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CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के बैंक खाते में 53.43 करोड़ रूपए अंतरित किए…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योेजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। इसी सिलसिलें में श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल कार्यालय में एक लाख 14 हजार 902 श्रमिकों के बैंक खाते में 53 करोड़ 43 लाख 74 हजार 915 रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित की।

 श्रम मंत्री श्री देवांगन ने एक लाख 14 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खाते में 53.43 करोड़ रूपए अंतरित किए

श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव की सरकार में प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को लगातार योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। श्रम विभाग के तीनों मंडल-छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।

इसी का परिणाम है कि बीते सवा साल में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 500 करोड़ रूपए अंतरित किये जा चुके हैं। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने दीदी-ई रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 42 हितग्राहियों को 42 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 41 हजार 170 श्रमिकों को 5 करोड़ 52 लाख 12 हजार रूपए मिनीमाता महातारी जतन योजना के अंतर्गत 5222 श्रमिकों को 10 करोड़ 44 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत् 9462 श्रमिकों को 1 करोड़ 41 लाख 93 हजार रूपए।

 श्रम मंत्री श्री देवांगन ने एक लाख 14 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खाते में 53.43 करोड़ रूपए अंतरित किए

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 378 हितग्राहियों को 3 करोड़ 82 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत् 706 श्रमिकों के बच्चों को 1 करोड़ 26 लाख 30 हजार 24 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 7029 श्रमिकों को 14 करोड़ 5 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत् 33506 श्रमिकों के बच्चे को 7 करोड़ 13 लाख 10 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 9224 श्रमिकों को 3 करोड़ 20 लाख 89 हजार 668 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत् 1546 हितग्राहियों को 3 करोड़ 9 लाख 20 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 5495 श्रमिकों को 2 करोड़ 38 लाख 74 हजार 523 रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 4 हितग्राहियों को 1 लाख 55 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना 58 हितग्राहियों को 58 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 4 श्रमिकों को 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना 83 श्रमिकों को 6 लाख 55 हजार 7 सौ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना 23 हितग्राहियों को 34 हजार 5 सौ रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए गए। इस अवसर पर सचिव सह श्रमायुक्त श्रीमती अलरमेल मंगई डी छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल के सचिव गिरिश कुमार रामटेके अपर आयुक्त श्रम द्वय श्री एस. एल. जांगड़े एवं श्रीमति सविता मिश्रा सहित श्रमिक उपस्थित थे।

 श्रम मंत्री श्री देवांगन ने एक लाख 14 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खाते में 53.43 करोड़ रूपए अंतरित किए

कार्यक्रम के दौरान श्रम मंत्री श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत कुशालपुर रायपुर निवासी मनीष मरकाम एवं खमतरई निवासी श्रीमती मंग्लीन साहू को एक-एक लाख रूपए की सहायता राशि का चेक, मुख्यमंत्री नोनी सक्तिकरण सहायता योजना के तहत रायपुर निवासी श्रीमती अनीता नाग एवं रायपुर निवासी श्रीमती संगीता ढीमर को 20-20 हजार रूपए का चेक, की चेक प्रदाय किया गया।

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत चंगोरा भाठा निवासी बिहारी लाल देवांगन एवं भवानी नगर कोटा रायपुर निवासी श्रीमती राही साहू को 20-20 हजार रूपए का चेक, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना तहत कुशालपुर निवासी लक्ष्मी सोनकर को 8 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत शैल सार्वे को 5 हजार का चेक प्रदान किया।

CG – शिवमहापुराण कथा सुनने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलटी, दो दर्जन से ज्यादा घायल, 5 की हालत गंभीर, मौके पर मची चीख-पुकार….

