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CG – शासकीय सेवा में रहकर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन ना कर सके और किसी भी महिला को प्रताड़ित करने का दुस्साहस ना करे…

शासकीय सेवा में रहकर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन ना कर सके और किसी भी महिला को प्रताड़ित करने का दुस्साहस ना करे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण लक्ष्मी वर्मा, श्रीमती सरला कोसरिया, ओजस्वी मण्डावी एवं सुश्री दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 307 वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 149 वी. जनसुनवाई।

आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका अनावेदक की सगी बुआ है। अपनी पैतृक संपत्ति में मकान का हक पाने आयोग के समक्ष आयी है। उसनेे बताया कि पैतृक संपत्ति को लगभग साढे ग्यारह एकड़ को 2 करोड़ 40 लाख रू. में अनावेदकगणों द्वारा बेच दिया गया और पूरी राशि खुद रखा है। जिसमें आवेदिका का हिस्सा 24 लाख रू. है। आयोग द्वारा अनावेदक (भतीजे) से पूछताछ करने पर वह आयोग को गुमराह कर रहा था। उसने कहा कि जमीन की पूरी राशि उसके दादा के पास है और उसके दादा मानसिक रूप से अस्वस्थ्य है और आज वह तिल्दा पेशी में गये है। इस प्रकार से अनावेदक द्वारा आयोग को गुमराह करने की कोशिश किया। अनावेदक की बातों से यह स्पष्ट है कि पैतृक संपत्ति की समस्त राशि अनावेदकगणों के पास है और वह आवेदिका को संपत्ति में हिस्सा देने से बचने के लिए मनगढंत बाते कर रहे है। आयोग ने इस पर सभी अनावेदकगणों को अगली सुनवाई में थाना के माध्यम से उपस्थिति के निर्देश दिए, ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

एक प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ मामला प्रस्तुत किया कि वह दूसरी महिला के साथ भागने व आवेदिका को तलाक के लिए दबाव बना रहा है। अनावेदक ने बताया कि उसका एकतरफा तलाक कुंटुंब न्यायालय से हो चुका है। आवेदिका लगभग 3 वर्षो से अनावेदक से अलग रह रही है और उसे किसी भी प्रकार का कोई भरण- पोषण प्राप्त नही हो रहा है। अनावेदक ने पिछली सुनवाई में यह स्वीकारा था कि वह 3 लाख रू. एकमुश्त भरण-पोषण देगा आवेदिका को देगा, लेकिन 3 माह तक अनावेदक गायब रहा उसने न्यायालय में गलत बयानों के आधार पर एक तरफा तलाक लिया। आयोग की समझाईश पर अनावेदक 3 लाख रू. एकमुश्त भरण-पोषण की राशि आवेदिका को देने के लिए तैयार हुआ। वह कल दिनांक को 1 लाख रू. नगद व 2 लाख रू. का चेक लेकर आयोग के समक्ष उपस्थित होगा। इस आधार पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। अनावेदक को अपने विस्तृत प्रस्ताव के साथ ईमानदारी से उपस्थित होने को कहा गया अन्यथा आयोग के द्वारा अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा की जायेगी।

पिछली सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आयोग के समक्ष अनावेदक ने यह स्वीकार किया था कि उसने तलाक लिए बगैर दूसरी महिला से विवाह कर लिया है। और दोनो शासकीय सेवा में कार्यरत् है। अनावेदकगण जानबूझ कर सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन कर रहे है। अतः दोनो अनावेदकगणों को शासकीय सेवा से बर्खास्त किये जाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है। अनावेदक ने आवेदिका से वैधानिक तलाक लिये बिना दूसरा विवाह किया है आयोग की प्रक्रिया के तहत सुनवाई के बाद पुष्टि हो जाती है। इस स्तर पर आयोग द्वारा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग व मुख्य सचिव छ.ग. शासन को पत्र प्रेषित कर दोनो अनावेदकगणों को शासकीय सेवा से बर्खास्त किये जाने की अनुशंसा की जायेगी।

एक प्रकरण में अनावेदकगणों ने बताया कि आवेदिका का पूर्व में विवाह हो चुका है और वह अपने पूर्व पति से तलाक भी ले चुकी है। आवेदिका ने अपने पूर्व शादी की बात छिपाकर दूसरे जगह विवाह तय कर लिया। इस बात का पता चलने पर अनावेदक ने रिश्ता तोड़ दिया और विवाह नहीं हुआ। आवेदिका द्वारा अनावेदकगणों को प्रायोजित तरीके से षड्यंत्र कर फंसाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद है। साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट है कि आवेदिका शादी करके पुलिस थाना और कोर्ट का मिसयूज कर अनावेदकगणों को परेशान कर रही है। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

CG – आवेदिका का शोषण करने वाले व्यक्ति के द्वारा धमकाने पर आयोग ने लिया सख्त निर्णय, आवेदिका को FIR करने का दिया निर्देश…

“बच्चों ने आयोग के समक्ष अपने पिता से कहा कि ‘‘पापा शराब पीना छोड़ दो”

आपसी राजीनामा से तलाक हेतु पति देगा 3 लाख रू.

