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छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने Keynes Technology का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिखी उत्सुकता…

बेंगलुरु: छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए Keynes Technology के प्रमुख राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की और आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश की योजना प्रस्तुत की। कंपनी उन्नत तकनीक, डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर काम करती है।

राजेश शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार की नई औद्योगिक नीति और अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने यहां नवाचार (Innovation) और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा देने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने Keynes Technology के इस प्रस्ताव का स्वागत किया और राज्य में नई तकनीकी इकाइयों को स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग देने का आश्वासन दिया। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई नौकरियों और आधुनिक तकनीक सीखने के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य तकनीकी क्षेत्र में एक नया केंद्र बन सकेगा।

छत्तीसगढ़ में Klene Paks ने उद्योगों विस्तार की बनाई योजना: गांव-गांव में जैविक उत्पादों का विस्तार, टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करेगा Klene Paks

बेंगलुरु: पर्यावरण के अनुकूल (बायोडिग्रेडेबल) उत्पाद बनाने वाली कंपनी Klene Paks ने छत्तीसगढ़ में अपने उद्योगों के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी के प्रमुख विमल सिपानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की इच्छा जताई।

Klene Paks एक अग्रणी कंपनी है, जो ऐसे उत्पाद बनाती है जो पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और प्लास्टिक के बेहतर विकल्प के रूप में काम आते हैं। कंपनी के “बायोटिक” उत्पाद विशेष रूप से जैविक और प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले होते हैं, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। विमल सिपानी ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ के गांवों में इस उद्योग को बढ़ाकर स्थानीय लोगों, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को रोजगार देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति पर्यावरण अनुकूल उद्योगों के लिए बेहद लाभदायक है, जिससे निवेशकों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी इस पहल की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी सहायता प्रदान करेगी। इस निवेश से न केवल राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की दी शुभकामनाएं….

रायपुर: भारत सरकार आयुष मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग नई दिल्ली के तत्वावधान में मुंबई में “देश का प्रकृति परीक्षण” अभियान के प्रथम चरण का समापन समारोह मनाया गया। केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव के मुख्य आतिथ्य में मुंबई के जहांगीर भाभा थियेटर में समापन समारोह का आयोजन किया गया था ।

अभियान के पहले चरण में स्ट्राइक रेट के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य को पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त होने पर प्रशस्ति पत्र और ट्राफी से सम्मानित किया गया। यह सम्मान, अभियान के राज्य समन्वयक एवं छ.ग. आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद रायपुर के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला ने प्राप्त किया।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छत्तीसगढ़ में इस अभियान की शुभारंभ संविधान दिवस 26 नवंबर 2024 को किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई की जयंती 25 दिसंबर 2024 को कुनकुरी में इस अभियान का समापन किया गया था।

संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशन में छत्तीसगढ़ में साढ़े चार लाख से ज्यादा नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। अभियान के महत्व के दृष्टिगत केंद्रीय गृह मंत्रालय के पहल पर राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के तैनात विभिन्न संगठनों के 40 हजार से अधिक अधिकारियों एवं जवानों का प्रकृति परीक्षण किया गया।

राज्य को यह सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री जायसवाल ने कहा है कि केंद्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को पुरस्कार मिलना बड़ी बात है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए राज्य की जनता के हित में लगातार मेहनत और इमानदारी से कार्य करते रहने की बात कही।

CG News: गर्मियों का मौसम निर्माण कार्यों के लिए अनुकूल, बारिश के पहले निर्माण कार्यों में दिखनी चाहिए अपेक्षित प्रगति: वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी…

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ जिले में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों से कहा कि जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उन्हें बारिश शुरू होने से पहले गर्मियों में पूरी तेजी के साथ करवाएं, काम में गुणवत्ता का भी पूरा ख्याल रखा जाए। वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने यह बात आज रायगढ़ कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कही।

