उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के मुख्य सेवक के रूप में अपने सफल चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड में मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की. साथ ही उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि हरिद्वार आने वाले सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण हों.
मुख्यमंत्री ने नदी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि प्राचीन काल से ही सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक जीवन की आधारशिला रही हैं. उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भी नदियों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है.
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे नदियों का ‘मां’ के समान सम्मान करें और उन्हें स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने में सहयोग करें. इस अवसर पर स्वयं मुख्यमंत्री सहित उपस्थित श्रद्धालुओं ने नदियों को प्रदूषित न करने और उन्हें सदैव स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि और अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया. मां गंगा की पूजा विधिवत रूप से आचार्य अमित शास्त्री द्वारा संपन्न कराई गई.
19 जिलों में भारी बारिश-वज्रपात-मेघगर्जन का अलर्ट,
छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश का दौर जारी है।अगले 5 दिनों तक सरगुजा व बिलासपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। खास करके 6 व 7 जुलाई को उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है तथा एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।
कोरिया, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी, भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और कोरबा जिलों में बाढ़ का भी खतरा है।
आगामी 24 घंटों के लिए इन जिलों में अलर्ट
प्रदेश के जशपुर, बलरामपुर, गौरेल पेण्ड्रा मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, सारंगढ़, बिलाईगढ़, सक्ती, जांजगीर रायगढ़ तथा कोरबा जिलों में एक दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।(ऑरेंज अलर्ट) प्रदेश के सरगुजा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, सुरजपुर, बलोदाबाज़ार, बेमेतरा, तथा कबीरधाम जिलों में एक दो स्थानों मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है।(येलो अलर्ट)
छत्तीसगढ़ मौसम विभाग पूर्वानुमान
समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका अच श्री गंगानगर, आगरा, प्रयागराज, डाल्टनगंज, कोलकाता से होकर पूर्व दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक जाती है। उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर तक फैला चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्सों और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है।
उत्तर गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड से होते हुए पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी डिस्सों और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 3.1 किमी ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके असर से प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने तथा मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की संभावना है।
कोरबा 05 जुलाई 2025/ राज्य शासन के दिशा निर्देशों के तहत कोरबा जिले में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना के बाद भी रिक्त शिक्षकों के पदो और विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के हिसाब से कम हो रहे शिक्षकों की प्रतिपूर्ति के लिए कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने सार्थक कदम उठाया है। उन्होंने जिले के विद्यालयों में शिक्षकों तथा भृत्यों के रिक्त पदो की संख्या जुटाकर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से मानदेय के आधार पर 480 अतिथि शिक्षकों और 351 भृत्यों के भर्ती का निर्णय लिया है। इन अतिथि शिक्षकों में प्राथमिक शाला के 243, माध्यमिक ष्शाला के 109 और हाई तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्याख्याताओं के 128 पदो पर भर्ती की जायेगी। खास बात यह है कि विगत शिक्षण सत्र में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों को इस सत्र की नियुक्ति में प्राथमिकता दी जायेगी। इसके साथ ही भृत्यों एवं अतिथि शिक्षकों को गत वर्ष दिये जाने वाले मानदेय में भी वृद्धि कर दी गई है।
