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अपना यह दण्डक अरण्य- लोकार्पित…

अपना यह दण्डक अरण्य- लोकार्पित

सनत कुमार जैन
साहित्य एवं कला समाज

जगदलपुर। शहर की साहित्यिक गतिविधियों का केन्द्र बना बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स भवन शनिवार को पुनः नवीन काव्य संग्रह के विमाचन का गवाह बन गया, जब बस्तर ग्राम के लेखक कवि फणीन्द्र लाल देवांगन का काव्य संग्रह अपना यह दण्डक अरण्य शहर के प्रबुद्ध जनों के करकमलों से लोकार्पित हुआ।

लेखक की लगभग साठ वर्षों की काव्य यात्रा का निचोड़ यह काव्य संग्रह मंचस्थ अतिथियों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया।
मचस्थ अतिथिगण वरिष्ठ कलाकार बी एल विश्वकर्मा जी, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ कौशलेन्द्र मिश्र, वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांतीय सहसचिव ए एन साही जी और देवांगन समाज के वरिष्ठ सदस्य श्यामलाल देवांगन थे।

काव्य संग्रह की समीक्षा करते हुये चिंतक कवि हिमाशुशेखर झा ने बताया कि काव्य संग्रह बस्तर के पर्यावरण, लोक संस्कृति और जनजीवन पर लिखा हुआ शानदार है। उन्होंने संग्रह की दरभा हाट कविता को पाठ भी किया।

गजलकार अवध किशोर शर्मा ने बताया कि संग्रह की रचनाओं में गेयता है तुकांत कविताएं पढ़ने का सौभाग्य बड़े समय के बाद प्राप्त हुआ है। संग्रह की लगभग सभी कविताएं पठनीय हैं और संग्रह संग्रहणीय है।

स्त्री केन्द्रित कविताओं से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली डॉ सुषमा झा ने बताया कि इस संग्रह में किसान, खेत, बस्तर का सौन्दर्य, पर्यावरण की चिंता और बस्तर के गांवों का अद्भुत चित्रण है।

बस्तर एक खोज के लेखक शरदचंद्र गौड़ ने कहा कि कवि ने अपनी कविताओं में समूचे बस्तर को समेटा है। शंकनी डंकनी, इंद्रावती, बैलाडिला, दरभा से लेकर पूरा बस्तर लिया है। खनिज और फसलों के साथ सौन्दर्य लिया है।

कवयित्री सतरूपा मिश्रा ने प्रथम बार समीक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुये बताया कि रचनाओं में गहराई है और बार बार पढ़ने की इच्छा जागृत होती है इसका मतलब कविताएं श्रेष्ठ हैं।
कहानीकार और समाज सेवी सुश्री उर्मिला आचार्य ने अपनी समीक्षा में बताया कि बस्तर के संदर्भ में लिखी इस काव्य संग्रह का स्वागत किया जाना चाहिये, भविष्य में यह एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में उपयोगी होगा।

फणीन्द्र लाल देवांगन ने बताया कि वे लगातार रचनारत हैं।

बाल्यकाल में अपने दादाजी के मुख से सुनी कविताओं से लेखन की इच्छा जागृत हुयी, इसके अलावा उनके दादाजी सुकमा में शिक्षक थे तब उनके साथ रहते हुये बस्तर का मनभावन सौन्दर्य देखकर काव्यसृजन की ओर अग्रसर हुआ। काव्यलेखन के माध्यम से आत्मसुख की प्राप्ति होती है, इसलिये लिखता हूं।

डॉ कौशलेन्द्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि व्याकरणीय त्रुटियुक्त लेखन पढ़ना ठीक उसी तरह है जिस तरह मखमल के गद्दे पर चलते वक्त पैरों में कंकड़ का आना। हमें इस पर विशेष ध्यान देकर त्रुटिहीन लेखन करना चाहिये।

ए एन साही जी ने कहा कि साहित्यकारों के बीच आकर सुखद अनुभव हुआ और श्रेष्ठ साहित्य के लोकार्पण का साक्षी बनना सुखद रहा।

श्यामलाल देवांगन ने कहा कि किसी कृति में गलती ढूंढना आसान है परन्तु उसकी अच्छाई देखना कठीन कार्य है।