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कुनकुरी में पं. प्रदीप मिश्रा महाराज की शिव महापुराण कथा हो रही है। जिसमें शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी पिकअप गाड़ी पलट गई। गाड़ी में 30 से 35 लोग सवार थे। हादसे में 25 लोग घायल हो गए। जिनमें से 5 की हालत गंभीर है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम गोरिया और पकरीकछार के 30-35 ग्रामीण पिकअप गाड़ी में सवार होकर शिव महापुराण कथा सुनने मयाली जा रहे थे। रास्ते में ग्राम हर्राडांड के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। पास के ग्रामीणों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। पुलिस के आने पर घायलों को सीएचसी कुनकुरी में भर्ती कराया गया।

गंभीर रूप से घायल 4-5 लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि गाड़ी में बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी सवार थे। पुलिस हादसे का कारण जानने की कोशिश कर रही है।

CG – जीवनदायिनी इंद्रावती को लेकर मुक्ति मोर्चा नवनीत चांद कोरापुट व बस्तर कलेक्टर से करेगी मुलाकात…

जीवनदायिनी इंद्रावती को लेकर मुक्ति मोर्चा कोरापुट व बस्तर कलेक्टर से करेगी मुलाकात

नवनीत ने कहा-जीवनदायिनी इन्द्रावती को लेकर राजनीतिक रोटी सेकने वाले भाजपा एवं कांग्रेस की ड्रामेबाजी से बस्तर का भविष्य चौपट हो रहा

इंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन, वास्तविक समस्याओं के निदान से दूर, भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के लिए, सत्ता भोगने का जरिया बन जाना, बस्तर वाशियो के साथ, कांग्रेस और भाजपा का सबसे बड़ा धोखा

मोर्चा जल संरक्षण सूख रही नदी जोरा नाला जल वितरण पर नहीं होने देगी कोई खिलवाड़

जगदलपुर। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा प्रमुख संयोजक नवनीत चांद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि – जीवनदायिनी इन्द्रावती को लेकर राजनीतिक रोटी सेकने वाले सत्तासीन भाजपा एवं विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ड्रामेबाजी से बस्तर का भविष्य चौपट हो रहा है जबकि समय जलसंरक्षण व सूख रहें जीवनदायिनी इंद्रावती को बचाने की है। चांद ने कहा कि इस विषय में मुक्तिमोर्चा शीघ्र ही कोरापुट एवं बस्तर दोनों जिलो के कलेक्टर से मुलाक़ात करेगी, साथी दोनों राज्य के जल संसाधन मंत्री से भी और बस्तर हित के साथ सुख रहे इंद्रावती नदी की गरिमा व जल सरंक्षण आदि मुद्दों को लेकर मुलाकात करेगी।

बस्तर में जन्म मुद्दों के लिए लड़ने वाले बस्तर बेटा नवनीत चांद ने बयान में कहा जोरा नाला को लेकर पारदर्शी पूर्वक फैसला जरुरी है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी को लेकर बस्तर प्राधिकरण पर खूब राजनीति होता रहा और बस्तर की जनता को चला जाता रहा है अगर जमीनी स्तर पर काम हुआ होता तो आज यह स्थिति नहीं होता दिनों दिन सूखती नदी से बस्तर का गला भी सुख रहा। सरकारी राशि की बन्दरबांट दिखावे के तामझाम कर पहले कांग्रेस ने ठगा और आप बीजेपी ठग रही है।

नवनीत ने कहा कि हम मुद्दों के तकनीकी बिंदुओं को लेकर कोरापुट और बस्तर के कलेक्टर से मुलाकात करेंगे और इंद्रावती नदी के साथ जल संरक्षण जोरानाला जल वितरण आदि मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे जरूरत पड़ा तो हम इस मुद्दों पर अपने संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे पर इंद्रावती नदी के साथ बस्तर के विकास और जल जीवन जंगल जमीन के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।

मरीजों को आभा एप से रजिस्ट्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज बना राज्य का पहला फ्री वाई-फाई सुविधा युक्त शासकीय मेडिकल कॉलेज…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिकों की सुविधाओं को डिजिटल और स्मार्ट सेवाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ स्थित स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी पंजीयन काउंटर के पब्लिक एरिया (वेटिंग हॉल सहित) को फ्री वाई-फाई ज़ोन में तब्दील किया गया है।

यह सुविधा राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार प्रारंभ की गई है। इस अभिनव पहल को स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी के सतत मार्गदर्शन में, अधिष्ठाता डॉ. विनीत जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के निर्देशन में क्रियान्वित किया गया है।

