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CG – बरसात के मौसम में मंडराया ‘सांपों’ का खतरा, सर्पदंश से बचने स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, सांप डसे तो डरे नहीं, ऐसे बचाए अपनी जान…..

रायपुर। बरसात का मौसम शुरू होते ही वातावरण में नमी और उमस बढ़ने तथा बारिश के पानी का सांप, बिच्छुओं व अन्य जंतुओं के बिलों में भर जाने के कारण ये सुरक्षित स्थान की तलाश में अक्सर बाहर आ जाते हैं। भोजन की खोज में ये घरों में घुस जाते हैं जिससे लोगों को इसके द्वारा काटे जाने का खतरा बढ़ जाता है। सर्पदंश जानलेवा भी हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर लोग सर्पदंश के मामले में चिकित्सा विज्ञान पर विश्वास नहीं करते और बैगा-गुनिया से झाड़-फूंक कराते हैं। सर्पदंश के शिकार लोग अंधविश्वास व अज्ञानता के कारण असमय काल-कवलित हो जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्पदंश की स्थिति में बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत रोहडेलकर ने बताया कि झाड़-फूंक से सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकती है।

अंधविश्वास के कारण ग्रामीण संर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक में समय नष्ट कर मरणासन्न स्थिति में पीड़ितों को चिकित्सालय लाते हैं जिस कारण पीड़ितों का जीवन बचाने में चिकित्सक भी असफल रहते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामलों में बचाव के लिए जनसामान्य में जागरूकता लाने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। बेमेतरा जिला चिकित्सालय और विकासखण्ड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्पदंश के निःशुल्क इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाईयां (एण्टी स्नेक वेनम) उपलब्ध हैं।

सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं

बेमेतरा जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बंसोड़ ने सर्पदंश के प्रकरणों में कमी लाने और इससे बचाव के उपायों पर कहा कि अगर आप घर से बाहर जा रहे हैं और उस क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी नहीं है, तो अपने साथ टार्च अवश्य रखें तथा जूते जरूर पहनें। घरों में प्रकाश की समुचित व्यवस्था बनाए रखें। घरों में कूड़े-करकट का ढेर लगाकर न रखें। शयन कक्ष में भोजन सामग्री, धान आदि न रखें, इससे वहां चूहे नहीं आएंगे। सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नही, घबराने से हृदय गति बढ़ सकती है। सर्पदंश के शिकार व्यक्ति के लिए यह घातक साबित हो सकता है, क्योंकि इससे विष तेजी से पूरे शरीर में फैल सकता है।

कपड़ा या रस्सी से न बांधे

सर्पदंश वाली जगह के उपरी हिस्से को कपड़ा या रस्सी से न बांधे। यह बेहद हानिकारक हो सकती है। सांप के काटने वाली जगह पर कुछ भी बांधने से उपचार के लिए हटाये जाने पर विष तेजी से फैल सकता है। सर्पदंश से प्रभावित अंग को हिलाए-डुलाएं नहीं। हिलाने-डुलाने से शरीर के अन्य अंगों में जहर तेजी से फैल सकता है। सर्पदंश वाली जगह के आसपास काटे और जलाएं नहीं। झोला छाप चिकित्सक या झाड़-फूंक करनेवालों के पास न जाएं। सांप के काटने का एकमात्र इलाज अस्पताल में दिया जाने वाला एंटीवेनम होता है।

सर्पदंश की स्थिति में तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या जिला चिकित्सालय में चिकित्सक से परीक्षण व इलाज कराएं। बेमेतरा जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे सर्पदंश के मामले में तत्परतापूर्वक नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क उपचार प्राप्त करें, जिससे सर्पदंश से असामयिक मृत्यु की रोकथाम हो सके। आपात स्थितियों में क्षेत्र के आर.एच.ओ. या मितानिन से संपर्क कर सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीक के अस्पताल पहुँचाएं।

Uttarakhand News: बद्रीनाथ धाम जा रहे श्रद्धालु अब नहीं कर सकेंगे ये काम, 2 जुलाई की घटना के बाद मंदिर ट्रस्ट ने लिया निर्णय…

चमोली. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने बड़ा निर्णय लिया है. अब मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यहां फोटो नहीं खिंचवा सकेंगे. परिसर में फोटो खिंचवाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. समिति ने 2 जुलाई की घटना और मंदिर के बाहर हुई लड़ाई के बाद ये कदम उठाया है. समिति ने इसे धाम में अमर्यादित व्यवहार मानते हुए के निर्णय लिया है.