उन्होंने विभागों में चल रहे प्रोजेक्ट व निर्माण कार्यों के साथ बजट में प्रस्तावित नए कार्यों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि गुड गवर्नेंस स्थापित करना है इसके लिए सभी फील्ड में अपनी जिम्मेदारियों का कुशलता के साथ निर्वहन करें, पॉजिटिव रिजल्ट देने के लिए काम करें। समीक्षा बैठक में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल उपस्थित रहे।

बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में क्वालिटी सबसे जरूरी है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण के दौरान टैक्टर के केजव्हील से सड़क को होने वाले नुकसान के रोकथाम के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्वीकृत भवनों के निर्माण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने नगर निगम द्वारा शहर में बीटी सड़क निर्माण के साथ ही अन्य कार्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने भवन निर्माण के ड्राइंग डिजाइन तैयार करते वक्त उपलब्ध भूमि का सही तरह से उपयोग करने के निर्देश दिए।

जिससे भविष्य में यदि उस प्रोजेक्ट के विस्तार की आवश्यकता हो तो वहां किया जा सके। इसके लिए लेटरल स्पेस के स्थान पर हाइ राइस बिल्डिंग का निर्माण विकल्प हो सकता है। उन्होंने नवीन स्वीकृत किए गए प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि का चिन्हांकन कर प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सड़क व भवनों के साथ पुल-पुलिया तथा निर्माण के प्रगति के बारे में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने मेडिकल कॉलेज के कार्यों की भी समीक्षा की। रायगढ़ कलेक्टर श्री गोयल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज को दी गई भूमि के सीमांकन और बाउंड्री निर्माण का काम किया जाना है। इसके लिए राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त अन्य निर्माण कार्यों के प्रगति के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज में नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप लगाने के निर्देश दिए। जिससे ब्लड यूनिट की पर्याप्त उपलब्धता हो। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने केलो परियोजना के तहत स्वीकृत चल रहे कामों और नवीन कार्यों के निविदा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि काम तेजी से पूरा करें। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी विभाग से महतारी सदन निर्माण के संबंध में जानकारी ली और सभी कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में पटवारी और आर.आई. के कार्यशैली की नियमित मॉनिटरिंग करें। उनके काम में कसावट लाने की आवश्यकता है। उन्होंने ने कहा कि सभी एसडीएम और तहसीलदार इस पर विशेष रूप से ध्यान दें। उन्होंने नक्शा बटांकन और फॉर्मर रजिस्ट्री में जिले में हुए कार्यों की सराहना की।

कलेक्टर श्री गोयल ने बताया कि जिले में अपार आईडी निर्माण और आयुष्मान तथा वय वंदना योजना के तहत हितग्राहियों के कार्ड निर्माण में रायगढ़ जिला अव्वल है। इसी प्रकार पीएम आवास के निर्माण में भी रायगढ़ प्रदेश में पहले पायदान में है। मंत्री श्री चौधरी ने सभी अधिकारियों से कहा कि अपने काम को पूरी गंभीरता से पूर्ण करें। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसे उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उसका समाधान निकालें। उन्होंने स्कूलों के उन्नयन और स्वास्थ्य विभाग के भवनों के निर्माण के संबंध में भी चर्चा की।

नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति की हो स्थायी व्यवस्था –

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जो कार्य पूर्णता की ओर हैं उन्हें जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कार्यपालन अभियंता को नियमित रूप से कार्य की प्रगति का अपडेट देने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने पुसौर शहर में जल आपूर्ति के स्थायी व्यवस्था तैयार करने हेतु कार्ययोजना बना कर उस पर जल्द अमल करने के लिए निर्देशित। जिससे लोगों को पानी के लिए मशक्कत न करना पड़े। इसके साथ हो उन्होंने सभी नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति के लिए समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।

‘CM नीतीश ने तो पहले ही कहा था….’, जानें वक्फ संशोधन विधेयक JDU का क्या है स्टैंड? बिल को लेकर पटना से दिल्ली तक सियासत…

Wakf Amendment Bill: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) समेत कई मुस्लिम संगठनों की ओर से वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आज बुधवार (26 मार्च) को पटना के गर्दनीबाग में धरना दिया गया. AIMPLB के इस धरना प्रदर्शन पर बिहार से दिल्ली तक सियासत देखने को मिली. तेजस्वी, लालू और प्रंशात किशोर समेत कांग्रेस के नेताओं ने धरने में शामिल होकर प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया. वहीं, अब जदयू की ओर से भी वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है.

