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CG – प्रशासन ने नही सुनी तो सरपंच ने निजी खर्च से कराई सड़क की मरम्मत ग्रामीणों की परेशानी देख उठाया कदम, हो रही सराहना पढ़े पूरी ख़बर

कोरबा/पाली//ग्राम हरनमुड़ी की सरपंच ने ऐसी मिशाल पेश की है, जो अपने आप मे ही सराहनीय है। एक किलोमीटर जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को जब प्रशासन ने अनदेखा किया तो सरपंच ने बिना किसी सहायता और सरकारी राशि का उपयोग के बिना अपने निजी खर्च से सड़क का मरम्मत कराई। जिस कार्य मे ग्रामीणों का सहयोग मिला और जिसकी खूब सराहना की जा रही है।

पाली जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हरनमुड़ी का करीब एक किलोमीटर सड़क जो मुख्यमार्ग को जोड़ता है, वाहनों के आवाजाही तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा मेंटेनेंस के अभाव में अत्यंत जर्जर हो गया है। सड़क में काफी बड़े- बड़े गड्ढे हो गए थे और सड़क पूरी तरह से ऊबड़- खाबड़ हो चला था। जिससे ग्रामीणों को आने- जाने में काफी परेशानी होती थी। बारिश के दिनों में तो इस रास्ते की हालत ऐसी हो जाती कि इसमें पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता। साथ ही स्कूली बच्चों को स्कूल आने जाने में भी कठिनाई होती। बरसात में एक किलोमीटर सड़क चलने लायक नही रहती है। ग्रामीणों की मांग थी कि पुनर्निर्माण से सड़क को सही की जाए। जिस समस्या और मांग को लेकर सरपंच मथुरा नानू जगत ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व जिला प्रशासन के पास फरियाद लगाई लेकिन उसे आश्वासन का पुलिंदा मिलता रहा और इसी के सहारे ग्रामीण भी आस लगाए बैठे रहे। किन्तु प्रशासन ने इस ओर ध्यान नही दिया। ऐसे में सरपंच ने किसी भी तरह से सरकारी राशि का उपयोग नही की और अपनी निजी खर्चे से रास्ते का मरम्मत करा डाली और आवागमन के लायक बना दी है, ताकि आने जाने में ग्रामीणों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना ना करना पड़े व आसानी से आ जा सके। इससे ग्रामीणों को राहत मिली और वे काफी खुश है तथा सरपंच की इस पहल को लेकर खूब सराहना कर रहे है एवं दूसरी पंचायतों के लिए भी इसे एक अनुकरणीय उदाहरण बता रहे है। इसे लेकर सरपंच श्रीमती जगत ने बताई कि बड़े वाहनों की आवाजाही से एक किलोमोटर सड़क का मार्ग काफी खराब हो गया था। पुनर्निर्माण की मांग के बाद भी सरकारी योजना के तहत सड़क नही बन पा रही थी। जिससे आने जाने में परेशानी, खासकर बरसात के दिनों में तो पैदल चलना कठिन हो जाता था। ग्रामीणजनों के जिस समस्या को देखते हुए सड़क मरम्मत करा दी है। जिससे अब उन्हें परेशानी नही आएगी व बारिश में भी आराम से आ जा सकेंगे। इस कार्य मे ग्राम के पंचों व ग्रामीणों का भी साथ मिला। प्रशासन को चाहिए कि शीघ्र ही इस सड़क की सुध लेकर पुनर्निर्माण की दिशा में पहल करें।

CG – युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या : होटल के कमरे में मिली लाश, सुसाइड नोट में लिखी मौत की वजह..…

रायपुर। राजधानी रायपुर से आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक होटल में युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक ने अपने सुसाइड नोट में आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार न बताते हुए मानसिक तौर पर परेशान होने की बात लिखी है। पुलिस ने युवक की लाश को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है।

घटना आमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंध की है। होटल सेंट्रल के पहले मंजिल में बालोद निवासी उमेश पिता गेंदलाल कमरा बुक किया था। शाम 7 बजे के आसपास वह कमरे से बाहर निकला था, और फिर वापस वह कमरे में चला गया था।

दो दिनों तक युवक के कमरे से बाहर नहीं निकलने तो होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। होटल पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा, जहां अंदर युवक की लाश रस्सी के सहारे पंखे पर लटकती मिली। युवक के पास मिले सुसाइड नोट में मानसिक रूप से परेशान होने की बात लिखी हैं।

CG NEWS: डीएपी की कमी से नहीं होगी किसानों को परेशानी, छत्तीसगढ़ सरकार ने वैकल्पिक खाद की व्यवस्था की….