बता दें कि बीते दिनों बद्रीनाथ मंदिर के ठीक सामने सिंहद्वार की सीढ़ियों पर दो गुटों में लड़ाई हो गई थी. जिसका वीडियो भी सामने आया है. मामला इतना बढ़ गया था कि पुलिस को बीच-बचाव कराना पड़ा था. पहले कहा जा रहा था कि ये लड़ाई मंदिर में दर्शन को लेकर हुई है. वहीं समिति का कहना है कि झगड़ा दर्शन को लेकर नहीं था, बल्कि भक्त आपस में ही फोटों खिंचवाने को लेकर लड़े थे.

गौरतलब है कि मंदिर के 50 मीटर के दायरे में फोटोग्राफी या रील्स आदि बनाने पर मनाही है. फिर भी कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर रहे है. लेकिन अब बद्रीनाथ धाम के सिंहद्वार के ठीक आगे सीढ़ियों पर खड़े होकर फोटो खिंचवाने पर अब पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. बीकेटीसी ने भक्तों से अपील की है कि सिंहद्वार के आगे निर्धारित खुले परिसर में फोटो खिंचवाएं. धामों की गरिमा बनाये रखें.

CG High Court ब्रेकिंग : इस भर्ती में बड़ा बदलाव, अब इन्हें भी मिलेगा मौका…..

बिलासपुर। PHE लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में सब इंजीनियर भर्ती नियम को हाई कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि बीई डिग्रीधारी ज्यादा योग्य हैं। डिप्लोमाधारकों को पात्र घोषित कर देना एक असमान, भेदभावपूर्ण तथा अनुचित निर्णय है। संबंधित भर्ती नियमों को संविधान के विरुद्ध घोषित करते हुए कोर्ट ने मनमाना ठहराया है। कोर्ट ने माना कि बीई डिग्री वाले डिप्लोमाधारकों से ज्यादा योग्य हैं। अप्रैल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता भर्ती परीक्षा संपन्न हो चुकी है। जिसमें हाई कोर्ट ने पूर्व में बीई डिग्रीधारकों को अंतरिम राहत प्रदान की थी।

पीएचई में सब इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया व नियमों को चुनौती देते हुए धगेन्द्र कुमार साहू ने अधिवक्ता प्रतिभा साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग द्वारा उप अभियंता सिविल,मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल पद पर नियुक्ति के लिए बनाए गए भर्ती नियमों को याचिका में चुनौती दी थी। पीएचई ने नियमों के तहत केवल डिप्लोमाधारकों को ही सब इंजीनियर पद के लिए पात्र मानते हुए बीई डिग्रीधारी उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराया था। याचिकाकर्ता ने कहा कि वर्ष 2016 तक जब भी उक्त पदों पर भर्ती की गई, डिप्लोमाधारकों के साथ बीई डिग्रीधारकों की भी नियुक्ति की जाती थी। भले ही नियमों में डिप्लोमा की शर्त उल्लेखित रहा हो। बीई व डिप्लोमाधारक दोनों ही उम्मीदवारों को समान रूप से अवसर दिया जाता था। छत्तीसगढ़ सरकार और संबंधित विभाग द्वारा पीएचई में सब इंजीनियर की भर्ती के लिए पहली बार केवल डिप्लोमाधारकों को ही पात्र माना गया है। यह पक्षपातपूर्ण, भेदभावपूर्ण और मनमानी कार्यवाही है।

