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CG News: BSF जवानों की संयुक्त कार्यवाही- कुरूषनार जंगल पहाडी़ क्षेत्र में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 04 वार्दीधारी माओवादी के शव बरामद…

कांकेर: पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, श्री सुंदरराज पी, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ज़िला कांकेर श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला, उप महानिरीक्षक बीएसएफ सेक्टर (भानुप्रतापपुर) श्री विपुल मोहन बाला के द्वारा मुठभेड़ के सबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि कांकेर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नक्सलियों के विरूद्ध लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है।

इसी तारतम्य में नक्सलियों की उपस्थिति की आसूचना पर डीआरजी/बीएसएफ की संयुक्त टीम दिनांक 18.03.2025 को कांकेर-नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल गस्त सर्चिंग पर रवाना हुये थे। नक्सल गस्त सर्चिंग के दौरान दिनांक 20.03.2025 के प्रातः10:00 बजे लगभग थाना छोटेबेठिया के ग्राम कुरूषनार के जंगल पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुआ।मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान के दौरान पुलिस पार्टी द्वारा घटना स्थल से 04 माओवादी (03 पुरूष, 01 महिला) के शव बरामद की गयाl

बरामद नक्सलियों के शवों का विवरण निम्नलिखित है-

लोकेश हेमला कंपनी नंबर-05 सदस्य ईनाम 08 लाख रूपये l
जगत उर्फ गगन प्लाटून नम्बर 17/ किसकोड़ो एलओएस सदस्य ईनाम 02 लाख रूपये l
अन्य 01 अज्ञात पुरूष & 01अज्ञात महिला माओवादी की शिनाख्त कार्यवाही की जा रही है।
लोकेश हेमला के उपर हत्या व अन्य गंभीर 06 अपराध दर्ज है।

बरामद हथियार व अन्य नक्सली समाग्री-

एसएलआर-01 नग,मैग्जीन-01नग
303 रायफल-01नग, राउण्ड-09नग
12 बोर-01 नग
बीजीएल -01 नग,बीजीएल सेल-03नग
देशी कट्टा-01 नग,राउण्ड-07 नग
नक्सली पोच व पिट्ठू
नक्सली साहित्य
भारी मात्रा में अन्य दौनिक उपयोग की नक्सली सामग्री बरामद किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि सरकार के मंशा के अनुसार और जनता की इच्छा के अनुसार पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन में बस्तर रेंज में तैनात DRG/STF/Bastar Fighters/CoBRA/CRPF/BSF/ITBP/CAF & अन्य समस्त सुरक्षा बल सदस्यों द्वारा मजबूत मनोबल एवं स्पष्ट लक्ष्य के साथ बस्तर क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व विकास हेतु समर्पित होकर कार्य किया जा रहा है ।

वर्ष 2025 में बस्तर संभाग अंतर्गत सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी रूप से प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादी संगठन के विरूद्ध माओवादी विरोधी अभियान संचालित किये जाने के परिणाम स्वरूप विगत 80 दिनों में कुल 97 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किये गये l जिसमें जिला- कांकेर में वर्ष 2025 में 05 माओवादियों का शव बरामद हुआ है ।

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का समापन: सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा- सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में होगा काम…

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का समापन हुआ. समापन भाषण में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा, यह इस सदन का अंतिम बजट सत्र हो सकता है, क्योंकि छत्तीसगढ़ विधानसभा शीघ्र ही अपने नए भवन में स्थानांतरित होगी. इस भवन और इस सदन के साथ हमारी अनेक सुखद स्मृतियां जुड़ी हुई हैं, जो जीवन पर्यंत हमें इस भवन का स्मरण दिलाती रहेंगी. वहीं सीएम विष्णुदेव साय ने अपने भाषण में कहा, सत्र में मिले विपक्ष के सकारात्मक सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

समापन भाषण में डॉ. रमन ने कहा, आप सभी ने परिणाममूलक चर्चा की. अजय चंद्राकर हमारे सदन के जसप्रीत बुमराह हैं. उनकी बोलिंग से बहुत लोग आहत होते हैं. उन्होंने कहा, बजट सत्र में कुल 111 घंटे चर्चा हुई. तारांकित और अतारांकित 2504 प्रश्न लगाए गए. 582 याचिकाएं पेश की गई. 562 ध्यानाकर्षण सूचना प्राप्त हुई थी. 98 % प्रश्नों पर चर्चा की गई.