रायपुर: देश में डीएपी खाद के आयात में कमी के चलते चालू खरीफ सीजन में राज्य में डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने का वैकल्पिक मार्ग छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाल लिया है। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत के चलते परेशान होने की जरूरत नहीं है। डीएपी के बदले किसानों को भरपूर मात्रा में इसके विकल्प के रूप में एनपीके और एसएसपी खाद की उपलब्धता सोसायटियों के माध्यम सुनिश्चित की जा रही है।

डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एनपीके (20:20:013) और एनपीके (12:32:13) के वितरण लक्ष्य में 3.10 लाख मेट्रिक टन तथा एसएसपी के वितरण लक्ष्य में 1.80 लाख मेट्रिक टन की वृद्धि करने के साथ ही इसके भण्डारण एवं वितरण की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है। एनपीके और एसएसपी के लक्ष्य में वृद्धि होने के कारण चालू खरीफ सीजन में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण लक्ष्य 14.62 लाख मेट्रिक टन से 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे-एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इस पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यहां यह उल्लेखनीय है कि चालू खरीफ सीजन में 14.62 लाख मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसमें यूरिया 7.12 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.10 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.80 लाख मेट्रिक टन, एमओपी 60 हजार मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन शामिल था। डीएपी के कमी को देखते हुए कृषि विभाग ने इस लक्ष्य को संशोधित किया है।

डीएपी की आपूर्ति की कमी चलते इसके लक्ष्य को 3.10 लाख मेट्रिक टन से कमकर 1.03 लाख मेट्रिक टन किया गया है, जबकि एनपीके के 1.80 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 4.90 लाख मेट्रिक टन और एसएसपी के 2 लाख मेट्रिक टन को बढ़ाकर 3.53 लाख मेट्रिक टन कर दिया गया है। यूरिया और एमओपी के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को यथावत् रखा गया है। इस संशोधित लक्ष्य के चलते रासायनिक उर्वरकों के वितरण की मात्रा 14.62 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर अब 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गई है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डीएपी की कमी को अन्य उर्वरकों के निर्धारित मात्रा का उपयोग कर पूरी की जा सकती है और फसल उत्पादन बेहतर किया जा सकता है। फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित मात्रा में मिले तो उपज में कोई कमी नहीं आती है। डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को अन्य फॉस्फेट खादों के उपयोग की सलाह दी है। डीएपी के प्रत्येक बोरी में 23 किलोग्राम फॉस्फोरस और 9 किलोग्राम नाइट्रोजन होता है।

इसके विकल्प के रूप में तीन बोरी एसएसपी और एक बोरी यूरिया का उपयोग करने से पौधों को पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस, कैल्सियम, नाइट्रोजन और सल्फर मिल जाता है। एसएसपी उर्वरक पौधों की वृद्धि के साथ-साथ जड़ों के विकास में भी सहायक है, इसके उपयोग से फसल की क्वालिटी और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। डीएपी की कमी को दूर करने के लिए किसान जैव उर्वरकों का भी उपयोग कर सकते हैं।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ-2025 में किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 12.13 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण कराया गया है, जिसमें से 7.29 लाख मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है। राज्य में वर्तमान में सहकारी और निजी क्षेत्र में 4.84 लाख मेट्रिक टन खाद वितरण हेतु उपलब्ध है।

MP News: मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 जुलाई को इंटरएक्टिव सेशन और उद्योगपतियों से करेंगे संवाद….

भोपाल : मध्यप्रदेश में निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में चल रही औद्योगिक संवाद श्रृंखला में प्रमुख इंटरएक्टिव सेशन लुधियाना में 7 जुलाई 2025 को होने जा रहा है। बैंगलुरु और सूरत में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब लुधियाना में तीसरा इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपोर्चूनिटीज इन मध्यप्रदेश आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लुधियाना के प्रमुख उद्योगपतियों, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के निवेशकों के साथ सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें संभावित निवेश प्रस्तावों पर ठोस चर्चा भी की जाएगी। मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति, सेक्टर-फोकस्ड रणनीतियां और ग्राउंड-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर इस संवाद का केंद्रीय आकर्षण होंगे।

लुधियाना की पहचान भारत के विनिर्माण हब के रूप में रही है, विशेष रूप से वस्त्र और मशीनरी निर्माण में लुधियाना की विशेष पहचान है। ऐसे में इस क्षेत्र के उद्यमियों का ध्यान मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं की ओर आकृष्ट करने के लिए यह सेशन महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य की विशेष औद्योगिक परियोजनाओं — जैसे एमपी टेक्सटाइल पार्क, पीएम मित्रा पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी और फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विस्तार से जानकारी देंगे।

