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CG – सरपंच प्रत्याशी की मौत : तेज रफ्तार ट्रक ने सरपंच प्रत्याशी को रौंदा, मौके पर ही हुई दर्दनाक मौत…..

गरियाबंद। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां दर्दनाक सड़क हादसे में सरपंच प्रत्याशी कुसुमा की मौके पर ही मौत हो गई है। तेज रफ्तार ट्रक प्रत्याशी कुसुमा को रौंदते हुए निकल गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया है। पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, साहस खोल निवासी कुसुमा चंद्राकर अपने पति देवानंद चंद्राकर के साथ बाइक में सवार होकर ओडिशा की दिशा में जा रही थी। इस दौरान मोड़ पर एक ट्रक तेज रफ्तार में विपरीत दिशा से अचनाक आते देख बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। सड़क पर गिरने के बाद ट्रक ने सरपंच प्रत्याशी कुसुमा को कुचलते हुए गुजर गया। हादसे में कुसुमा की मौके पर ही मौत हो गई। मृतिका कोड़की पारा पंचायत में सरपंच पद की प्रत्याशी थी।

CG – कन्हैया लाल बाजारी वार्ड-15 में बैटरी टार्च छाप निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी शुभम यादव को मिल रहा जनता का आशीर्वाद…

रायपुर। कन्हैया लाल बाजारी वार्ड-15 में बैटरी टार्च छाप निर्दलीय पार्षद प्रत्याशी शुभम यादव अपने किए गए पिछले 5 साल के विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच आशीर्वाद मिल रहा।

शुभम यादव का कहना है इस वार्ड को हमने चमन बनाया है और आगे भी जनता के बीच रहे कर कार्य करने का संकल्प लिया है।

जिसके कारण जनता ने ठाना है व्यापारी प्रत्याशी नहीं जनता के सुख दुख में साथ रहने वाला प्रत्याशी चाहिए।

CG -ऑनलाइन गेम के दौरान हुआ प्यार, सात जन्मों का साथ निभाने की खाई कसम, फिर अचानक हुआ कुछ ऐसा कि पति को जाना पड़ा हाईकोर्ट…..

कोरबा। ऑनलाइन गेम के जरिए शुरू हुई एक प्रेम कहानी का दुखद अंत हुआ। कोरबा के एक युवक और पश्चिम बंगाल की युवती के बीच ऑनलाइन गेम के जरिए दोस्ती हुई। धीरे-धीरे यह दोस्त प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन, कुछ ही समय के बाद युवती ने अपना इरादा बदल दिया और वो वापस अपने घर चली गई। इधर, युवती के घर जाने के बाद युवक परेशान रहने लगा। उसने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। किसी व्यक्ति को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखे जाने पर रिहाई दिलाने के लिए दायर की जाती है।

केस की सुनवाई हुई, तब युवती ने अपने माता-पिता के साथ रहने की बात कही। जिस पर डिवीजन बेंच ने कहा कि माता-पिता के साथ रहना अवैध हिरासत नहीं है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र अग्रवाल ने युवक की याचिका को खारिज कर दिया है।

जाने क्या है पूरा मामला

दरअसल, कोरबा में रहने वाले शंकर गवेल पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर की लड़की के साथ ऑनलाइन गेम खेलता था। साल 2023 में उनकी पहचान हुई। जिसके बाद दोनों आपस में चैट पर बातचीत करने लगे। तब लड़की नाबालिग थी। कुछ समय बाद उनकी दोस्ती हुई। फिर दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। जिसके बाद उन्होंने बालिग होने पर शादी करने का फैसला किया।

नवंबर 2024 में लड़की ने युवक को बताया कि उसके माता-पिता उसकी मर्जी के खिलाफ शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं। उसने युवक के साथ शादी करने की बात कही। साथ ही उसे अपने साथ ले जाने कहा। इस पर युवक 26 नवंबर को इस्लामपुर पहुंचा, जहां युवती उससे मिली। जिसके बाद युवती उसके साथ कोरबा आ गई।

