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CG News: नक्सलवाद के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- 2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण खात्मा सुनिश्चित….

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आज सुरक्षाबलों ने बीजापुर-गंगालूर और कांकेर-नारायणपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें 26 नक्सली बीजापुर-गंगालूर में और 4 नक्सली कांकेर-नारायणपुर में ढेर हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है। यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा, जब तक प्रदेश पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान की शहादत को नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका यह त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा।

2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन – संकल्प की ओर तेज़ी से अग्रसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की यह सफलता इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा। प्रदेश का हर नागरिक भयमुक्त जीवन जिएगा। नक्सलवाद की अंतिम घड़ी आ चुकी है।

छत्तीसगढ़ में निर्णायक कार्रवाई का दौर जारी

प्रदेश में सुरक्षाबलों की लगातार सफल कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो चुका है कि नक्सलवाद का अंत अब निकट है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम केवल नक्सली गतिविधियों को रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थायी शांति और विकास को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को सुरक्षित, भयमुक्त और समृद्ध जीवन देना हमारा लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार और सुरक्षाबल मिलकर निर्णायक युद्ध लड़ रहे हैं। यह केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि एक नई, शांतिपूर्ण और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखने की मुहिम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह निर्णायक युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता। सुरक्षाबलों की यह वीरता प्रदेश को नक्सलवाद के अंधकार से निकालकर स्थायी शांति और विकास के पथ पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

CG- 3 सचिव सस्पेंड BREAKING : इस मामले में लापरवाही बरतने पर गिरी गाज, 3 पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, जाने पूरा मामला…..

सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू के निर्देशन में जिला पंचायत सारंगढ़ बिलाईगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत बर्मन ने निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर ग्राम देवसागर के सचिव सुबेन नवनीत को, ग्राम सिंघीचुवा के सचिव सोनाऊ राम साहू को और ग्राम मुड़पार स के सचिव संतोष कुमार साहू को निलंबित किया है। साथ ही साथ विभागीय जांच गठित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि में इन सचिवों को जीवन निर्वाह भत्ता नियम अनुसार दिया जाएगा।

बैंकिंग कार्य में सभी दस्तावेज की कमी को एकसाथ बताएं सभी बैंक

कलेक्टर एवं अध्यक्ष धर्मेश कुमार साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अग्रणी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के तत्वाधान में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) का बैठक लिया। कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने सभी बैंक अधिकारियों को कहा कि बिहान समूह के सखी, स्व सहायता समूह और पीएम स्वरोजगार सृजन तथा एसटी एसी वर्ग के लिए अंत्यावसायी की योजना के हितग्राहियों को उनके आवेदन में जितने दस्तावेज, हस्ताक्षर आदि की कमी है, उसे एक चेकलिस्ट अनुसार जानकारी दें।

उन्हें उनके बैंक में आने के दौरान उनके दस्तावेज चेक कर लें। ऐसा नहीं होना चाहिए कि वे दिनभर बैंक में बैठे रहे और आप एक कमी निकालकर उनका आवेदन लौटा दें। कलेक्टर ने योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ देने के लिए बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया।

CG – शिव पुराण का आयोजन : छत्तीसगढ़ पहुंचे पंडित प्रदीप मिश्रा, हेलीकॉप्टर से की दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग की परिक्रमा, कल से यहां सुनाएंगे शिव पुराण….

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में स्थित विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग मधेसर महादेव के समीप देश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण की कथा सुनाएंगे। गुरूवार को पंडित प्रदीप मिश्रा मयाली कथा स्थल पहुंचे। 21-27 मार्च तक विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के सामने शिवमहापुराण कथा का आयोजन होगा।

बता दें कि, पंडित प्रदीप मिश्रा कथा स्थल पहुंच चुके हैं। उन्होंने हेलीकॉप्टर से मधेसर महादेव की परिक्रमा की। उनके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी जशपुर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय ने उनका स्वागत किया।

CG News: भारत निर्वाचन आयोग ने पिछले एक महीने में निर्वाचन प्रक्रियाओं को मजबूत करने की दिशा में साहसिक कदम उठाए…