बी एल विश्वकर्मा जी ने कहा कि शहर में निरंतर होती साहित्यिक गतिविधियां शहर को जीवंत बनाती है। हमें इस परम्परा को आगे बढ़ाना चाहिये।

कार्यक्रम की शुरूआत में शैफाली जैन द्वारा सरस्वती वंदना की गयी। कार्यक्रम का संचालन सनत सागर द्वारा बखूबी किया गया। संग्रह का प्रकाशन बस्तर पाति प्रकाशन द्वारा हुआ है।

फणीन्द्र लाल देवांगन जी ने शाल और पुष्पहार के माध्यम से कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ साहित्यकार और चिंतक जयचंद्र जैन एवं बस्तर की दानदाता सुश्री अनिता राज का स्वागत किया।

आभार प्रदर्शन फणीन्द्र लाल देवांगन जी के सुपुत्र हिरेन्द्र देवांगन ने किया।

कार्यक्रम में शहर के अनेक साहित्यकारों ने अपनी उपथिति दी। नरेन्द्र पाढ़ी, ऋषि शर्मा ऋषि, विपिन बिहारी दाश, विनय श्रीवास्तव, रजत दीक्षित, सुरेन्द्र कुमार, गीता शुक्ला, नरेन्द्र यादव, नवीन श्रीवास्तव, डालेश्वरी पाण्डे, गोरेलाल विश्वकर्मा, अनिल शुक्ला, कृष्ण शरण पटेल, कृष रामटेके, सुब्रहमण्यम राव, मुकेश मिश्रा, देवेन्द्र देवांगन, शोभा शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, आशीष राय, डॉ प्रभाकर मिश्रा, अक्षय जैन आदि और देवांगन परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

CG CRIME NEWS : शादी का वादा कर महिला स्टेशन मास्टर के साथ किया बलात्कार,आरोपी फरार…

बिलासपुर। नागपुर के रहने वाले रेलवे स्टेशन मास्टर ने शादी का वादा कर महिला स्टेशन मास्टर के साथ बलात्कार करने और फिर इनकार करने के मामले में तारबाहर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए उसे पकडने के लिए बिलासपुर पुलिस की तीन सदस्यीय टीम नागपुर पहुंची, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
तारबाहर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ क्षेत्र की महिला स्टेशन मास्टर ने शुक्रवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि नागपुर निवासी रेलवे स्टेशन मास्टर अनमोल घनश्याम वाकोडीकर से उनकी पहचान हुई, जो जल्द ही प्रेम संबंध में बदल गई। बातचीत के दौरान वाकोडीकर ने उन्हें मिलने के लिए बिलासपुर बुलाया। दोनों सीएमडी चौक स्थित एक निजी होटल में ठहरे, जहां आरोपी ने शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाया। बाद में जब महिला ने शादी का दबाव डाला, तो वाकोडीकर ने इनकार कर दिया, जिससे आहत होकर पीडिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीआई कृष्णचंद सिदार ने तीन पुलिसकर्मियों की टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नागपुर भेजा। हालांकि, रेलवे कर्मचारी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।

बिना प्राचार्य बने हर माह सैकड़ों की संख्या में रिटायर्ड हो रहें वरिष्ठ व्याख्याता एवं प्रधान पाठक सरकार से उम्मीद पढ़े पूरी ख़बर

प्रदेश के 3500 से अधिक शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्राचार्य के रिक्त समस्त पदों पर 25 मार्च 2025 के पूर्व पदोन्नति आदेश जारी करने प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने की मांग.

