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CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के लिए 7 दिवस की दी मोहलत…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं। यह जिम्मेदारी पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा पूरी गंभीरता से निभाई जा रही है।

श्री पाण्डेय ने बताया कि पिछले शिक्षा सत्र में सामने आई कुछ अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रत्येक पुस्तक पर दो बारकोड लगाए गए हैं।एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा पुस्तक के गंतव्य विद्यालय की पहचान के लिए।

इस वर्ष कुल 2 करोड़ 41 लाख किताबें मुद्रित की गईं, जो 17-18 जून 2025 तक सभी डिपो में पहुँचा दी गईं। शासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं, 10वीं की पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचा दी गई है तथा स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का कार्य भी 90 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसी तरह आत्मानंद विद्यालयों में भी पुस्तकों का वितरण तेजी से किया जा रहा है और 60 प्रतिशत किताबें पहुँच चुकी हैं, शेष कुछ ही दिनों में पहुँचा दी जाएंगी।

प्राइवेट विद्यालयों को इस बार बारकोड स्कैनिंग के पश्चात ही पुस्तकें डिपो से प्रदान की जा रही हैं, जबकि पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से यह प्रक्रिया की जाती थी। हालांकि, बीते तीन दिनों में डिपो में स्थान की कमी और स्कैनिंग प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता की कमी के कारण समस्याएं उत्पन्न हुईं।

इस संबंध में जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अवगत कराया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिक्षा मंदिर सहित बड़ी संख्या में प्राइवेट विद्यालयों को पुस्तकें मिलनी हैं, तब मुख्यमंत्री जी ने शीघ्र निर्णय लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्राइवेट विद्यालय अपनी आवश्यकता अनुसार जिलेवार किताबें डिपो से प्राप्त करें तथा 7 दिवस के भीतर अपने विद्यालय में बारकोड स्कैनिंग पूर्ण करें।

मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री पाण्डेय ने कहा कि यह शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सभी बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और कोई भी छात्र पुस्तक के अभाव में पीछे न रह जाए। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित और सजगता से कार्य कर रहा है।

Bihar News- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया गंगा पथ और घाटों का निरीक्षण, मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी…

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज गुरुवार (3 जुलाई) को पटना के जे०पी० गंगा पथ और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दीघा घाट से गांधी घाट तक सौंदर्यीकरण और पौधारोपण कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दीघा-सोनपुर 6 लेन पुल का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने दीघा से सोनपुर के बीच बन रहे नए 6 लेन पुल का भी निरीक्षण किया और कहा कि इसके निर्माण से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होगा, साथ ही महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु पर दबाव कम होगा। गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तटवर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव कुमार रवि, प्रमंडलीय आयुक्त चन्द्रशेखर सिंह और जिलाधिकारी त्यागराजन एस.एम. शामिल थे।

MP News- उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश : मैकेन फूड्स करेगी 3800 करोड़ का निवेश, 6300 रोजगार सृजन का लक्ष्य….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में “उद्योग और रोजगार वर्ष : 2025” औद्योगिक विकास की तीव्र संभावनाओं को साकार करने का वर्ष है। राज्य सरकार के प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर निवेश प्रस्ताव मिल रहे हैं। निवेशकों को औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए भूमि सहित नीतियों के अंतर्गत सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में मैकेन फूड्स के रीजनल प्रेसिडेंट श्री पियरे डैनेट एवं प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। मैकेन फूड्स के श्री पियरे डैनेट ने बताया कि मध्यप्रदेश में किसानों को कांट्रेक्ट फार्मिंग के माध्यम से स्थायी बाजार बेहतर मूल्य और उन्नत कृषि तकनीक का लाभ दिलवाने के लिए 3800 करोड़ रुपए निवेश का प्रस्ताव दिया गया है। प्रथम चरण में 1800 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा और इस निवेश के फलस्वरूप 6300 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा।

वैश्विक कंपनी मैकेन फूड्स भारत में मुख्य रूप से फ्रोजन आलू उत्पादों जैसे फ्रेंच फ्राइज, आलू टिक्की और स्नैक आइटम बनाती है। कनाडा में स्थापित यह कंपनी भारत में वर्ष 2007 से खाद्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान में गुजरात के मेहसाणा में कंपनी किसानों से आलू खरीद कर अत्याधुनिक उत्पादन इकाई के माध्यम से विभिन्न खाद्य उत्पाद निर्मित कर रही है। चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह और आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।

