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CG ब्रेकिंग : शराब प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, दो दिन बंद रहेंगी शराब दुकानें, जाने वजह….

अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट में 7 जुलाई और 8 को सभी शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह निर्णय भाजपा के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

जिला कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस दौरान मैनपाट क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शराब बिक्री नहीं होगी। यह प्रतिबंध 7 जुलाई से लागू होकर 9 जुलाई दोपहर तक प्रभावी रहेगा। 9 जुलाई को दोपहर दो बजे तक शराब दुकानों को बंद रखा जायेगा।

मैनपाट में भाजपा के सांसदों और विधायकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू हो रहा है। शिविर का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे, जबकि समापन 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।

CG – क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ टेकाम के द्वारा आदिवासी वीर नायकों का प्रतिमा स्थापित हेतु भूमि पूजन किया…

क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ टेकाम के द्वारा आदिवासी वीर नायकों का प्रतिमा स्थापित हेतु भूमि पूजन किया…

केशकाल/विश्रामपुरी। कोंडागांव जिले के ब्लाक मुख्यालय विश्रामपुरी में बीते दिनों सर्व आदिवासी विकासखंड बड़ेराजपुर के तत्वाधान में आदिवासी वीर शहीदों का आरक्षित स्थानों का क्षेत्रीय विधायक माननीय नीलकंठ टेकाम के द्वारा बीते दिनों सर्व आदिवासी समाज के सियानो के उपस्थिति में आरक्षित स्थानों पहले वीर शाहिद गेंदसिंह, वीर शहीद गुंडादूर, वीर शहीद वीरांगना देवी रानी दुर्गावती, शहीद वीर नारायण सिंह भूमि पूजन किया गया।

भूमि पूजन के पश्चात क्षेत्रीय विधायक गोंडवाना भवन विश्रामपुरी सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक बडेराजपुर के बैठक में शामिल हुई।

विधायक ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुआ कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के जननाय को का प्रतिमा स्थापित ब्लॉक मुख्यालय में हो रहा है। हमारे समाज का गौरव है मैं चाहता हूं हमारे यहां समाज संगठित होकर रहें जनहित में योगदान दे मैं समाज के लिए 20 लाख चबूतर निर्माण के लिए दे रहा हूं। बैठक में उपस्थित मुख्य रूप से ब्लॉक अध्यक्ष श्रवण कुमार मरकाम, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष – सोनसाय मरकाम, पूर्व विधायक (केशकाल)- सेवक राम नेताम, विश्रामपुरी अ सरपंच सुशीला नेताम, ब सरपंच पुष्पा चांदेकर, अनीता नेताम, लच्छानतीन नाग, पद्मनी कश्यप,ब्लॉक सचिव – बिदेश राणा ,उपाध्यक्ष- उग्रेश कुंजाम, पूर्व गोंडवाना ब्लॉक अध्यक्ष रंगीलाल मरकाम, आसकरण ,अगरचद , संरक्षक – धनीराम मरकाम(पटेल), मलोराम, लखमू , सहसचिव – तुलसीराम नेताम, कोषाध्यक्ष – दिलीप नेताम, प्रवक्ता संतुराम, सलाहकार- शंभूराम चांदेकर सीताराम मरकाम, संगठन प्रभारी दलसाय परस्ते , मीडिया प्रभारी – संतोष मरकाम , कैलाश मरकाम , कार्यकारिणी सदस्य साधु राम नेताम, जालीराम शोरी, अनीता नेताम (राजनेता), माखन, देवलाल, जयलाल मरकाम परोड़ , जयलाल बलेंगा, मेघनाथ, पुरषोत्तम, महेंद्र,कारिया ,ब्लॉक युवा संगठन सलाहकार- सोमनाथ नेताम , कमलेश मरकाम (कृषि विभाग) कर्मचारी, संजू मरकाम सदस्य,और सभी पदाधिकारीगण,सदस्य उपस्तिथि थे।

Uttarakhand News- विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स 2025: अमेरिका में देवभूमि के जांबाजों ने दिखाया दम, भारत के लिए जीते 9 पदक….