सोने-चांदी के गहने व 2 लाख रू. आवेदिका को पति से वापस दिलाया गया

आवेदिका का शोषण करने वाले व्यक्ति के द्वारा धमकाने पर आयोग ने लिया सख्त निर्णय, आवेदिका को एफ.आई.आर. करने का दिया निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण लक्ष्मी वर्मा, सरला कोसरिया, श्रीमती ओजस्वी मण्डावी एवं सुश्री दीपिका शोरी ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 306 वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 148 वी. जनसुनवाई।

आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसका 2021 में विवाह के बाद महज 4 माह अपने ससुराल में रही। मारपीट व दुर्व्यवहार के बाद से आवेदिका अलग रह रही है। दोनो पक्षों ने तलाक नहीं लिया है परंतु दोनो ने दुसरा विवाह कर लिया है। पूर्व में आवेदिका को उसके दहेज का सामान आयोग की काउंसलर की मदद से दिलाया जा चुका है। आज की सुनवाई में आवेदिका के सोने-चांदी के गहने, लगभग दो लाख रू. वापस दिलाये गये व शादी के वक्त दिये गये बर्तन व उपहार के एवज में 10 हजार रू. आयोग के समक्ष अनावेदक द्वारा दिया गया। आयोग के द्वारा दोनो पक्षों को आपसी सहमति से तलाक लिये जाने की समझाईश दी गई। ताकि उनके विवाह में दिक्कत ना हो। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि उसकी पुत्री 19 वर्ष की थी, जिसका विवाह के 2 माह बाद दुर्घटना होने के 18 दिन बाद ही मृत्यु हो गयी। जिसके कुछ समय पश्चात् ही अनावेदक ने दूसरा विवाह कर लिया। लेकिन अब तक मृतिका के विवाह के जेवर और सभी सामान अब तक अनावेदक (पति) के कब्जे में है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक मृतिका के दहेज का सामान उसके माता-पिता को देने के लिए तैयार हुआ। आयोग की ओर से काउंसलर नियुक्त किया गया ताकि वह सामान दिलाने में आवेदिका की मदद कर सके।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि वह पति-पत्नि है और उनका डेढ़ वर्ष का पुत्र है। आवेदिका 8 माह से अपने मायके में रह रही है। आयोग ने समझाईश पर दोनो पति-पत्नि साथ रहने के लिए तैया हुए, साथ ही अनावेदक (पति) प्रति माह आवेदिका को 2000 रू. देगा तथा आज दिनांक को ही काउंसलर की मदद से आवेदिका को अनावेदक(पति) सम्मान पूर्वक अपने घर लेकर जाने को तैयार हुआ। इस स्तर पर प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

एक प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका का 6 वर्षों तक शारीरिक व आर्थिक शोषण किया। पिछली सुनवाई में अनावेदक द्वारा आवेदिका को 5 लाख रू. देने की बात कही थी, लेकिन अब तक नहीं दिया है। अनावेदक ने आयोग की सुनवाई के एक दिन पूर्व आवेदिका के घर जाकर उसके परिवार को आवेदिका के शारीरिक शोषण के बारे में बताते हुए सुसाईड करने की धमकी दिया व धमकी की आड़ में 5 लाख की जगह 1 लाख रू. देने की बात कहकर आवेदिका को परेशान किया। आयोग द्वारा आवेदिका को निर्देशित किया गया कि वह अनावेदक द्वारा किये गये शारीरिक व आर्थिक शोषण के खिलाफ थाने में जाकर लिखित एफ.आई.आर. कर सकती है।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका द्वारा बताया गया कि आवेदिका और अनावेदक का विवाह 15 वर्ष पूर्व हुआ था और उनके दो पुत्र है। अनावेदक (पति) सूरत गुजरात में कार्य करता है और आवेदिका अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। किंतु अनावेदक द्वारा आवेदिका का चरित्र हनन करने का प्रयास किया जाता है, जिसमें अन्य अनावेदकगण में आवेदिका के पति का सहयोग करते है। गांव से आए तीन गवाहों से पूछताछ किये जाने पर उन्होंने इस मामले को पति-पत्नि का सामान्य झगड़ा बताया। ऐसी दशा में यह स्पष्ट है कि अनावेदकगण आवेदिका को बदनाम कर उसे गांव समाज में प्रताड़ित कर रहे है। सुनवाई के दौरान भी सामूहिक रूप से आवेदिका को प्रताड़ित करते रहे है। इस स्तर पर आयोग ने आवेदिका को समझाईश दिया किया कि महिला आयोग क्षेत्राधिकार में सिपाही के साथ अनावेदकगणों को थाना गोलबाजार भेजने की अनुशंसा किया गया।

