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CG – विधानसभा में रजिस्ट्रीकरण संशोधन समेत 6 महत्वपूर्ण विधेयक पारित, 100 साल पुराने प्रावधान को बदलते हुए कई नई चीज रजिस्ट्री प्रक्रिया में की शामिल…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की बजट सत्र के आखिरी दिन छह महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन होगा। इस उद्देश्य के विधायक आज विधानसभा में पारित हो गए। पुलिस बल के 500 जवान प्रतिनियुक्ति पर सीआईएसएफ में जाएंगे। इन जवानों को प्रदेश के औद्योगिक संस्थाओं की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।

रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक भी आज पारित हो गया। 100 साल पुराने प्रावधान को बदलते हुए कई नई चीज अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल कर दी गई है। अब रजिस्ट्री को आधार पैन से लिंक किया जा सकेगा। ऑनलाइन फॉर्म के जरिए रजिस्ट्री संपादित कराई जा सकेगी। रजिस्ट्री में कुछ त्रुटि हुई तो आईजी उसका निराकरण कर सकेंगे। इस तरह के करीब 36 बदलाव पुराने कानून में किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ श्रम कानून संशोधन और विविध प्रावधान विधेयक 2025 भी पारित किया गया। इसके तहत प्रदेश के उद्योगों को कई सहूलियत के प्रदान की गई है। उद्योग का पंजीयन नहीं करने पर अब जेल की सजा नहीं होगी। बस जुर्माना अदा करना होगा। श्रमिकों को हड़ताल करने से 6 सप्ताह पहले सूचना देनी होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि ऐसे प्रावधान से प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा मिल सकेगा।

छत्तीसगढ़ सहकारी समिति संशोधन विधेयक के जरिए अब सचिव स्तर के अधिकारी को भी राज्य सहकारी निर्वाचन आयुक्त बनने की पात्रता दे दी गई है। आपातकाल में आवाज उठाने वाले लोगों को राज्य सरकार की ओर से सम्मान देने के लिए छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधायक भी पारित हो गया। पहले यह सिर्फ नियम था। अब इसे एक्ट का रूप दे दिया गया है।

विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पारित कर दिया गया। इसके जरिए प्रदेश में एक और निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की अनुमति दे दी गई। रुंगटा इंटरनेशनल स्किल विश्वविद्यालय प्रदेश में निजी क्षेत्र का 18 वां विश्वविद्यालय बनेगा। इन विधेयकों की पारित होने के दौरान दो बार विपक्षी सदस्यों ने बहिर्गमन किया।

रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक में वित्तीय ज्ञापन न होने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई और सदन से बहिर्गमन किया। उससे पहले छत्तीसगढ़ लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधायक को लेकर भी आपत्ति जताते हुए विपक्षी सदस्यों ने सदन का वॉकआउट किया।

Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ को मिलने जा रहा है SISF के तौर पर नया फोर्स, इतने जवानों का बनेगा बटालियन, इन क्षेत्रों में की जाएगी तैनाती, देखें डिटेल…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (SISF) विधेयक 2025 को पारित कर दिया गया है। यह बल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तर्ज पर गठित किया जाएगा और राज्य के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेगा।

500 जवानों का बटालियन

इस विशेष सुरक्षा बल की एक 500 जवानों की बटालियन बनाई जाएगी, जिसमें पुलिस विभाग से प्रतिनियुक्ति पर जवानों को SISF में भेजा जाएगा। इस बल की तैनाती एनटीपीसी, एनएमडीसी और सीसीएल जैसे संवेदनशील संस्थानों में की जाएगी, ताकि वहां की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके।

इन राज्यों में हो चुका है गठन

छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला राज्य में औद्योगिक विकास और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पहले महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में इस तरह के बल का गठन हो चुका है। छत्तीसगढ़ में SISF के गठन के बाद यह बल पूरी तरह से राज्य सरकार के अधीन अर्धसैनिक बल के रूप में कार्य करेगा।

62वें अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, छात्र-छात्राओं की सराहना कर कहा- हमारी गौरवशाली परंपरा को बढ़ाएंगे आगे ये विद्वान…

हरिद्वार: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली की ओर से पतंजलि विश्वविद्यालय में 62वें अखिल भारतीय शास्त्रोत्सव का आयोजन किया गया. जिसके समापन समारोह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए.

जिसमें उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं की सराहना की. वहीं उन्होंने संस्कृत में अपने उद्बोधन की शुरुआत की. जिसमें उन्होंने संस्कृत में वहां पर उपस्थित लोगों का अभिवादन किया. मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम सिंह धामी ने कहा कि आज यहां केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और पतंजलि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 1000 से भी ज्यादा देश-विदेश से संस्कृत के विद्वानों का आना हुआ.