MP NEWS: नगरीय क्षेत्रों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने कार्य-योजना बनाई जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नगरों में झुग्गी बस्तियों के विस्तार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से, लोगों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किफायती और सुविधाजनक आवास सुविधा विकसित करने कार्य-योजना बनाई जाए। नगरीय क्षेत्र में पर्यावरण की बेहतरी के लिए उद्यानों को विकसित करना और विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड सहित सभी आवासीय परियोजनाओं में पौध-रोपण को प्रोत्साहित करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के बड़े तालाब के आसपास अवैध निर्माण का सर्वेक्षण करवा कर उन पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में कॉलोनियों के विकास में देश के प्रतिष्ठित बिल्डर्स एंड कॉलोनाईजस को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाली आकस्मिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अग्निशमन सेवा का आधुनिकीकरण तत्काल किया जाए।

अंतर्शहरी क्षेत्र में रेल सेवा के विस्तार के लिए नमो ट्रेन की योजना तैयार की जाए। जल्द ही इस पर केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा कर मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को प्राथमिकता के आधार पर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश में मीट-मछली के दुकानदारों को व्यवस्थित करने और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार्मिक क्षेत्रों में दीनदयाल रसोई योजना के विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकारी मदद के साथ स्वंयसेवी संस्थाओं और निजी दानदाताओं की मदद ली जाए। शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय के स्व-सहायता समूह तैयार कर उन्हें आधुनिक लॉण्ड्री शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं अन्य योजनाओं में तैयार किए गए आवासों के आधिपत्य बनने के साथ ही सौंपे जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके लिए जरूरी है कि शहरी क्षेत्रों में आरक्षित भूमि चयनित कर ‘नगर वन’ अधिक से अधिक विकसित किए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय बैठक में प्रमोशन प्रक्रिया की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को तय समय-सीमा में प्रमोशन दिया जाए। इससे रिक्त होने वाले पदों पर अभी से भर्ती की प्रक्रिया की कार्य-योजना तैयार कर ली जाए।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन शहरों के विकास में एकीकृत विकास की योजना तैयार की जा रही है। चित्रकूट नगर में 2800 करोड़ रूपए की कार्य-योजना तैयार की गई है, जिसमें नगरीय विकास विभाग द्वारा 800 करोड़ रूपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में रीडेंसिफिकेशन परियोजनाओं की संभावना को देखते हुए हाऊसिंग बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की एक करोड़ 30 लाख लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता के साथ आवास दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 55 हजार आवास बनकर तैयार हो गए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में अब तक 4 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो गए हैं।

बैठक में संकल्प-पत्र के बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि संकल्प बिन्दु के अनुसार वर्ष 2027 तक भोपाल और इंदौर मेट्रो लाईन का पूर्ण संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना में 1070 करोड़ रूपए की 1062 परियोजनाएं मंजूर हैं। बताया गया कि 183 नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 218 पिंक शौचालय संचालित हो रहे हैं। बैठक में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के मुद्दे पर चर्चा की गई। नगरीय क्षेत्रों में जल आपूर्ति और सीवरेज की 333 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इन पर करीब 11 हजार करोड़ रूपए की राशि मंजूर हुई है। ई-गवर्नेंस-ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर चर्चा करते हुए इसके विस्तार के संबंध में निर्देश दिए गए। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।

जल गंगा संवर्धन अभियान

बैठक में शहरी क्षेत्रों में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 36 जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य पूर्ण किया गया है और 38 हरित क्षेत्र विकसित किए गए हैं। विभिन्न नगरीय निकायों में 3963 रैनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं निर्मित की गई है। इसी के साथ शहरी क्षेत्रों में एक्विफायर मैनेजमेंट और गंदे पानी के शोधन के लिए 30 नालों की कार्ययोजना तैयार की गई।

MP NEWS- नारी सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला मॉक पार्लियामेंट को किया संबोधित…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में माता-बहनों को सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हरसंभव प्रयास जारी हैं। आज नरसिंहपुर जिले में एसपी और कलेक्टर दोनों पद महिला अधिकारियों के पास हैं। शहडोल संभाग की संभागायुक्त भी महिला ही हैं। प्रदेश की मुख्य सचिव भी महिला अधिकारी रह चुकी हैं। महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार विशेष रूप से संवेदनशील है, मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने दुष्कर्म के मामलों में सबसे पहले फांसी का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय महिला मॉक पार्लियामेंट को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद श्री वी.डी. शर्मा, राज्यसभा सांसद श्री माया नारोलिया, विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, श्री हितानंद शर्मा सहित जनप्रतिनिधि तथा प्रदेश के विभिन्न कॉलेजों की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीसाबंदी श्री तपन भौमिक का तुलसी पौधा एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों से आपातकाल संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला मॉक पार्लियामेंट एक वैचारिक मंच है। संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों की हर स्थिति में रक्षा करना सभी नागरिकों का दायित्व है। देश और हम सभी के व्यक्तित्व विकास में इन दोनों बिन्दुओं का महत्वपूर्ण स्थान है। मॉक पार्लियामेंट जैसी पहल से युवाओं में देश की राजनीतिक व्यवस्था की समझ विकसित होती है। युवा पीढ़ी को 50 साल पहले के आपातकाल के इतिहास से परिचित कराना जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए दिए गए योगदान का स्मरण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों, धारा 370, तीन तलाक, आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ हुई सैन्य कार्यवाहियों, संविधान संशोधनों और राजनैतिक मंशा के औचित्य आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

