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CG – 10 ग्राम के देवी-देवताओं ने की शिरकत : ग्राम पंचायत हरवेल का पारम्परिक वार्षिक मेला हुआ सम्पन्न…

ग्राम पंचायत हरवेल का पारम्परिक वार्षिक मेला हुआ सम्पन्न

10 ग्राम के देवी-देवताओं ने की शिरकत

हरवेल/विश्रामपुरी। कोंडागांव जिले के विकासखंड बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हरवेल का पारम्परिक वार्षिक फुल बाजार मेला बिजली के गर्जन के साथ 22 मार्च को मेला परिसर में सम्पन्न हुआ, जिसमें 10 ग्राम के देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया था सुबह से ही मौसम सुहावना हो गया था देवी देवताओं को भ्रमण कराया गया।

जगह जगह फुल मालाओं के साथ स्वागत किया गया,परम्परा अनुसार देवी देवताओं को भीगे चावलों के साथ अगुवाई की गई इस बार हरवेल मेला मार्च के अंतिम होने के कारण आस-पास के ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की मेले के दुसरे दिन मेहमानों का आना जाना लगा रहता है और रात्रिकालीन भुइयां के सिंगार लोक‌ कला मंच बादल नरहरपुर का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया था इसके बाद ग्राम से आए हुए पुरुष एवं महिलाएं भी अपने-अपने ग्राम से आएं हुए देवी देवताओं को माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद क्षेत्र के लोग अपने अपने आराध्य देवी-देवताओं के साथ मेला स्थल में गाजे-बाजे एवं मोहरी के साथ परिक्रमा की और अपने-अपने स्थानों पर वापस लौटे।

आसपास गांव के समस्त देवी-देवता शामिल हुए। परंपरा के अनुसार सर्वप्रथम गांव से समस्त समाजों के लोगों के द्वारा अपने-अपने आराध्य देवों को विभिन्न वेशभूषा, डोली एवं लाट सजाकर लाया गया। इसके लिए ग्राम प्रधानों के द्वारा पूर्व में अलग-अलग ग्राम के देवी-देवताओं के लिए रुकने के लिए चयनित स्थान पर अलग-अलग ग्रामों से आए हुए लोग अपने देवी-देवताओं का पूजन कर भोग लगाया। जिसमें ग्राम के मेला समिति के अध्यक्ष पनकुराम मरकाम, उपाध्यक्ष केशव मंडावी, सचिव मानसाय मंडावी, सह सचिव सहादेव नेताम, कोषाध्यक्ष बिरेंद्र मंडावी, सह कोषाध्यक्ष धनसाय मंडावी, माता पुजारी रामलाल मंडावी, गायता मंगतर मंडावी, पटेल लच्छिमनाथ मंडावी, हेमलाल मंडावी, मेशो राम मरकाम , लच्छुराम मंडावी, चैतूराम मंडावी , अघनसिंह मंडावी, प्रेमनाथ नाग , श्यामलाल , सरपंच महेश नेताम, उपसरपंच ललिता घड़वा मंडावी, बलराम मंडावी, हेमलाल मंडावी, सुकमन‌ पटेल, समरत मरकाम, फरसू वैध, हीरामन नेताम एवं युवा प्रभाग के सदस्य, आदिवासी युवा संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।

CG Crime News : चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी, भाई ने भाई को मारा चाक़ू, इस वजह से दिया खौफनाक वारदात को अंजाम….

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला इलाके में युवक पर चाकू से हमला किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के उरला इलाके के सतनामी चौक में इस घटना को अंजाम दिया गया है। यहां पुराने पारिवारिक विवाद के चलते मोहित चतुर्वेदी ने अभिषेक गेंड्रे नामक युवक को चाक़ू मार दिया। इस घटना में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अभिषेक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इस मामले में उरला पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी मोहित को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों युवक रिश्ते में भाई है। आरोपी मोहित घायल युवक अभिषेक की बुआ का बेटा है।

CG – स्टोर में लगे आग से 400 ट्रांसफॉर्मर जले, इतने करोड़ का हुआ नुकसान,अब एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को मिली ये सजा…..

रायगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य पावर वितरण कंपनी के रायगढ़ स्थित स्टोर में आग लगने से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर आग में भस्म हो गए थे। घटना के बाद स्टोर के कार्यपालन यंत्री को हटाने के साथ घटना की जांच शुरू कर दी गई है। बड़ी बात यह है कि ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य विद्युत उपकरणों का बीमा नहीं कराया गया था।

रायगढ़ के स्टोर में लगी आग से पावर कंपनी को एक बार फिर लाखों रुपए की क्षति हुई है। गुढ़ियारी में आगजनी की वजह से 50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। गुढ़ियारी में घटना की जांच तत्कालीन कार्यपालक निदेशक ओएंडएम एवं वर्तमान में वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने की थी। कमेटी ने भविष्य में होने वाली घटना को रोकने के लिए सुझाव भी दिए हैं, परंतु सुझाव केवल फाइल तक सीमित रह गए हैं। सूत्रों की मानें तो गुढ़ियारी में घटना के बाद शुरुआत के दो-तीन माह तो स्टोर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया परंतु अब फिर पुराने ढर्रे पर स्टोर संचालित हो
रहे हैं।

रायगढ़ स्टोर इसका ताजा उदाहरण है। स्टोर के आसपास काफी संख्या में सूखी घास व छोटे-छोटे पेड़ थे। जिसकी सफाई नहीं कराई गई। रायगढ़ स्टोर में आगजनी से 400 पुराने ट्रांसफॉर्मर जल गए। इससे कंपनी को फिर लाखों की चपत लगी है। ज्यादातर ट्रांसफॉर्मर रिपेयर के लिए रखे गए थे। जिसका पुनः उपयोग किया जा सकता था। पुराने ट्रांसफॉर्मर के जलने को लेकर भी पावर कंपनी के गलियारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। बताते हैं कि स्टोरों में फायर ऑडिट के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

आगजनी के बाद कंपनी प्रबंधन ने बिलासपुर के मुख्य अभियंता आलोक अम्बष्ट की जांच का जिम्मा सौंपा है। वहीं स्टोर के कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा को तत्काल हटा दिया गया है। इधर, सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट के वरिष्ठ वैज्ञानिक पीएस भगत ने भी पुलिस को अपनी रिपोर्ट दे दी है।

रिपोर्ट के अनुसार स्टोर के बाहर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आते-जाते समय बीड़ी अथवा सिगरेट पीकर बचे हुए टुकड़े को बिना बुझाए फेंक दिया गया होगा। जिससे सूखी घास में आग लगी और उसकी चिंगारी स्टोर के भीतर केबल में गिरी। प्लास्टिक एवं ट्रांसफॉर्मर के ऑयल होने की वजह से आग तेजी से फैल गई। वहीं स्टोर से हटाए गए कार्यपालन यंत्री गुंजन शर्मा ने कहा कि आगजनी जहां हुई, वहां रिपेयर के लिए आए ट्रांसफॉर्मर ही रखे हुए थे। नए ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित हैं। स्टोर में फायर सिस्टम लगा था, लेकिन तेज हवा की वजह से आग तेजी से फैल गई।

ODI Match in Raipur : CG के क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी,रायपुर स्टेडियम में होगा भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच,BCCI ने जारी किया शेड्यूल

India-South Africa ODI: छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच रायपुर में आयोजित होगा।

यह मैच 3 दिसंबर 2025 को परसदा स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेला जाएगा। बीसीसीआई (BCCI) ने कोलकाता में बैठक के दौरान इस दौरे को अंतिम रूप दिया।

इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की दौरा एवं कार्यक्रम निर्धारण समिति की बैठक हुई। इसमें दक्षिण अफ्रीका दौरे को अंतिम रूप दिया गया। 30 नवंबर को रांची, 3 दिसंबर को रायपुर और 6 को विजाग में मैच होगा।

इसके पहले 2023-24 में भारत न्यूजीलैंड सीरीज का एक मैच रायपुर में हो चुका है, जिसके ठीक 11 महीने बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई टी20 सीरीज का एक मैच यहां खेला गया था।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका: पूरा शेड्यूल

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ODI सीरीज की शुरुआत, जिसके 3 मैच रांची, रायपुर और विजग में खेले जाएंगे. वहीं पांच टी20 मैचों की सीरीज 9 दिसंबर से शुरू होगी और सीरीज का आखिरी मुकाबला 19 दिसंबर को खेला जाएगा.