कलेक्टर श्री वसंत द्वारा जिले में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सत्र में भी डीएमएफ से अतिथि शिक्षकों के नियुक्ति का निर्णय लिया है। पूर्व में डीएमएफ के शासी परिषद के बैठक में लिये गये निर्णयों के अनुरूप वर्तमान शिक्षण सत्र में भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया है। कलेक्टर श्री वसंत ने युक्ति युक्तकरण प्रक्रिया में अतिशेष शिक्षकों के समायोजन के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उन सभी विद्यालयों की जानकारी मंगाई थी, जहां विद्यार्थियों के दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षकों की आवश्यकता है। जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी प्राप्त होने के बाद कलेक्टर द्वारा विद्यालयों में आवश्यक कार्य हेतु मानदेय के आधार पर 351 भृत्यों के भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह प्राथमिक शाला के 243, माध्यमिक ष्शाला के 109 और हाई तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्याख्याताओं के 128 पदो पर मानदेय के आधार पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कलेक्टर श्री वसंत ने नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन करने और पूर्व में कार्य कर चुके भृत्यों और शिक्षको को प्राथमिकता देते हुए भर्ती प्रक्रिया ष्शीघ्र पूर्ण् करने के निर्देश दिए हैं ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय में शिक्षक की कमी महसूस न हो और उनका सिलेबस समय पर पूरा होने के साथ ही उन्हें जो शिक्षा मिलनी चाहिए वह मिल सकें। जिला खनिज न्यास मद अंतर्गत इन शिक्षकों की नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मेरिट लिस्ट के आधार पर होगी। यह नियुक्ति अस्थाई होगी और विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
डीएमएफ से की जा रही भर्ती में अतिथि शिक्षकों को इस सत्र में गत वर्ष की तुलना में बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। इस सत्र में भृत्य को 8500, प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 11 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 13 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 15 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। विगत वर्ष भृत्य को 8000, प्राइमरी स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 10 हजार, मिडिल स्कूल के अतिथि शिक्षकों को 12 हजार और हाई-हायर सेकेण्डरी के अतिथि व्याख्याताओं को 14 हजार रूपये प्रतिमाह मानदेय दिया गया था।
रायपुर। नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा।
CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए।गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।
रायपुर। कहते हैं ना सियासत,मोहब्बत और जंग में सब-कुछ जायज है। हालिया हम तो छत्तीसगढ़ की सियासत कैसे बात-बात पर गरम हो जा रही है, इसे लेकर बात कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की सड़कों को लेकर जब बात छिड़ गई है तो यह कुर्सी तक जा पहुंची है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक वाल और एक्स हैंडल पर जो कुछ लिखा है उसे लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत पल-पल गरमाने लगा है। प्रदेश के दो दिग्गजों के बीच चल रहे वार और पलटवार के बीच अब समर्थक भी कूद पड़े हैं। मामला रोचक के साथ ही गंभीर सियासत की ओर मुड़ने लगी है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव भूपेश बघेल ने अपने फेसबुक वाल पर कुछ इस अंदाज में अपनी बात शुरू की है। एक्स सीएम ने कुछ ऐसा लिखा है जिसे पढ़कर डिप्टी सीएम विजय शर्मा के साथ ही समर्थकों और भाजपाइयों में हलचल मच गई है। एक्स सीएम ने लिखा है कि कुर्सी है तुम्हारा ये जनाजा तो नहीं, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते। फिर लिखते हैं कमाल है विजय शर्मा जी, आपके अधिकारी घुसपैठिए नहीं ढूंढ पा रहे हैं तो आपको जनता के पास जाना पड़ रहा है।
सड़कों की दुर्गति ठीक करने के लिए आप मेरा नंबर लोगों को बांट रहे हैं। अपने बूते का नहीं लग रहा है तो छोड़िए उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का पद। एक्स सीएम फिर नसीहत देते हुए लिखते हैं कि आप ही क्यों पूरी भाजपा सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। फिर लिखते हैं जनता को ही संभालना है और हमें ही देखना है तो हम जनता के साथ देख लेंगे। आप दफा हो जाइए।
पूर्व सीएम ने फेसबुक वाल के साथ ही एक्स पर ही कुछ इसी तरह की बात लिखी है। फेसबुक वाल पर तो फ्रेंड्स,फालाेअर्स और समर्थकों के कमेंट्स की बाढ़ सी आ गई है। यह एकतरफा नहीं मामला दोनों तरफ बराबरी का है। वार हो रहा है और उसी अंदाज में पलटवार भी। छत्तीसगढ़ में कोई मुद्दा हो और उस पर बहस ना हो ऐसा भला हो सकता है।
वैसे भी छत्तीसगढ़ की सड़कों को लेकर लोगों का अपना कड़वा अनुभव ही रहा है और अब भी कुछ वैसा ही है। तभी तो राज्यभर की सड़कों की बदहाली को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। मामला अब भी हाई कोर्ट में चल रहा है। राज्यभर की सड़कों की स्थिति का जायजा लेने के लिए हाई कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नरों की नियुक्ति भी की है। सड़कों की बदहाली का मामला छत्तीसगढ़ की हाट टापिक है। बहरहाल सोशल मीडिया में सियासत गरमाई हुई है। समर्थक से लेकर फालोअर्स अपनी प्रतिक्रिया देने से नहीं चूक रहे हैं।
कोंडागांव : पीड़ित महिला ने आरोपी अमान वीरानी पर महिलाओं की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग व दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए कोंडागांव थाने मे अपराध दर्ज करवाया था. जिस पर कोण्डागाँव पुलिस ने पीडिता की रिपोर्ट दर्ज किया धारा 64(1), 64(2)(3), 308(2), 324(4), 115(2), 351(2) बीएनएस के तहत FIR की गईं थी.