इस बीच 7 दिसंबर को कोरबा के सर्वमंगला मंदिर में युवक ने युवती को सिंदूर लगाया, मंगलसूत्र और वरमाला डालकर शादी रचा ली। दोनों वयस्क थे और अपनी मर्जी से शादी कर चुके थे। इसके बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे।

कोरबा में शादी करने के बाद दोनों कुछ समय तक साथ रहे। बाद में 4 जनवरी को युवती की मां ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जांच के दौरान युवती को खोजते हुए पुलिस कोरबा पहुंच गई। यहां कोरबा पुलिस ने शंकर और उसकी मां के साथ युवती को थाने बुलाया।

वहां पता चला कि युवती के माता-पिता ने पश्चिम बंगाल में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस दौरान युवती ने अपने चाचा से बात की और उनके साथ जाने की बात कही। फिर युवती के पिता ने शंकर को फोन किया। फोन पर युवती ने स्वीकार किया कि उन्होंने शादी की है। लेकिन, अब उसके पिता नहीं चाहते कि वह उसके साथ रहे।

इधर, शंकर पत्नी के जाने से परेशान रहने लगा। उसे शक था कि युवती के माता-पिता ने उसे जबरदस्ती रोक लिया है। लिहाजा, परेशान होकर उसने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। इसमें बताया कि उसकी पत्नी वयस्क है। उसने अपनी मर्जी से शादी की है। लेकिन, उसके माता-पिता जबरदस्ती उसे बंधक बनाकर रख लिया है।

साथ ही उसकी मर्जी के खिलाफ शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है। याचिका में युवक ने युवती का जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी भी पेश की, जिससे उसकी वयस्कता साबित हुई। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान बताया गया कि युवती अपनी मर्जी से अपने माता-पिता के साथ रह रही है। उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया है।

युवती ने खुद स्वीकार किया कि वो अपने माता-पिता के साथ रहना चाहती है। लिहाजा, दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि युवती अपने माता-पिता के साथ रह रही है, जिसे अवैध हिरासत नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका लगाने के लिए युवती ने उसे अधिकार भी नहीं दिया है। इस आधार पर डिवीजन बेंच ने युवक की याचिका खारिज कर दी है।

CG – पत्रकारों पर सत्ता समर्थित गुंडागर्दी : सत्ता का नशा कैसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की कोशिश कर रहा, भाजपा नेता रविंद्र भाटिया के गुंडा पुत्र तरनजीत भाटिया और उसके साथियों ने समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों पर सरेआम हमला किया, थाना के सामने खुलेआम मारपीट, प्रशासन मौन ?…

पत्रकारों पर सत्ता समर्थित गुंडागर्दी : थाना के सामने खुलेआम मारपीट, प्रशासन मौन ?

रायगढ़। रायगढ़ जिले के जुटमिल थाना क्षेत्र में बीती शाम जो हुआ, उसने न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोल दी बल्कि यह भी दिखाया कि सत्ता का नशा कैसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की कोशिश कर रहा है। भाजपा नेता रविंद्र भाटिया के गुंडा पुत्र तरनजीत भाटिया और उसके साथियों ने समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों पर सरेआम हमला किया, अश्लील गालियां दीं और धक्कामुक्की कर मारपीट की।

घटना थाना भवन के ठीक सामने घटी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस प्रशासन मौन दर्शक बना रहा। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने के बावजूद आरोपी बेखौफ नजर आए, जिससे साफ पता चलता है कि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।

पत्रकारों के साथ गुंडागर्दी: सत्ता का अभिदान ?

पत्रकार राजा खान, दीपक शोमवानी, और मनीष सिंह (खबर उजागर) जब एक घटना को कवर कर रहे थे, तभी तरनजीत भाटिया, अंशु राजपूत, अंकुर ठाकुर और उनके अन्य 4-5 साथियों ने न केवल पत्रकारों को गालियां दीं, बल्कि उन्हें धमकाया भी—”साइड हट ले, नहीं तो एक फटके में गिरा दूंगा !”

यह बयान सत्ता के मद में चूर एक नेता के बेटे के बेलगाम होने की कहानी कहता है। सवाल यह उठता है कि क्या अब पत्रकारों को रिपोर्टिंग करने के लिए भी माफियाओं की इजाजत लेनी होगी ?