रायपुर/ “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा ” छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी-कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत कार्यरत हजारों नियमित व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों की प्राचार्य पदोन्नति की आवाज़ को शासन तक पहुंचाने कारगर पहल की हैं। प्रदेश में विगत 11 वर्षो से 3500 से अधिक शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्राचार्य के रिक्त पदों पर पात्रता रखने वाले नियमित व्याख्याता तथा प्रधान पाठक माध्यमिक शाला (स्नातकोत्तर प्रशिक्षित) की प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं हुई हैं। इस कड़ी में “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र प्रेषित कर प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में 3500 से अधिक रिक्त प्राचार्य के समस्त पदों पर व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों से प्राचार्य पदोन्नति का आदेश 25 मार्च 2025 के पूर्व जारी किए जाने की मांग की हैं । प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रत्येक माह सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ व्याख्याता एवं प्रधान पाठक बिना प्राचार्य बने रिटायर्ड होते जा रहें है। विगत तीन माह के भीतर 31 दिसम्बर 2024, 31 जनवरी 2025 एवं 28 फ़रवरी 2025 को 300 से अधिक वरिष्ठ व्याख्याता टी-ई- संवर्ग एवं प्रधान पाठक टी-ई संवर्ग बिना प्राचार्य पद पर पदोन्नति पाएं विभाग से रिटायर्ड हो गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में पूरी निष्ठा से 35 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण करने के बाद भी तथा प्राचार्य पद का वेतन पाने के बावजूद सैकड़ों वरिष्ठ व्याख्याता एवं प्रधान पाठक प्राचार्य पद पर पदोन्नति पाएं बिना अपने मन में टीस लिए गहरी पीड़ा के साथ रिटायर्ड हो गए। अनेक वरिष्ठ व्याख्याता तथा प्रधान पाठक वर्षो इंतजार करते-करते बिना प्राचार्य पद पर पदोन्नति पाएं स्वर्ग सिधार गए। 35 वर्ष से 40 वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद भी प्रदेश के सैकड़ों वरिष्ठ व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं मिली। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं। आगामी 31 मार्च 2025 को 100 से अधिक वरिष्ठ व्याख्याता टी-ई संवर्ग तथा प्रधान पाठक टी-ई संवर्ग रिटायर्ड होने वाले हैं, यदि 25 मार्च 2025 के पूर्व प्राचार्य पद पर पदोन्नति आदेश जारी हो जाता हैं तो ये सभी वरिष्ठ व्याख्याता तथा प्रधान पाठक अपने सेवाकाल के अंतिम दिन प्राचार्य पद से रिटायर्ड होंगे, जो सरकार की ओर से उनके जीवन के लिए एक अनमोल तोहफा और सेवा के लिए सम्मान साबित होगा।

ज्ञात हो कि “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा “छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी- कर्मचारी संघर्ष मोर्चा” के द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के “टी” एवं “ई” संवर्ग के व्याख्याता तथा प्रधान पाठक से प्राचार्य पदोन्नति किए जाने के लिए हाईकोर्ट छत्तीसगढ़ से लेकर सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली तक न्याय के लिए गुहार लगाई गई। “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा “छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी – कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा ” ने पूर्व में मुख्यमंत्री,स्कूल शिक्षा मंत्री , स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय तथा विभागीय उच्चाधिकारियो से मुलाकात कर अनेकों बार ज्ञापन सौंप कर प्राचार्य पदोन्नति के लिए मांग की, किंतु सरकार के द्वारा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के समुचित सुधार के लिए बेहद जरूरी इस प्राचार्य पदोन्नति की मांग को तरजीह नहीं दी गई, नतीजा हर वर्ष सैकड़ों की संख्या में व्याख्याता तथा प्रधान पाठक बिना प्राचार्य पदोन्नति के सेवानिवृत होते चले गए, अनेकों व्याख्याता तथा प्रधान पाठक प्राचार्य बनने का सपना लिए स्वर्ग सिधार गए। नतीजा प्रदेश के सैकड़ों शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल प्राचार्य विहीन रह गए , जहां प्रभारी के भरोसे काम चलाया जा रहा हैं।
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“छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा ” छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी – कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश में 11 वर्षो से प्राचार्य पदोन्नति का कार्य लंबित हैं।प्रदेश में नई सरकार के गठन होने के बाद से शिक्षा जगत में प्राचार्य पदोन्नति को लेकर नई उम्मीद उत्पन्न हुई हैं। प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के सर्वांगीण विकास की दिशा में अनेकों कार्य कर रही हैं। इससे पूर्ण उम्मीद हैं कि स्कूल शिक्षा विभाग तथा लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में समुचित सुधार के लिए तथा प्राचार्य विहीन समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पूर्णकालिक प्राचार्य की पदस्थापना के लिए प्राचार्य पदोन्नति की सम्पूर्ण विभागीय कार्यवाही को अविलम्ब पूर्ण कर प्राचार्य पदोन्नति का आदेश 25 मार्च 2025 तक जारी किया जाएं ।