बीई-डिप्लोमाधारी, दोनों को मिले समान अवसर

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में याचिका की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने कहा कि बीई. डिग्रीधारी उम्मीदवार तकनीकी रूप से अधिक योग्य होते हैं। उन्हें ऐसे पदों से वंचित करना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। कोर्ट ने यह भी माना कि सरकार द्वारा वर्षों से बीई. एवं डिप्लोमाधारकों को नियुक्त करने की परंपरा रही है।

हो चुकी हैं भर्ती परीक्षा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 118 पद सिविल और 10 पद विद्युत/ यांत्रिकी की भर्ती हेतु व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने विज्ञापन जारी किया था। जारी विज्ञापन में डिप्लोमा डिग्रीधारियों को ही परीक्षा हेतु पात्र माना गया था। भर्ती परीक्षा 27 अप्रैल 2025 को संपन्न हो चुकी है। हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए परीक्षा में बीई डिग्रीधारियों को शामिल करने के आदेश दिया था।

Uttarakhand News: उत्तराखंड में भारी बारिश पर केंद्र की नजर: अमित शाह ने सीएम धामी से की बात, चारधाम यात्रा के लिए NDRF-ITBP की तैनाती का आश्वासन…

देहरादून। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर केदारनाथ धाम सहित राज्य के विभिन्न आपदा संभावित क्षेत्रों में हो रही अतिवृष्टि की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चारधाम यात्रा की सुचारुता सुनिश्चित करने हेतु NDRF व ITBP को तत्परता से तैनात करने का आश्वासन दिया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सीएम धामी ने जताया आभार

साथ ही राज्य के अन्य संवेदनशील जिलों में भी लगातार निगरानी रखते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस संवेदनशील और सक्रिय सहयोग हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

MP NEWS: सिंचाई और जल संरक्षण को मिल रही गति, मनरेगा के तहत खेत तालाब और अमृत सरोवर का निर्माण जारी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव…

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और जल संरक्षण के प्रयास सतत जारी हैं। प्रदेश में खेती को पर्याप्त पानी मिलने से फसलें लहलहाएंगी और गर्मियों में कुएं नहीं सूखने से पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है। मनरेगा योजना के तहत पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर खेत तालाब, डगवेल रिचार्ज और अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं। इनमें से अधिकतर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कई निर्माण प्रगति पर हैं।

इन जल संरचनाओं के निर्माण से प्रदेश के सिंचाई रकबे में बढ़ोतरी होगी और भू-जल स्तर में सुधार आएगा। इससे खेतों में सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे किसानों को काफी राहत मिलेगी और उन्हें समय पर फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

25 करोड़ घन-मीटर से अधिक वर्षा जल का होगा संग्रहण

मनरेगा योजना के तहत बनाई जा रही जल संरचनाओं में लगभग 25 करोड़ घनमीटर से अधिक वर्षा जल संग्रहित होगा, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। अब तक 84 हजार 930 से अधिक खेत तालाब, 1 लाख 4 हजार 294 से अधिक रिचार्ज पिट और 1,283 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है या निर्माणाधीन है। इन संरचनाओं से 1 लाख 67 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी।

तकनीक आधारित निर्माण

प्रदेश में पहली बार जल संरचनाओं के निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्लानर सॉफ्टवेयर की मदद से कार्य योजना बनाई गई। सिपरी सॉफ्टवेयर से जल प्रवाह की दिशा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उपयुक्त स्थानों का चयन किया गया। इस तकनीकी प्रक्रिया से जल संग्रहण की प्रभावशीलता बढ़ी है और अब हो रही बारिश से इन संरचनाओं में पानी तेजी से संग्रहीत और संचय हो रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के क्षेत्र में यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मनरेगा योजना किसानों को संबल देने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही है। यह जल क्रांति प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए एक सशक्त और सुरक्षित भविष्य की नींव रख रही है।