आरोपी आदतन अपराधी, फिर भी पुलिस मौन क्यों ?

यह पहली बार नहीं है जब इस गिरोह ने गुंडई की है। बताया जा रहा है कि तरनजीत भाटिया और उसके दो सहयोगी पहले से ही अपराधी प्रवृत्ति के हैं, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने से डरता है या जानबूझकर अनदेखा कर रहा है।

इस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिससे साफ पता चलता है कि अपराधियों को कानून का कोई डर नहीं है। सवाल यह उठता है कि जब थाने के सामने यह गुंडागर्दी हो सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या उम्मीद की जा सकती है ?

पत्रकारों में भय, लेकिन क्या प्रशासन जागेगा ?

इस बर्बर हमले से पत्रकारों में दहशत का माहौल है। उनकी मानसिक और सामाजिक छवि पर गहरा आघात पहुंचा है। यदि लोकतंत्र में पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो फिर आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या गारंटी होगी ?

अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह भी एक और उदाहरण बनकर रह जाएगा कि कैसे सत्ता समर्थित गुंडागर्दी बेलगाम होती जा रही है !

राकेश अग्रवाल को वार्ड 04 से मिल रहा है अपार जनसमर्थन,जारी है जनसंपर्क,वार्डवासी भी देखना चाहते है इनको पार्षद के रूप में…..

नयाभारत बाॅंकीमोंगरा में चुनाव इस बार अलग अंदाज में हो रहा है और हो भी क्यों ना आखरीकार परिषद बनने के बाद पहला चुनाव जो हो।
बहुतों को किस्मत आजमाने का मौका मिल रहा है नए पुराने दोनों खिलाड़ी मैदान में किस्मत अजमाइश में लगे है।
बाॅंकीमोंगरा के वार्ड क्र. 04 पानी टंकी गायत्री मंदिर मोहल्ला से कांग्रेस ने राकेश अग्रवाल को टिकट दिया है। जहां से उनका जितना लगभग तय माना जा रहा है। राकेश अग्रवाल वार्ड 04 के ही निवास है,नाम सूची में आते ही वार्डवासियों से आशीर्वाद लेना का दौर जारी है।
लगातार राकेश गाजे बाजे एवं अपने सैकड़ों की संख्या में समर्थकों के साथ जनसंपर्क में जुटे हुऐ है,जहां लोगों से भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है साथ ही जनसंपर्क के दौरान वार्ड 04 की जनता ने ये भी बताया कि वो राकेश को अपने पार्षद के रूप में देखना चाहते है।
यहाॅं बताना लाजमी होगा कि राकेश अग्रवाल लंबे समय से राजनीति में सक्रिय देखे गए है साथ ही उनकी पहचान समाज में एक प्रतिष्ठित व्यवसाई के रूप में भी है।

CG – शिक्षक की शर्मनाक करतूत : छात्रा को भेजा अश्लील मैसेज, परिजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग, पहले भी इस मामले में कलयुगी शिक्षक जा चूका है जेल…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बार फिर शिक्षक द्वारा छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने का मामला सामने आया है। छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक ने छात्रा को फिर अश्लील मैसेज भेजा है। परिजनों ने बीईओ से मामले की शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि शिक्षक कमलेश साहू पहले भी बैड टच के मामले में जेल जा चुका है।

जानकारी के मुताबिक, बिल्हा के शिक्षक कमलेश साहू पर 8वीं की छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप छात्रा की मां ने लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत बिल्हा बीईओ से की है। शिकायत में बताया गया है कि बेटी का फोन चेक करने पर आपत्तिजनक मैसेज मिले हैं। इससे परिवार में तनाव है।

बता दें कि शिक्षक कमलेश साहू पहले भी बैड टच के मामले में जेल जा चुका है। मंगला पासीद स्कूल में 6वीं और 8वीं की छात्राओं ने शिकायत की थी। इस पर पुलिस जांच के बाद पहले उसे गिरफ्तार किया गया था। अब दोबारा अश्लील मैसेज भेजने का मामला सामने आया है। छात्रों के परिजनों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

CG – बागी नेताओं पर गिरी गाज : कांग्रेस ने एक साथ 47 नेताओं को दिखाया बहार का रास्ता, इतने साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित…..