प्रदेश में पिछले 11 वर्षों से रुकी हुई प्राचार्य पदोन्नति का आदेश 25 मार्च 2025 के पूर्व जारी करवाने के लिए “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा “छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी – कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने पत्र लिख कर माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मांग की हैं कि स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 11 वर्षो से रूकी हुई प्राचार्य पदोन्नति के लिए कारगर कदम उठाते हुए प्राचार्य पदोन्नति की समस्त विभागीय प्रक्रिया को अविलम्ब पूर्ण कर 25 मार्च 2025 के पूर्व प्राचार्य पदोन्नति का आदेश जारी किया जावें। ताकि 31 मार्च 2025 को रिटायर्ड होने वाले सैकड़ों वरिष्ठ व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों को सरकार की ओर से प्राचार्य पद पर पदोन्नति का तोहफा मिल सकें। प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने शासन से मांग की हैं कि प्रदेश के 3500 से अधिक शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में “टी” एवं “ई” संवर्ग के रिक्त प्राचार्य के समस्त पदों को विगत 11 वर्षो से प्राचार्य पदोन्नति से वंचित प्रदेश के सभी पात्रताधारी एवं निर्धारित अर्हता रखने वाले टी-ई संवर्ग के नियमित व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला स्नात्तकोत्तर प्रशिक्षित) की प्राचार्य पद पर शासन के नियमानुसार पदोन्नति की जावें, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में समुचित सुधार हो सकें। स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 11 वर्षो से प्राचार्य पदोन्नति नहीं होने के कारण 3500 से अधिक शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल प्राचार्य विहीन हैं, जहां प्रभारियों के भरोसे काम चलाया जा रहा हैं।
प्रदेश के 3500 से अधिक स्कूलों में पूर्णकालिक प्राचार्य के नहीं होने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तथा शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही हैं।

“छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा “छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी – कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत “टी” संवर्ग में वर्ष 2013 से तथा “ई” संवर्ग में वर्ष 2016 के बाद से हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं की गईं हैं । राज्य में 3500 से अधिक शासकीय हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी स्कूलों में 11 वर्षों से प्राचार्य के पद रिक्त पड़े हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 11 वर्षो से प्राचार्य पद पर पदोन्नति नहीं होने से “टी” तथा “ई” संवर्ग के सैकड़ों व्याख्याता तथा प्रधान पाठक सेवानिवृत्त हो गए हैं। प्राचार्य पद पर पदोन्नति का रास्ता देखते-देखते अनेकों व्याख्याता तथा प्रधान पाठकों की मृत्यु हो गईं हैं। प्रत्येक माह लगातार अनेक व्याख्याता और प्रधान पाठक माध्यमिक शाला प्राचार्य पदोन्नति का रास्ता देखते-देखते सेवानिवृत होते जा रहे हैं। प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने प्रदेश में प्राचार्य पदोन्नति की विभागीय प्रकिया को अविलम्ब पूर्ण कर 3500 से अधिक हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्राचार्य के रिक्त सभी पदों पर पात्रता रखने वाले टी-ई संवर्ग के नियमित व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी. तथा प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला स्नात्तकोत्तर प्रशिक्षित ) से प्राचार्य पदोन्नति का आदेश 25 मार्च 2025 के पूर्व जारी करने की माँग शासन से की हैं।

प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि प्राचार्य पद पर पदोन्नति देने से शासन को कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आयेगा , क्योंकि पदोन्नति प्राप्त करने वाले सभी व्याख्याता तथा प्रधान पाठक वर्तमान में प्राचार्य पद का ही वेतन और पे स्केल प्राप्त कर रहें हैं।