यहां बहुत शानदार शास्त्रोत्सव का कार्यक्रम किया गया है. देवभूमि उत्तराखंड में इन्होंने अनेक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. सीएम ने कहा कि ये विद्वान हमारी गौरवशाली परंपरा से पूरे विश्व को परिचित कराने का काम करेंगे. मैं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और पतंजलि विश्वविद्यालय को अपनी ओर से बधाई देता हूं.

ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता: प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवंर्द्धन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए निर्देश…

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वृहद स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जीवन और समृद्धि का आधार जल है, इसलिए जल संचय और जलधाराओं, गाड़-गदेरों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएं.

मुख्यमंत्री ने सिंचाई, लघु सिंचाई विभाग और नगर निगमों को शहरी क्षेत्र में वर्षा जल संचय के लिए मिलकर कार्य करने की बात कही. उन्होंने ग्राउंड वाटर रिचार्ज पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कार्यों के लिए पुरानी पंरपराओं को छोड़कर नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए.

सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ड्रेनेज की समस्याओं के समाधान के लिए तेजी से कार्य किए जाएं और चैक डेम के निर्माण की दिशा में भी कार्य किए जाएं. उन्होंने ये सुनिश्चित करने को कहा कि सिंचाई की नहरों का अधिकतम फायदा लोगों को मिले.

ड्रेनेज प्लान के कार्यों में लाएं तेजी –

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न शहरों के ड्रेनेज प्लान के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग और खनन विभाग को नदियों और जलाशयों में जमा सिल्ट/गाद की निकासी के लिए बैठक आयोजित कर उचित समाधान निकालने के निर्देश दिए.

CG – Bulldozer Action : करोड़ों की अवैध शराब पर चला बुलडोजर, 10 साल पुराने मामले में जब्त इतने हजार लीटर मदिरा को पुलिस ने किया नष्ट…..

राजनांदगांव। जिलेभर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जब्त की गई करीब दो करोड़ की अवैध शराब पर राजनांदगांव पुलिस ने बुलडोजर चलाकर नष्ट किया। जिले के विभिन थानों से 10-12 वर्ष पुराने प्रकरणों में जब्त 40 हजार लीटर शराब को शहर के सीआईटी मैदान के पास नष्ट किया गया। इस दौरान एसपी मोहित गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित सभी थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे।

एसपी मोहित गर्ग ने कहा, अवैध शराब के खिलाफ जिले में कार्रवाई जारी है। 2012 के बाद से जब्त मदिरा का आज नष्टीकरण किया गया। राजनांदगांव में अवैध शराब के मामलों में विभिन्न थाना क्षेत्रों में जब्त शराब का मामला न्यायालय में चला और इसके बाद जब्त शराब को विनष्टिकरण करने के लिए अनुमति मांगी गई। अनुमति मिलने पर पुलिस विभाग ने बुलडोजर की मदद से इस शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की। कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों बोतलों में भरी शराब पर बुलडोजर चलाया गया।

Uttarakhand News: उत्तराखंड सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी: 110 मदरसों पर लगा ताला, बिना अनुमति संचालित किए जा रहे थे मदरसे…

देहरादून। उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ धामी सरकार ताबड़तोड कार्रवाई कर रही है। अब तक 110 मदरसों पर ताला लगाया जा चुका है। प्रशासन द्वारा सील किए गए सारे मदरसे सरकार से अनुमति लिए बगैर ही चलाए जा रहे थे। जिसकी जानकारी लगते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

अवैध मदरसों पर कार्रवाई :-

सीएम धामी का कहना है कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धर्म की आड़ में जो भी अवैध गतिविधियों में संलिप्त होगा। उससे बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धामी ने अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिए अधिकारियों को फ्री हैंड दिया है। जिसका व्यापक असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। राज्यभर में अवैध मदरसों के खिलाफ वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

उधम सिंह नगर जिले में 16 मदरसे सील :-

अधिकारियों ने गुरूवार को उधम सिंह नगर जिले में 16, जसपुर में एक और हरिद्वार में दो मदरसों को सील किया। रुद्रपुर जिले में चार और किच्छा में आठ और बाजपुर में तीन मदरसों पर ताला जड़ा गया है। इससे पहले प्रशासन ने पौड़ी और राजधानी देहरादून में बड़े स्तर पर अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान उन्होंने 92 मदरसों को सील किया था।