एक प्रकरण में उभय पक्ष पति-पत्नि है और उनकी दो संताने है। आयोग की समझाईश पर उभय पक्ष प्रेम से साथ रहने के लिए तैयार हुए। आवेदिका के दोनो बच्चों को आयोग की अध्यक्ष व सदस्यगणों द्वारा अपने पास बुलाकर पूछा गया तो बच्चों ने पिता के शराब पीने की बात कही, बच्चों ने आयोग के समक्ष अपने पिता से कहा कि ‘‘पापा शराब पीना छोड़ दो‘‘ अनावेदक (पिता) ने भी आयोग के समक्ष अपने बच्चों से वादा किया कि वह भविष्य में शराब नही पीयेगा। इस समझाईश के बाद प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।

एक अन्य मामले में आवेदिका व अनावेदक का विवाह 2023 में सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के कुछ माह बाद से ही दोनो अलग रहे है। दोनो पक्ष आपसी राजीनामा से तलाक लेना चाहते है और अनावेदक पक्ष आवेदिका को एक मुश्त भरण-पोषण की राशि 3 लाख रू. देने हेतु तैयार हुआ और आवेदिका को उसके दहेज का सामान दिलाये जाने में भी आयोग द्वारा मदद किया जायेगा। तलाक कि प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रकरण नस्तीबध्द कर दिया जायेगा।

एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि अनावेदक (पति) ने आवेदिका से बिना तलाक लिए अन्य महिला से विवाह चुड़ी पध्दति से कर लिया है। आवेदिका व अनावेदक के 15 वर्ष व 10 वर्ष की दो पुत्रिया है जो आवेदिका के साथ ही रहती है। अनावेदक (पति) का आवेदिका से विधिवत् तलाक नहीं हुआ है फिर भी अनावेदक के विवाह को सभी अनावेदकगणों ने जानबूझ कर सहमति दिया है। आयोग के द्वारा आवेदिका को यह निर्देशित किया गया कि वह अनावेदकगणों के खिलाफ अवैध रूप से दूसरा विवाह करने की सूचना देकर न्यायालय में परिवाद पंजीबध्द कराकर अनावेदक के खिलाफ प्रताड़ना का मामला पंजीबध्द करा सकेगी।

CG – आयोग द्वारा आवेदिका की जमीन बंधनमुक्त करने हेतु बैंक को लिखा जायेगा पत्र, बुआ सास की वजह से टूट रहा था दाम्पत्य जीवन आयोग ने सुधरने के हेतु भेजा नारी निकेतन…

आयोग की समझाईश पर अनावेदक 15 लाख रू. आवेदिका को देगा।

अनावेदक पति ने अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए 5 लाख रू. दिया।

आयोग द्वारा आवेदिका की जमीन बंधनमुक्त करने हेतु बैंक को लिखा जायेगा पत्र।

बुआ सास की वजह से टूट रहा था दाम्पत्य जीवन आयोग ने सुधरने के हेतु भेजा नारी निकेतन।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण लक्ष्मी वर्मा एवं श्रीमती सरला कोसरिया ने आज छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 305 वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 147 वी. जनसुनवाई।

आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका का विवाह अनावेदक से 2006 में हुआ था, जिससे 18 वर्ष का पुत्र व 16 वर्ष की बेटी है। अनावेदक (पति) ने आवेदिका व बच्चों को 5 वर्षों से छोड़ रखा है और किसी भी प्रकार का भरण-पोषण नहीं देता ना ही बच्चों के जाति प्रमाण पत्र, टी.सी. अनावेदक के द्वारा दिया जा रहा है। अनावेदक (पति) ने आवेदिका से तलाक लिये बिना दूसरा विवाह कर लिया है जो कानूनी अपराध है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक ने इस स्तर पर प्रस्ताव रखा कि वह दोनों बच्चों की पढ़ाई व भरण-पोषण के लिए प्रति माह 6 हजार रू. भरण-पोषण देगा। भरण-पोषण की पहली किश्त दिनांक 19.03.2025 को आयोग के समक्ष अनावेदक (पति) आवेदिका को देगा।

एक प्रकरण में दोनो पक्षों ने आपसी रजामंदी से तलाक के लिए समझाईश दिया गया। इस स्तर पर एक मुश्त भरण-पोषण देने के लिए अनावेदक (पति) तैयार व आपसी रजामंदी से तलाक की प्रक्रिया न्यायालय में शुरू करने के पूर्व आवेदिका को दहेज का सामान वापस करेगा और 2 किश्तों में 50 हजार रू. आवेदिका को देगा। इसके पश्चात् प्रकरण नस्तीबध्द किया जायेगा।

