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Uttarakhand News: सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी, सीएम धामी ने कहा- भारतीय मूल की साहसी और बहादुर बेटी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं…

उत्तराखण्ड : 9 महीने 14 दिन बाद भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) सुरक्षित और स्वस्थ धरती पर लौट आई हैं. फ्लोरिडा के तट पर भारतीय समय के अनुसार तड़के लगभग 3:30 बजे स्पेसएक्स के ‘ड्रैगन कैप्सूल’ ने समुद्र में लैंड किया. सुनीता विलियम्स का ड्रैगन कैप्सूल जैसे ही समंदर में तेज आवाज से गिरा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लगभग 9 महीने अंतरिक्ष में बिताने के बाद सुनीता विलियम्स का सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटना उनके धैर्य, साहस और आत्मविश्वास को परिलक्षित करता है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस उपलब्धि पर हम सभी को गर्व है. उनकी यह सफलता विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान है. भारतीय मूल की साहसी और बहादुर बेटी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं.बता दें कि सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी के करोड़ों लोग गवाब बनें. नासा के लाइव टेलिकॉस्ट को लोग अपने गैजेट्स और टीवी पर देख रहे थे.

इस पल का सभी को इंतजार था. भारत के समयानुसार बात करें तो आज (बुधवार) तड़के 3 बजकर 58 मिनट पर ड्रैगन कैप्सूल फ्लोरिडा के समंदर में गिरा. इसकी गति को नियंत्रित करने के लिए चार पैराशूट इसके साथ जुड़े हुए थे. जैसे ही ड्रैगन कैप्सूल ने समंदर की सतह को छुआ. चारो पैराशूट धीरे-धीरे गिर गए.

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खेली फूलों की होली, माँ जानकी के दर्शन कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार भगवान श्रीराम के प्रदेश में विभिन्न आगमन स्थलों के संरक्षण और उन्नयन का कार्य कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण लीला-स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिये श्रीकृष्ण पाथेय योजना को क्रियान्वित करने का काम भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि करीला धाम में भी श्रृद्धालुओं को आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाने के लिये एक करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को अशोकनगर के करीला धाम में माँ जानकी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने रंगपंचमी के पावन पर्व पर श्रृद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करीला धाम में श्रृद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक पुख्ता किया जायेगा, यह प्रयास किया जायेगा कि करीला धाम मेला राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाये। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में करीला धाम में आने जाने वाले मार्गों पर श्रृद्धालुओं के लिए छाया की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संबंध चंदेरी से होने के कारण यहां की गढ़ी को भव्य बनाया जायेगा।

“भगवान श्रीराम का जीवन संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणास्रोत”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीराम, माता जानकी और रघुकुल के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित किये गये आदर्श संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि करीला धाम की दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा ऐसी है कि एक बार जो यहां आता है, वह स्वयं को बार-बार आने से रोक नहीं पाता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राई नृत्य का जिक्र करते हुए कहा कि जब भगवान श्रीराम के घर में लव-कुश का जन्म हुआ होगा, तब इसे ‘रघुराई नृत्य’ कहा जाता रहा होगा।

“प्रदेश को दूध उत्पादन में देश में नंबर वन बनाएंगे”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को 175 रूपये बोनस देकर 2600 रूपये क्विंटल गेहूं खरीदा जा रहा है। धान पर भी 4000 रूपये प्रति हेक्टेयर अनुदान किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए ‘गोपाल योजना’ प्रारंभ कर रही है। उन्होंने कहा कि 10 से अधिक गाय पालने वालों को सरकार अनुदान देगी। सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दूध पर 5 रूपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमने प्रदेश को पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है

गरीबों, किसानों और युवाओं के लिए ऐतिहासिक बजट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हाल ही में सरकार ने 4.21 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। इसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवास योजनाओं को गति दी जा रही है जिससे कि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके। कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे इसलिये दोबारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है।

“सच्चे अर्थों में रोज़ होली और दिवाली”

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब भी भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण का नाम लिया जाता है, तो रोम-रोम में आनंद छा जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की भागीदारी और आस्था ही इस तरह के भव्य आयोजनों को सफल बनाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुखद और समृद्ध भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला,पूर्व मंत्री एवं मुंगावली विधायक श्री बृजेन्द्र सिंह यादव,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अजय प्रताप सिंह यादव और पूर्व सांसद डॉ. के.पी. यादव ने भी संबोधित किया। बीना विधायक श्री निर्मला सप्रे, श्री आलोक तिवारी, सरपंच ग्राम पंचायत जसैया श्रीमती सुनीता यादव, अध्यक्ष करीला मंदिर ट्रस्ट श्री महेन्द्र यादव, आयुक्त ग्वालियर संभाग श्री मनोज खत्री, आईजी श्री अरविन्द सक्सेना, कलेक्टर श्री सुभाष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रृद्धालु उपस्थित थे।