बिलासपुर। कांग्रेस ने निकाय चुनाव में बागियों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिले के 47 बागियों पर कार्रवाई की गई है। पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।

बताया जा रहा है कि निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत के सभी बागी है। पार्टी के खिलाफ काम करने पर कार्रवाई की गई है।पीसीसी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने कार्रवाई की है।

कांग्रेस ने भी जिले 50 कांग्रेसियों को पार्टी से 6 साल के निष्कासित कर दिया है। इसमें शहर कांग्रेस कमेटी के वार्डों के 14 तो ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के वार्डों के 8 नेता शामिल हैं, जो नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत में बागी होकर निर्दयलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

दरअसल, टिकट की दावेदारी करने के बाद भी भाजपा के साथ ही कांग्रेस ने नेता व कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दी। इसके चलते कांग्रेस में बवाल मच गया। पार्टी से टिकट नहीं मिली तो 18 वार्डों से 21 कांग्रेसी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूद गए। वहीं, वार्ड क्रमांक 13 के कांग्रेस प्रत्याशी श्याम पटेल ने भाजपा से सेटिंग कर अपना नामांकन पत्र ही निरस्त करवा दिया। जनपद सदस्य व पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष पटेल ने जाति प्रमाण पत्र ही जमा नहीं किया। इस वजह से उस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी बिना लड़े ही पार्षद बन गया। उसे पार्टी ने पहले ही 6 साल के लिए निकाल दिया है।

इधर, बुधवार को वार्ड 32 से चुनाव लड़ रहे तैयब हुसैन, वार्ड 21 से लड़ रहे रेखा काशी रात्रे, सुशीला खजुरिया, गिरिजा देवी सोनी, वार्ड 22 से अमर यादव, वार्ड 24 से अब्दुल शाहिद कुरैशी, वार्ड 24 से सरोजनी लहरे, वार्ड 26 से जस्सास की पत्नी शमा सिद्दीकी, वार्ड 29 से एसडी कार्टर उर्फ रेड्डू, इसी वार्ड से एडवर्ड मसीह, वार्ड 35 से नीलेश मांडेवार, वार्ड 60 से राकेश कैवर्त, वार्ड 61 से तृप्ति चंद्रा, पूर्व पार्षद अजय यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया है।

वहीं, ग्रामीण जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने वार्ड 4 से रामायण सूर्यवंशी, वार्ड 6 से संतोषी शिव यादव, वार्ड 8 से रंजना अंकित कोसले, पूर्व पार्षद अमित सिंह के भाई पंकज सिंह को निष्कासित किया है। वार्ड 58 से लड़ रहे धर्मेद्र तामेश्वर और ननकी राम पटेल को भी 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है। वहीं निर्दलीय चुनाव लड़ रहीं त्रिलोक श्रीवास की भाई बहू योगिता आनंद श्रीवास को भी पार्टी से 6 साल के ​लिए निकाल दिया है। श्रीवास को पहले ही नोटिस मिल चुका है और पार्टी जल्द ही कार्रवाई कर सकती है।

नगर पालिका रतनपुर में चुनाव लड़ रहे ब्लॉक अध्यक्ष रमेश सूर्या, दामोदर सिंह क्षत्रिय, भानसिंह जगत, आरती वैष्णव, जमुना माथुर, शैल जायसवाल, इशहाक बेग, रमेश मरावी, राहुल पोर्ते, पवन धीवर को 6 साल के लिए निकाल दिया गया है। बोदरी नगर पंचायत से चुनाव लड़ रहे नीलम विजय वर्मा, विजय वर्मा, भावना खत्री, आशीष खत्री, श्याम आर्य, राम आर्य, कमलेश नोनिया, डॉली दीपक जगवानी, हितेश आहूजा तो मल्हार नगर पंचायत से सत्येंद्र साहू को पार्टी से निकाला गया है। साहू युवा कांग्रेस में पदाधिकारी हैं। तखतपुर नगर पालिका में चुनाव लड़ रहे संदीप खांडे, राधेश्याम सूर्यवंशी और दुर्गा खांडे को तो बिल्हा नगर पंचायत में शारदा कश्यप और राजेंद्र चेलके को निष्कासित कर दिया गया है।