एक अन्य प्रकरण में उभय पक्ष को सुना गया, आवेदिका ने बताया कि उसे रजिस्ट्री करने के समय जमीन का मूल्यांकन राशि नहीं दिया गया और अनावेदक से 38 लाख लेना है। जबकि वह रजिस्ट्री कर चुकी है। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक ने 2010 में 7 लाख 25 हजार रू. दिया था। केवल उसी राशि के आधार पर अनावेदक ने आवेदिका को कोई राशि नहीं दिया था, अनावेदक ने रजिस्ट्री दस्तावेज दिखाया जिसमें जमीन का मूल्य देने के लिए 5 लाख का रू. देने का उल्लेख है लेकिन उक्त राशि आवेदिका को नहीं मिली है इसे अनावेदक ने स्वीकारा है। आयोग की समझाईश पर अनावेदक 1 माह के अंदर 15 लाख रू. आवेदिका को देने के लिए सहमत हुआ। उभय पक्षों के मध्य सुलहनामा तैयार कर 15 लाख रू. के आदान-प्रदान के दिन पर उस सुलहनामे में हस्ताक्षर और नोटराईजेशन करवाया जायेग। यदि अनावेदक के द्वारा राशि देने में आनाकानी की जाती है तो आवेदिका अपराधिक मामला दायर कर सकती है।

एक प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि अनावेदक कार्यस्थल पर आवेदिका पर जातिगत टिप्पणी, अभद्रता व नीचा दिखाने का प्रयास सार्वजनिक रूप से कर अपमानित करता है। आयोग के समक्ष अनावेदक द्वारा विधिवत् जवाब देने के लिए समय की मांग किया गया।

आयोग में एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अपने भतीजे और बैंक मैनेजर द्वारा झूठे दस्तावेज प्रस्तुत कर उसके नाम के जमीन को बैंक में गिरवी रखकर 10 लाख रू. का लोन निकालने का था। आवेदिका ने बताया कि अनावेदक द्वारा फर्जी तरीके से उसके जगह पर दूसरी महिला का फोटो लगाकर तत्कालीन बैंक मैनेजर के साथ साठ-गाठ कर बिना किसी वेरीफिकेशन के 10 लाख रू. लोन निकाला था, जिसमें आयोग द्वारा महज दो सुनवाई में मामले की लगभग पूरा निराकरण किया है। आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक द्वारा वर्तमान बैंक मैनेजर को बैंक के मुख्य अधिकारी से इस मामले में जांच-पड़ताल कर कार्यवाही करते हुए बैंक द्वारा तत्कालीन बैंक मैनेजर के खिलाफ एफ. आई. आर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था जिसमें तत्कालीन बैंक मैनेजर तथा आवेदिका के भतीजे (अनावेदक) और इस गिरोह का एक अन्य व्यक्ति जो लोन लेने के समय में गारंटर बना था, इन तीनों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। वर्तमान में बैंक मैनेजर जमानत पर है। बैंक मैनेजर ने बताया की कार्यवाही के पश्चात् मुख्य आरोपी उग्रसेन के खाते में 11 लाख रू. है। लेकिन लोन खाते में उसे ट्रांसफर नहीं किया गया है यदि यह लोन खाते में ट्रांसफर हो जाता तो बुर्जुग आवेदिका की जमीन बंधनमुक्त हो जाती। आयोग के द्वारा आवेदिका को यह अधिकार दिया गया कि वह ब्रांच मैनेजर यूनियन बैंक में जाकर लिखित आवेदन प्रस्तुत करे कि आरोपी के सेविंग खाते से लोन खाते में आवश्यकतानुसार राशि हस्तांतरण किया जाये। आयोग के द्वारा रीजनल आफिसर को पत्र भी लिखा जायेगा ताकि बुर्जुग महिला की जमीन बंधनमुक्त कराये व आवेदिका की मदद करें।

एक प्रकरण में पहली सुनवाई में आयोग के समक्ष अनावेदक द्वारा आवेदिका को 5 लाख रू. एक मुश्त भरण-पोषण की राशि देना स्वीकार किया था। आज दिनांक की सुनवाई के दौरान अनावेदक ने अपनी पत्नि को आयोग के समक्ष 5 लाख रू. भरण-पोषण की राशिदिया साथ ही दोनो पक्षों को आयोग ने आपसी रजामंदी से तलाक लिये जाने की समझाईश दी।

एक अन्य प्रकरण के दौरान आवेदिका ने बताया कि उसका पति अपनी बुआ के भड़काने की वजह से उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडित करता है और आवेदिका की तीनों बच्चों को भी उससे छीन लिया गया है। अनावेदिका (बुआ सास) के बर्ताव से यह प्रतीत होता है कि वह अपने भतीजे और बहू का घर बिगाड़ना चाहती है। आवेदिका ने बताया कि उसके बुआ सास के द्वारा लगातार गाव में विवाद किया जाता है जिसके चलते आवेदिका का पति जेल भी जा चुका है जो तीन दिन पहले ही रिहा हुआ है। आयोग के द्वारा पूछने पर अनावेदक (पति) ने इस बात को स्वीकारा। सभी पक्षों को सुनने के पश्चात् यह साबित होता है कि आवेदिका का दाम्पत्य जीवन उसकी बुआ सास की वजह से टूटने के कगार पर आ चुकी है। आयोग द्वारा अनावेदिका (बुआ सास) को सुधरने का मौका देकर माह के लिए नारी निकेतन भेजा गया।

CG – 3 की मौत : दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार राइडर्स की दो बाइक से टक्कर, डेढ़ साल के मासूम समेत तीन की मौत, 5 घायल…..