रायपुर : रायगढ़ मेडिकल कॉलेज बना राज्य का पहला फ्री वाई-फाई सुविधा युक्त  शासकीय मेडिकल कॉलेज -

डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम –

फ्री वाई-फाई सुविधा का उद्देश्य ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आभा एप के माध्यम से डिजिटल पंजीयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। एम.आर.डी. विभाग के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में अब मरीज अपने मोबाइल फोन से सीधे आभा एप के माध्यम से पंजीयन टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्ची कटवाने की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है।

डॉ. एम. के. मिंज ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी मिली थी कि कई मरीजों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण आभा एप से पंजीयन में कठिनाई हो रही थी। विशेषकर, मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। इन तकनीकी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान की जाए।

इस सुविधा से मरीज और उनके परिजन अब बिना किसी नेटवर्क बाधा के आसानी से आभा एप से पंजीयन कर सकते हैं, जिससे न केवल सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी। उल्लेखनीय है कि नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा 4 जून 2024 को जारी निर्देशानुसार, सभी मेडिकल कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना है कि ओपीडी/आईपीडी/आपातकालीन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों का पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से ही किया जाए।

इस दिशा-निर्देश के अनुपालन हेतु आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए सभी मरीजों का पंजीयन आभा एप के माध्यम से ही किया जाए। इन्हीं दिशानिर्देशों और मरीजों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में फ्री वाई-फाई सुविधा आज से औपचारिक रूप से ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की गई है। यह पहल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को छत्तीसगढ़ में तकनीकी समावेशन वाले चिकित्सा संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है और यह निश्चित रूप से डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय कदम है।

CG – सरकार और PWD की अनदेखी के कारण सौतपुर गांव वाले 10 किलोमीटर घुम कर अपने गांव जाने को है मजबूर : बद्री नाथ जोशी

CG – सरकार और PWD की अनदेखी के कारण सौतपुर गांव वाले 10 किलोमीटर घुम कर अपने गांव जाने को है मजबूर : बद्री नाथ जोशी

जगदलपुर। इस सरकार का जनसरोकार से कोई मतलब नही है गांव का विकास सिर्फ जुमला है बद्री नाथ जोशी उपाध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाए है की पुरे क्षेत्र मे रोड खराब है गड्ढा बने हुए है आसपास के छोटे पुल टुटे हुए है करपावंड सौतपुर रोड महीनो से बंद है लेकिन इस और कोई ध्यान नही दे रहे है।

इस रोड मे करपावंड बाजार के दीन उड़ीसा से लेकर छत्तीसगढ जैतगीरी, गीरोला, बदलावंड के तरफ से बाजार सामान बेचने लाते है, लेकिन रोड बंद होने के कारण 10,15 किलोमीटर घुम कर जाना पड़ रहा है जीसके कारण समय और पैसे खर्च हो रहे है ,कुछ दीन पहले मोटरसाइकील दुर्घटना भी हो चुका है ,कुछ दुर मे सर्किट हाउस है।

जहां पर सांसद भी आ कर रूकते है लेकिन माननीय का काफीला का ध्यान इस और नही जाता हाइवे से सीधे जगदलपुर चले जाते है बद्री नाथ जोशी ने कहा है अगर जल्दी ही इस रोड को नही सुधारा गया तो उग्र आन्दोलन के लिए हम तैयार है।

MP News: मुख्यमंत्री यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान होगा शुरू…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का “जल गंगा संवर्धन” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ “जल गंगा संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। 

पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित है, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा से मध्यप्रदेश सरकार जल गंगा जल संवर्धन महा अभियान प्रारंभ करने जा रही है।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। उन्होंने कहा है कि जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी ‘खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में’ के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है।