MP NEWS: अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर 5 जुलाई को “सहकारी युवा संवाद”, मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे मुख्य अतिथि….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर सहकारी युवा संवाद 5 जुलाई को सुबह 10 बजे समन्वय भवन में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं से सहकारी युवा संवाद करेंगे। कार्यक्रम को सहकारिता मंत्री श्री सारंग भी संबोधित करेंगे और अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णबाल द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया जायेगा। अतिथियों एवं युवाओं के मध्य समावेशी एवं संवहनीय विकास में सहकारिता की भूमिका विषयक संवाद होगा। इस दौरान राज्य सहकारी संघ द्वारा क्रियान्वित भारत सरकार हस्तशिल्प विभाग के सीएचसीडीएस स्कीम के हस्तशिल्प प्रशिक्षणार्थियों को टूलकिट वितरण भी होगा।

राज्य सहकारी संघ एवं अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज द्वारा इस संयुक्त आयोजन में विषय विशेषज्ञों द्वारा सहकारिता की अवधारणा एवं विकास, सहकारिताओं के प्रकार, सहकारिता की वैधानिक पृष्ठभूमि, सहकारी सेक्टर में स्वरोजगार की संभावनाएं और “सहकार से समृद्धि” योजना का विवरण एवं प्रगति के बारे में जानकारी दी जायेगी। कार्यक्रम की शुरूआत सहकारी गीत गायन से होगी। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा सहकारी ध्वजारोहण एवं सहकारिता पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन भी किया जायेगा।

MP NEWS: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोल्ड मेडल विजेता प्रियांशी को दी बधाई, दो लाख की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की…

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को समत्व भवन, मुख्यमंत्री निवास में उज्जैन की बिटिया, अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी कु. प्रियांशी प्रजापति ने भेंट की। उल्लेखनीय है कि हाल ही में वियतनाम में सम्पन्न एशियाई कुश्ती चैंम्पियनशिप में प्रियांशी ने अंडर- 23 श्रेणी में गोल्ड मैडल प्राप्त कर मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली बिटिया प्रियांशी को इस उपलब्धि के लिए शाबाशी और बधाई देते हुए कहा कि कु. प्रियांशी प्रजापति को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। इस क्रम में पूर्व में भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि के साथ ही विभिन्न सेवाओं में लेने का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट और राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले और पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सदैव इसी तरह प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अवसर पर श्री रवि सोलंकी, मप्र कुश्ती संघ के सह सचिव श्री विजय चौधरी, उज्जैन जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष श्री उमेश ठाकुर , सचिव श्री सुरेंद्र यादव, उपाध्यक्ष श्री मुकेश प्रजापति और श्री सावन बजाज उपस्थित थे।

गृह नगर उज्जैन से लेकर राजधानी भोपाल तक प्रियांशी को बधाइयां

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में प्रियांशी का स्वागत किया। भोपाल के अलावा उज्जैन में भी प्रियांशी के स्वागत के लिए सभी लालायित हैं। जहां जिला प्रशासन उज्जैन, खेल विभाग एवं कुश्ती प्रेमियों ने भी प्रियांशी को बधाई दी है, वहीं खेल जगत में मध्यप्रदेश की खिलाड़ी की उपलब्धि से प्रसन्नता का वातावरण है। प्रियांशी को 11 वर्ष की उम्र से ही कुश्ती का शौक रहा है। प्रियांशी की बड़ी बहन नुपुर भी कुश्ती की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी रही हैं।