प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने शासन से मांग की हैं कि, प्राचार्य पदोन्नति के तुरंत बाद “टी” एवं “ई” संवर्ग के समस्त शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में विषयवार व्याख्याता के रिक्त समस्त पदों पर उच्च वर्ग शिक्षक तथा शिक्षक संवर्ग से व्याख्याता पद पर पदोन्नति की जावें, साथ ही पूर्व माध्यमिक शालाओं एवं प्राथमिक शालाओं में रिक्त प्रधान पाठक के समस्त पदों पर सहायक शिक्षक संवर्ग/शिक्षक संवर्ग से नये शिक्षा सत्र प्रारम्भ होने के पूर्व पदोन्नति की जावें, ताकि प्रदेश के समस्त शालाओं में प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठकों,शिक्षकों के पद पर पदोन्नति होने से प्रदेश की समूची शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सकेगी। प्रदेश के इन सभी व्याख्याता, प्रधान पाठकों, शिक्षकों को पदोन्नति मिलने से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में समुचित सुधार आएगा तथा राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए किये जा रहें समस्त कार्यों एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए किये जा रहें कार्यों को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सकेगा।

आज सरपंच और वार्ड पंच/सदस्यों को दिलाया जाएगा शपथ किसके द्वारा दिलाई जाती हैं और वे किस बात की शपथ ग्रहण करते है जानें इससे जुड़ी सारी बाते पढ़े पूरी ख़बर

आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा में सरपंचो और पंचो कों सपथ दिलाया जाएगा जिसके बाद सभी नवनिर्वाचित सरपंच अपना पदभार ग्रहण करेंगे आपको बताते चलें कि 73वें संविधान संशोधन 1992 के पश्चषात सरपंच और वार्ड पंच का पद एक संवैधानिक पद है जिसका एकनिश्रित समय के बाद चुनाव ग्राम पंचायत क्षेत्र में निवास करने वाले मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है लेकिन सवाल यह उत्पन्न होता है किे निर्वाचित हो जाने के पश्रात सरपंच और वार्ड पंच/सदस्यों को शपथ किसके द्वारा दिलाई जाती हैं और वे किस बात की शपथ ग्रहण करता है ?

आपको यह जानकारी होगी कि पंचायत चुनाव में मतदान केंद्र ग्राम पंचायत मुख्यालय में मतदान/निर्वाचन करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार निर्वाचन टीम चुनाव संपन्न करवाने आती है। उसमें एक रिटर्निंग ऑफिसर /R০नामक अधिकारी / चुनाव अधिकारी / कर्मचारी होता है,चुनाव के तुरंत पश्चात सरपंच और वार्ड पंचों/सदस्यो को शपथ इसी के द्वारा दिलाई जाती है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकारों द्वारा कुछ विशेष प्रावधान भी किए जा सकते हैं,

सरपंच और वार्ड पंच सामान्यतया ईश्वर और सत्य निष्ठा के नाम पर पद एवं गोपनीयता तथा कर्तव्य निर्वहन की शपथ लेते है। हालांकि 73वां संविधान संशोधन 1992 के उपरांत पंचायत राज संस्थाओं में चुनाव में उम्मीदवार होने के लिए योग्यताएं,कार्यकाल,शपथ और शपथ के प्रारूप में काफी समानताएं हैं फिर भी योग्यताओं के साथ साथ शपथ के प्रारूप को लेकर अलग अलग राज्य में कुछ भिन्नता हो सकती है क्योंकि पंचायत राज राज्यसूची के अंतर्गत आता है।

ICC CHAMPIONS TROPHY 2025 न्यूजीलैंड चारों खाने चित्त भारत नें टॉप पर किया फिनिश 4 मार्च कों ऑस्ट्रेलिया से सेमी में मुकाबला क्यों बढ़ा रोहित का सिरदर्द जानें पढ़े पूरी ख़बर

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लीग चरण में टीम इंडिया का प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा. शुरूआती तीनो मुकाबलों में भारतीय टीम बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल करने में कामयाब रही.