वहीं, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और महिलाओं के अश्लील फोटो वीडियों बनाकर ब्लैमेलिंग व दुष्कर्म के आरोपी अमान वीरानी को कोण्डागांव पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार भी कर लिया है. आरोपी पर आरोप है की वो महिलाओं की पहले फोटो और वीडियो बनाता था, इसके बाद उस वीडियो को उन्हीं महिलाओं को दिखाकर उसे वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं के साथ लगातार दुष्कर्म करता था और उनसे पैसे वसूलता था.
पुलिस ने अपनी जाँच में पाया की आरोपी और भी महिलाओं का वीडिया बनाकर उन्हें वीडियो दिखाकर उनसे दुष्कर्म करता था. यही नहीं उन महिलाओं से पैसे की डिमांड भी करता था, फिलहाल पुलिस ने केशकाल से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायलय के आदेश पर रिमांड पर जेल भेजा गया है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति द्वारा जारी शांति वार्ता पत्र पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार नक्सलियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, बशर्ते वे हिंसा छोड़ें और आत्मसमर्पण करें।
बता दें कि बीते 1 जुलाई को माओवादी संगठन ने एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर केंद्र व राज्य सरकारों से युद्धविराम और शांति वार्ता की पहल की मांग की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सरकार आदिवासियों की ज़मीन, जंगल और अस्तित्व को नष्ट कर रही है। साथ ही बसवराजू समेत अन्य नक्सलियों की हत्या को ‘जनसंहार’ करार दिया गया।
मुख्यमंत्री साय की दो टूक – गोलीबारी की भाषा आएगी तो फिर सरकार उसके लिए भी तैयार है
मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो फिर सरकार उसके लिए भी तैयार है।
अमित शाह का सख्त संदेश – “बारिश में भी चैन से नहीं सो पाएंगे”
गौरतलब है कि बीते जून महीने में छत्तीसगढ़ दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्पष्ट शब्दों में कहा था कि “नक्सलियों को हथियार डालने होंगे। अब समय आ गया है कि वे यह समझें कि न तो जंगलों में, और न ही बारिश में उन्हें चैन से रहने दिया जाएगा। चर्चा की कोई जरूरत नहीं, बस हथियार डालें।”
इसके बाद शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों – ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के DGP-ADGP रैंक के अधिकारियों के साथ इंटर-स्टेट नक्सल ऑपरेशन की समीक्षा बैठक भी की थी।
BJP सरकार बनते ही 427 नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि बिना हथियार छोड़े कोई वार्ता संभव नहीं। सरकार का लक्ष्य 2026 तक राज्य को नक्सलमुक्त बनाना है और अब तक की कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि सुरक्षा बल इस दिशा में निर्णायक बढ़त हासिल कर चुके हैं। हाल के समय में नक्सल उन्मूलन अभियान को तीव्र गति मिली है। इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अब तक 31 कुख्यात नक्सलियों समेत 427 नक्सलियों को मार गिराया जा चुका है। वहीं बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि माओवादी संगठन सरकार की शर्तों के अनुरूप आगे कोई कदम उठाता है या नहीं।
विधायक के द्वारा 9वी से 12 वीं के छात्राओं को निःशुल्क पानी बॉटल उपलब्ध कराया।
((नयाभारत सितेश सिरदार लखनपुर)):–
लखनपुर के पी एम श्री स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में कक्षा UKG एवं पहली कक्षा के नव प्रवेशी छात्र छात्राओं का प्रवेश उत्सव मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल रहे। भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश बारी, राजेन्द्र जायसवाल विधायक प्रतिनिधि – लुंड्रा राकेश साहू , राकेश अग्रवाल,सचिन अग्रवाल, सुरेन्द्र साहू , विनोद हर्ष ,मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती स्वेच्छा सिंह , मुख्य नगर पालिका अधिकारी विद्यासागर चौधरी के आतिथ्य में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ । छात्रों ने सभी अतिथियों का स्वागत करतल ध्वनि के साथ NCC बैंड की गूँज के साथ गर्मजोशी से किया । सरस्वती माता के चित्र पर पुष्पार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ । शिक्षिका भगवती सिंह ने स्वस्तिवाचन किया । सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ, श्रीफल साल से स्वागत किया गया, पारुल सिन्हा ने अपने स्वागत उद्बोधन द्वारा सभी का स्वागत किया, मुख्य अतिथि ने दसवीं, बारहवीं बोर्ड परीक्षा में नब्बे प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले छात्रों को 5000 रुपए नगद एवं प्रयास आवासीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय में चयनित छात्रों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया । बोर्ड कक्षाओं में अध्यापन कराने वाले सभी विषय शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया । तथा साथ ही आए हुए सभी अभिभावकों को श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत , छत्तीसगढ़ी समूह नृत्य एवं स्कूल चले हम नृत्य प्रस्तुत किया । विद्यालय के प्राचार्य के द्वारा सत्र 2025-26 की कार्य योजना के बारे में अतिथियों के समक्ष बताया गया तथा उनसे सहयोग की अपेक्षा की गई। जिसमें मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नवोदय प्रयास एकलव्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के पृथक से कक्षा संचालन की बात कही गई तथा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विद्यालय में शून्य साल था कि छात्रों की संख्या करने का प्रयास किया जाएगा
शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा कक्षा UKG ,कक्षा पहली के छात्रों को तिलक लगाकर , माला पहनकर तथा लड्डू खिलाकर उनको पाठ्य पुस्तक वितरित की गई ।
विधायक महोदय ने इस सत्र से प्रारम्भ की गई UKG की कक्षा का फ़ीता काटकर उद्घाटन किया तथा एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम के तहत विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण किया । विधायक महोदय ने सभी छात्रों को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएँ दीं।पढ़ाई के प्रति रुझान बनाए रखने एवं अधिक से अधिक शाला में उपस्थित रहने के लिए प्रेरित किया । पढ़ाई को सिर्फ़ नौकरी पाने और पैसा कमाने का साधन न मानकर ज्ञान के लिए और व्यक्तित्व निर्माण के लिए अपनाने की सलाह दी । संपूर्ण कार्यक्रम में मंच संचालन का कार्य श्रीमती दीप्ति पाठक ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय प्राचार्य ऋषि कुमार पांडे, प्रधान पाठक श्रवण कुमार साहू ,संकुल प्राचार्य अपूर्ण प्रधान ,संकुल समन्वयक रामलोचन राजवाड़े एवं विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे ।
कवर्धा. छत्तीसगढ़ के कवर्धा में सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री (Kawardha Double Murder) का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. 8 साल पहले हुए डॉक्टर दंपत्ति की निर्मम हत्या के मामले में कवर्धा एसपी धर्मेन्द्र सिंह छवाई ने तकनीकी और सटीक जांच के जरिये इस जघन्य वारदात की गुत्थी सुलझा ली है. वारदात को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्की उनका ड्राइवर ही निकला. 1.50 लाख रुपए के लिए उसने डॉक्टर पति को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने सिर्फ एक की ही हत्या की है. डॉक्टर पति ने अपनी पत्नी की पत्थर से हत्या की थी.
पूरा मामला 3 अप्रैल 2017 का है. जहां जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर दंपत्ति, डॉ. गणेश सूर्यवंशी और उनकी पत्नी डॉ. उषा सूर्यवंशी की खून से लथपथ लाश उनके रामनगर स्थित घर में मिली थी. इस वारदात से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था. लेकिन हत्याकांड का आरोपी तब से फरार था. आरोपी हत्या के बाद दुर्ग फरार हो गए था, लेकिन कुछ समय बाद वे बाइक से मुंह पर स्कार्फ बांधकर मौके की रेकी करने लौटे था.