हमारी धरा के कुल जल का केवल एक छोटा हिस्सा ही पीने योग्य स्वच्छ जल के रूप में उपलब्ध है। पृथ्वी के कुल जल का लगभग 97 प्रतिशत महासागरों में खारा जल है, जो पीने योग्य नहीं है। शेष 3 प्रतिशत मीठा जल है, लेकिन इसमें से भी अधिकांश हिमखंडों और बर्फ की चोटियों में जमा है। सिर्फ 0.5 प्रतिशत से भी कम पानी झीलों, नदियों और भूजल के रूप में उपलब्ध है, जिसे हम उपयोग कर सकते हैं। पृथ्वी पर स्वच्छ और पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत ही सीमित है और इसे संरक्षित करना बेहद ज़रूरी है। इसीलिए मध्यप्रदेश सरकार ने जल बचाने के लिए कदम बढ़ाये हैं।

जल बचाने लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि “जल गंगा संवर्धन अभियान”, प्रदेश में जल संकट को खत्म करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग एवं प्राधिकरण साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम ‘जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण’ रखी गई है।

नागरिकों के सहयोग से जल संरक्षण अभियान बनेगा जन-आंदोलन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य

  • पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।

  • अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।

  • नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे।

  • लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।

  • ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।

  • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।

  • प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।

  • नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।

  • नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

  • प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।

  • सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।

  • नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।

  • नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।

  • नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर “शासकीय नहर” के रूप में अंकित किया जाएगा।

  • बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सफाई कार्य।

  • फ्लशबार की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी इसी अभियान के दौरान होंगे।

  • सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे।

“जल गंगा संवर्धन अभियान”-वर्ष 2024

गत वर्ष 5 से 30 जून 2024 तक “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया गया था। इस अवधि में 1056 करोड़ की लागत से 38 हजार 851 कार्य किए गए। 302 करोड़ से अधिक राशि 21 हजार 577 जीर्णोद्धार/सुधार कार्यों पर खर्च की गई थी। वर्ष 2024 में 5672 पुरानी बावड़ियों एवं कुओं का जीर्णोद्धार किया गया। 93 करोड़ रुपए की लागत से 3751 नए कुएं निर्मित किए गए थे।

साथ ही 7709 तालाबों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार पर 616 करोड़ की राशि खर्च हुए थे। इसी प्रकार 2925 चेक डैम एवं स्टॉप डैम निर्माण एवं जीर्णोद्धार में 119 करोड़ रुपए की लागत आई। 7158 रिचार्ज पिट और रीचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया गया। अन्य जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों में लगभग 458 करोड़ रुपए की लागत से 30 हजार से अधिक कार्य हुए थे।

CG- गालीबाज महिला अफसर की छुट्टी : विवादित गालीबाज महिला अफसर के खिलाफ विभाग ने लिया बड़ा एक्शन, 24 घंटे के भीतर दी ये सजा, जाने पूरा मामला…..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में विद्युत वितरण विभाग की विवादित गालीबाज महिला अफसर का तबादला कर दिया है। दरअसल महिला सहायक अभियंता का अपने ही विभाग के लाइन इंस्पेक्टर के साथ गंदी गाली देने का आडियों वायरल हुआ था। महिला अफसर के इस दुर्व्यवहार और गाली-गलौच के बाद वितरण विभाग के सभी कर्मचारी एकजुट होकर विभाग के सीनियर अफसर से इस पूरे मामले की शिकायत करने के साथ ही सोशल मीडिया में आडियों वायरल कर दिया था। महिला अफसर के इस दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक बातचीत पर विभाग ने संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के भीतर ही महिला सहायक अभियंता का पेंड्रा रोड तबादला कर दिया है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही विद्युत वितरण विभाग के पाड़ीमार जोन में पदस्थ महिला अफसर का आडियों वायरल हुआ था। यहां सहायक अभियंता के पद पर पदस्थ माधुरी पटेल के खिलाफ उन्ही के विभाग के लाइन इंस्पेक्टर चक्रधर कंवर ने अधीक्षण अभियंता से शिकायत की थी। लाइन इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया था कि 23 मार्च की दोपहर आंधी-तूफान के बाद सीएसईबी कालोनी का लाइन बाधित हो गई थी। कालोनी में सिंगल फेज लाइन होने पर उसी कालोनी में रहने वाली सहायक अभियंता माधुरी पटेल ने उसे बाधित लाइन का सुधार कार्य कर बहाल करने की शिकातय की थी।