ग्रुप ‘ए’ चरण का आखिरी मुकाबला रविवार (दो मार्च) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दुबई में खेला गया. जहां टीम इंडिया बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 रन से जीत हासिल करने में कामयाब रही. ब्लू टीम की इस सफलता से कप्तान रोहित शर्मा काफी खुश नजर आए. मैच के बाद उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए इस तरह से मैच को समाप्त करना बेहद शानदार है. न्यूजीलैंड की टीम बहुत अच्छी है. हाल के दिनों में उनका प्रदर्शन काबिलेतारीफ रहा है.पहले पावरप्ले में जल्दी विकेट गंवाने के बाद अक्षर और श्रेयस के बीच हुई साझेदारी काफी महत्वपूर्ण रही. दोनों खिलाड़ियों ने हमें अच्छे स्कोर तक पहुंचाया.’

गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा,हमारी क्वालिटी गेंदबाजी को देखते हुए मुझे लक्ष्य को डिफेंड करने का पूरा विश्वास था. वरुण के पास कुछ अलग चीजें हैं.हम उसे आजमाना चाहते थे और देखना चाहते थे कि हमें वह क्या दे सकता है.अगले मैच के लिए हमें थोड़ा सोचना होगा. यह एक अच्छा सिरदर्द है.अगर वह अच्छा करता है तो उसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है.’

भारतीय कप्तान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘छोटे टूर्नामेंट में लय काफी महत्वपूर्ण होता है. मैच जीतने की कोशिश करना चाहिए और सभी चीजों को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए. मैच के दौरान गलतियां भी होती हैं. मगर उन्हें सुधारना बेहद जरूरी है. अगला मैच काफी रोमांचक होने वाला है. ऑस्ट्रेलिया का आईसीसी के टूर्नामेंटों में बढ़िया खेलने का इतिहास रहा है. मैच के दिन हमें मैदान में सभी काम ठीक करने होंगे. हमें अपने ध्यान को उस दिन के कार्यों पर केंद्रित करना होगा.’

CG कैबिनेट ब्रेकिंग : आज फिर होगी कैबिनेट की बैठक,बजट को मिलेगी हरी झंडी,आज वित्त मंत्री पेश करेंगे Budget…

Chhattisgarh Budget 2025: छत्तीसगढ़ में 3 मार्च मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। यह बैठक विधानसभा में दोपहर 12 बजे होगी।
बैठक में बजट को मंजूरी दी जाएगी, जिसे दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी विधानसभा में पेश करेंगे। परंपरा के अनुसार, बजट को पहले कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होती है।

राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी दोपहर 12:30 बजे छत्तीसगढ़ का बजट विधानसभा में पेश करेंगे। बजट को पहले कैबिनेट की मंजूरी मिलना जरूरी है, इसलिए बैठक बुलाई गई है।

बजट प्रस्तुति से पहले कैबिनेट की मंजूरी अनिवार्य

हर साल बजट पेश करने से पहले इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदित किया जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस बार भी बजट को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस बैठक में बजट के अलावा अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। राज्य के विकास कार्यों, नई योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

आज का राशिफल: सोमवार को इनके होंगे वारे-न्यारे, जानें किसकी चमकेगी किस्मत और कैसा रहेगा दिन

नया भारत डेस्क : आज का राशिफल कैसा होगा। किस राशि को आज के दिन खास सावधानी बरतनी होगी और किस राशि के लिए दिन बेहद खास होगा। हम आपको हर दिन आपके राशिफल (Daily Horoscope) की जानकारी देंगे जिसके जरिए आप अपनी दिनचर्या में खास बातों को ध्यान रख सकते हैं।

जानिए 12 राशियों के लिए दिन कैसा रहेगा।

मेष (Aries)आज आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा।नौकरी में सफलता मिलेगी, सीनियर्स आपकी तारीफ करेंगे।प्रेम-संबंध की समस्याएं हल हो सकती हैं।माता-पिता और गुरुजनों से अच्छे संबंध रहेंगे।किसी भी संपत्ति विवाद को शांति से सुलझाने की कोशिश करें।

उपाय: भगवान हनुमान जी को गुड़-चने का भोग लगाएं।

वृषभ (Taurus)बिजनेस में फायदा हो सकता है।लाइफ पार्टनर से रिश्ता मजबूत होगा।मेहनत का पूरा फल मिलेगा।किसी पर अपनी बात जबरदस्ती न थोपें।छात्रों के लिए दिन थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