ड्राइवर ही निकला हत्यारा
पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉक्टर दंपत्ति का पूर्व ड्राइवर सत्यप्रकाश साहू ही डॉक्टर पति की हत्या का जिम्मेदार है. आरोपी ने डॉक्टर गणेश सूर्यवंशी को 1 लाख 50 हजार रुपये उधार दिए थे. 3 अप्रैल की रात वह पैसे की वसूली के लिए डॉक्टर के घर पहुंचा था. घर पर डॉक्टर पति-पत्नी एक दूसरे से लड़ाई झगड़ा कर रहे थे.
आरोपी के बयान के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि डॉक्टर ने दरवाजा रोकने वाले वजनदार पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर हमला कर दिया. आक्रोश में पत्नी ने भी डॉक्टर पर कमल की कोशिश की. घायल पत्नी जमीन पर निचे गिर गई तब डॉक्टर ने दोबारा वार कर उसके मौत के घाट उतार दिया. मौके पर खौफनाक दृश्य देख ड्राइवर सत्याप्रकाश घबरा गया. उसे डर लगने लगा कि कहीं आक्रोश में डॉक्टर उसकी भी हत्या कर सकता है.
आरोपी ने डॉक्टर को धक्का देकर गिराया और फिर पत्थर से उसके ऊपर वार कर उसकी हत्या कर दिया. वारदात के बाद आरोपी ने खून के धब्बे को साफ किया और दोनों के शवों को आंगन तक खींचकर लाया. फिर वह सुबह 5 बजे बस से दुर्ग के लिए फरार हो गया. आरोपी ड्राइवर अपने साथ डॉक्टर के मोबाइल को लाया था, जिसे उसने गंडई में 1900 रुपये में गिरवी रखा था.
तकनीकी जांच से मिली सफलता
इस केस को सुलझाने के लिए कई IPS अधिकारी आए और चले गए, लेकिन धर्मेन्द्र सिंह छवाई ने एसपी की कमान संभाली तो हत्याकांड में टेक्निकल एनालिसिस के जरिए आरोपी तक पहुंचने में सफलता पाई. आरोपी ड्राइवर को जब हिरासत में लिया गया और सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने अपराध कबूल कर लिया.
अनबन थी दंपत्ति के बीच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टर दंपत्ति के बीच पारिवारिक अनबन चल रही थी और दोनों अलग-अलग कमरों में सोते थे. यही वजह रही कि वारदात के वक्त कोई बचाव नहीं हो सका.
आईजी ने किया था इनाम घोषित
इस हाई प्रोफाइल मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आईजी रेंज ने इनाम की घोषणा भी की थी. आईजी अभिषेक शांडिल्य (IPS) ने 30 हजार रुपये और एसपी धर्मेन्द्र सिंह (IPS) ने 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी. आखिरकार आठ साल बाद एसपी छवाई की मेहनत रंग लाई और एक लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया.
बिलासपुर//मस्तूरी जनपद के ग्राम पंचायत भिलौनी में सरपंच कौशल्या सरोज ध्रुव उपसरपंच शुभम् सचिव बालिस्टर पटेल रोजगार सायक सुरेश तुर्काने पंच गण व ग्रामीण उपस्थित रहे जहाँ स्कूल प्रांगण में सभी नें मिलकर एक पेड़ माँ के नाम के तहत में शामिल हो कर वृक्षारोपण किया वही सरपंच पति सरोज नेताम नें बताया की शहरों गाँवो में पेड़ लगाना,जो वायु की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है,गर्मी के प्रभाव को कम कर सकता है और सौंदर्य मूल्य प्रदान कर सकता है.वनों को फिर से स्थापित करने के लिए पेड़ों को लगाना जो पहले से ही काट दिए गए हैं.वृक्षारोपण एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जो पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था के लिए कई लाभ प्रदान करती है। हम सभी को वृक्षारोपण में योगदान देना चाहिए और अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा और स्वस्थ बनाने में मदद करनी चाहिए जो न सिर्फ आज बल्कि भविष्य के लिए भी फायदेमंद होगा।