उत्तराखंड: अमेरिका में आयोजित विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स 2025 (World Police & Fire Games 2025) में पहली बार भाग लेते हुए उत्तराखण्ड फायर सर्विस के चार जांबाज जवानों ने भारत का नाम अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया. अद्भुत साहस, अनुशासन और परिश्रम का प्रदर्शन करते हुए इन योद्धाओं ने कुल 9 पदक अपने नाम किए और भारत की मेडल्स टैली में अहम योगदान दिया.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि हर एक पदक समर्पण, मानसिक दृढ़ता और शारीरिक क्षमता का प्रमाण है. यह जीत न सिर्फ एक खेल की उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखण्ड फायर सर्विस की पहचान और भारत के गौरव की चमक है, जो अंतरराष्ट्रीय पटल पर दमक रही है.

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में 70 से अधिक देशों के 8,500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया. पहली बार इस वैश्विक आयोजन में उत्तराखण्ड फायर सर्विस की भागीदारी हुई. भारत की ओर से शामिल चार उत्तराखण्डी अग्निशमन कर्मियों में तीन महिलाएं और एक पुरुष फायरफाइटर थे, जिन्होंने देश को गौरवांवित किया.

फायर सर्विस चालक दिनेश चंद्र भट्ट ने अल्टीमेट फायर फाइटर स्पर्धा में रजत और फायर फाइटिंग चैलेंज में कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया. वहीं, महिला फायरफाइटर्स डिंपल, माधुरी भंडारी और पिंकी रावत की टीम ने अल्टीमेट फायर फाइटर श्रेणी में कांस्य और स्टेयर रन (फुल फायर गियर) में रजत पदक प्राप्त किया.

डिंपल रावत ने प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ओर से सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया. उन्होंने अकेले 6 पदक अर्जित किए जिनमें 2 स्वर्ण, 1 रजत और 3 कांस्य शामिल हैं. उनका यह प्रदर्शन भारतीय वर्दीधारी सेवाओं की उत्कृष्टता, निष्ठा और फिटनेस का प्रतीक बनकर उभरा है.

CG – ग्राम बालेंगा के ग्रामीणों ने शिक्षकों की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे…

ग्राम बालेंगा के ग्रामीणों ने शिक्षकों की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे

फरसगांव/विश्रामपुरी। कोंडागांव जिले के विकासखंड बड़ेराजपुर अंतर्गत ग्राम बालेंगा के ग्रामीण बीते दिनों कलेक्टर से मिलने पहुंचे हाई स्कूल में बच्चे एडमिशन नहीं लेना चाहते क्योंकि वहां गणित के शिक्षक नहीं है। यहां के बच्चे गांव के स्कूल को छोड़कर कहीं भी अन्य स्कूलों में जाकर पढ़ाई करने के इच्छुक हैं। ऐसी स्थिति में ग्राम बालेंगा में नवमी एवं दसवीं कक्षा में बच्चों की उपस्थिति काफी कम हो जाएगी या स्कूल बंद भी हो सकता है जिसे लेकर गांव के सरपंच सुकमन नेताम एवं ग्रामीण कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे।

सरपंच ने बताया कि वह काफी समय से स्कूल में विषय शिक्षक की मांग कर रहे हैं किंतु उनकी मांग पर अब तक ध्यान नहीं दिया गया जिससे अब यह स्थिति निर्मित हो गई है कि बच्चे हाई स्कूल में एडमिशन ही नहीं लेना चाह रहे हैं और जो बच्चे यहां पहले से अध्यनरत हैं वह भी स्कूल छोड़कर अन्यत्र स्कूलों में जाना चाह रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मामले की जानकारी कलेक्टर को दी है कलेक्टर ने समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया है। लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि इन दिनों स्कूलों में शिक्षकों छात्र-छात्राओं का भर्ती शुरू हुआ है ऐसी स्थिति में यदि अभी शिक्षक नहीं मिलेंगे तो इसका पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा।

इन दिनों युक्ति युक्त करण में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें मिल रही है कई जगह विषय शिक्षक नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण में सामंजस्य बनाया गया होता तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती।

Uttarakhand News- जबरन धर्मान्तरण और डेमोग्राफिक बदलाव पर सख्ती को लेकर सीएम धामी की अपील: जनता जागरूक बने और….