पहला वनडे – 30 नवंबर – रांची
दूसरा वनडे – 3 दिसंबर – रायपुर
तीसरा वनडे – 6 दिसंबर – विजग
पहला टी20 – 9 दिसंबर – कटक
दूसरा टी20 – 11 दिसंबर – नागपुर
तीसरा टी20 – 14 दिसंबर – धर्मशाला
चौथा टी20 – 17 दिसंबर – लखनऊ
पांचवां टी20 – 19 दिसंबर – अहमदाबाद

CG – शिक्षिका की मौत : अज्ञात वाहन ने स्कूटी को मारी जोरदार टक्कर, शिक्षिका की मौके पर मौत, महिला प्यून की हालत गंभीर, परीक्षा खत्म होने के बाद घर जाते समय हुई हादसे की शिकार…..

बालोद। जिले से बड़ी खबर सामने आई है। स्कूल में परीक्षा संपन्न कराकर स्कूटी से वापस घर लौट रहीं शिक्षिका की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई, वहीं साथ जा रही महिला प्यून गंभीर रूप से घायल हो गई।

10वीं का एक्जाम खत्म होने के बाद देर शाम मोहला विकासखण्ड के शेरपार हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ लेक्चरर बरखा वासनिक महिला प्यून के साथ स्कूटी से दुर्ग स्थित घर के लिए निकली थी। इस बीच दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र के हितेकसा गांव के मंदिर के पास अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया। शिक्षिका की मौके पर मौत हो गई, वहीं प्यून गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका इलाज किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि शिक्षिका दुर्ग से आना-जाना करती थी, वहीं प्यून देवरी से आना-जाना करती थी। गाड़ी प्यून चला रही थी। पुलिस ने शाम होने के कारण शव को मर्चुरी में रखवा दिया था, आज पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बीजापुर के सुदूर वनांचल में सुशासन का सूर्योदय: मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद तिमेनार में पहली बार पहुंची बिजली…

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है। तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।

विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षा –

भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।

ग्रामीणों की जुबानी – “अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है”-

गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।” ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।

मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – “हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी”-

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।

गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार –

तिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है। तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है।

यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर विक्रमोत्सव के शुभारंभ के लिए किया आमंत्रित…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर विक्रमोत्सव के शुभारंभ के लिए आमंत्रित किया। विक्रमोत्सव आगामी 30 मार्च को गुड़ी पड़वा के दिन से प्रारंभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि गुड़ी पड़वा विक्रम संवत परिवर्तन का दिन है और वर्षों से इसका आयोजन मध्यप्रदेश में किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि उन्होंने आदिकाल में ही गणराज्य की स्थापना की और उनका शासनकाल न्याय, पराक्रम और सुशासन के लिए जाना जाता है। उनके मंत्रिमंडल को सिंहासन बत्तीसी के नाम से जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आगामी 12, 13 और 14 अप्रैल को नई दिल्ली में विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

विक्रमोत्सव के शुभारंभ के लिए राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया आमंत्रित

राज्य शासन का ध्येय है कि युवा पीढ़ी विक्रमादित्य के सिद्धांतों को पढ़े, समझे और अंगीकार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इसी दिन से जल गंगा अभियान पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा जो 3 महीने तक चलाया जाने वाला है। उन्होंने बताया कि इसी समय विक्रम विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का भी आयोजन किया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने निमंत्रण सहर्ष स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि सुविधानुसार कार्यक्रम बनाकर सूचित करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से भी मुलाकात की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एमओयू के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को 9% से बढ़कर 20% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश के छोटे और मझोले किसानों तक भी इस योजना की जानकारी पहुंचे, जिससे वे लाभान्वित हो सकें।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया है। केंद्रीय मंत्री ने अप्रैल के प्रथम सप्ताह में आने का आश्वासन दिया है। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री शाह का ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर में बिहारी दिवस के उपलक्ष्य में वृहद बिहारी समाज स्नेह मिलन कार्यक्रम में हुए शामिल…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर में बिहारी दिवस के उपलक्ष्य में वृहद बिहारी समाज स्नेह मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बिहार और बिहार के निवासियों की योग्यता, बुद्धिमत्ता और श्रमशीलता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बिहार और मध्यप्रदेश का प्राचीन काल से ही गहरा नाता रहा है।