निवेश संवर्धन की नई नीतियों के अनुसार औद्योगिक इकाईयों के प्रस्तावों का परीक्षण करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद निवेश के ठोस प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा निवेश संवर्धन की नई नीतियों के अनुसार औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए संबंधित विभाग प्रस्तावों के आवश्यक परीक्षण का कार्य पूर्ण कर उद्योग स्थापना में सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में निवेश संवर्धन पर मंत्रि-परिषद समिति की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत भोपाल में डेटा सेंटर, इंदौर में आईटी इंफ्रा डेवलपर, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अंतर्गत सिंगरौली में सासन पॉवर लिमिटेड के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन के अलावा रतलाम में फेरौ अलॉय, भिण्ड में प्लाईबोर्ड, मुरैना और धार में खाद्य प्र-संस्करण, नीमच में सीमेंट सेक्टर और रायसेन में पेपर, प्लास्टिक एंड पैकेजिंग की इकाईयों के प्रस्तावों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। इससे इन इकाईयों को राज्य सरकार द्वारा घोषित नई उद्योग संवर्धन नीतियों के प्रावधानों के अंतर्गत विभिन्न रियायतें प्रदान की जा सकेंगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि नवीन प्रस्तावों से लगभग 13 हजार व्यक्तियों को रोजगार प्राप्ति की संभावनाएं है। भोपाल में बड़वई आईटी पार्क प्रारंभ होने से 870 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। सुपर कॉरिडोर इंदौर में आईटी इंफ्रा डेवलपर से लगभग 10 हजार, भिण्ड में प्लाई बोर्ड सेक्टर से 750, मुरैना में खाद्य प्र-संस्करण इकाई से 320, धार जिले में खाद्य प्र-संस्करण इकाई से 549, नीमच जिले में सीमेंट इकाई से 556 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय कुमार दुबे, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश को क्षेत्रीय विमानन केंद्र बनाने के लिए करें प्रयास: पर्यटन बढ़ाने में हवाई यातायात बेहद जरूरी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में पर्यटन को नए आयाम प्रदान करने के लिए सहज हवाई यातायात (एयर कनेक्टिविटी) एक बुनियादी जरूरत है। हरसंभव तरीके से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाएं, ताकि पर्यटक मध्यप्रदेश आकर यहां की समृद्ध ऐतिहासिक विरासतों का आसानी से अवलोकन कर सकें।

इसके लिए आपसी सामंजस्य बेहद जरूरी है। विमानन विभाग, संस्कृति, पर्यटन और चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में प्रयास करे। सरकार मध्यप्रदेश को क्षेत्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हर जरूरी सुविधा और मदद मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विमानन विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात रोकने से जनसामान्य को परेशानी होती है। इसलिए इस कठिनाई के स्थायी निदान के लिए मंत्रालय (वल्लभ भवन) और मुख्यमंत्री निवास के समीप ही नए हेलीपैड का निर्माण किया जाए। इससे समय की बचत भी होगी और सबकी कठिनाई भी दूर होगी।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विमानन श्री संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त विमानन श्री चंद्रमौली शुक्ला, उपसचिव डॉ. कैलाश बुंदेला, श्री दिनेश सोनकेसरिया, कैप्टन श्री विश्वास राय सहित विमानन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म, सांस्कृतिक पर्यटन और जनजातीय संस्कृति से जुड़ाव के लिए होम स्टे प्रोत्साहन के रूप में सेल्फ फीलिंग/हीलिंग टूरिज्म की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विमानन क्षेत्र में नए रोजगार सृजन की संभावनाओं के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और युवाओं के कौशल विकास के लिए पायलट-क्रू मेंबर्स के प्रशिक्षण संस्थानों में रोजगारपरक डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्सेस चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बढ़ती विमानन आवश्यकताओं के लिए पॉयलेटों की संख्या बढ़ाएं। नए पॉयलेटों की भर्ती करें, उन्हें प्रशिक्षित भी करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित प्रदेश के अन्य सभी बड़े शहरों से घरेलू उड़ान बढ़ाने के लिए दूसरे राज्यों के साथ समन्वय करें और विमानन सुविधाओं के विस्तार के लिए शोध भी कराएं। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एविएशन कम्पनियों, पॉयलेट एवं क्रू-मेंबर्स की प्रशिक्षण संस्थाओं को जोड़ें और उनसे प्रदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करने के लिए आग्रह करें।