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित “विकसित भारत @2047 सामूहिक संवाद- पूर्व सैनिकों के साथ” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सम्रग विकास के लिए उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों से बातचीत की और उनके सुझाव लिए. इस दौरान सीएम ने कहा कि जबरन धर्मान्तरण और डेमोग्राफ़िक चेंज पर हमारी सरकार के प्रयासों के साथ जन सहयोग और कानूनी रूप से शिकायत के लिए जन जागरूकता भी आवश्यक है.

सीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने सख्त दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ, भूमि अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और यूसीसी जैसा साहसिक कदम उठाए लेकिन सरकार के इन साहसिक प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनसहयोग की अपेक्षा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग को हर डिवीजन में 1,000 पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ‘’एक पेड़ अपनी मां के नाम’’ अभियान की शुरुआत की है. आज के इस अवसर पर में आप सभी से इस अभियान में भागेदारी निभाने का आह्वान करता हूं क्योंकि आप सभी राष्ट्र-प्रहरी होने के साथ-साथ हमारे पर्यावरण के भी रक्षक हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में गत दो महीने में आने वाले पर्यटकों की संख्या 38 लाख से ज्यादा हो गई है. प्रधानमंत्री जी के प्रयासों और सहयोग से राज्य मे शीतकालीन यात्रा और आदि कैलाश यात्रा को नई गति मिली है. राज्य में बेरोजगारी दर 4.2 से कम हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है. मानसरोवर यात्रा का समय भी 7 दिन कम हो चुका है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों ने वीरता, शौर्य और समर्पण के साथ देश की रक्षा करते हुए अपने जीवन का महत्वपूर्ण कालखंड बिताया है. सैनिकों ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कच्छ से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक हर मोर्चे पर तिरंगे के गौरव और मान को बढ़ाने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि मैं, स्वयं भी एक फौजी का बेटा हूं, मैनें पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा और समझा है. उन्होंने कहा कि उनके हृदय में हमेशा शहीदों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और समर्पण का भाव रहता है. इसलिए हमने ये प्रयास किया है कि यही भाव हमारी सरकार के काम में भी दिखे.

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित की जा रही 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी का किया फ्लैग ऑफ….

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से आयोजित एक समारोह में उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित की जा रही 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी (टैम्पो ट्रेवलर) का फ्लैग ऑफ किया। इनमें से 10 टैम्पो ट्रेवलर वाहन देहरादून-मसूरी और 10 टैम्पो ट्रेवलर वाहन हल्द्वानी नैनीताल रूट पर चलेंगे। इससे नैनीताल- हल्द्वानी और देहरादून – मसूरी के बीच जाम की समस्या में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सफल रही तो, इस तरह की सेवाओं की संख्या और बढ़ाई जायेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रेवलर से सफर भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वातानुकुलित टैम्पो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। इनसे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और किफायती यात्रा की सुविधा मिल सकेगी तथा प्रदेश की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाए। आज डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सेवाओं द्वारा परिवहन विभाग जनता को सुलभ यात्रा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड परिवहन निगम को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार तीन वर्षों से परिवहन निगम मुनाफे में हैै।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम के बस बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का भी समावेश किया जायेगा, जिसके लिए बसों की खरीद की प्रक्रिया गतिमान है। सरकार ने अपने कर्मचारियों और चालक-परिचालकों की कई समस्याओं का समाधान किया है। डीए में बढ़ोतरी करना हो, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना हो या निगम में भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन बढ़ाना हो, पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष उत्तराखण्ड परिवहन निगम एल. फैनई, एमडी परिवहन निगम रीना जोशी और परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

CG – खाकी फिर बनी ठगी का शिकार : बदमाश ने एडिशनल एसपी बनकर ASI के साथ किया ये बड़ा कांड, एफआईआर दर्ज…..

बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में ठग ने खुद को एडिशनल एसपी बताकर जीआरपी में पदस्थ एएसआई से 35 हजार रुपए ठग लिए। चोरी का खरीदने के लिए नाटक करने की बात कही और फिर क्यूआर कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर कराया। मामले में तोरवा थाना में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, जीआरपी में पदस्थ विश्वनाथ चक्रवर्ती पर अनजान नंबर से कॉल आया। आरोपी ने खुद को कॉल पर रायपुर का एडिशनल एसपी बताया। उसने बताया कि रायपुर में चोरी मामले में आरोपी पकड़ा गया है। वहीं उसका साथ तेन से बिलासपुर आकर चोरी का सोना बेचने की फिराक में है। इसलिए सोना खरीदने का नाटक करें और रंगे हाथ पकड़ने में मदद करें।

आरोपी ने एएसपी विश्वनाथ को दूसरे नंबर से एक लिंक और क्यूआर कोड भेज दिया। जिसमें एएसआई ने 35 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। लेकिन कुछ देर बाद जब दोबारा उन नंबरों पर एएसआई ने कॉल किया तो वह बंद मिले। तब जाकर ठगी का एहसास हुआ। एसीआई ने तोरवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ धोखाधड़ी केस में एफआईआर दर्ज कर जांच में जुट गई है।

MP NEWS: मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूल कुंवर पटवा को जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय सुंदरलाल जी पटवा की धर्मपत्नी श्रीमती फूल कुंवर जी पटवा के 95वें जन्म दिवस पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक श्री सुरेंद्र पटवा के 74 बंगला स्थित निवास पहुंचकर श्रीमती फूल कुंवर जी पटवा को पुष्पगुच्छ और शाल-श्रीफल भेंट किया तथा श्रीमती पटवा के स्वस्थ-सुखी जीवन और दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ के लिए दीप प्रज्जवलित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विधायक श्री सुरेंद्र पटवा के निवास पहुंचने पर पटवा परिवार द्वारा डॉ. यादव का तिलक कर स्वागत-अभिवादन किया गया।

MP NEWS: प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के विचार को किया है क्रियान्वित- मुख्यमंत्री डॉ. यादव….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर में धारा 370 के विरोध के साथ ही राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया। वे लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे सच्चे नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र सेनानी के रूप में कोलकाता और पश्चिम बंगाल को बचाने का कार्य भी किया। उन्होंने राष्ट्रवादी संगठन जनसंघ की स्थापना तो की ही तत्कालीन केंद्र सरकार से स्वयं को अलग करते हुए निर्दलीय रूप से निर्वाचन का निर्णय लिया। शिक्षा के क्षेत्र से सार्वजनिक क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद ऐसी अनेक चुनौतियों का उन्होंने सामना किया जो राष्ट्रभक्त ही किया करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ.मुखर्जी ने कभी असंगत व्यवस्थाओं से समझौता नहीं किया। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम की हिंसा का उत्तर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दिया। स्वतंत्रता के बाद सर्वप्रथम डॉ. मुखर्जी ने ऐसी व्यवस्थाओं का विरोध किया था जो राष्ट्र हित में नहीं थीं। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन लक्ष्य को पूर्ण करते हुए कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इस तरह डॉ. मुखर्जी के संकल्प ” एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” को साकार करने का कार्य किया गया है। पूरे राष्ट्र ने एक स्वर से कश्मीर से धारा 370 हटाने का समर्थन किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन के हंसध्वनि सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125 वी जयंती के अवसर पर में “एक देश एक विधान” विषय पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. मुखर्जी के विचार को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया क्रियान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान के अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए संसद में भाषण दिया था। वे कश्मीर को विशेष दर्जा देने के प्रबल विरोधी थे। उनका मानना था कि कश्मीर हमारे लिए केवल एक भू-भाग नहीं अपितु भारत की आत्मा है। डॉ. अम्बेडकर का भी यही विचार था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि भारत की एकता से कोई समझौता नहीं बल्कि संकल्प है। कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय जनसंघ ने सत्याग्रह भी किया। डॉ. मुखर्जी 11 मई 1953 को परमिट सिस्टम का उल्लंघन कर कश्मीर पहुंचे वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया। यह उनका बलिदान था।