भारत देश के वैभवकाल में पाटलिपुत्र और अवंतिका सत्ता के दो केंद्र हुआ करते थे। सम्राट अशोक की राजधानी पाटलिपुत्र रही, लेकिन उनकी संतति ने मध्य प्रदेश से ही श्रीलंका में बौद्ध धर्म के प्रचार की नींव रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ गंगा के पावन जल में मध्यप्रदेश की नदियों का जल भी समाहित है। मध्यप्रदेश से निकलने वाली अनेक नदियाँ अंततः गंगा में जाकर समाहित होती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में बिहार ने विकास के नए आयाम गढ़े हैं और आने वाले दिनों में विकास का यह पहिया और भी तेज़ी से घूमेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में बिहारी समाज की माँग पर यहाँ छठ पूजन के लिए घाट विकसित करने और छठ मेला आयोजित किए जाने की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में बिहार से आए सांसद श्री रविशंकर प्रसाद, विधायक सुश्री गायत्री देवी, प्रदेश के नगरीय एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, राज्यसभा सदस्य सुश्री कविता पाटीदार सहित विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विकास के कार्य लगातार किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 12, 13 और 14 अप्रैल को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन दिल्ली में होने वाला है। आगामी 30 मार्च को गुढ़ी पड़वा है। ऐसे में गुढ़ी पड़वा के बाद नये वर्ष में विक्रम संवत् का प्रवर्तन करने वाले महानायक के जीवन के विविध गुणों से आज पूरा देश गौरवान्वित है। उन्होंने बताया कि महानायक विक्रमादित्य के विक्रम संवत के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और शासन व्यवस्था से जन-जन को अवगत कराना है विक्रमोत्सव का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भारतीय ज्ञान परम्परा से “विरासत से विकास’’ के ध्येय को देश में साकार कर रहे हैं। भगवान श्रीराम के बाद सम्राट विक्रमादित्य का शासन ही सुशासन की मिसाल स्थापित करता है। प्रदेश सहित देश के विभिन्न भागों में विक्रमोत्सव अंतर्गत हो रहे कार्यक्रम सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विभिन्न पहलुओं और उनकी शासन व्यवस्था से जन-जन को प्रेरित कराने का एक अभूतपूर्व प्रयास है।

आगामी 12-13 और 14 अप्रैल 2025 को नई दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य पर केन्द्रित भव्य आयोजन होने जा रहा है। इसमें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री श्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रमोत्सव के संबंध में नई दिल्ली में मीडिया के लिए जारी संदेश में ये विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि न्यायप्रियता, ज्ञानशीलता, धैर्य, पराक्रम, पुरूषार्थ, वीरता और गंभीरता जैसी विशेषताओं के लिए सम्राट विक्रमादित्य का संपूर्ण भारत के साथ ही विश्व में आदर के साथ स्मरण किया जाता है। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर 2082 वर्ष पहले विक्रम संवत का प्रवर्तन किया गया था। उन्होंने सुशासन के सभी सूत्रों को स्थापित करते हुए अपने सुयोग्य 32 मंत्रियों का चयन किया, इसीलिए उनके सिंहासन को “सिंहासन बत्तीसी’’ कहा जाता है।

सम्राट विक्रमादित्य ने गणराज्य की स्थापना कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का क्रियान्वयन आरंभ किया। साथ ही जनता के लिए जवाबदेह नवरत्नों का मंत्री-मंडल गठित कर ऐसी व्यवस्था की जिसमें राजा नहीं बल्कि नौ मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों का शासन द्वारा क्रियान्वयन किया जाता था। सुशासन के लिए वर्तमान में क्रियान्वित मापदंड सम्राट विक्रमादित्य के काल की याद दिलाते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर राशि देकर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहित किया और हर व्यक्ति के लिए आशियाने की बात कही। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी शहरी हो या गरीब सभी के लिए पक्के मकान की व्यवस्था के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उनके द्वारा बिना ब्याज के धन राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। शिक्षा, न्यायप्रियता प्रत्येक क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए सम्राट विक्रमादित्य का काल और आज के इस काल में अनेकों समानताएं हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव भारतीय ज्ञान परम्परा के विभिन्न पहलुओं के प्रकटीकरण का एक माध्यम है। सम्राट विक्रमादित्य का व्यक्तित्व और शासन पद्धति, विभिन्न पक्ष हैं। उनके शासन काल में प्रत्येक मंत्री अलग विषयों के विशेषज्ञ थे जो देश के अलग-अगल क्षेत्रों से आकर सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था से जुड़कर, व्यवस्था को सुशासन में बदलने का कार्य कर रहे थे।