CG – लूट का अनोखा मामला : ईद से ठीक पहले इस तरह गायब हो गई 91 बकरे-बकरियां, पूरा मामला जान उड़ जाएंगे आपके भी होश……

बलरामपुर। इन दिनों पूरे देश में रमजान 2025 का पाक महीना चल रहा है। साथ ही ईद का त्योहार भी काफी नजदीक है। मुस्लिम त्योहारों की वजह से बाजारों में मटन की डिमांड रोजाना तेज होती जा रही है। इस सभी चीजों के बीच छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलंगी पुलिस चौकी क्षेत्र में लुटेरों ने दिनदहाड़े एक चरवाहे को बंधक बनाकर 91 बकरों और बकरियों को लूट लिया। इस घटना ने न केवल क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अब लुटेरे गहने, पैसे और गाड़ियों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि जानवरों को भी निशाना बना रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, पटेवा जंगल में रहने वाले रामकैलाश पाल अपने 41 बकरों और गांव के अन्य लोगों के पालतू पशुओं को चराने जंगल गया था। तभी कुछ अज्ञात लुटेरों ने उस पर हमला कर दिया। लुटेरों ने अकेला पाकर पहले रामकैलाश को बेरहमी से पीटा और फिर बंधक बनाया। उसके बाद आरोपी 91 बकरों-बकरियों को लूटकर फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू तो कर दी, लेकिन अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर अब पीड़ित ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।

इस मामले में एडिशनल एसपी ने कहा कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और साइबर टीम की मदद से मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही सफलता पुलिस को मिल जाएगी।

चारधाम यात्रा में खाद्य सुरक्षा को लेकर धामी सरकार सख्त: चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती, मिलावटखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई…

देहरादून: खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा मार्गों में खाद्य पदार्थों में मिलावट पर सख्ती और स्वच्छता अभियान को तेज कर दिया गया है. इससे यात्रियों और आम जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे. इसको लेकर अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है.

डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा और पर्यटन स्थलों पर खाद्य सुरक्षा को बनाए रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की है. हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में स्थायी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है. उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अन्य जिलों से अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी.

उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों और प्रमुख तीर्थस्थलों के होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई विक्रेताओं और खाद्य विक्रेताओं की नियमित जांच होगी. फूड सेफ्टी टीमों को हाईवे और यात्रा मार्गों पर मोबाइल टेस्टिंग लैब के माध्यम से तैनात किया जाएगा. यात्रियों को किसी भी हाल में अस्वच्छ और मिलावटी खाद्य पदार्थ नहीं परोसे जाएंगे. खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल, आटा, मैदा, मिठाई, शीतल पेय और पैक्ड फूड जैसे उत्पादों की प्रयोगशाला में जांच होगी. मिलावट पाए जाने पर FSSAI एक्ट 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी. बिना लाइसेंस और पंजीकरण के खाद्य व्यापार करने वालों पर सीधी कार्रवाई होगी. खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने बताया कि Single-use plastic (एकल उपयोग वाली प्लास्टिक) पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा. यात्रा मार्गों पर गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन अनिवार्य किए जाएंगे. होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कचरा प्रबंधन के कड़े नियम लागू होंगे. RUCO (Re-Purpose of Used Cooking Oil) अभियान के तहत उपयोग किए गए खाद्य तेल को पुनर्चक्रित किया जाएगा.

सरकार ने यात्रियों को FSSAI लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदने की अपील की है. अस्वच्छ या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 18001804246 पर की जा सकती है. खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा. मिलावटी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

CG – जेल गार्ड की निगरानी में था आरोपी, अस्पताल में इलाज के दौरान सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर फरार हुआ कैदी, पुलिस अधीक्षक ने इश्तिहार किया जारी, सूचना देने की अपील…

इलाज के दौरान जेल गार्ड की अभिरक्षा से फरार हुआ बंदी

आरोपी की पतासाजी के लिए पुलिस अधीक्षक ने इश्तिहार जारी कर की सूचना देने की अपील।

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस एक फरार कैदी ललित रात्रे की तलाश में जुटी है, जो 22 दिसंबर 2022 को जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जेल गार्ड की अभिरक्षा से भाग निकला था। वह रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र का निवासी है और उसकी उम्र 33 वर्ष है। उसकी पहचान के लिए बाएँ हाथ की कलाई पर “ललित कुमार” गोदना विशेष निशान है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर इस आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचित करें। जानकारी देने के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष 07752-228504, पुलिस अधीक्षक कार्यालय 07752-223330 और थाना प्रभारी तारबाहर 94791-93020 से संपर्क किया जा सकता है। पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।

सतयुग में उम्र पूरी होते ही लोग अपने देश (प्रभु के पास) पहुँच जाते थे – बाबा उमाकान्त महाराज

सतयुग में उम्र पूरी होते ही लोग अपने देश (प्रभु के पास) पहुँच जाते थे – बाबा उमाकान्त महाराज

कर्मों का विधान क्यों बनाया गया ?