डॉ. मुखर्जी ने बताया राष्ट्र के लिए कैसी हो हमारी दृष्टि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रवासियों को यह बताया कि राष्ट्र के लिए हमारी दृष्टि कैसी होनी चाहिए। आज भारत दुनिया का बड़ा लोकतांत्रिक देश है। स्वतंत्रता के समय हुई त्रुटियों को याद रखने की आवश्यकता है। डॉ. मुखर्जी जैसे महापुरूषों के योगदान का इसलिए निरंतर स्मरण करना जरूरी है। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी राष्ट्र के शत्रुओं को उनके घर में घुसकर मारने का हौसला रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उद्देश्यपूर्ण कार्यक्रम के लिए आयोजक और प्रतिभागियों, विशेष रूप से विद्यार्थियों को बधाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री राजीव कुमार पांडे ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का कश्मीर के मुद्दे पर जो योगदान है उसके बारे में अक्सर चर्चा होती है। डॉ. मुखर्जी का एक दूसरा योगदान भी इतना ही बड़ा है जिस पर कम चर्चा होती है, वह है कोलकाता और पश्चिम बंगाल के संबंध में। कोलकाता भारत का अभिन्न हिस्सा है। पूर्वोत्तर के गलियारे से क्षेत्र के सभी राज्य परस्पर जुड़े हैं। इस इलाके के अस्तित्व को बनाए रखने से पाकिस्तान का भूमि संपर्क नहीं हो सका। आज पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है। डॉ. मुखर्जी ने इन प्राथमिकताओं और राष्ट्र हित से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विषय को समय रहते समझा और आवश्यक संघर्ष किया। इस तरह डॉ. मुखर्जी का योगदान ऐतिहासिक है।

संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि धरती पर बमुश्किल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसा महापुरूष पैदा होता है। डॉ. मुखर्जी नेहरू जी के मंत्रिमंडल में उद्योग मंत्री थे। नेहरू जी से मतभेदों के चलते डॉ. मुखर्जी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। डॉ. मुखर्जी प्रखर देशभक्त थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, पंचायत मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रविंद्र यति आदि उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।

MP NEWS- वनवासियों के कल्याण के लिए सरकार हर पल साथ: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्नेह का बंधन एकतरफा नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार हर पल वनवासियों के साथ खड़ी है, यह बात पूरी शिद्दत से उन तक पहुंचनी चाहिए। सभी वनवासियों को सरकार की योजनाओं से जोड़ें और उनके जीवन में विकास का प्रकाश लाने की दिशा में काम करें। वनवासियों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रबंध किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय वर्ग के अध्ययनरत एवं रोजगार कर रहे बच्चों का सामाजिक सम्मेलन बुलाएं।

इस सम्मेलन के जरिए सरकार इन बच्चों को उन तक पहुंचने वाले लाभ का फीड-बैक भी लेगी और जिन्हें जरूरत है, उन तक सरकार की योजनाएं तथा सुविधाएं भी पहुंचाई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम और पेसा एक्ट के क्रियान्वयन के लिए गठित की गई राज्य-स्तरीय टास्क फोर्स की शीर्ष समिति तथा इसी विषय के लिए गठित कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय कार्य एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को वनाधिकार के व्यक्तिगत और सामुदायिक दावों का तेजी से निराकरण कर 31 दिसंबर 2025 तक पेंडेसी जीरो करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पेसा एक्ट यानि पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 लागू है। इसमें पेसा मोबालाईजर्स के जरिए जनजातियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देकर योजनाओं से लाभान्वित भी कराया जाता है।