माना जाता है कि तीन भाईयों की जोड़ी विश्व में प्रसिद्ध है, इनमें प्रथमत: भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की तथा तीसरी जोड़ी सम्राट विक्रमादित्य और भृतहरि की है। यह तीसरी जोड़ी मध्यप्रदेश से है। यह सौभाग्य का विषय है कि सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी उज्जैन रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुड़ी पड़वा पर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन चरित्र पर केन्द्रित आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में होंगे। राज्य के बाहर भी सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित महानाटिका के माध्यम से उनके जन-हितैषी कार्यों की जानकारी जन-जन को देने का प्रयास किया जा रहा है। गत वर्ष हैदराबाद में इसी प्रकार का आयोजन किया गया था, यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

CG – भावना बोहरा को मिला उत्कृष्ट विधायक सम्मान, मीडिया सम्मान परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई…

विधायक भावना बोहरा के प्रयासों को मिला व्यापक समर्थन , भावना बोहरा को मिला उत्कृष्ट विधायक सम्मान

मीडिया सम्मान परिवार की ओर से विधायक भावना बोहरा को हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई..

पंडरिया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के हाल ही में संपन्न सत्र के दौरान पंडरिया विधानसभा की विधायक भावना बोहरा ने वेब न्यूज पोर्टल, यूट्यूब चैनल संचालकों और संपादकों के हितों की प्रभावी ढंग से पैरवी कर एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया। उनके इस साहसिक प्रयास की पूरे मीडिया जगत में सराहना हो रही है।

मीडिया सम्मान परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक धन्यवाद एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गई हैं। भावना बोहरा जी ने विधानसभा में इस विषय को उठाकर उस असमानता की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें कुछ चुनिंदा संस्थानों को ही लाखों-करोड़ों के सरकारी विज्ञापन दिए जाते रहे, जबकि डिजिटल मीडिया से जुड़े छोटे और स्वतंत्र पत्रकारों को उपेक्षित रखा गया।

सूचना के अधिकार के तहत मिले तथ्यों से हुआ खुलासा…

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से यह स्पष्ट हुआ कि पूर्ववर्ती सरकार (कांग्रेस) के दौरान सरकारी विज्ञापन और प्रचार माध्यमों पर बेतहाशा खर्च किया गया, जिसका लाभ केवल कुछ गिने-चुने लोगों को ही मिला। दुर्भाग्य से, यही प्रवृत्ति वर्तमान सरकार में भी देखी गई। मीडिया सम्मान परिवार ने इस गंभीर विषय को सरकार के संज्ञान में लाया, जिसके परिणामस्वरूप 2024-25 के बजट में इस मद में खर्च को नियंत्रित किया गया।

भावना बोहरा जी को उत्कृष्ट विधायक सम्मान…

इस विषय को विधानसभा में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और डिजिटल मीडिया के हक की बुलंद आवाज बनने के लिए भावना बोहरा जी को छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट विधायक के रूप में सम्मानित किया गया है। उनके इस सम्मान से मीडिया जगत में हर्ष का माहौल है।

मीडिया सम्मान परिवार ने उनके इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि वे भविष्य में भी स्वतंत्र और डिजिटल पत्रकारिता के हित में इसी तरह कार्य करती रहेंगी। परिवार की ओर से उन्हें पुनः हार्दिक शुभकामनाएं एवं धन्यवाद प्रेषित किया गया है।

भावना बोहरा की इस प्रतिबद्धता और निष्पक्ष प्रयासों से वेब न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल संचालकों के न्याय की उम्मीद और अधिक प्रबल हुई है। उनके इस ऐतिहासिक प्रयास को मीडिया जगत में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।