रायपुर: भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में, निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ, भारत निर्वाचन आयोग ने पदभार ग्रहण करने के एक महीने से भी कम समय में पूरी निर्वाचन मशीनरी को बीएलओ स्तर तक सभी मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देने और मतदान केंद्रों पर उनके लिए सुखद अनुभव सुनिश्चित करने के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ाया है। राजनीतिक दलों को, जो प्रमुख हितधारक हैं, को भी जमीनी स्तर पर शामिल किया जा रहा है।

आयोग ने पुनः पुष्टि की है कि लगभग 100 करोड़ मतदाता हमेशा लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। यूआईडीएआई और भारत निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों के बीच तकनीकी परामर्श जल्द शुरू होंगे। हालांकि एक मतदाता केवल अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर ही मतदान कर सकता है, आयोग ने देश भर में मतदाता पहचान पत्र के नंबरों में दोहराव को समाप्त करने और दशकों पुरानी समस्या को 3 महीने के भीतर खत्म करने का संकल्प लिया है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्राधिकरणों के साथ समन्वय से मतदाता सूची का नियमित अद्यतन मजबूत किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के साथ आयोग की बातचीत में स्पष्ट किया गया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी नाम शामिल करना या हटाना अपीलों की प्रक्रिया द्वारा शासित होता है, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत सभी राजनीतिक दलों के लिए दावों और आपत्तियों को दर्ज करने के लिए उपलब्ध है। ऐसी अपीलों के अभाव में, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा तैयार की गई सूची मान्य होती है। यह अवगत कराया जा सकता है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 7 मार्च, 2025 को स्पष्ट किया था कि 6-10 जनवरी, 2025 तक विशेष संक्षिप्त संशोधन (एसएसआर) अभ्यास के पूरा होने के बाद केवल 89 प्रथम अपील और केवल 1 द्वितीय अपील दायर की गई थी।

सभी पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना, मतदान की सुगमता और सुखद मतदान अनुभव कराना भारत निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कदम उठाए जाएंगे कि कोई भी मतदान केंद्र 1,200 से अधिक मतदाताओं वाला न हो और यह मतदाताओं से 2 किमी के दायरे में हो। सबसे दूरस्थ ग्रामीण मतदान केंद्रों में भी मूलभूत सुविधाएं (एएमएफ) सुनिश्चित की जाएंगी। शहरी उदासीनता से निपटने और अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, ऊंची इमारतों और कॉलोनियों के समूहों में भी उनके परिसर के भीतर मतदान केंद्र होंगे।

लगभग 1 करोड़ निर्वाचन कर्मियों की व्यापक और निरंतर क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 4 और 5 मार्च को नई दिल्ली में आईआईआईडीईएम में सभी राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पहली बार प्रत्येक राज्य / केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने संविधान, निर्वाचन कानूनों और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के ढांचे के अनुसार 28 हितधारकों और उनकी जिम्मेदारियों के स्पष्ट मानचित्रण के साथ पूरी निर्वाचन मशीनरी को ऊर्जा प्रदान करने पर जोर दिया।

निर्देशों के लिए निर्वाचन हैंडबुक और मैनुअल को नवीनतम परिवर्तनों के साथ समन्वित किया जाएगा। कई भारतीय भाषाओं में डिजिटल प्रशिक्षण किट तैयार की जाएंगी ताकि फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए आसान आत्मसात और प्रभावी प्रशिक्षण हो सके। एनिमेटेड वीडियो और एकीकृत डैशबोर्ड प्रशिक्षण को डिजिटल बढ़ावा देंगे। बीएलओ को प्रशिक्षित करने के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया जा रहा है।

निर्वाचन प्रक्रियाओं के सभी पहलुओं में राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 4 मार्च को सीईओ सम्मेलन के दौरान निर्देश दिया कि सभी 36 सीईओ, 788 डीईओ, 4123 ईआरओ द्वारा नियमित सर्वदलीय बैठकें और बातचीत आयोजित की जाएं। देश भर में ऐसी बैठकें जमीनी स्तर पर ही राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए किसी भी लंबित और उभरते मुद्दों को हल करने में मदद करेंगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2025 तक पूरे भारत में पूरी हो जाएगी।