‘…संसद में पास नहीं होगा बिल’

एक निजी न्यूज चैनल से बात करते हुए जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि, मुसलमानों में विधेयक को लेकर डर है. जब तक शंकाएं मुसलमानों की दूर नहीं होंगी, तब तक संसद में पास नहीं होगा. नीतीश चाहते हैं कि स्टेक होल्डर्स की शंकाओं को दूर किया जाए.

खालिद अनवर ने कहा कि, सीएम नीतीश ने पहले ही कहा था कि इस विधेयक पर स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करनी चाहिए और उनकी राय को शामिल करना चाहिए. देश के सभी मुसलमान जो इस विधेयक को लेकर तरह-तरह की शंका रखते हैं, उनको आश्वस्त करता हूं कि उनकी शंकाओं को दूर किए बगैर यह बिल कानून का रूप नहीं लेगा. तब तक संसद में पारित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि, वक्फ की संपत्तियों को लेकर मुसलमानों में डर पैदा किया गया है.

खालिद अनवर ने राजद पर साधा निशाना

पटना के गर्दनीबाग में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ जारी धरना-प्रदर्शन को खालिद अनवर ने राजद द्वारा प्रायोजित बताया. उन्होंने कहा कि, राजद ने वर्षों तक वक्फ की संपत्तियों को लूटने का काम किया. बता दें कि खालिद अनवर जेडीयू के बड़े अल्पसंख्यक चेहरे हैं.

सीएम योगी को लेकर दिया ये जवाब

उधर दूसरी ओर सीएम योगी के एक बयान पर खालिद अनवर ने कहा कि, वे अपनी मर्यादा से कभी-कभी नीचे उतर जाते हैं. सभ्य लीडर को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. जब इंसान अपनी संवैधानिक मर्यादा से नीचे उतकर बात करने लगे तो फिर इसका क्या जवाब दिया जाए?

बता दें कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने संभल पर कहा है कि जितने भी होंगे सब खोदेंगे. मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि नहीं है क्या. हम कोर्ट का ही आदेश पालन कर रहे हैं, नहीं तो अब तक वहां बहुत कुछ हो गया होता.

Uttarakhand news: उत्तराखंड ने किया कमाल, इस मामले में हिमालयी राज्यों में नंबर वन, मुख्य सचिव बोली…

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज उद्योग विभाग द्वारा देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड उद्यमी कॉन्क्लेव का शुभारम्भ किया । कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव रतूड़ी ने कहा कि श्रमशक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए | उन्होंने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में एमएसएमई के योगदान में हो रही निरंतर वृद्धि के लिए उद्योग विभाग की सराहना की।

उत्तराखण्ड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल

मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पीस टू प्रोस्पेरीटी के बारे में बताते हुए कहा की उत्तराखण्ड में वातावरण औद्योगिक अनुकूल है और ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में तीन लाख करोड़ के एमओयू में से नब्बे हजार करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने उत्तराखण्ड के strategic investment plan (रणनीतिक निवेश कार्ययोजना) की प्रशंसा करते हुए इसे राज्य के लिए बेंचमार्क बताया। उनके द्वारा उद्योग विभाग के यू हब इनवेस्टर मित्र और ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसे नवाचारों की सराहना की गई।