इन सभी पेसा मोबालाईजर्स की अपने काम पर उपस्थिति और उच्च कोटि का कार्य प्रदर्शन फील्ड में दिखाई भी देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा मोबालाईजर्स को नियुक्त करने और संतोषजनक प्रदर्शन न करने पर इन्हें हटाने के अधिकार सरकार अब ग्राम सभाओं को देने जा रही है।इस निर्णय से एकरूपता आएगी और ग्राम सभाएं पेसा मोबालाईजर्स से अपने मुताबिक काम भी ले सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वनवासियों की बेहतरी के लिए संकल्पित है। उनके सभी हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग का मैदानी अमला यह सुनिश्चित करे कि वन भूमि पर अब कोई भी नये अतिक्रमण कदापि न होने पाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के सुचारू क्रियान्वयन के लिए महाराष्ट्र सरकार के ‘जलयुक्त शिविर’ अभियान की तरह समन्वय पर आधारित मॉडल मध्यप्रदेश में भी अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों द्वारा इस अधिनियम के अमल के लिए की जा रही कार्यवाही के सभी पहलुओं का अध्ययन कर लें और जो सबसे उपयुक्त है उसी मॉडल पर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए विधायकों द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है।

वनाधिकार अधिनियम और पेसा कानून के अमल के लिए समुचित प्रावधान भी इसी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार क्रमबद्ध रूप से विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय समूहों और अन्य जनजातीय बहुल गांव, मजरों-टोलों तक सड़कों का निर्माण कर रही है। ग्राम पंचायत विकास कार्ययोजना में पेसा कोष की राशि खर्च करने का अधिकार भी संबंधित पेसा ग्राम सभा को दिया जा रहा है।

बैठक में समिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक श्री भगत सिंह नेताम ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी अमल के लिए बालाघाट जिले में पुलिस विभाग द्वारा सभी पुलिस चौकियों में एकल सुविधा केन्द्र स्थापित कर इसके जरिए कैम्प लगाकर जनजातियों को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक 450 वनाधिकार दावे भरवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी 88 जनजातीय विकासखंडों वाले जिलों के कलेक्टर को बालाघाट मॉडल भेजकर इसी अनुरूप कार्यवाही करने के लिए कहा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र के सभी गांवों के विकास के लिए प्रस्ताव दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य एक्शन प्लान बनाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर 2025 तक सभी गांवों के दावे प्राप्त कर लें और इसी दौरान इनका निराकरण भी कर लें। वन अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई तकनीकी परेशानी आ रही है तो इसके लिए वन और जनजातीय कार्य विभाग मिलकर एक नया पोर्टल भी विकसित कर लें।

वनांचल विकास केन्द्र को करें और अधिक सक्रिय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के पारम्परिक ज्ञान को उनके विकास के लिए बनाई जा रही नीति निर्माण में भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को और भी सशक्त बनाने, सामुदायिक वन संसाधनों के समुचित प्रबंधन, जैव विविधता के संरक्षण और वन एवं वनोपज संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के लिए वन/वनांचल विकास केन्द्रों को और अधिक भी सक्रिय कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि ये केंद्र वन अनुसंधान, प्रशिक्षण, मार्केट लिंकेज और कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व-सीएसआर/कैम्पा जैसे वित्त स्रोतों के समन्वय में महत्त्वपूर्ण भूमिका भी अदा करें।