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना का यह रजत जयंती वर्ष है, मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा की वर्तमान षष्ठम विधानसभा अपने अतीत में स्थापित संसदीय मूल्यों को निरंतर मजबूती देने का प्रयास कर रही है और इस कार्य में आप सभी की सहभागिता प्रशंसनीय है. हमारे लिए यह उपलब्धि है कि इस बजट सत्र में राज्य के विकास से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषयों पर सभी ने व्यापक, विस्तृत और परिणाम मूलक चर्चा की है. इसका प्रभाव भविष्य में अवश्य रूप से छत्तीसगढ़ के विकास में परिलक्षित होगा.

’24 को राष्ट्रपति के प्रेरक संबोधन से हम सभी होंगे लाभान्वित’

विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा, 24 मार्च को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का छत्तीसगढ़ विधानसभा आगमन हो रहा है. यहां वे छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन को अपने प्रेरक उद्बोधन से अनुग्रहित करेंगी. राष्ट्रपति का सानिध्य और उनके प्रेरक संबोधन से हम लाभान्वित होंगे. वर्तमान बजट सत्र में सदस्यों की सदन में उपस्थिति और अपने विचारों की अभिव्यक्ति आपने जिस ढंग से प्रदर्शित की है, वह आपके कार्य और विचार में उत्तरोत्तर परिपक्वता को परिभाषित करता है.

‘प्रत्येक सदस्य के काम, व्यवहार से संसदीय संपदा अनवरत हो रही समृद्ध’

उन्होंने कहा, सदन के प्रत्येक सदस्य का आचार, कार्य, विचार और व्यवहार से हमारी संसदीय संपदा अनवरत समृद्ध हो रही है. इस बजट सत्र में लोक कल्याण से संबंधित सभी विषयों पर चर्चा इस सत्र की सफलता का प्रतीक है. नए सदस्यों में भावना बोहरा, हर्षिता स्वामी बघेल, चातुरी नंद, राघवेन्द्र सिंह, सुशांत शुक्ला एवं किरण देव आदि सदस्यों, वहीं वरिष्ठ एवं अनुभवी सदस्य धरमलाल कौशिक, राजेश मूणत, अजय चन्द्राकर, धर्मजीत सिंह, उमेश पटेल, संगीता सिन्हा ने अपने उत्कृष्ट संसदीय ज्ञान एवं कौशल से सदन में विभिन्न विषयों के माध्यम से अपनी प्रभावी भूमिका को स्थापित किया. आप सभी सदस्यों से आग्रह है कि आप अपने क्षेत्र और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए निरंतर इसी तरह प्रतिबद्ध हों.

‘चर्चा का निष्कर्ष विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में होगा सहायक सिद्ध’

स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने कहा, इस सत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वन, महिला सशक्तिकरण, खेल एवं युवा कल्याण सहित विविध विषयों पर चर्चा के विभिन्न माध्यमों के अंतर्गत सार्थक सम्यक चर्चा को आपने अत्यंत उत्कृष्टता के साथ प्रदर्शित किया. मेरा यह विश्वास है कि इस सत्र में सम्पादित हुई चर्चा से प्राप्त निष्कर्ष खुशहाल छत्तीसगढ़, विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के प्राप्ति में हमें सहायक सिद्ध होगा.

सुशासन स्थापना की दिशा में काम कर रही सरकार : सीएम साय

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के समापन भाषण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, बजट सत्र सौहाद्रपूर्ण वातावरण में खत्म हुआ. इसके लिए सदन के सभी सदस्यों को धन्यवाद देता हूं. सुशासन स्थापना की दिशा में सरकार काम कर रही है. सत्र में विपक्ष के सकारात्मक सुझाव मिले हैं. मिले सुझाव से छत्तीसगढ़ के हित में काम होगा.