निर्यात के मामले में हिमालयी राज्यों में प्रथम

मुख्य सचिव ने उद्योग विभाग को लघु उद्योगों की लिस्टिंग के लिए प्रेरित किया जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अधिक निवेश प्राप्त हो सके। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में उत्तराखण्ड की उपलब्धियों के बारे मे चर्चा करते हुए बताया कि उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस में उत्तराखण्ड टॉपअचीवर, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर केटेगरी में शामिल है, साथ ही उत्तराखण्ड निर्यात के मामले में हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है।

अंकिता पांडे, निदेशक एमएसएमई मंत्रालय ने विलंबित भुगतान के लिए विवाद निवारण पर चर्चा की। कार्यक्रम में स्टार्ट अप ग्रांड चैलेंज के उद्यमियों को पुरस्कृत किया गया। सेतु आयोग के एडवाइजर हनुमंत रावत ने बताया कि सतत विकास के माध्यम से राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए लघु उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता को बढ़ा सकते हैं।

रैंप योजना का शुभारंभ

साथ ही कार्यक्रम में उत्तराखण्ड में रैंप योजना का शुभारंभ करने के साथ-साथ एक वर्कशाप का आयोजन भी किया गया। एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार के लिए विश्व बैंक पोषित रैंप योजना के राज्य में आरंभ होने से वैश्विक स्तर पर हमारे उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे। उत्तराखण्ड को रैंप के अंतर्गत 100 करोड़ का बजट आउटले प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में रैंप पोर्टल और एक्सपोर्ट पोर्टल का लॉन्च किया गया। साथ ही गति शक्ति पर एक पुस्तिका भी लॉन्च की गई।

Uttarakhand news: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में की शिरकत…

देहरादून: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून स्थित रेंजर ग्राउंड में कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला एवं पर्यटन महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मेले में लगे स्टोलों का अवलोकन भी किया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में भारत और नेपाल के बीच प्राचीन सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि “भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता ऐतिहासिक रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यापार मेले में भारत और नेपाल के स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए, जो दोनों देशों के लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने में सहायक होंगे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सीमावर्ती इलाकों में व्यापार को नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय कारीगरों, व्यापारियों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से नेपाल के सुदूर पश्चिम प्रदेश में कृषि, दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आपसी सहयोग से दोनों देशों के बीच आर्थिक क्षेत्र में वृद्धि होगी । जिससे दोनों देशों में विकास को बल मिलेगा। उन्होंने कहा को जब-जब प्रभु श्रीराम और माता सीता को याद किया जाएगा, तब-तब भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख भी अवश्य होगा।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण में नेपाल की सनातनी जनता की आस्था को भी देखा गया। नेपाल की जनता की जितनी आस्था और लगाव भगवान प्रभु श्रीराम के मन्दिर पर है, उतनी आस्था और लगाव भारतवासियों का भगवान पशुपतिनाथ जी के मन्दिर पर भी है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आगे कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत और नेपाल के संबंध और भी अधिक मजबूत हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक अनेक पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, जहां आस्था और प्राकृ तिक सौंदर्य का अद्भुद संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उत्तराखंड और नेपाल के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रारंभ की गई नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के अंतर्गत नेपाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति, रक्षा तथा जनसंपर्क को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी यानी “पड़ोस प्रथम नीति” का मकसद अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मज़बूत करना है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रारंभ की गई थी। काली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के माध्यम से साझा ऊर्जा उत्पादन का भी संकल्प दोनों देशों ने लिया है।

उन्होंने कहा कि जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी और दोनों देशों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण जारी है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 4500 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच धारचूला के छारछुम में मोटर पुल का निर्माण भी गतिमान है। जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा। इस अवसर पर चेयरमैन पीताम्बर जोशी, नरेन्द्र प्रसाद जोशी, प्रदीप पाल, भोजराज अवस्थी, हेमराज भट्ट, ज्योति कोटिया, सूर्य विक्रम शाही, वीर गोरखा कल्याण समिति अध्यक्ष पदम थापा, महासचिव विशाल थापा सहित कई लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री सचिव विनय शंकर पांडेय का बड़ा बयान, चारधाम यात्रा में वीआईपी दर्शन बंद रखने का निर्णय…