उन्होंने कहा कि पॉयलेट और क्रू तैयार करने के लिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों को भी यह रोजगारपरक कोर्स चलाने के लिए प्रोत्साहित करें। विश्वविद्यालय से आग्रह करें कि वे विद्यार्थियों को इस दिशा में पढ़ाई कराएं। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए हवाई पट्टी सरकार उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सतना एवं दतिया एयरपोर्ट को भी शीघ्र ही लोकार्पित करने जा रही है। यह दोनों शहर धार्मिक पर्यटन के प्राचीन केन्द्र हैं। यहां एयरपोर्ट होने से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में उपलब्ध सभी इन एक्टिवेट हेलीपैड्स को जल्द से जल्द एक्टिवेट करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एम्बुलेंस और हेली सेवा का लाभ सबको मिले, इसके लिए सभी प्रयास किए जाएं।

अपर मुख्य सचिव विमानन श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश के हवाई अड्डों से लगभग 55 लाख यात्रियों ने यात्रा की और यह संख्या वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत (31 मार्च 25) तक 75 लाख पहुंचने का अनुमान है।

भारत के हवाई यातायात में मध्यप्रदेश के हवाई अड्डों की भागीदारी अभी मात्र 1.45 प्रतिशत है, जिसे हम 5 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी 8 एयरपोर्ट हैं, 6 क्रियाशील है और सतना और दतिया एयरपोर्ट का लोकार्पण अभी शेष है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना एयरपोर्ट की हवाई पट्टी के विस्तार (वर्तमान 1200 मीटर को बढ़ाकर 1800 मीटर करने) के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया गया कि उज्जैन और शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के विकास के लिए भू-अधिग्रहण की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदेश में ग्रेड-1 में उच्च क्षमता/व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य पाई गईं हवाई पट्टी में उज्जैन, सिंगरौली, सागर (ढ़ाना), नीमच, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, मंडला, खण्डवा एवं रतलाम तथा ग्रेड-2 में बिरवा (बालाघाट), पचमढ़ी, गुना, खरगौ न, मंदसौर, सिवनी, सीधी, पन्ना, झाबुआ, शहडोल एवं उमरिया में उपलब्ध आकांक्षी हवाई पट्टियों के विकास एवं विस्तार के लिए भी कार्यवाही चल रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को क्षेत्रीय विमानन केंद्र बनाने के लिए और प्रदेश के हर जिले को देश-विदेश के हवाई यातायात से जोड़ने के लक्ष्य के लिए ही सरकार ने नवीन नागर विमानन नीति- 2025 लागू की है। इसके लिए सभी जिलों में हवाई अड्डे/हवाई पट्टियां/हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। साथ ही कृषि एवं उद्योग क्षेत्र को गति प्रदान करने के लिए एयर कार्गो की सुविधाओं के विकास पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

इससे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेज गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा के विस्तार से नागरिकों को आधुनिक, सस्ता, सुलभ, सुरक्षित और अनुकूल हवाई सफर का आनंद प्राप्त होगा। हम प्रदेश में नए पायलट प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करेंगे, जिससे विमानन क्षेत्र में जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कार्यबल की पूर्ति हो सके और मध्यप्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले।

अपर मुख्य सचिव विमानन श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश की नवीन नागर विमानन नीति-2025 के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। नई-नई एविएशन कम्पनियां और प्रशिक्षण संस्थान प्रदेश से जुड़कर यहां अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल शासकीय बेड़े में कोई विमान उपलब्ध नहीं है।

नवीन डबल इंजन जेट विमान क्रय करने के लिए निर्माता कम्पनी को क्रय आदेश दिया जा चुका है। नया विमान मई 2026 तक उपलब्ध हो जाएगा। इसी प्रकार प्रदेश में नवीन डबल इंजन हेलीकॉप्टर की आपूर्ति के लिए निर्माता कम्पनी से 6 मार्च 2025 को अनुबंध कर लिया गया है। नवीन हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 सरकार को उपलब्ध हो जाएगा। उन्होंने बताया कि भोपाल से 12 शहरों तथा इंदौर से 22 शहरों के लिए सीधी उड़ान उपलब्ध है।