National Sports Winners Award Ceremony: सीएम साय ने किया राष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं का सम्मान, खिलाड़ियों को दी ओलंपिक विजेता बनने की शुभकामनाएं

रायपुर: आप सभी ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और जुनून से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। ये सिर्फ आपकी नहीं, पूरे प्रदेश की जीत है। आप प्रदेश के खेल जगत के हीरे हैं। सरकार आपको तराशेगी, निखारेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाएगी। आपके लिए हर संभव संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय खेल विजेता सम्मान समारोह में गोवा और उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने समारोह में गोवा में वर्ष 2023 में सम्पन्न 37वें नेशनल गेम में छत्तीसगढ़ के पदक विजेता 72 खिलाड़ियों को और वर्ष 2025 में उतराखंड में सम्पन्न 38 वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ पदक विजेता 58 खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय खेल पदक विजेता खिलाड़ियों को बताया छत्तीसगढ़ का गौरव

मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा कि आप सभी छत्तीसगढ़ के गौरव है। आपने न सिर्फ पदक जीते हैं, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। आप सभी ने छत्तीसगढ़  का सर गर्व से ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अब एशियाड, कॉमनवेल्थ और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि गोवा और उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स विजेता खिलाड़ियों का सम्मान कर हम सब बहुत गौरव का अनुभव कर रहे हैं। आप सभी ने अपने शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया है इसके लिए आप सभी की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम लोगों ने गोवा में पदक जीतने वाले राज्य के 72 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की राशि एवं उत्तराखंड में नेशनल गेम्स जीतने वाले 58 खिलाड़ियों को 87 लाख 60 हजार रुपए की राशि प्रदान कर सम्मानित किया है। इस प्रकार समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 130 राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को कुल 1 करोड़ 95 लाख 20 हजार रुपए की सम्मान राशि हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के खाते में अंतरित की जा रही  है।

ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष पुरस्कारों की हमारी सरकार ने की है घोषणा :-

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जो भी खिलाड़ी ओलंपिक खेलों में पदक लाएंगे, उनके लिए विशेष पुरस्कारों की घोषणा हमारी सरकार ने की है। ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तीन करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को एक करोड़ रुपए देने का निर्णय हमारी सरकार ने किया है।

बस्तर क्षेत्र में खेलों की वापसी, नई आशा और विश्वास का प्रतीक :-

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बरसों तक माओवादी आतंक झेलने के बाद जब बस्तर में अमन लौटा तो खेल भी लौटा, वहां हमने बस्तर ओलंपिक का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि जहां कभी पांव भी रखने से लोग डरते थे, आज वहीं हज़ारों खिलाड़ी खेल रहे हैं। लोगों में जबर्दस्त उत्साह दिखा, पूरे देश में कम ही हुआ होगा कि किसी खेल आयोजन में 1 लाख 65 हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और वह भी ऐसा आयोजन जो बस्तर संभाग में हुआ जहां की आबादी शेष जगहों की तुलना में काफी विरल है। इसमें ऐसे लोगों ने भी हिस्सा लिया, जो नक्सल हिंसा में अपने अंग गंवा चुके थे। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। इस आयोजन से प्रदेश के खेलप्रेमियों की उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।

खिलाड़ियों को बेहतरीन खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने सरकार कर रही प्रयास :-

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों में काफी दमखम है। हम छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए शानदार अधोसंरचना तैयार कर रहे हैं। खेलो इंडिया के 7 नये सेंटर हमने आरंभ किये हैं। छत्तीसगढ़ में हर तरह की खेल प्रतिभाएं हैं। हमने इसे ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के खेलों के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की है। इसी साल हमने तीन नई अकादमी की शुरूआत की है। रायपुर में टेनिस, राजनांदगांव में हाकी और नारायणपुर में मल्लखंभ अकादमी हमने आरंभ की है।

परंपरागत खेलों को मिलेगा नया जीवन: 20 करोड़ रूपए की छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना :-

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने परंपरागत खेलों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन खेलों का समुचित विकास होता रहे, इसके लिए हमने 20 करोड़ रुपए का प्रावधान छत्तीसगढ़ क्रीडा प्रोत्साहन योजना के तहत किया है। हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