सामुदायिक आजीविका पर करें फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजीविका सबसे पहली जरूरत होती है। सामुदायिक आजीविका के साधनों पर फोकस कर जनजातियों की नकद आय के साधन बढ़ाने की दिशा में उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्हें शासन की योजना के तहत अधिक से अधिक दुधारू पशु (मुख्यत: गाय, भैंस) उपलब्ध कराए जाएं। इससे वे आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि जनजातियों को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की रोजगारमूलक योजनाओं से भी जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि चूंकि वनवासी वनोपजों पर विशेष रूप से आश्रित रहते हैं। इसलिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों में जनजातीय समुदायों को लाभ का बड़ा हिस्सा मिलना चाहिए,इससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा। औषधीय पौधों की खेती पर विशेष जोर दिया जाए ताकि जनजातीय वर्ग के उत्पाद सीधे बाजार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों की स्थायी आजीविका विकास के लिए मूल्य संवर्धन केंद्र भी विकसित किए जाएं, जिससे जनजातियां रोजगार की तलाश में बाहर न जाएं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए। श्रीअन्न से बिस्किट, कुकीज, खीर और हलवा जैसे उत्पाद तैयार कर इन्हें खुले बाजार में बेचने के लिए जनजातियों को मार्केट लिंकेज प्रदान करें। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न में कोदो-कुटकी को लोग उपवास में मोरधन के रूप में खाते हैं, यह अच्छी बात है इससे श्रीअन्न की खपत बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनाधिकार अधिनियम के अच्छे परिणाम पाने के लिए हमें समन्वित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। वन अधिकार अधिनियम, पेसा, बीडीए जैसे सभी कानूनों को एकीकृत रूप से ग्रामसभा स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। इसके लिए ग्रामसभा को ही निर्णय का केंद्र बिंदु संस्था बनाया जाना चाहिए।

सभी विभागीय योजनाओं का समन्वय ग्रामसभा के माध्यम से ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के ग्रामों के विकास के लिए ग्रामसभा, वन विभाग और निवेशक तीनों मिलकर पारदर्शिता और हितग्राहियों को लाभ वितरण तय करें। सभी विभाग आपसी समन्वय से ग्रामसभा के नेतृत्व में कार्य करें, जिससे समावेशी विकास और स्थायी पर्यावरण संरक्षण दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।

बैठक में उपस्थित सदस्यों द्वारा भी अपनी बात तथ्यात्मक रूप से रखी गई और वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के फील्ड में बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने-अपने सुझाव दिए गए।

अब तक 2.89 लाख से अधिक दावे मान्य किए गए

बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य ने बताया कि वर्ष 2008 से 2023 तक कुल 2 लाख 89 हजार 461 वनाधिकार दावे मान्य किए गए हैं। लंबित दावों के निराकरण केलिए कार्यवाही की जा रही है। वन मित्रा पोर्टल के अनुसार जिलों द्वारा पूर्व में मान्य किए गए दावों के सत्यापन के उपरांत अपात्र पाए गए हितग्राहियों के वनाधिकार दावे अमान्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुन: परीक्षण के लिए 87 हजार 283 और एक लाख 86 हजार 224 नए प्राप्त दावे इस प्रकार कुल 2 लाख 73 हजार 457 दावे अभी लंबित स्थिति में है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के बड़वानी, धार, खरगोन, मंडला, बैतूल, छिंदवाड़ा, शहडोल, खंडवा, सिंगरौली, रायसेन, डिण्डौरी, अलीराजपुर, बुरहानपुर, सिवनी, उमरिया और बालाघाट जिले में 7-7 हजार से भी अधिक वनाधिकार दावे मान्य किए गए हैं।

टास्क फोर्स की शीर्ष समिति की इस पहली बैठक में समिति उपाध्यक्ष तथा जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, समिति उपाध्यक्ष तथा वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, समिति के पदेन सदस्य सचिव तथा मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, समिति के पदेन सदस्य सह सचिव तथा प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य श्री गुलशन बामरा, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, टास्क फोर्स कार्यकारी समिति के पदेन सदस्य तथा अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, पदेन सदस्य तथा प्रमुख सचिव राजस्व श्री विवेक पोरवाल, पदेन सदस्य तथा संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री छोटे सिंह, समिति के सदस्य पूर्व विधायक श्री राम डांगोरे, जनजातीय मंत्रणा परिषद के डॉ. रूपनारायण मांडवे एवं श्री कालू सिंह मुजाल्दा, समिति के सदस्य विधि विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद दांडेकर, एक्सपर्ट मेम्बर श्री गिरीश कुबेर, विषय विशेषज्ञ श्री मिलिंद थत्ते, मुख्यमंत्री के अपर सचिव श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर आयुक्त जनजातीय अनुसंधान एवं विकास संस्थान श्रीमती रीता सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।