कौशल विकास के लिए प्रदेश में 11 उड़ान प्रशिक्षण संस्थाएं काम कर रही हैं। खजुराहो में भारत का पहला हेलीकॉप्टर प्रशिक्षण संस्थान कार्यरत है। क्षरण योग्य उत्पादों (पेरिशेबल गुड्स) के सुचारू परिवहन के लिए भारत सरकार की कृषि उड़ान योजना में राज्य के तीन एयरपोर्ट्स भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर को शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को मिली 472.58 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण कदम…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष निर्देश और स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने अंबिकापुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय भवन के निर्माण कार्य हेतु पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

पूर्व में इस परियोजना के लिए 374.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्यों के दायरे में हुए विस्तार और लागत वृद्धि के बाद अब परियोजना की कुल लागत 472.58 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इस प्रकार, परियोजना लागत में 98 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण वृद्धि को मंजूरी मिली है।

निर्माण कार्य तेजी से जारी, कई महत्वपूर्ण भवन उपयोग में: शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने पर सरकार का विशेष जोर –

मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं। अब तक स्टाफ क्वार्टर, छात्रावास भवन, महाविद्यालय भवन, बाउंड्री वॉल, आंतरिक और बाह्य सड़कें, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, एनिमल हाउस, ड्रेनेज सिस्टम, रिटेनिंग वॉल एवं टो वॉल जैसे प्रमुख निर्माण पूरे हो चुके हैं। ये भवन चिकित्सा विभाग द्वारा उपयोग में लाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम, गेस्ट हाउस, बाहरी जल आपूर्ति और सीवर लाइन जैसे शेष निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को जल्द से जल्द पूरी तरह कार्यशील बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अत्याधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

मेडिकल कॉलेज में मिलेंगी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं –

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधारों को प्रतिबद्ध है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को नवीनतम चिकित्सा उपकरणों एवं आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया जाएगा। इससे चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ –

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुधार और उन्नयन के लिए लगातार प्रयासरत है। मेडिकल कॉलेज और चिकित्सालय भवन निर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार हर जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रही है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर न केवल अंबिकापुर, बल्कि आसपास के जिलों के नागरिकों को भी आधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ समाज, खुशहाल समाज की नींव है। हमारी सरकार नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए संकल्पित है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का पुनरीक्षित बजट इस दिशा में एक ठोस और महत्वपूर्ण कदम है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की मांग पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को खुड़िया जलाशय से पानी छोड़ने के दिए निर्देश…

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के खुड़िया जलाशय से जल्द पानी छोड़ने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। इससे ग्रामीणों को निस्तारी के साथ ही खड़ी फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। लोरमी क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने आज देर शाम बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात कर खुड़िया जलाशय से निस्तारी के लिए पानी छोड़ने का आग्रह किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव से मिलने पहुंचे लोरमी क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम की शुरुआत में ही अनेक गांव में निस्तारी की समस्या उत्पन्न हो गई है। फसलों के साथ ही मवेशियों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता नहीं हो पा रही है। इसलिए उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से खुड़िया जलाशय से पानी छोड़ने की मांग की है।

श्री साव ने इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खुड़िया जलाशय से उच्च अधिकारियों को पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामीणों की मांग और क्षेत्र की जरूरत को देखते हुए जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल पानी छोड़ने के लिए निर्देशित किया है। उप मुख्यमंत्री से मिलने आए लोरमी क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री गुरमीत सलूजा, आलोक शिवहरे, अशोक जायसवाल और महावीर राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण शामिल थे।

CG News: प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर लोगों में भारी उत्साह : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की…

रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज मोहभठ्ठा में अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अब तक हुए कार्यों की जानकारी लेकर 25 मार्च तक तमाम कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की

श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ और विशेषकर बिलासपुर आगमन हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उनके कार्यक्रम को लेकर लोगों मेें बड़ा उत्साह है। इसे ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने के लिए लोग ब्रेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रधानमंत्री के आगमन के पूर्व 25 मार्च से 29 मार्च तक पूरे जिले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसमें नवनिर्वाचित पार्षदों, पंचों, सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों को सहभागी बनाने को कहा।

श्री साव ने सभास्थल एवं इसके आसपास बन रहे पार्किंग स्थल में की जा रही तैयारी का मुआयना किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव एवं बिलासपुर के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री अवनीश शरण और एसपी श्री रजनेश सिंह सहित राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री के प्रवास की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि बिलासपुर को प्रधानमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम की मेजबानी का सौभाग्य मिला है। हमें अपनी योजनाओं को अच्छे स्वरूप में पूरे राज्य के लोगों को दिखाने का अच्छा मौका मिल रहा है। पूरे राज्य के लोग इस समारोह में आएंगे।