उज्जैन। परम सन्त बाबा उमाकान्त महाराज ने होली के सतसंग में बताया कि शुरू (सतयुग) में कर्मों का कोई नियम ही नहीं बना था। आज जो कर्मों की सजा जीव भोग रहा है, पहले कोई नहीं भोगता था। निरोगी काया थी और दिमाग में कोई टेंशन नहीं थी। प्रकृति लोगों को भरपूर देती थी। जरूरत पड़ने पर बादल खेत में अपने आप पानी बरसा देते थे। लोग एक बार बोते थे और 27 बार उसी फसल को काटते थे। उस समय कोई परेशानी नहीं थी, लोग भजन (साधना) में ज्यादा समय देते थे। सबकी दिव्य दृष्टि खुली हुई थी जिससे ऊपर के लोकों में आते-जाते रहते थे। मृत्यु लोक के ऊपर भी बहुत से लोक हैं – सूर्यलोक, चंद्रलोक, स्वर्गलोक, बैकुंठलोक, फिर उसके बाद में शिवलोक, ब्रह्मालोक, विष्णु लोक, आद्या लोक, काल भगवान का लोक, उसके ऊपर ब्रह्मलोक, पारब्रह्म लोक, महाकाल लोक, सतलोक, अलख लोक, अगम लोक, अनामी लोक, बहुत सारे लोक हैं।

कर्मों के विधान का इतिहास

मनुष्य की उम्र सतयुग में एक लाख वर्ष थी। तो एक लाख वर्ष जब पूरा हो जाता था तब अपने देश (सतलोक), अपने घर, अपने मालिक के पास लोग पहुंच जाते थे। तब काल भगवान ने सोचा कि इस तरह तो सब अपने देश चले जाएंगे लेकिन अगर कर्मों का विधान बन जाए तो यह जीव फंस जाएंगे। अब वे कर्मों का विधान नहीं बना सकते थे क्योंकि इतनी पावर (शक्ति) नहीं थी तो अपने ऊपर के लोक के जो मालिक हैं, जिनको ब्रह्म कहा गया है, उनसे प्रार्थना किया और कहा कि आप हमारी मदद कीजिए कर्मों का विधान बनाने में। तो फिर ब्रह्म ने ही अच्छे और बुरे कर्मों का नियम बनवा दिया। ब्रह्म के मुंह से जो आवाज निकली वह ब्रह्मा जी को सुनाई दी, कहा गया है – “वेद पाय ब्रह्मा हरसाई”। फिर ब्रह्मा जी से ऋषि मुनियों को आदेश मिला कि यह तुम सब को बता दो। तो ऋषि मुनियों ने आम जनता को भी कर्मों का विधान बता दिया।

कर्मों की सजा और सन्तों का धरती पर आगमन

जैसे मोतियाबिंद हो जाता है तो सामने की ही चीज साफ नहीं दिखाई पड़ती है; पर्दा पड़ जाता है। इसी तरह आंखों के ऊपर जब कर्मों का पर्दा लग जाता है तब ऊपर की चीजें (ऊपर के लोक) नहीं दिखाई पड़ती है। तो शुरू में तो कर्म थे ही नहीं तो सब की तीसरी आँख खुली हुई थी और कर्मों का विधान बनने के बाद, धीरे-धीरे समय बीतता गया तो वह आंख बंद होने लग गई। सतयुग के बाद त्रेता, त्रेता के बाद द्वापर आया और फिर बहुत समय निकल जाने के बाद कलयुग आया, तो कलयुग में आते-आते एकदम से मोतियाबिंद पक गया; कर्मों का मोटा जाला लग गया। अब कर्म जब खराब होते हैं तो कर्मों की सजा मिलती है, तो नरकों में जीव जाने लग गए। नरकों में बड़ी मार पड़ती है, बड़ी तकलीफ होती है। तो जब जीव वहाँ पर चिल्लाया, प्रभु से प्रार्थना किया, तब उन्होंने सन्तों को इस धरती पर भेजा और सन्त जब आए तब उन्होंने रास्ता निकाला। जीवों को अपने घर, अपने देश पहुंचाने का, जन्म मरण से छुटकारा दिलाने का।