खेलों में जीत के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही फिटनेस बहुत जरूरी :-

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ दिनों पहले हमने मल्लखंभ के खिलाड़ियों का ढोलकल की पहाड़ियों पर अद्भुत करतब देखा, यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था।  मल्लखंभ या किसी भी तरह के खेल के लिए लचीलापन बहुत जरूरी होता है और यह सब फिटनेस से आता है। खेलों में जीतने के लिए कुशल रणनीति, तकनीक में महारत के साथ ही एक अच्छे लेवल का फिटनेस भी बहुत जरूरी है। मोदी जी ने फिट इंडिया मूवमेंट चलाया है।

फिटनेस के माध्यम से खेलों में तो सफलता हासिल की ही जा सकती है। फिट रहने से आप एक हेल्दी लाइफ स्टाईल भी जीते हैं जिससे कोई भी कार्य आप करें, उसमें आपको सफलता मिलती है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में अपार खेल प्रतिभा है। जिसे पहचान कर तराशना हमारी प्राथमिकता है। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया उपस्थित थे।

विश्व जल दिवस: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से किया जल संरक्षण का आह्वान…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है — जीवन का आरंभ जल से हुआ है और इसका सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जल की हर बूँद को संजोए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध और सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जगार महोत्सव’ जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल थी, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल चेतना को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही टाला जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूँद को सहेजेंगे, इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँगे और आने वाली पीढ़ियों को जल-समृद्ध भविष्य का उपहार देंगे।

IPL 2025 आज से शुरू होगा क्रिकेट का रोमांच इंडियन प्रीमियर लीग इम्पैक्ट प्लेयर रूल, दूसरी गेंद और DRS… IPL में होंगे 5 बदलाव, जानें दुन‍िया की सबसे बड़ी T20 लीग में क्या होगा खास पढ़े पूरी ख़बर

क्रिकेट का रोमांच यानी IPL 2025 आज से शुरू होनें वाला हैँ पर कुछ दिलचस्प बदलाव के साथ और ये बदलाव दर्शकों कों और आनंदित करने वाला हैँ चलिए जानें क्या क्या होगा इस नए सत्र में खास इंडियन प्रीमियर लीग का आगाज 22 मार्च यानी आज होगा.इस 18वें सीजन का फाइनल मुकाबला 25 मई को खेला जाएगा. ओपनिंग मुकाबला ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच है.

स्लोओवर रेट के ल‍िए नई व्यवस्था…
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में अब स्लोओवर रेट के ल‍िए नई व्यवस्था की गई है. पहले की व्यवस्था में स्लोओवर रेट के ल‍िए टीम के कप्तान को बैन कर दिया जाता था.अब IPL में कप्तानों को स्लो ओवर रेट के लिए बैन नहीं किया जाएगा. अब इसके बजाय उनके डिमेरिट अंक काटे जाएंगे. गुरुवार को मुंबई में कप्तानों की बैठक में यह फैसला लिया गया.यह कदम पिछले चरण में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या और दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत पर तीसरी बार धीमी ओवर गति के उल्लघंन के लिए एक मैच का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद उठाया गया है.

हार्दिक इस प्रतिबंध के कारण चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 2025 चरण का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे.भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा- लेवल एक के उल्लघंन से डिमेरिट अंकों के साथ 25 से 75 प्रतिशत मैच फीस काटी जाएगी. जिसकी गणना अगले तीन वर्षों के लिए की जाएगी. लेवल दो का उल्लघंन गंभीर होने पर चार डिमेरिट अंक मिलेंगे.सलाइवा के इस्तेमाल से बैन हटा भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के ज्यादातर कप्तानों की सहमति के बाद आगामी सेशन में गेंद पर लार (सलाइवा) के इस्तेमाल से प्रतिबंध हटा दिया है. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा था कि गेंद पर लार लगाने की जरूरत है वरना यह पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में हो जाएगा.साउथ अफ्रीका के वेर्नोन फिलैंडर और न्यूजीलैंड के टिम साउदी ने भी इसका समर्थन किया था.मुंबई में कप्तानों की बैठक में यह फैसला लिया गया.अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने कोविड-19 महामारी के दौरान गेंद को चमकाने के लिए लार लगाने की सदियों पुरानी प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया था और बाद में 2022 में विश्व संस्था ने इस प्रतिबंध को स्थायी कर दिया था. बीसीसीआई ने पहले ही इस पर आंतरिक रूप से चर्चा कर ली थी और कप्तानों को ही फैसला लेना था, इसलिए कप्तानों ने आईपीएल के इस सेशन में लार के इस्तेमाल को जारी रखने का फैसला किया.