उत्तराखंड: सचिव मुख्यमंत्री व आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय ने कहा, चारधाम यात्रा के शुरूआत में तीर्थयात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इसे देखते हुए इस बार यात्रा शुरू होने के एक माह तक वीआईपी दर्शन मान्य नहीं होगा। यदि कोई वीआईपी आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन के लिए आते हैं, तो उनका स्वागत है।

आयुक्त गढ़वाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, धामों में भीड़ नियंत्रण के लिए इस बार व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके तहत यात्रा के शुरूआती एक माह तक वीआईपी दर्शन मान्य नहीं किया जाएगा। कहा कि प्रोटोकॉल के तहत वीआईपी दर्शन से आम श्रद्धालुओं को रोकना पड़ता है। इस बार ऐसा नहीं होगा।

कहा, कुछ निर्णय प्रशासन स्थिति के अनुसार भी लेता है। प्रशासन को लगता है कि धामों में भीड़ कम है तो वीआईपी दर्शन पर पुनर्विचार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा मार्गों पर हर 10 किमी पर पुलिस व मोबाइल टीम तैनात रहेगी। भीड़ प्रबंधन के लिए यात्रा मार्गों पर होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए। जहां पर श्रद्धालुओं को ठहरने व खाने की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। पांच अप्रैल को दोबारा से यात्रा तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 मार्च को सिंगल क्लिक से श्रमिक परिवारों को करेंगे राशि का अंतरण…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 मार्च को मंत्रालय में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 23 हजार 162 प्रकरणों में 505 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मंत्री एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।

मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं।

संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं, साथ ही श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।

संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है। श्रमिकों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग योजनांतर्गत वर्तमान तक 06 लाख 58 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिये जा चुके है।

जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें, आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें।

पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए।

मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन श्री डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए।

पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए।

विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने के लिए समय-सीमा तय की जाए। साथ ही ऐसे लोगों को जिनके पास बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें सोलर पम्प योजना का प्राथ‍मिकता से लाभ दिया जाए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजरा-टोला पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बताया गया कि जनजातीय क्षेत्रों में 42 जिलों के 1428 ग्रामों में निवास करने वाली पूरी आबादी को जल जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा।

जनजातीय युवाओं को उपलब्ध कराएं रोजगार –

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में शामिल ग्रामों में 92 सीएम राईज स्कूल बनाए जाएंगे। इनमें से 39 का कार्य पूर्ण हो चुका है। पीएम जन-मन योजना में प्रदेश के 20 जिलों में 50 स्थानों पर 100 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 50 प्रतिशत छात्रावास बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।

बैठक में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि जनजातीय बहुल 89 विकासखंडों में युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए आईटीआई में अधोसंरचना‍ विकास के कार्य प्रमुखता से किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत आईटीआई छात्रों के लिए 34 छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय विकासखंडों में युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता दी जाए एवं छात्रावासों के उचित प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए। यहां रहने वाले विद्यार्थियों में सांस्कृतिक मूल्यों के विकास के लिए आनंद विभाग के साथ गायत्री परिवार और विद्या भारती जैसी संस्थाओं से जोड़ा जाए। बैठक में मुख्य सचिव श्री जैन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत 2 लाख 7 हजार 922 आवासों की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत आवासों में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि 26 जनवरी तक चले जन-कल्याण पर्व के हितग्राही शामिल है या नहीं। इसके लिए 89 जनजातीय विकासखंड एवं आकांक्षी जिलों के गांवों में विशेष दल भेजकर सर्वे कराया जाए। पंचायत एवं ग्रामीण‍ विकास के अधिकारियों ने बताया कि 96 हजार हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए पहली किश्त जारी की जा चुकी है।