आयोग द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और उनके नियुक्त बीएलए को निर्वाचन कानूनों के अनुसार दावों और आपत्तियों सहित उचित प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव का राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव संचालन से संबंधित किसी भी और सभी मामलों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं और वे इन्हें 30 अप्रैल, 2025 तक भेज सकते हैं। दलों को दिल्ली में आयोग से आपसी सुविधाजनक समय पर मिलने का निमंत्रण भी दिया गया है। ये साहसिक और दूरगामी पहल चुनावों के पूरे दायरे को कवर करती हैं और सभी प्रमुख हितधारकों को भागीदारी पूर्ण तरीके से शामिल करती हैं।

CG News: छत्तीसगढ़ राज्य में ‘आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क’ के आधार पर होगी योजनाओं की निगरानी…

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से “मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

यह दो दिवसीय कार्यशाला 20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है।

डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार एवं राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन

कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक श्री अबिनाश दास और श्री देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस:-

डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया।

डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके।

डी.एम.ई.ओ., नीति आयोग, भारत सरकार एवं राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन

लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा:-

विशेषज्ञों द्वारा “आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क”, “डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स” और “लॉजिकल फ्रेमवर्क” विषयों पर गहन परिचर्चा की गई। राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें।

डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे। योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी।

राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।

CG – शिक्षक एलबी संवर्ग की परिवीक्षा अवधि समाप्त, संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग ने जारी किया आदेश…..

रायपुर। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर ने शिक्षक ई संवर्ग की तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि समाप्ति का आदेश जारी कर दिया है।

देखें जारी सूची…

नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी: पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 22 माओवादी ढेर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सीएम साय और उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जवानों को दी बधाई…

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. जवानों ने बस्तर संभाग में आज सुबह से चल रही मुठभेड़ में अब तक कुल 22 नक्सलियों को मार गिराया है. बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भारी मुठभेड़ हुई, जिसमें अब तक 18 नक्सली ढेर कर दिए गए हैं. सुरक्षा बलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया है.

इस मुठभेड़ में बीजापुर DRG का एक जवान शहीद हो गया. इसके अलावा कांकेर-नारायणपुर सरहदी इलाके में भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जहां 4 नक्सली मारे गए हैं. फिलहाल, दोनों ही इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी है. सुरक्षाबलों की इस बड़ी कामयाबी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवानों को बधाई दी है.

मोदी सरकार का नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों को बधाई दी है. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नक्सलमुक्त भारत अभियान’ की दिशा में आज हमारे जवानों ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और कांकेर में हमारे सुरक्षा बलों के 2 अलग-अलग ऑपरेशन्स में 22 नक्सली मारे गए.

मोदी सरकार नक्सलियों के विरुद्ध रुथलेस अप्रोच से आ बढ़ रही है और समर्पण से लेकर समावेशन की तमाम सुविधाओं के बावजूद जो नक्सली आत्मसमर्पण नहीं कर रहे, उनके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. अगले साल 31 मार्च से पहले देश नक्सलमुक्त होने वाला है.

मुख्यमंत्री साय बोले – मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म होगा

नक्सल मुठभेड़ मामले में मिली सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जवानों को बस्तर में बड़ी सफलता मिली. दो मुठभेड़ में 22 नक्सली मारे गए हैं. जवानों के साहस को नमन करते हैं. सुरक्षा बल के जवान मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं.  बस्तर की खूबसूरती को लोग जल्द देख पाएंगे, अब ज्यादा समय नहीं लगेगा. मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म होगा. गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा. बस्तर स्वर्ग है, जहां देश-दुनिया के लोग जा पाएंगे. प्रदेश में डबल इंजन सरकार के होने का फायदा हो रहा है. समन्वय के साथ नक्सलियों से लड़ पा रहे हैं.