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक ददर्नाक हादसा हो गया। यहां एक साथ तीन बाइक की टक्कर हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर ही 1 मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 4 बाइक पर सवार 8 लोग तेज रफ्तार में स्टंट करते हुए बालोद से धमतरी की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे 2 बाइकों के साथ उनकी भिड़ंत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक, सभी बाइकर्स बालोद से धमतरी की ओर तेज रफ्तार में जा रहे थे, इसी दौरान एक दंपत्ति अपने डेढ़ साल के बच्चे के साथ सामने की तरफ से बाइक पर आ रहे थे, जिनसे तेज रफ्तार में जा रहे बाइकर्स जा टकराए। इसके बाद एक और बाइक से टकराए जिसमें 2 ग्रामीण सवार थे। इस हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई और दंपत्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलवा दूसरी बाइक पर सवार दोनों ग्रामीणों की भी मौत हो गई। वहीं स्टंट कर रहे 3 बाइकर्स को भी गंभीर चोट आई है। यानी कुल 3 लोगों की मौत और 5 लोग घायल हो गए।

यह पूरा हादसा केवल तेज रफ्तार और स्टंट करने के चलते हुआ, जिसकी कीमत बेगुनाह अलग-अलग परिवारों को अपनों को खो कर चुकाना पड़ा। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

CG – न्यायधानी में यहां धर्मांतरण चल रहा था काला खेल : प्रार्थना सभा की आड़ में ऐसे किया जा रहा ब्रेनवाश, तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज…..

बिलासपुर। जिले से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। जहां प्रार्थना सभा की आड़ में हिंदुओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। हिंदू संगठनों के विरोध और शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

दरअसल, मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर का है, जहां एक भवन में मसीही समाज ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। बताया जा रहा है, इसमें हिंदुओं को भी आमंत्रित किया गया था। यहां ईसाई धर्म के प्रचार के साथ निजी कारणों से परेशान लोगों का प्रार्थना के नाम पर ब्रेनवाश कर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था।

इधर, हिन्दू संगठनों को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद हिन्दू संगठनों ने मौके पर दबिश दी। बाद में पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। टिकरापारा निवासी महिला के शिकायत पर पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। धार्मिक स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत FIR की कार्रवाई की गई है।

CG – संयोजक नवनीत ने मोर्चा की संभागीय पदाधिकारी विभिन्न जिला अध्यक्षों प्रकोष्ठ अध्यक्षों एवं प्रकोष्ठ कार्यकारिणी की प्रथम सूची जारी की…

मुक्ति मोर्चा संयोजक नवनीत ने भरी हुंकार बस्तर के जन,जंगल, जमीन के लिए मिलकर लड़ेंगे

श्रेष्ठ बस्तर निर्माण को लेकर संकल्पित मुक्तिमोर्चा का हुआ विस्तार

संयोजक नवनीत ने मोर्चा की संभागीय पदाधिकारी विभिन्न जिला अध्यक्षों प्रकोष्ठ अध्यक्षों एवं प्रकोष्ठ कार्यकारिणी की प्रथम सूची जारी की

जगदलपुर। बस्तर मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चाँद द्वारा, बस्तर के संपूर्ण विकास एवं अधिकारों की प्राप्ति हेतु राजनीतिक संघर्ष प्रारंभ करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में बस्तर मुक्ति मोर्चा की संभागीय पदाधिकारी विभिन्न जिला अध्यक्षों प्रकोष्ठ अध्यक्षों एवं प्रकोष्ठ कार्यकारिणी की प्रथम सूची जारी कर दी गई है।इस अवसर पर उन्होंने संगठन सभी नव मनोनीत पदाधिकारी को अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा है – बस्तर के जन,जंगल,जमीन के लिए मिलकर लड़ेंगें।

बस्तर मुक्ति मोर्चा का प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बस्तर हित जनहित- बस्तर विकास और अधिकार के लिए हमेशा तत्पर रहते हुए निडर होकर संघर्ष करेगा यह हमारा पक्का विश्वास है। मुक्ति मोर्चा संयोजक के द्वारा जारी सूची का विस्तार निम्नलिखित रूप से किया गया है, जिनमें मोर्चा के संभागीय पदाधिकारी/ जिला अध्यक्ष / प्रकोष्ठ अध्यक्ष की कार्यकारिणी व अन्य है :-