लाइन मैन द्वारा कालोनी के ट्रांसफार्मर का डीओं गिरे होने की आशंका पर मौके पर जाकर डीओं की जांच की गयी। इसी दौरान पास ही बिजली सुधार का काम कर रहे कर्मियों ने ट्रांसफार्मर का लाइन चेंज करने की जानकारी दी गयी। इस दौरान करीब 40 मिनट का वक्त गुजर गया। बस इस बात को लेकर महिला अफसर ने लाइन इंस्पेक्टर के मोबाइल पर काॅल कर पहले तो बिजली सुधार की जानकारी ली। जब लाइन इंस्पेक्टर ने लाइन में प्राब्लम नही मिलने की बात कही, तब मैडम भड़क गयी और उन्होने मोबाइल पर ही लाइन इंस्पेक्टर को गंदी-गंदी मां-बहन की गालिया देनी शुरू कर दी।

मोबाइल फोन पर पूरी बातचीत का आडियों टेप होने के बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर महिला अफसर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने उक्त सहायक अभियंता का तबादला करने की मांग करते हुए अधीक्षण अभियंता से शिकायत की थी। ये पूरा मामला मीडिया में आने के बाद विद्युत वितरण विभाग के अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। लिहाजा विवाद को बढ़ने से रोकने और इस मामले का पटाक्षेप करने के लिए अफसरों ने विवादित महिला अफसर पर तत्काल एक्शन लेते हुए पेंड्रा रोड तबादला कर दिया है। इस आदेश के जारी होने के बाद जहां विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं अब पेंड्रा रोड विद्युत वितरण विभाग के कर्मचारियों के बीच महिला अफसर की पदस्थापना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिस उप निरीक्षक के परिवार को एक करोड़ रूपये का चेक प्रदान किया…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर मऊगंज जिले के गौतम परिवार को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के अंतर्गत एक करोड़ रूपये की राशि का चेक प्रदान किया। भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सेलरी पैकेज योजना में पुलिसकर्मियों को दी जाने वाली पूरक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा सुविधा के अनुसार परिवार को यह राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद गौतम के पात्र उत्तराधिकारी को शासकीय सेवा में लेने के निर्देश पुलिस महानिदेशक को दिए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि कर्तव्य निवर्हन के दौरान अपने प्राणों को उत्सर्ग करने वाले पुलिस उपनिरीक्षक श्री रामचरण गौतम की पत्नी श्रीमती पुष्पा को चेक प्रदान करते हुए कहा कि राज्य शासन ने स्व. गौतम को शहीद का दर्जा देते हुए उनके आश्रितों को एक करोड़ रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है।

ग्राम गडरा जिला मऊगंज में कर्तव्य निर्वहन करते हुए इस माह पुलिस उप निरीक्षक श्री रामचरण गौतम शहीद हुए। स्व. गौतम के परिवार को बीमा की अनुदान राशि का चेक सौंपे जाने के अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, सीजीएम एसबीआई म.प्र./छ.ग श्री चंद्रशेखर शर्मा, महाप्रबंधक श्री अजिताभ पाराशर, महाप्रबंधक श्री कुन्दन ज्योति, महाप्रबंधक श्री मनोज कुमार सहित भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. गौतम की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा और इस अवसर पर उपस्थित स्व. गौतम के पुत्र श्री धीरेन्द्र और भतीजे श्री सतीश से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधि का जो विधान था वह हुआ लेकिन राज्य शासन द्वारा स्व. रामचरण गौतम के परिवार को पूरा सहयोग दिया जाएगा।