CG – संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 3 छात्रों में से एक का शव बरामद, दो की तलाश जारी, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल…..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जिले के दर्री स्थित हसदेव नदी में सोमवार सुबह से लापता हुए तीन कॉलेज छात्रों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है। 27 वर्षीय सागर चौधरी का शव नदी में जलकुंभी के नीचे फंसा हुआ पाया गया, जिसे एसडीआरएफ और नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। सागर चौधरी के शव की बरामदी के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।

यह घटना तब हुई जब तीनों छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसके बाद उनके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने लगातार खोजबीन की और हसदेव नदी के बिंझरा घाट के पास छात्रों की बाइक और कपड़े मिले थे, जिसके बाद यह आशंका जताई गई कि छात्र नदी में डूबे हैं।

लापता छात्रों की पहचान 18 वर्षीय आशुतोष सोनिकर (आईटीआई छात्र), 19 वर्षीय बजरंग प्रसाद (सीएसईबी कॉलोनी निवासी), और 26 वर्षीय सागर चौधरी (सीएसईबी कॉलोनी निवासी) के रूप में हुई है। फिलहाल, सागर चौधरी का शव मिल चुका है, जबकि आशुतोष और बजरंग की तलाश जारी है।

CG – नगरपालिक निगम जगदलपुर में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशीयों के विरुद्ध निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहे पार्टी के 12 सदस्यों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्काषित कर दिया गया…

भाजपा ने पार्टी से बगावत करने वालों को निष्कासित

जगदलपुर। नगरपालिक निगम जगदलपुर में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशीयों के विरुद्ध निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहे पार्टी के 12 सदस्यों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 वर्षों के लिए निष्काषित कर दिया गया है।

उक्ताश्य की जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी बस्तर जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे ने बताया की भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा गजेंद्र कुमार साहू, उत्तम कुमार साहू, करण बघेल, कुबेरनाथ देवांगन, मानिक राम नाग, चंद्रभान नागवंशी, चिंतामणि सोनी, रामकुमार मंडावी, रूपरानी दास,रामू कश्यप, गायत्री सोनी,धनसिंह नायक को भाजपा पार्षद प्रत्याशीयों के विरुद्ध चुनाव लड़ने पर निष्कासन की कार्यवाही की गई है।

CG – साय सरकार का बड़ा एक्शन, मोक्षित कॉर्पोरेशन को किया ब्लैकलिस्ट, इस वजह से हुई कार्रवाई, जानें पूरा मामला…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) में 400 करोड़ के रिएजेंट और उपकरण खरीदी घोटाले के मामले में मोक्षित कार्पोरेशन को आखिरकार साय सरकार ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की जांच के बाद सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम) ने कंपनी को अगले तीन साल के लिए अपात्र घोषित कर दिया है। अब मोक्षित कार्पोरेशन से किसी भी दवा या मेडिकल उपकरण की खरीद नहीं की जा सकेगी।

बता दें कि यह घोटाला प्रदेश में हुए लगभग चार सौ करोड़ रुपये के दवा खरीद घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें दुर्ग स्थित मोक्षित कार्पोरेशन की संलिप्तता सामने आई है। इस मामले में कंपनी के निदेशक शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है, और फिलहाल ईओडब्ल्यू जांच एजेंसी उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

सीजीएमएससी ने मोक्षित कार्पोरेशन को ब्लैकलिस्ट करने के अलावा, इस घोटाले में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सीजीएमएससी की एमडी पदमिनी भोई, और दो आईएएस अधिकारी – भीम सिंह और चंद्रकांत वर्मा – भी जांच के घेरे में हैं। इन तीनों अधिकारियों को ईओडब्ल्यू-एसीबी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग के कुछ और अधिकारियों से भी जल्द पूछताछ की जा सकती है।