बस्तर मुक्ति मोर्चा संभागीय कार्यकारिणी / जिला अध्यक्ष / नगर मंडल अध्यक्ष/ प्रकोष्ठ अध्यक्ष की सूची:-

1-भरत कौशिक (संभागीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कोंडागांव )
2-अशोकगडामी सुकमा जिला (संभागीय महामंत्री ) सुकमा )
3-बलिराम कच्लाम -(संभागीय महामंत्री) नारायणपुर जिला –
4- बेला तेलाम -(संभागीय महामंत्री) दंतेवाड़ा जिला ।
5-दीपक मरकाम -(संभागीय महामंत्री) बीजापुर जिला –
6-अमित पटेल -(महासचिव चित्रकूट विधानसभा ) बस्तर जिला ।
7-विनोद शोरी -( संभागीय सचिव) कोंडागांव जिला –
8-मेहताब सिंग -(जगदलपुर नगर मंडल) अध्यक्ष )-
9-रामु नाग -(ग्रामीण जगदलपुर अध्यक्ष )
10-हिमांशु आनंद -(जगदलपुर युवा संगठन अध्यक्ष )
11- संगीता सरकार-( जगदलपुर महिला मोर्चा अध्यक्ष )
12-निलांबर भद्रे -(अध्यक्ष बस्तर विधानसभा ) बस्तर जिला
13-कमल बघेल -(चित्रकूट विधानसभा अध्यक्ष ) बस्तर जिला
14- शंकर नेताम -(अध्यक्ष कोंडागांव जिला)
15- उदय भंडारी -(जिला महामंत्री कोंडागांव जिला)
16- पी. एल. विश्वकर्मा -( जिला सचिव कोंडागांव जिला)
17- नरेंद्र देवांगन -( जिलाध्यक्ष नारायणपुर जिला )
18- रयमन मरकाम -( जिलाध्यक्ष दंतेवाड़ा जिला)
19- गुड्डू कोरसा -( जिलाध्यक्ष बीजापुर जिला)-
20-ओम मरकाम -( युवा विंग अध्यक्ष जिला बीजापुर )-
21-पी. प्रसाद राजू -( जिलाध्यक्ष सुकमा जिला )
जिला महामंत्री सुकमा – श्री देवेंद्र तेलाम-
राम नाथ नेगी -( संभागीय महामंत्री दंतेवाड़ा जिला )
23-रोडरिक सोमा -(संभागीय महामंत्री /प्रवक्ता ) बस्तर जिला
24- जगदीश नेताम -( अध्यक्ष केशकाल विधानसभा )-
25- निशांत वारिस -( नगर मंडल अध्यक्ष कांकेर )

26 – विकास मांझी -( जगदलपुर ग्रामीण युवा विंग अध्यक्ष
27 बस्तर मुक्ति मोर्चा संभागीय कार्यालय (जनता दरबार )प्रबंधक / कोषाध्यक्ष – के. जॉन आकाश!
28- बस्तर मुक्ति मोर्चा श्रमिक यूनियन अध्यक्ष- लखमा कोराम ( बचेली- किरंदुल,दंतेवाड़ा जिला
29- बस्तर मुक्ति मोर्चा श्रमिक यूनियन सचिव – खुरसो मौर्य ( बचेली- किरंदुल दंतेवाडा जिला )
30- संभागीय महामंत्री – चाम सिंह नेताम ( कोंडागांव जिला )
31- संभागीय सचिव- धर्मेंद्र सिंह-( सुकमा जिला )
32- संभागीय सचिव- जेवियर जॉन –( बस्तर जिला जगदलपुर)

इसी तरह बस्तर मुक्ति मोर्चा जगदलपुर नगर मंडल कार्यकारिणी निम्न है :-

(1) वरिष्ठ उपाध्यक्ष- प्रदीप सूर्या
(2) वरिष्ठ महामंत्री – कृष्ण कुमार
(3) वरिष्ठ महामंत्री – संतोष सिंह
(4) महामंत्री – नरसिंग नाग
(5) महामंत्री- विवेक पांडे
(6) महामंत्री- शैलेंद्र भारती
(7) महामंत्री – शैलेश पांडे
(8) सचिव- नीलकंठ दास
(9)सचिव- धन सिंह बघेल
(10)सचिव- सुरेश नाग
(11) कोषाध्यक्ष- एकांश आनंद
(12)सचिव-मनोज बघेल (मोनू)
(13)सचिव-रोहित बाघ
(14)सचिव-अमरजीत कौर
(15)सचिव-मुचाकी हिड़मा
(16) सचिव- रजनीश दास
(17) सचिव- सुनील बेहहरा

कार्यकारिणी सदस्य – अमन शाह, सौरभ मंडल, के जॉन प्रतीक, विजेंद्र तिलक, अविनाश पाठक, सरोन मसीह, रिंकू बघेल, हिमांशु पांडे, दुर्गेश प्रताप सिंह, प्रहलाद कुमार, मनोज सतमन, मोजेश मरती गुलाब, दीपक कुमार!