MP News: हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं, अगले पांच साल में राज्य का बजट करेंगे दोगुना : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश के चहुंमुखी विकास में मध्यप्रदेश का योगदान अव्वल रहेगा। भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि हम विरासत से विकास की ओर बढ़ रहे हैं। अगले 5 साल में हम प्रदेश का सालाना बजट दोगुना कर देंगे। कोई नया टैक्स नहीं लगाएंगे बल्कि नागरिकों की आय बढ़ाकर अपने बजट को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि भोपाल की प्राकृतिक सम्पदा और इसके पुरा-इतिहास के संवर्धन में कोई कसर नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें जनता की सेवा का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा आयोजित नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम भोपाल को एक सुदंर मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाएंगे। भोपाल शहर में सभी दिशाओं से आने वाली सड़कों में नगर द्वार बनाए जाएंगे। भोजपुर मंदिर रोड पर ‘भोज द्वार’ और इंदौर-उज्जैन मार्ग पर विक्रमादित्य के सुशासन के प्रतीक स्वरूप ‘विक्रम द्वार’ बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस में विश्व से उद्योगपति भोपाल आए। भोपाल आकर उन सभी को आनंद आ गया, क्योंकि यहां की झीलें, तालाब और यहां की संस्कृति जीवंत हैं, यही हमारी पूंजी है।

उन्होंने कहा कि भोपाल देश का एकमात्र राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव और बाघों के सह-अस्तित्व का अनोखा और अद्वितीय उदाहरण विद्यमान है। भोपाल शहर के समीप ही रातापानी अभयारण्य है। यहां दुर्लभ बाज मिलने की भी पुष्टि हुई है। यह हमारी राजधानी को और भी आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि हम भोपाल शहर का सतत सौन्दर्यीकरण कर रहे हैं। हम भोपाल की विरासतों को चिरस्थायी बनाए रखेंगे।

भोपाल उत्सव मेला समिति द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सम्मान किया गया। भोपाल के 35 से अधिक व्यापारी संघों, उद्योगपतियों एवं समाजसेवियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का होली मिलन समारोह में आत्मीय सम्मान कर उन्हें जन्मदिन की बधाई भी दी। भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) आयोजित करने और अपनी कुशलता व कर्मठता से जीआईएस को सफल बनाने के लिए भोपाल मेला उत्सव समिति द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रशस्ति (सम्मान) पत्र दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबके सहयोग से हमको विकास की नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगे। अब तक जो नहीं हुआ वो करके दिखाएंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ राजनीतिज्ञ श्री रघुनंदन शर्मा, नगर निगम के सभापति श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रवीन्द्र यति, भोपाल मेला उत्सव समिति के अध्यक्ष श्री मनमोहन अग्रवाल, डीबी ग्रुप के चेयरमेन श्री सुधीर अग्रवाल, श्री संदीप अग्रवाल, श्री संजीव अग्रवाल, श्री राहुल कोठारी, श्री आशीष अग्रवाल सहित भोपाल शहर के सभी व्यापारी संघों के पदाधिकारी, उद्योगपति एवं समाजसेवी उपस्थित थे। मेला समिति के अध्यक्ष श्री मनमोहन अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि जीआईएस ने पूरे विश्व में भोपाल की शान बढ़ाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिली है।

मोदी की एक और गारंटी पूरी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आज से शुरू सीएम साय नें पहली ट्रेन कों दिखाई हरी झंडी पढ़े पूरी ख़बर

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार नें सत्ता में आते ही कई योजनाओं कों बंद कर दिया था जिसको अब धीरे धीरे लागु किया जा रहा हैँ उसी में एक बीजेपी की मोदी गारंटी के तहत छत्तीसगढ़ में गुरुवार, 27 मार्च को एक और गारंटी पूरी होने जा रही है. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना आज से दोबारा शुरू हो गई. इस योजना के तहत बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से सुबह 10:30 बजे पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर कर रवाना किया. इस मौके पर महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता मौजूद रहें.

भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था करेगी राज्य सरकार

इस विशेष ट्रेन में बुजुर्ग श्रद्धालु रामेश्वरम और मदुरई के तीर्थ स्थलों के लिए रवाना होंगे. इस योजना के तहत बुजुर्गों को यात्रा, भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी.

2013 में हुई थी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत

मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की शुरुआत 2013 में डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल ने शुरू की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे बंद कर दिया गया था. अब भाजपा सरकार के सत्ता में लौटते ही इसे फिर से बहाल किया गया है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा, ‘हमारी सरकार बुजुर्गों की आस्था का सम्मान करती है. तीर्थ यात्रा हर श्रद्धालु का अधिकार है और हम इसे सुनिश्चित कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं. सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है.