CG News : सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को लिखा पत्र, की ये मांग, पढ़े पूरा पत्र…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 की परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों के चलते सैकड़ों अभ्यर्थियों के आवेदन फॉर्म सबमिट नहीं हो सके, जबकि उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन फीस का भुगतान सफलतापूर्वक कर दिया था।

इस गंभीर मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यापम अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मामले की जांच और त्वरित समाधान की मांग की है।

पढ़े पूरा पत्र..

CG NEWS: छत्तीसगढ़ में जैव प्रौद्योगिकी का नया युग, रायपुर में बायोटेक पार्क और इंक्युबेशन सेंटर से नवाचार और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की ओर अग्रसर हो रहा है। भारत सरकार एवं राज्य शासन के सहयोग से रायपुर में जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा।

इस सेंटर की स्थापना के लिए भारत सरकार, राज्य शासन एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मध्य त्रिपक्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी है। इस बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर का मुख्य उद्देश्य राज्य में जैव संसाधनों के दोहन के साथ-साथ नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है।

यहां युवाओं को जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की स्थापना हेतु प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस इंक्युबेशन सेंटर में कुल 23 आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिनमें बीएस-4 स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही दो सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन एवं एनालिटिकल टेस्टिंग लैब की भी स्थापना की जा रही है।

इंक्युबेशन सेंटर में 17 सूक्ष्म एवं लघु और 6 वृहद उद्योगों के संचालन की व्यवस्था की जाएगी। कुल 23 स्टार्टअप कंपनियों के लिए कार्यालय स्थापित किए जाएंगे, जो तीन वर्षों तक सेंटर में कार्यरत रह सकेंगी। कृषि और फार्मा बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित स्टार्टअप को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर के निर्माण एवं फर्निशिंग कार्य के लिए 20 करोड़ 55 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस पहल से छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा। इससे जहां एक ओर शोध और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार और उद्यमिता के नए द्वार खुलेंगे। यह परियोजना न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य को भी नई दिशा देगी।

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला विशुनपुर में शाला प्रवेश उत्सव आयोजित।

*नयाभारत सितेश सिरदार उदयपुर:–*
दिनांक 3 जुलाई 2025 को शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला विशुनपुर में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों के द्वारा कक्षा छठवीं के नव प्रवेशी बच्चों को पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर व मिष्ठान खिलाकर पुष्पगुच्छ के साथ हार्दिक स्वागत किया गया।कार्यक्रम में बच्चों को पाठ्यपुस्तक का वितरण भी किया गया। आज के इस शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में कलेक्टर सरगुजा के संदेश का अभिभावकों के बीच वाचन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्णिमा सिंह पैकरा ( सरपंच ग्राम पंचायत पंडरीपानी ) ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा सभी बच्चे प्रतिदिन स्कूल आए और आनंदमय में होकर पढ़ाई करें साथ ही पालकों से भी निवेदन किया कि इस पुनीत कार्य में यथाशक्ति शिक्षकों का सहयोग करें।आज के इस कार्यक्रम में सरपंच पूर्णिमा सिंह पैकरा, शिक्षाविद ए. केरकेट्टा, एसएमसी अध्यक्ष पूनम , विद्यालय के शिक्षक अंजना एक्का (प्र.पा.),सुशीला धुर्वे,गंगा सिंह, रेनू सिंह, अरविन्द कुमार ध्रुव सहित सभी एसएमसी सदस्य और अभिभावक गण उपस्थित थे।

CG Sex Racket : सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, घर में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस ने की छापेमार कार्रवाई, महिला दलाल समेत तीन गिरफ्तार…..

