। 1 फरवरी को पेश होने वाली बजट में इसकी घोषणा कर सकती है।

DA Hike और रुपए की वैल्यू में गिरावट बड़ा कारण 
इससे पहले 6 जनवरी को ट्रेड यूनियन के साथ निर्मला सीतारमण की बैठक हुई थी। जिसमें आठवी वेतन आयोग के तत्काल गठन की मांग की गई है। सांतवें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था जबकि इसे लागू 2016 में किया गया था।

ऐसे में 10 वर्ष से अधिक का समय इसके गठन को लेकर बीत चुका है। यदि नए वेतन आयोग का गठन होता है तो कर्मचारी और पेंशन भोगियों के वेतन और पेंशन में बड़ा इजाफा देखा जाएगा। इसके साथ ही उनके वेतन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

Sai Cabinet expansion: आचार संहिता से पहले होगा साय कैबिनेट का विस्तार!यें विधायक ले सकते हैं मंत्री पद की शपथ…

Sai Cabinet expansion : कहा जा रहा है कि साय कैबिनेट का विस्तार निगम चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले हो सकता है। इस दौरान राजभवन में दो विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

Sai Cabinet expansion, छत्तीसगढ़ में एक बार फिर साय कैबिनेट के विस्तार की चर्चा है, कहा जा रहा है कि साय कैबिनेट का विस्तार निगम चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले हो सकता है। इस दौरान राजभवन में दो विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हालाकि आधिकारिक रूप से इस मामले में भाजपा के पदाधिकारी या किसी सरकार के जिम्मेदार लोगों का बयान नहीं है, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।

Sai Cabinet expansion, दरअसल, पिछले लगभग एक महीने से साय मंत्रिमंडल के दो रिक्त पदों के लिए मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा चल रही है । साय मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मंत्रियों और वरिष्ठ विधायकों से चर्चा भी हुई है ।

मंत्रिमंडल के विस्तार और फेरबदल के बाद जिन विधायकों को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है उनमें प्रमुख रूप से अमर अग्रवाल, किरण सिंहदेव, धरम लाल कौशिक, गजेंद्र यादव, विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी, रेणुका सिंह, गोमती साय के नाम सामने आए हैं। हालाकि मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता इसको लेकर बोलने से बच रहे हैं । मंत्रिमंडल पद के प्रमुख दावेदारों में से एक और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का कहना है कि ये विषय मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष का है, वो ही तय करेंगे कि क्या करना है ।

CG – युवक ने की आत्महत्या : फांसी लगाने से पहले युवक ने कही ये बात… सुनकर दहल जाएगा दिल…जांच में जुटी पुलिस….

रायपुर। राजधानी रायपुर से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जिनमें पति अपनी पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया। मृतक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया, जिसमें अपनी पत्नी व ससुराल वालों पर टाॅर्चर करने का आरोप लगाया है। मृतक वीडियो में कह रहा है कि ”मम्मी पापा मुझे माफ कर दो। मैं अपनी पत्नी , साली , सास-ससुर और साले से बहुत परेशान हूं। मेरी पत्नी किसी दूसरे के साथ फंसी थी। इस बात को जब मैं बोलता था तो यह लोग मुझे जान से मारने की धमकी देते थे। मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकी देते थे।

मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। थाना प्रभारी साहब से अनुरोध है कि मेरे दोनों बच्चों को मेरे माता-पिता को सौंप दिया जाए। उसके नाना नानी को मत दिया जाए उनके जीवन को खतरा है। उनके भविष्य को खतरा है। यह लोग मुझे बहुत डराएं और धमकाएं हैं। मेरी पत्नी, साली, सास ससुर और साले आशीष को बिल्कुल मत छोड़ना। इन सभी ने मुझे बहुत टॉर्चर किया। बहुत टॉर्चर किया।”

दरअसल, मृतक उदय राज मिश्रा पिता नवनीत मिश्रा 38 वर्ष मध्यप्रदेश के मउगंज जिला का रहने वाला था। वर्तमान में गुढ़ियारी के दीक्षा नगर में रहता था। पत्नी के साथ मृतक का आये दिन विवाद होता रहता था। पत्नी गुडिया मिश्रा पति से विवाद के बाद 3 जनवरी को अपने दो बच्चे के साथ घर से बिना बताये कही चली गई। पति उदय राज ने पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसी बीच उसने अपनी पत्नी को काॅल कर घर वापस आने को कहा, लेकिन पत्नी द्वारा मना कर दिया गया। इस बात से नाराज उदय राज ने एक वीडियो बनाया और पत्नी व ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुये खुदकुशी कर लिया।

Contract Employees Regularization : संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी,सरकार ने परमानेंट करने का दिया आश्वासन,जल्द होगी नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू…

Contract Employees Regularization : मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संविदा और एस.एफ.एस. कर्मचारियों ने अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है।

विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नारायणलाल सालवी के नेतृत्व में पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस में राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल महोदय को कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया और इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए निवेदन किया।

कर्मचारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में 327 संविदा कर्मचारी हैं, जिनमें से 50 कर्मचारी 10 से 15 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें स्थाई नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।

नियमितीकरण का मिला आश्वासन

नियमितीकरण की मांग को लेकर विश्वविद्यालय कर्मचारी संगठन का प्रतिनिधिमंडल संरक्षक प्रतीक सिंह राणावत और अध्यक्ष नारायणलाल सालवी के नेतृत्व में जयपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में दिनेश गुर्जर, मोहम्मद युनुस, सूर्यप्रकाश, भूडा राम, मनीष बंसल सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
जयपुर में प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा से मुलाकात की। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से बताते हुए अनुरोध किया कि विश्वविद्यालय में एजेंसी लागू न की जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू हो। बैरवा ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एजेंसी लागू नहीं की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने प्रोफेसर मंजू बाघमार, जो कि पीडब्ल्यूडी और बाल विकास विभाग की राज्य मंत्री हैं, से भी मुलाकात की। मंत्री महोदया ने कर्मचारियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और समाधान में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

संविदा कर्मचारियों की समस्याएं और मांगें

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारियों की समस्याएं वर्षों पुरानी हैं। 2004 में शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों को स्थिर वेतन और सेवा सुरक्षा का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।

2022 और 2023 में राज्य सरकार द्वारा स्क्रीनिंग प्रक्रिया और संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन निर्देशों को पूरी तरह लागू नहीं किया। इससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग क्या है?

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग है कि उन्हें स्थाई नियुक्ति दी जाए, क्योंकि 327 संविदा कर्मचारियों में से 50 कर्मचारी 10 से 15 वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नियमितीकरण नहीं किया गया है।

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

कर्मचारियों ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और मंत्री मंजू बाघमार से मुलाकात की और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण में किस तरह की समस्याएं आ रही हैं?

संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देशों को पूरी तरह लागू नहीं किया है, जिससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

2022 और 2023 में सरकार ने क्या निर्देश जारी किए थे?
2022 और 2023 में राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों की स्थायीकरण प्रक्रिया को लेकर स्क्रीनिंग और निर्देश जारी किए थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन्हें पूरी तरह से लागू नहीं किया।

संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के बारे में नवीनतम स्थिति क्या है?
कर्मचारियों को नियमितीकरण का आश्वासन दिया गया है, और मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एजेंसी लागू नहीं की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।