IPL में होगा सेकंड बॉल का इस्तेमाल
रात के मैचों में ओस के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए आईपीएल 2025 में एक नया महत्वपूर्ण रूल- ‘सेकंड बॉल’ को लेकर आ रहा है.ओस अक्सर गेंदबाजों की गेंद को पकड़ने की क्षमता में बाधा डालती है,जिससे बल्लेबाजों को अनुचित लाभ मिलता है, खासकर रन चेज के दौरान.इसी को देखते हुए अंपायर दूसरी पारी के 11वें ओवर के बाद गेंद की स्थिति का आकलन करेंगे.यदि अत्यधिक ओस का पता चला,तो गेंदबाजी टीम को एक नई गेंद का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी. हालांकि, यह नियम दोपहर के मैचों पर लागू नहीं होगा.

इम्पैक्ट प्लेयर रूल
इम्पैक्ट प्लेयर नियम इस बार भी आईपीएल में बना रहेगा. प‍िछले कुछ सीजन में शुरू हुआ रूल आईपीएल 2025 में भी जारी रहेगा. यह नियम टीमों को एक मैच के दौरान एक खिलाड़ी को सब्स्टीट्यूट करने की अनुमति देता है, जिससे अनकैप्ड खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलते हैं, जिन्हें ज्यादतर खेलने का मौका नहीं मिलता है. इम्पैक्ट प्लेयर नियम की समीक्षा 2027 संस्करण के बाद की जाएगी

5: वाइड और हाइट वाली गेंदों के ल‍िए डीआरएस ऊंचाई और ऑफ साइड वाइड के लिए डीआरएस निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) में अब ऊंचाई के आधार पर नो-बॉल और ऑफ स्टंप के बाहर वाइड के लिए रेफरल शामिल होंगे. हॉक-आई तकनीक और बॉल ट्रैकिंग के उपयोग से अंपायरों को सटीक निर्णय लेने में अतिरिक्त सहायता मिलेगी.

प्लेयर र‍िप्लेसमेंट रूल
जिस खिलाड़ी को बदला (र‍िप्लेस) जा रहा है, वह पूरे सत्र के दौरान अपनी टीम के लिए खेलने के लिए वापस नहीं आ सकता.सब्स्टीट्यूट कॉन्ट्रैक्ट केवल तभी किया जा सकता है जब टीम बीसीसीआई को सभी प्रासंगिक दस्तावेज भेज दे और उनकी अनुमति का इंतजार करे. सब्सटीट्यूट खिलाड़ियों को उस वर्ष की नीलामी पूरी होने के बाद ही कॉन्ट्रैक्ट किया जा सकता है.

टीमों को भेजे गए एक संदेश में बीसीसीआई ने उन परिस्थितियों को स्पष्ट किया है, जब आंशिक र‍िप्लेसमेंट की अनुमति दी जाती है और आरएपीपी नामक एक पूल बनाने की बात भी कही है. फ्रेंचाइजी केवल प्रतिस्थापन के लिए आरएपीपी से खिलाड़ियों को ले सकती है. आरएपीपी की अवधारणा को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है.