उन्हें इस कार्यक्रम के जरिए अच्छा संदेश देना है। वे हमारे लिए मेहमान की तरह होेंगे। उन्हें पर्याप्त सम्मान देना है। उन्हें परायापन महसूस नहीं होना चाहिए। श्री साव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से अभियान चलाकर बिल्हा के आसपास सहित पूरे जिले की सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिए।

CG News: उप मुख्यमंत्री अरुण साव नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल…

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 20 मार्च को मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वे 20 मार्च को दोपहर सवा 12 बजे बिलासपुर से सड़क मार्ग द्वारा बरेला के लिए रवाना होंगे।

वे दोपहर एक बजे बरेला में नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर पौने दो बजे जरहागांव नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। वे दोपहर ढाई बजे जरहागांव से रायपुर के लिए रवाना होंगे। वे शाम सवा चार बजे रायपुर पहुंचेंगे।

CG News: नक्सल हिंसा से उजाड़ गांव फिर से हो रहे आबाद, दो दशक बाद 50 से ज्यादा परिवारों की सिलगेर वापसी…

रायपुर: बस्तर अंचल में शांति बहाली के चलते उजाड़ गांव फिर आबाद होने लगे हैं। सुकमा जिले के जगरगुंडा, गरगुंडा के बाद अब इससे लगे हुए नक्सल प्रभावित गांव भी फिर से आबाद हो रहे हैं। जगरगुंडा राहत शिविर में रह रहे लोग जहां पहले ही अपने गांव को लौट चुके हैं, तो वहीं अब जगरगुंडा से 11 किलोमीटर दूर सिलगेर, तिम्मापुरम, बेदरे, बोरगुडा, गेल्लूर, मंडमरका जैसे गांव भी फिर से आबाद होने लगे हैं।

दो दशक बाद फिर से इन गांवों में रौनक लौट रही है। सिलगेर और इसके आसपास के 50 से अधिक परिवार जो वर्ष 2005-2006 में सलवा जुडूम के समय अपने गांवों को छोड़कर चेरला, आंध्रप्रदेश के भद्राणी जिला और दूसरे जिले में जाकर बस गए थे, ऐसे 50 परिवार अब वापस गांव में आ गए हैं और अपना घर फिर से तैयार कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया सबसे ज्यादा चेरला में जाकर बसे थे। अब सिलगेर गांव में ग्रामीण फिर लौटकर बसने लगे हैं। सिलगेर के रामदास ने बताया 50 से अधिक परिवार अब लौट चुके हैं। रामदास ने बताया सड़क बन बन गई है गांव में दूसरे काम भी हो रहे हैं. अभी शांति है इसलिए गांव छोड़कर गए लोग लौट रहे हैं।

जगरगुंडा से बासागुड़ा-बीजापुर सड़क तैयार :-

जगरगुंडा से बासागुड़ा-बीजापुर सड़क तैयार भी बनकर तैयार हो गई है, सड़क पर अब सन्नाटा नहीं है। स्कूल और अस्पताल शुरू हो गए हैं । आश्रम भी बन रहा है।सिलगेर गांव पूरी तरह से उजड़ गया था। गांव में गिने-चुने परिवार ही बचे थे।जगरगुंडा के बाद सिलगेर गांव में भी फिर से स्कूल शुरू हो गया है।आश्रम भवन बनाया जा रहा है, अस्पताल शुरू हो गया है।
बीजापुर, दोरनापाल, दंतेवाड़ा तीनों तरफ बस सेवा भी शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा की सौजन्य भेंट, चित्रलेखा ने की CM विष्णुदेव साय के कार्यों की तारीफ…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में सुविख्यात कथावाचक देवी चित्रलेखा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंटकर आत्मीय सम्मान प्रदान किया।प्रेरक कथाओं और भक्ति प्रवचनों के लिए विख्यात देवी चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और जनकल्याण के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने देवी चित्रलेखा के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके विचार और प्रवचन समाज को जागरूक करने के साथ नैतिक मूल्यों को भी सशक्त करते हैं। उन्होंने देवी चित्रलेखा जी की भूमिका को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली बताते हुए कहा कि उनके प्रयास जनमानस के लिए प्रेरणादायी हैं। इस अवसर पर दोनों के बीच आध्यात्मिक चेतना के प्रसार, सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और समाज में समरसता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।