जवानों के साहस को सलाम : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की राह में बाधा बनने वालों के खिलाफ हमारी कार्रवाई जारी रहेगी. कांकेर और बीजापुर-दंतेवाड़ा की इन मुठभेड़ों में हमारे बहादुर जवानों ने जो पराक्रम दिखाया है, वह अद्वितीय है. सभी जवानों के साहस को सलाम करता हूं. शहीद जवान को शत-शत नमन.

CG – बिना उनकी सहमति के पीआईसी सदस्य नियुक्त कर दिया गया, निर्वाचित पार्षद राजकुमारी डनसेना ने सदस्य पद से दिया इस्तीफा…

बिना सहमति पीआईसी सदस्य बनाए जाने पर पार्षद ने दिया इस्तीफा

घरघोड़ा। नगर पंचायत घरघोड़ा में वार्ड क्रमांक 08 से निर्वाचित पार्षद राजकुमारी डनसेना ने प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है। राजकुमारी डनसेना ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि उन्हें नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र क्रमांक 01 दिनांक 13-03-2025 तथा कार्यालय पत्र क्रमांक 2478 दिनांक 13-03-2025 के तहत बिना उनकी सहमति के पीआईसी सदस्य नियुक्त कर दिया गया।

इस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने उक्त पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि बिना पूर्व सहमति लिए उन्हें इस पद पर नियुक्त करना अनुचित है, इसलिए वे इस पद पर कार्य नहीं करेंगी। इस घटनाक्रम के बाद नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि नगर पंचायत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

CG – बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को खून से लिखा पत्र, लगाई न्याय की गुहार, दी ये चेतावनी…..

रायपुर। प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षक समायोजन की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। 97 दिनों से लगातार शांतिपूर्ण एवं नए तरीके से अपना विरोध दर्ज करने के बाद हताश और निराश होकर बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने आज मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को अपने खून से हस्तलिखित निवेदन पत्र लिखा और न्याय की गुहार लगाई।

इस ऐतिहासिक विरोध कार्यक्रम में हजारों शिक्षकों ने एक साथ धरना स्थल पर अपने अधिकारों, सेवा सुरक्षा और समायोजन की मांग को लेकर सरकार से अंतिम अपील की। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और सरकार के पास संवैधानिक रूप से इन्हें समायोजित करने का पूरा अधिकार है। बर्खास्त सहायक शिक्षकों के समायोजन के लिए यदि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो शिक्षक अपने आंदोलन को और अधिक उग्र रूप देने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि शिक्षकों के भविष्य को बचाने के लिए त्वरित निर्णय लिया जाए और समायोजन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाए। हमारा संघर्ष न्याय के लिए है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल में अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने कहा, नौकरी के बदले नौकरी चाहिए। हमें समायोजन किया जाए। इसमें हमारी क्या गलती है। भर्ती प्रक्रिया राजपत्र में प्रकाशित हुआ। जो नियम क़ानून बने उसके आधार पर हम लोगों ने परीक्षा दी। परीक्षा पास होकर अच्छे अंक लाए तब जाके नौकरी मिली थी। जब भर्ती लेने वाले दोषी नहीं है तो हम कैसे दोषी हो गए ? सरकार की ओर से गठित कमेटी की अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। जब तक नौकरी नहीं मिलेगी तब तक यहां से नहीं उठेंगे।

मानसिक रूप से हो चुके हैं परेशान

बर्खास्त शिक्षकों ने कहा, 15 महीनों तक हमने नौकरी की है। चुनाव में भी ड्यूटी लगाया गया था। नौकरी से निकाले जाने से आज मानसिक आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं। समाज में तंज कसा जा रहा है। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि क्या परीक्षा देना हमारी गलती थी ? परीक्षा में ज़्यादा नंबर लाना क्या हमारी गलती थी ? जब तक हमें समायोजन नहीं किया जाएगा, हमारी नौकरी हमें नहीं लौटाई जाएगी तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत शैक्षणिक भ्रमण पर आए अबूझमाड़ के बच्चों ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की मुलाकात…

रायपुर: नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री श्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे। उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है।

अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य :-

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं।

आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा :-

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।