आज का राशिफल: शनिवार को इस राशि के लोगों को होगा फायदा ही फायदा…जानें किसकी चमकेगी किस्मत और कैसा रहेगा दिन…

नया भारत डेस्क : आज का राशिफल कैसा होगा। किस राशि को आज के दिन खास सावधानी बरतनी होगी और किस राशि के लिए दिन बेहद खास होगा। हम आपको हर दिन आपके राशिफल (Daily Horoscope) की जानकारी देंगे जिसके जरिए आप अपनी दिनचर्या में खास बातों को ध्यान रख सकते हैं।

मेष राशि (Aries Horoscope)

आज का दिन उत्साह और ऊर्जा से भरा रहेगा। व्यापार में लाभ के संकेत हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। संतान सुख की प्राप्ति के योग हैं। घर के किसी बड़े बुजुर्ग से मार्गदर्शन मिलेगा। हालांकि, अहंकार से बचें और अपने शब्दों में संयम रखें।

क्या करें? – घर के मंदिर में तुलसी का पौधा लगाएं।

क्या न करें? – आज नया व्यवसाय शुरू करने से बचें।

शुभ रंग: हरा

वृष राशि (Taurus Horoscope)

आज आपके कार्यक्षेत्र में व्यस्तता बनी रहेगी। मेहनत का फल जल्द ही मिलेगा। पारिवारिक मामलों में धैर्य रखें। सेहत को लेकर सतर्क रहें और ज्यादा यात्रा करने से बचें। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।

क्या करें? – बुंदी का लड्डू गरीबों में बांटें।

क्या न करें? – समस्याओं को नजरअंदाज न करें।

शुभ रंग: पीला

मिथुन राशि (Gemini Horoscope)

आज आपके व्यक्तित्व का प्रभाव लोगों पर रहेगा। मित्रों के सहयोग से कोई रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। व्यवसाय में जोखिम लेने से बचें। आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

क्या करें? – देवी दुर्गा को लाल फूल अर्पित करें।

क्या न करें? – व्यवसाय में लापरवाही न करें।

शुभ रंग: नीला

कर्क राशि (Cancer Horoscope)

आज आप किसी नई योजना की शुरुआत कर सकते हैं। परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। पैसों के मामले में सतर्क रहें और सोच-समझकर निर्णय लें। कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज साइन करने से पहले अच्छी तरह पढ़ लें।

क्या करें? – घर से निकलते समय इलायची खाएं।

क्या न करें? – तामसिक भोजन से बचें।

शुभ रंग: गुलाबी

सिंह राशि (Leo Horoscope)

आज आपके लिए दिन शुभ रहेगा। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धन संबंधी मामलों में सतर्कता बरतें, क्योंकि अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं।

क्या करें? – सरसों के तेल से हनुमान जी की पूजा करें।

क्या न करें? – परिवार में किसी से झूठ न बोलें।

शुभ रंग: केसरिया

कन्या राशि (Virgo Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मेहनत और धैर्य का है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मन थोड़ा विचलित रह सकता है, लेकिन आत्मविश्वास बनाए रखें।

क्या करें? – सोते समय सिरहाने दूध रखें और सुबह पीपल में अर्पित करें।

क्या न करें? – किसी को चोट पहुंचाने से बचें।

शुभ रंग: नीला

तुला राशि (Libra Horoscope)

आज धन लाभ के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी। परिवार में किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच लें।

क्या करें? – भगवान शिव को धतूरा अर्पित करें।

क्या न करें? – घर में लहसुन और प्याज का सेवन न करें।

शुभ रंग: नारंगी

वृश्चिक राशि (Scorpio Horoscope)

आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और खानपान पर संयम रखें। घरेलू मामलों में धैर्य रखें, किसी विवाद से बचें।

क्या करें? – घर के दक्षिण कोण में 8 बादाम रखें।

क्या न करें? – शेयर मार्केट में निवेश करने से बचें।

शुभ रंग: पीला

धनु राशि (Sagittarius Horoscope)

आज का दिन सफलता लेकर आएगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे, लेकिन वाणी पर संयम रखें।

मक्या करें? – घी और गुड़ गाय को खिलाएं।

क्या न करें? – प्रेम संबंधों में जल्दबाजी न करें।

शुभ रंग: भूरा

मकर राशि (Capricorn Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक रहेगा। कोई नई योजना बना सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। सेहत का ध्यान रखें और मानसिक शांति बनाए रखें।

क्या करें? – बरगद के पत्ते पूजा स्थल पर रखें।

क्या न करें? – गुस्से में कोई फैसला न लें।

शुभ रंग: लाल

कुंभ राशि (Aquarius Horoscope)