उपाय: शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

मिथुन (Gemini)अधूरे काम पूरे होंगे।भाई-बहनों और बड़ों से अच्छा संबंध रहेगा।यात्रा से लाभ मिल सकता है।किसी बाहरी व्यक्ति से सावधान रहें, जो परिवार में तनाव ला सकता है।

उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें।

कर्क (Cancer)परिवार के साथ छोटी यात्रा हो सकती है।पढ़ाई-लिखाई में मन लगेगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।उधारी और लेन-देन में विवाद से बचें।

उपाय: मां दुर्गा को लाल फूल चढ़ाएं।

सिंह (Leo)सच्चा प्यार मिलने के योग हैं।परिवार में शांति और सुख रहेगा।अविवाहितों के लिए विवाह प्रस्ताव आ सकते हैं।व्यापार में आर्थिक परेशानी हो सकती है, सोच-समझकर निर्णय लें।

उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें और “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।

कन्या (Virgo)छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा।नौकरी में अच्छा प्रदर्शन रहेगा।खर्चों पर कंट्रोल रखें।स्किन प्रॉब्लम हो सकती है, नए ब्यूटी प्रोडक्ट्स सावधानी से इस्तेमाल करें।

उपाय: विष्णु भगवान की पूजा करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जपें।

तुला (Libra)नई चीजें सीखने का अवसर मिलेगा।सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए दिन अच्छा रहेगा।फिजूल खर्चे से बचें।शुगर के मरीज मॉर्निंग वॉक करें।

उपाय: माता लक्ष्मी को कमल का फूल चढ़ाएं और “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक (Scorpio)नौकरी में अच्छे मौके मिल सकते हैं।संपर्क बढ़ाने से नए अवसर मिलेंगे।बहसबाजी और झगड़े से बचें।परिवार वालों की छोटी-छोटी बातों को दिल पर न लें।

उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और जल अर्पित करें।

धनु (Sagittarius)ऑफिस में आपकी परफॉर्मेंस शानदार रहेगी।पूजा-पाठ में मन लगेगा।सामाजिक सम्मान मिलेगा।व्यापार में पारदर्शिता बनाए रखें, वरना मनमुटाव हो सकता है।

उपाय: गाय को चारा खिलाएं और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

मकर (Capricorn)पार्टनरशिप में काम करने वालों के मतभेद दूर होंगे।मीडिया और आईटी क्षेत्र के लोगों को सफलता मिलेगी।जीवनसाथी को समय दें, नहीं तो रिश्ते में तनाव आ सकता है।

उपाय: शनिदेव को तेल चढ़ाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र जपें।

कुंभ (Aquarius)घर-परिवार में प्रेम और शांति बनी रहेगी।वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।छात्रों को शिक्षा में सफलता मिलेगी।खर्चों को लेकर सतर्क रहें।

उपाय: भगवान कृष्ण को पीले फूल चढ़ाएं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र जपें।

मीन (Pisces)कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा।मन सकारात्मक रहेगा।व्यापार में किसी भी डील के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें।भविष्य की चिंता करने की बजाय प्लानिंग करें।

CG – रायपुर में धोखाधड़ी का मामला : समाजसेवी ममता शर्मा के पति संजय शर्मा पर धोखाधड़ी व गाड़ी छीनने का लगा गंभीर आरोप, थाने में हुआ मामला दर्ज… पुलिस ने दी दबिश, दंपति फरार…

राजधानी रायपुर की कथित समाजसेवी ममता शर्मा और उसके पति संजय शर्मा पर धोखाधड़ी व गाड़ी छीनने का गंभीर मामला दर्ज

पुलिस ने दी दबिश लेकिन दंपति फरार

रायपुर। खुद को समाजसेवी बताने वाली ममता शर्मा और उसके पति संजय शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज, धमकी और गाड़ी हड़पने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। फरियादी अनिल कुमार साहू, निवासी ग्राम बरमपुर, थाना खड़गवां, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