बस्तर मुक्ति मोर्चा जगदलपुर युवा विंग कार्यकारिणी :-

(1)वरिष्ठ उपाध्यक्ष- रितेश नाथ
(2) वरिष्ठ महामंत्री – आर्यन सूर्या

(3) महामंत्री- डेनिस दास

(4) महामंत्री- आयुष सिंह

(5)सचिव- फाउल नाग

(6) कोषाध्यक्ष – आर्यन पीटर

(7) सचिव – राजा नाग

(8) सचिव- संतोष बघेल

(9) महामंत्री – आर्यन विवेक पॉल

कार्यकारिणी सदस्य- विवेक नाग, एबडीएल सोमा, प्रतीक दान, आदित्य जॉनसन, पुरुषोत्तम बघेल, एनोज सिंह, सूरज सिंह, दीपक कुमार, पतरस बघेल हैं।

बस्तर मुक्ति मोर्चा -जगदलपुर महिला मोर्चा विंग :-

(1) वरिष्ठ उपाध्यक्ष- प्रिया यादव
(2) वरिष्ठ महामंत्री – श्रद्धा कुमरे
(3) वरिष्ठ महामंत्री – जोत्स्ना कुमार
(4) महामंत्री – किरण नाग
(5) महामंत्री – मोहनी सिंह
(6)महामंत्री- निहारिका सिंग
(7) सचिव – भुवनेश्वरी साहू
(8)सचिव – पूजा बेसरा
(9)सचिव – प्रिया दास
(10)सचिव – मधु नाग
(11)सचिव – सुष्मिता बघेल
(12)सचिव- गायत्री ठाकुर

कार्यकारिणी सदस्य- रिगोमो बघेल, राधिका बघेल, निकिता बघेल, राधा बघेल, कांति नाग, सुनीता बघेल, मिना आदि होंगे।

CG – 3 प्रहरी सस्पेंड : जेल में बंद कैदियों के पास मिला गांजा और मोबाइल, सेंट्रल जेल के 3 प्रहरी सस्पेंड, जाने पूरा मामला….

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक बड़ी खबर है। यहां सेंट्रल जेल के तीन जेल प्रहरियों को निलंबित किया गया। दरअसल अंबिकापुर सेंट्रल जेल में कुख्यात अपराधियों के बैरक से मोबाइल और गांजा बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि जेल के इस हाई प्रोफाइल बैरक में हुए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दोहरे हत्याकांड के आरोपी के पास से गांजा बरामद किया गया। इस खुलासे के बाद जेल अधीक्षक ने तत्काल ड्यूटी पर तैनात 3 प्रहरियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ शातिर और कुख्यात अपराधियों के पास से मिले इन आपत्तिजन सामानों के खुलासे के बाद जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खुल गयी है।

जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच कैदियों के पास नशीले सामान के साथ ही अन्य आपत्तिजनक चीजे पहुंच रही थी। जेल में बंद कुख्यात अपराधियों को बड़ी ही आसानी से मोबाइल फोन के साथ ही गांजा और अन्य नशीले सामन उपलब्द्ध कराये जा रहे थे। बताया जा रहा है कि इन सारी शिकायतों के बाद 17 मार्च को जेल के उच्च सुरक्षा वाले बैरक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां बंद कुख्यात अपराधियों के पास से नशीले सामान के साथ ही जांच के दौरान टीम ने एक मोबाइल जब्त किया गया।

बैरक के अंदर मोबाइल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। वहीं बुधवार को जेल के बैरक की दोबारा जांच की गई, तो शातिर बदमाश कुलदीप साहू के पास से गांजा जब्त किया गया।जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने बताया कि जेल के उच्च सुरक्षा वार्ड में कुछ संदिग्ध गतिविधियों के की शिकायत मिली थी। जिसके बाद बैरक की जांच की गई, तो बैरक में एक मोबाइल बरामद किया गया, वहीं बैरक की जांच में कुलदीप साहू के पास से गांजा जब्त किया गया।

उस बैरक में दुर्ग से शिफ्ट किए गए कुख्यात बदमाश दीपक नेपाली और सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या का कुख्यात अपराधी कुलदीप साहू को रखा गया है। इस खुलासे के बाद जेल अधीक्षक योगेश सिंह ने ड्यूटी पर तैनात तीन प्रहरियों को सस्पेंड कर दिया है। जिन प्रहरियों को सस्पेंड किया गया है उनमें भूपेंद्र सिंह अयाम, नरेंद्र वर्मा और अरूण कश्यप शामिल हैं। जेल अधीक्षक ने बैरक में गांजा और मोबाइल मिलने की जांच किये जाने की बात कही है। जांच के बाद और भी लोगों पर कार्रवाई होने की उम्मींद है।