प्रियांशी ने विभिन्न स्पर्धाओं में पहले भी मैडल प्राप्त किए हैं। इनमें वर्ष 2018 में अंडर-15 श्रेणी में जापान में चौथा स्थान, वर्ष 2020 में सीनियर फेडरेशन कप पंजाब में गोल्ड मैडल, वर्ष 2022 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप बुल्गारिया में तीसरा स्थान, वर्ष 2023 जूनियर वर्ग में ही में जॉर्डन एशियाई चैंपियनशिप में तीसरा स्थान और वर्ष 2025 में सीनियर वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल प्राप्त कर मध्यप्रदेश एवं राष्ट्र का नाम गौरवान्वित किया है। प्रियांशी आगामी 29 जुलाई को तुर्की में आयोजित होने वाली 53 किलो वर्ग में रैंकिग सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने जाएंगी और भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रियांशी अपने पिता रेसलर श्री मुकेश बाबूलाल प्रजापति के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का श्रेय देती हैं।

CG News: प्रदेश में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, अब एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं…

रायपुर: प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने की दिशा में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से बेहतर परिणाम मिले हैं। प्रदेश में युक्तियुक्तकरण के पूर्व कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है।

इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के पश्चात प्रदेश के 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालयों में से 4728 विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना की गई है जो कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक सार्थक कदम है, जिससे निःसंदेह उन विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा और अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।

बस्तर एवं सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी के कारण लगभग 1208 विद्यालय एकल शिक्षकीय रह गये हैं। निकट भविष्य में प्रधान पाठक एवं व्याख्याता की पदोन्नति तथा लगभग 5000 शिक्षकों की सीधी भर्ती के द्वारा शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में पूर्ति कर दी जावेगी, जिससे कोई भी विद्यालय एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा तथा अन्य विद्यालयों में भी जहां शिक्षकों की कमी है, शिक्षकों की पूर्ति की जाएगी।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में निहित प्रावधानों के तहत की गई है, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रह गई है। ऐसे अधिकारी-कर्मचारी जो किसी भी प्रकार की अनियमितता में संलिप्त पाये गये, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है।

CG- छात्रा की हत्या मामले में बड़ा खुलासा : ब्वायफ्रेंड ने ली 10वीं की छात्रा की जान, दूसरे लड़के से बात करने के शक में रची साजिश, ऐसे उतारा मौत के घाट…..

रायपुर। खरोरा थाना क्षेत्र में छात्रा की हत्या मामले का बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले महीने 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा मुस्कान धीवर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में मृतिका के दूर के रिश्तेदार और कथित प्रेमी साहिल धीवर (20) को महाराष्ट्र के गोंदिया से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बलौदाबाजार जिले के सकलोर गांव का रहने वाला है।

बताया जा रहा है कि, मुस्कान और साहिल के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन हाल के दिनों में साहिल को शक था कि मुस्कान किसी और लड़के से भी बातचीत करती है। इसी शक ने उसने छात्रा की हत्या की साजिश रच डाली।

वारदात 26 जून की है। साहिल ने मुस्कान को घुमाने के बहाने गांव से बाहर एक तालाब के पास बुलाया। वहां उसने चाकू से हमला किया और फिर पत्थर से कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद वह मोबाइल बंद कर फरार हो गया।

हत्या से पहले का एक सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगा, जिसमें मुस्कान एक युवक के साथ बाइक पर जाती हुई दिख रही है। परिजनों के अनुसार, दोपहर के वक्त मुस्कान अपने रिश्तेदार साहिल के साथ निकली थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चला।

अगले दिन 27 जून की दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि तोर्रा तालाब के पास एक खेत में लड़की की लाश पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान मुस्कान धीवर के रूप में की। घटनास्थल से आरोपी की चप्पल और अन्य सामान बरामद हुए।

खरोरा थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने एक सप्ताह की मेहनत के बाद आरोपी को महाराष्ट्र के गोंदिया से दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।

CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट, राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में शामिल होने का दिया आमंत्रण….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। रजक समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को आगामी 20 जुलाई को बिलासपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय युवा सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय से समाज के युवाओं के उत्थान एवं कौशल विकास के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा समाज के कल्याणार्थ किए जा रहे कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने रजक समाज की एकजुटता और प्रगति की सराहना करते हुए सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रह्लाद रजक उपस्थित थे।