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में पुलिस ने घर में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला दलाल, उसके पति और एक अन्य महिला को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से अन्य राज्यों से लड़कियां बुलाकर जिस्मफरोशी का धंधा चला रहा था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि लाखाटोला निवासी एक व्यक्ति और उसकी पत्नी बाहर से लड़कियों को बुलाकर ग्राहकों के पास भेजते हैं और अवैध कमाई करते हैं। सूचना के पुख्ता होने के बाद गुरुवार को पुलिस ने संदिग्ध के घर दबिश दी, जहां से महिला दलाल और उसका पति गिरफ्तार किए गए।

लोहारा डीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि शिकायतों के बाद लगातार संदिग्ध इलाकों में सर्चिंग की जा रही थी और लोगों को समझाइश भी दी गई थी, लेकिन आरोपियों ने गतिविधियां नहीं रोकीं। गुरुवार को दबिश में दो महिलाएं और एक दलाल पकड़े गए। तीनों आरोपियों को धारा 126, 135(3) के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

CG News- वन अधिकारों की मान्यता में अग्रणी छत्तीसगढ़ : व्यक्तिगत और सामुदायिक अधिकारों के वितरण में निभा रहा सराहनीय भूमिका….

रायपुर: छत्तीसगढ़ वन विभाग ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वनवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों प्रकार के वन संसाधन अधिकारों की मान्यता एवं वितरण में देश के अग्रणी राज्यों में रहते हुए सक्रिय, सकारात्मक और सराहनीय भूमिका निभाई है।

अब तक प्रदेश में 4,78,641 व्यक्तिगत अधिकार तथा 4,349 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) पत्र वितरित किए गए हैं, जिससे कुल 20,06,224 हेक्टेयर क्षेत्र पर कानूनी अधिकार प्रदान कर लाखों वनवासी परिवारों को सशक्त बनाया गया है। यह उपलब्धि प्रदेश की प्रशासनिक प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और सतत विकास के प्रति दृढ़ निष्ठा का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

वन विभाग द्वारा सीएफआरआर क्रियान्वयन के दौरान मॉड्यूल प्रबंधन योजनाओं और दिशा-निर्देशों के अभाव में फील्ड अधिकारियों को केवल एक परामर्श जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सामुदायिक प्रबंधन योजनाएं राष्ट्रीय वर्किंग प्लान कोड, 2023 से वैज्ञानिक रूप से समन्वित हों। इस परामर्श की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि बिना स्पष्ट ढांचे के फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन में असंगति उत्पन्न हो रही थी, जिससे भविष्य में वनों की पारिस्थितिकी के क्षतिग्रस्त होने, स्वीकृत कार्य योजनाओं से टकराव और समुदाय तथा विभागीय विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका थी।

कुछ संस्थाओं एवं ग्राम सभाओं द्वारा इसे अधिकार सीमित करने के प्रयास के रूप में देखा गया, जबकि वास्तव में विभाग का उद्देश्य केवल पारदर्शी, टिकाऊ और कानूनी रूप से मजबूत प्रबंधन की पूर्व तैयारी करना था। दिनांक 15.05.2025 को कार्यालय से जारी पत्र केवल एक अंतरिम प्रक्रिया-संबंधी व्यवस्था थी, जिसमें उल्लेख किया गया था कि मॉडल योजना जारी होने तक केवल स्वीकृत योजनाएं ही लागू की जाएं।

इस पत्र में एक टंकण त्रुटि के कारण वन विभाग को ‘नोडल एजेंसी’ लिखा गया था, जबकि वास्तविक शब्द ‘समन्वयक’ था। इस त्रुटि को 23.06.2025 के परिपत्र से विधिवत सुधार दिया गया। उक्त पत्र तथा स्पष्टीकरण के कारण उत्पन्न भ्रम को दृष्टिगत रखते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार दोनों पत्रों को दिनांक 03.07.2025 को वापस ले लिया गया है।

सीएफआरआर क्रियान्वयन को और सुदृढ़ बनाने हेतु छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को औपचारिक अनुरोध भेजे गए हैं, जिनमें अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रीय वर्किंग प्लान कोड, 2023 के अनुरूप मॉडल सामुदायिक प्रबंधन योजनाएं तथा विस्तृत क्रियान्वयन दिशा-निर्देश जल्द से जल्द जारी किए जाएं एवं ग्राम सभा प्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों के लिए समग्र प्रशिक्षण मॉड्यूल / हैंडबुक प्रकाशित की जाए।

छत्तीसगढ़ वन विभाग यह स्पष्ट करता है कि सीएफआरआर का क्रियान्वयन प्रदेश में पूरी पारदर्शिता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सहभागिता के साथ किया गया है तथा आगे भी परंपरागत ज्ञान को सम्मान देते हुए सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाता रहेगा।