मुख्यमंत्री के विभागों की अनुदान मांगों के चर्चा में विधायक लहरिया ने लिया हिस्सा इन धार्मिक स्थलों की उत्थान के लिए की चर्चा पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने मुख्यमंत्री के विभागों के अनुदान मांगो की चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान विधायक लहरिया ने मुख्यमंत्री जी से ग्राम गतौरा के जनकपहरी पारा में नवीन प्राथमिक शाला खोलने, ग्राम ईटवा, ग्राम भरारी, ग्राम रांक, ग्राम कुकुरर्दीकेरा, ग्राम धनगवां में स्थित शासकीय हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी में उन्नयन करने, प्रदेश में शिक्षकों के 56000 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने, स्कूल सफाई कर्मचारियों को पूर्णकालिन करते हुए वेतन में वृद्धि करने, b.ed योग्यता धारी सेवा समाप्त शिक्षकों को अन्य पदों पर समायोजन करने, छत्तीसगढ़ी भाषा में MA योग्यता धारी बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध मस्तूरी क्षेत्र में दो नवीन महाविद्यालय ग्राम सोन सोनसरी व ग्राम जेवरा में खोले जाने हेतु मांग रखा। एनटीपीसी सीपत से ओवरलोड रखड़ परिवहन को रोकने उचित व्यवस्था बनाने, मल्हार महोत्सव हेतु स्वीकृत राशि को जल्द वर्तमान वित्तीय वर्ष में भुगतान कर महोत्सव का आयोजन कराने, प्रदेश के कलाकारों का उत्थान करने एवं कार्यक्रमों में स्वीकृत राशि का जल्द भुगतान कराने, मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के पर्यटक स्थल मल्हार, लूथरा, शरीफ, खोंधरा, कुटेला धाम, भंवर गणेश मंदिर इटवा पाली का सर्वांगीण विकास कराने, मांग किया।

CG -आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत : घर के आंगन में काम कर थी महिला, तभी आसमान से आई आफत, फिर ऐसे हो गई मौत..…

मनेन्द्रगढ़। सिटी कोतवाली क्षेत्र के चैनपुर इलाके से बड़ी खखबर सामने आई है। घर के आंगन में काम कर रही मानमती यादव नामक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना उस वक्त हुई जब महिला अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थी। अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी और महिला को अपनी चपेट में ले लिया।

परिजनों और आसपास के लोगों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इस घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

CG – पुलिस ने खोज निकाला नक्सलियों का गड़ा धन : छिपाकर रखे थे लाखों रुपए और विस्फोटक, इतने लाख नगद और हथियारों का जखीरा जब्त…..

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलियों की काली कमाई का बड़ा खुलासा हुआ है। गरियाबंद पुलिस ने नक्सलियों का छुपाया हुआ धन और हथियारों का जखीरा खोज निकाला है। एसपी निखिल रखचे के नेतृत्व में अब जंगलों में छुपे माओवादी और उनके धन, हथियार समेत सभी सोर्स का एक के बाद एक खात्मा हो रहा है। पुलिस ने आज मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी से नक्सलियों का जमीन में छुपाया गया 8 लाख कैश और हथियारों समेत नक्सल साहित्य बरामद किया है। अब पुलिस नक्सलियों को कैश देने वाले सोर्स का भी पता लगाने में जुट गई है।

गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी के पहाड़ी इलाके में धमतरी गरियाबंद नुआपड़ा डिविजन कमेटी के द्वारा उगाही का रकम छिपा कर रखा गया था। इसकी जानकारी मिलने पर SP के निर्देश पर जिला पुलिस, कोबरा बटालिया ,सीआरपीएफ की संयुक्त टीम बीडीएस की टीम के साथ सर्चिंग ऑपरेशन पर निकली। 20 मार्च की सुबह वे बताए गए जगह पर पहुंची और पेड़ के नीचे खुदाई कराई गई, जिसमें एक सफेद बोरी मिली। टीम ने सावधानी के साथ जांच किया, तो उसके अंदर से टिफिन डिब्बे में 8 लाख रुपए नगद और 13 नग जिलेटिन और नक्सली साहित्य समेत अन्य समाग्री बरामद हुआ।

बता दें, जनवरी 2025 के शुरुआत से ही गरियाबंद पुलिस को नक्सली मोर्चे में सफलता मिल रही है। जनवरी माह में 2 अलग अलग मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने सेंटर कमेटी सदस्य चलपती समेत 17 नक्सली मार गिराए। फरवरी में हथियारों को नष्ट किया गया। मार्च माह में तीन नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया। अब पुलिस गाड़े हुए धन तक पहुंच गई है। गरियाबंद जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली गतिविधियों पर नकेल कसने में सफल हुई है।