अनिल साहू के मुताबिक, वर्ष 2021 में ममता शर्मा ने उसकी पत्नी पुनीता साहू की जमानत दिलाने के नाम पर उसे झांसे में लिया और एक स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद, ममता और संजय शर्मा ने अनिल की होंडा सिटी कार (क्रमांक CG 16CJ 2795) और पिकअप (क्रमांक CG 16A 2496) को धोखाधड़ी से अपने कब्जे में ले लिया। जब अनिल ने अपनी गाड़ी वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे धमकाया, गालियां दीं और जान से मारने की चेतावनी तक दे डाली।

फरियादी ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद जांच में आरोप सही पाए गए। गवाहों ने भी पुलिस के सामने इस धोखाधड़ी की पुष्टि की है। पुलिस ने भा.द.सं. धारा 420 , 294 , 506 , 34 प्राथमिकी दर्ज कर ममता शर्मा और संजय शर्मा को गिरफ्तार करने के लिए उनके रायपुर स्थित आवास पर दबिश दी, लेकिन दंपति फरार हो चुके हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

इस मामले को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है, क्योंकि ममता शर्मा खुद को समाजसेवी के रूप में पेश करती थी और लोगों की मदद का दावा करती थी। लेकिन इस मामले के उजागर होने के बाद उसकी असलियत सामने आ गई है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने और अन्य पीड़ितों के सामने आने की संभावना को भी खंगाल रही है।

छत्तीसगढ़ बजट 2025-26 : वित्त मंत्री ओपी चौधरी कल पेश करेंगे नया बजट…

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आगामी 3 मार्च 2025 को दोपहर 12:30 बजे छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि इस वर्ष का बजट पिछले बजट की निरंतरता में एक और बड़ा कदम होगा।

उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के संकल्प की तर्ज पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का भी लक्ष्य ‘2047 तक विकसित छत्तीसगढ़’ का निर्माण करना है।

इस दिशा में यह बजट नीतिगत सुधारों, आर्थिक सशक्तिकरण और राज्य के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने बीते वर्षों में आर्थिक, औद्योगिक, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।

इस विकास यात्रा को और अधिक गति देने के लिए इस वर्ष का बजट पिछले वर्ष की तुलना में अधिक व्यापक और प्रभावी होगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जिससे विकास के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

राज्य सरकार की नीतियों का लाभ विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, श्रमिकों, आवासहीन परिवारों और गरीब वर्ग को मिला है, जिससे जनता का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जनता का यह आशीर्वाद ही सरकार की प्रेरणा है और यह बजट प्रदेश के विकास, आर्थिक सुधारों और जनहितकारी योजनाओं के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक साबित होगा।

CG कैबिनेट ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति के तहत सस्ती होंगी शराब…

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साय कैबिनेट की बैठक खत्म हो गई है। जिसमें नई आबकारी नीति वर्ष 2025-26 को मंजूरी मिल गई है। जिसमें आबकारी नीति पिछले साल की तरह इस साल भी रहेगी। प्रदेश में 674 शराब की दुकानें यथावत् संचालित होगी। विदेशी मदिरा थोक खरीदी बेवरेज कॉरपोरेशन से होगी। अंग्रेजी शराब से दुकानों पर आबकारी शुल्क खत्म होगा। अतिरिक्त आबकारी शुल्क कम होने से विदेशी मदिरा के दाम कम होंगे।

आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आबकारी नीति में यह निर्णय लिया गया है कि पूर्व में विदेशी मदिरा पर अधिरोपित किया जाने वाला ,”अतिरिक्त आबकारी शुल्क”, जो की छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कारपोरेशन के मदिरा क्रय के दर पर 9.5% राशि के बराबर होता है, को समाप्त किया गया है। इससे विदेशी मदिरा, विशेष कर मीडियम रेंज और उच्च रेंज की मदिरा के फुटकर विक्रय दरों में कमी आएगी , जिससे अन्य प्रांतों से उक्त मदिरा की स्मगलिंग पर रोक लगेगी। इस अतिरिक्त शुल्क में कमी से विभिन्न रेंज की विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय दरों में लगभग 40/- से 3000/- रुपए प्रति बोतल तक की कमी आने की संभावना है।