आज का दिन आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। कोई बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें।

क्या करें? – गरीबों को भोजन कराएं।

क्या न करें? – कोई भी कानूनी दस्तावेज बिना पढ़े साइन न करें।

शुभ रंग: केसरिया

मीन राशि (Pisces Horoscope)

आज आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी। अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर सतर्क रहें।

क्या करें? – सूर्य मंत्र का जाप करें।

क्या न करें? – मांस और मदिरा के सेवन से बचें।

शुभ रंग: हरा

छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी विधेयक पारित : CM साय बोले – आपातकाल का दंश झेलने वाले सेनानियों का बढ़ेगा सम्मान…

रायपुर: विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी विधेयक पारित हुआ. इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, इस विधेयक के पारित होने से आपातकाल का दंश झेलने वाले सेनानियों का सम्मान बढ़ेगा. इस विधेयक का उद्देश्य यह है कि कानून बनने के बाद सेनानियों के सम्मान में कटौती नहीं होगी. पूर्व की कांग्रेस सरकार में मीसा बंदियों का पेंशन बंद कर दिया गया.

भाजपा की सरकार में इसे पुनः शुरू किया गया. 5 साल का पेंशन भी एकमुश्त दिया गया. वहीं लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक को पूर्व सीएम बघेल ने सरकार का षड्यंत्र बताया. पूर्व सीएम बघेल ने कहा, सरकार ने षड्यंत्र कर विधेयक को पारित किया. सरकार का उद्देश्य अच्छा हो सकता है, बहुत से प्रावधान हैं.

सरकार लोकतंत्र सेनानी सम्मान एक्ट बना रही है. सीएम ने अगर मध्यप्रदेश का उदाहरण दिया तो उसे पटल पर रख दें. सरकार ने कहा सामाजिक उत्थान के लिए यह एक्ट बनाया जाएगा. जब कोई कानून बनाते हैं तब उसमें वर्ग डिफाइन होता है. लोकतंत्र सेनानी किस वर्ग में आते हैं सरकार यह नहीं बता पाई.

आपातकाल देश के इतिहास का काला अध्याय: “जिन्होंने संविधान कुचला था, वो अब उसकी दुहाई देते हैं” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 21 मार्च को भारत के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, और 21 मार्च 1977 वह दिन है जब देश ने तानाशाही के विरुद्ध जीत दर्ज की थी. उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक बदलाव नहीं था, बल्कि भारत के नागरिकों की आस्था, साहस और संघर्ष की विजय थी.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल ने संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों को कुचल दिया था. न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका – जिनके संतुलन पर हमारा लोकतंत्र टिका है – उसे तोड़कर समस्त शक्ति एक परिवार के हाथों में केंद्रित कर दी गई थी. नागरिक अधिकारों का दमन, मीडिया पर सेंसरशिप, विरोध की आवाज़ों का दमन और रातों में की जाने वाली गिरफ्तारियां संविधान के चिथड़े उधेड़ते हुए उस भयावह कालखंड को उजागर करता है.

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेरे बड़े पिताजी नरहरि साय को भी 19 महीने जेल में रखा गया था. वे लाखों लोकतंत्र सेनानियों में से एक थे जिन्होंने तानाशाही के विरुद्ध खड़े होकर भारत की आत्मा की रक्षा की. कई सेनानियों को तो बेड़ियों में जकड़ा गया, और उनके परिवारों को भी अमानवीय यातनाएं झेलनी पड़ीं.

मुख्यमंत्री साय ने उस समय की राजसत्ता की क्रूरता को याद करते हुए कहा कि अखबारों पर ताले लगे थे, कलाकारों की आवाज़ बंद कर दी गई थी. किशोर कुमार जैसे गायक तक को रेडियो पर बैन कर दिया गया क्योंकि उन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया था. यह सब कुछ उस संविधान के नाम पर हो रहा था, जिसे बनाने में बाबा साहेब अंबेडकर का जीवन लगा था.

मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज वही लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर संविधान की दुहाई देते हैं, जिन्होंने कभी उसे रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. जिन्होंने संविधान कुचला था, आजकल वही उसकी दुहाई देते हैं. 1975 में आपातकाल लगाकर पाप किया गया और उसकी पुनरावृत्ति तब हुई जब पिछली कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों की सम्मान राशि रोक दी – यह उन सेनानियों के त्याग और संघर्ष का अपमान है.

मुख्यमंत्री साय ने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत का लोकतंत्र किसी एक पार्टी या सत्ता की बपौती नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के साहस, बलिदान और संकल्प की देन है. हमें हमेशा सतर्क रहना होगा ताकि फिर कभी लोकतंत्र पर अंधकार का साया न पड़े. उन्होंने कहा कि 21 मार्च 1977 को इमरजेंसी का धब्बा हट गया, लेकिन इसे लगाने वाली मानसिकता अब भी जीवित है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य से देश की जनता अब जागरूक है और ऐसे तानाशाही इरादों को पहचानना और हराना जानती है.

मुख्यमंत्री साय विश्व वानिकी दिवस पर विधानसभा में आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल, कहा-ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित विश्व वानिकी दिवस संगोष्ठी में शामिल होकर प्रदेशवासियों को वन संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ‘ऑक्सिजोन’ बनकर पूरे भारत को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जो न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का अभिन्न हिस्सा भी है।

ऑक्सीजोन की तरह पूरे देश को ऑक्सीजन प्रदान कर रहा है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025 का विश्व वानिकी दिवस ‘फारेस्ट एंड फूड’ थीम पर आधारित है, जो इस बात पर बल देता है कि वन केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि पोषण, रोजगार और संस्कृति का भी स्रोत हैं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘वाइल्ड एडिबल प्लांट्स इन छत्तीसगढ़ स्टेट’ पुस्तक का विमोचन किया तथा पुदीना-मिंट फ्लेवर के बस्तर काजू प्रोडक्ट को लॉन्च भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत आबादी जनजातीय भाई बहनों की है जो वनों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार वनों में निवासरत जनजातीय भाई-बहनों को वनाधिकार पट्टे प्रदान कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बताया कि बस्तर की इमली, जशपुर का महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा जैसे सैकड़ों लघु वनोत्पाद छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं, जिनका वैल्यू एडिशन कर आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय विश्व वानिकी दिवस पर विधानसभा में आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, वनवासी संस्कृति और समृद्ध जैव विविधता पूरे देश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। बस्तर का धूड़मारास अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थान बना चुका है। पर्यटन का विस्तार हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लगभग चार करोड़ वृक्ष लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में पीपल फॉर पीपल कार्यक्रम के अंतर्गत हर चौराहे पर पीपल का रोपण किया गया है, जो भविष्य में शुद्ध ऑक्सीजन का सशक्त स्रोत बनेंगे। पीपल का पेड़ वैज्ञानिक रूप से सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाला वृक्ष है, और यह पहल शहरी हरियाली की दिशा में एक प्रभावी कदम है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के वन विश्व के सबसे सुंदर वनों में गिने जाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय विश्व वानिकी दिवस पर विधानसभा में आयोजित संगोष्ठी में हुए शामिल

साल और सागौन के वृक्ष यहां की प्राकृतिक शोभा हैं। साल के वनों में एक अनूठा सम्मोहन है और यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक जंगल हैं, तब तक जीवन है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समुदायों का पूरा जीवन वनों पर आधारित है। उनका जीवनस्तर ऊँचा उठाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, और इसका सबसे कारगर उपाय वन क्षेत्र का विस्तार है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी भाई-बहनों के पास प्रकृति का अनुभवजन्य ज्ञान है – उसका समुचित उपयोग कर हम विकास और संरक्षण दोनों को संतुलित कर सकते हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायकगण श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG Excise Constable Recruitment 2025: युवाओं के लिए सुनहरा अवसर,आबकारी आरक्षक के 200 पदों पर निकली भर्ती,जाने डिटेल

डेस्क : आबकारी आरक्षकों के 200 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार किया जा रहा था, जिसे अब पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

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