बैंगलुरु में आईटी और इनोवेशन से जुड़े निवेशकों के साथ संवाद और सूरत में टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री के उद्योगपतियों से मिली अभूतपूर्व प्रतिक्रिया के बाद लुधियाना का यह सेशन उद्योग जगत के लिए एक और सुअवसर बनने जा रहा है जिसमें देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं से परिचित होंगे ।मध्यप्रदेश विकल्प ही नहीं बल्कि प्राथमिक निवेश स्थल के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा उद्योग जगत को यह विश्वास दिलाएगी कि निवेश केवल समझौते तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नीति, प्रक्रिया और प्रदर्शन तीनों स्तर पर मध्यप्रदेश पूरी तैयारी के साथ भागीदार बनेगा।

Bihar News: दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज बनेगा पीएमसीएच, लेकिन केमिकल नहीं होने के कारण PMCH में 3 महीने से बंद पड़ा जांच विभाग….

पटना। राज्य सरकार पटना मेडिकल कॉलेज को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए ऊंचे-ऊंचे भवन का निर्माण कर रहा है. लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज का हाल यह है कि यहां केमिकल नहीं होने के कारण कई तरह के जांच बंद पड़े हैं. गरीब मरीजों को मंहगी जांच के लिए निजी लैब में जाना पड़ रहा है और अस्पताल प्रशासन सुस्त पड़ा हुआ है.

हालत यह है कि स्वास्थ्य विभाग को पता होने के बाद भी की पीएमसीएच में केमिकल की कमी के कारण कई तरह के ब्लड जांच नहीं हो पा रहा है, बावजूद इसके विभाग भी जांच कर्मचारी की मांग को अनसुना कर रहा है, जिसके कारण गरीब मरीज को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

विभाग ने नहीं उठाया कदम

पैथोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉक्टर शिखा बताती हैं कि ब्लड जांच के लिए उपयोग होने वाले री एजेंट की आपूर्ति नहीं होने के कारण यह सभी जांच बंद है. इस संबंध में उच्च अधिकारियों और विभाग को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है. री ऐजेंट की आपूर्ति होते ही जांच फिर से शुरू हो जाएगी.

3 महीने से नहीं हो पा रहा कोई जांच

फिलहाल री एजेंट की अनुपलब्धता के कारण सिरम इलेक्ट्रोलाइट, सीआरपी, थायराइड, एबीसी, विटामिन डी, विटामिन b12 , एनटीसीपीसी जैसी महत्वपूर्ण जांच पिछले 3 महीने से नहीं हो पा रही हैं. यह जांच कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक होती हैं. अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग की नींद कब खुलती है और कब पीएमसीएच में केमिकल की सप्लाई शुरू होती है.

Bihar News: ’25 से अधिक सीटें आ गई तो छोड़ दूंगा राजनीति’, बिहार चुनाव और CM नीतीश को लेकर प्रशांत किशोर ने कर दी ये 3 बड़ी भविष्यवाणी….

बिहार : बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय शेष रह गया हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अब अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में लग गई हैं. इस बार के बिहार चुनाव में बीजेपी, जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस के अलावा प्रशांत किशोर ने भी पूरी ताकत झोंक रखी है. प्रशांत किशोर की जन सुराज पहली ही बार सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है.

इस बीच प्रशांत किशोर ने एक मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में सीएम नीतीश को लेकर बड़ा दावा किया है. पीके ने कहा है कि बिहार चुनाव में जेडीयू की 25 सीटें भी नहीं आएंगी. उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर जेडीयू की 25 से अधिक सीटें आ गई तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

‘नवंबर के बाद मुख्यमंत्री नहीं होंगे नीतीश’

न्यूज चैनल से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार चुनाव को लेकर 3 बड़ी भविष्यवाणी भी की. उन्होंने कहा कि, आने वाले बिहार चुनाव के नतीजे के बाद यानी नवंबर के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं होंगे.उन्होंने कहा कि, बिहार को नवंबर में नया मुख्यमंत्री मिलेगा और इसे आप लिखकर ले लीजिए.

तो छोड़ दूंगा राजनीति- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने दूसरी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि, आने वाले विधानसभा चुनाव में जेडीयू यानी तीर सिंबल को 25 से अधिक सीटें नहीं आएंगी. उन्होंने आगे कहा कि, अगर जेडीयू को 25 से अधिक सीटें आ गई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. मैंने बंगाल में भी कहा था और अभी भी कह रहे हैं.

लालू यादव को बताया बड़ा फैक्टर

प्रशांत किशोर ने तीसरी भविष्यवाणी करते हुए कहा कि, बिहार के 60 फीसदी से अधिक लोग बदलाव चाहते हैं. उन्होंने कहा कि, 30-35 साल से बिहार के लोग यही सब देख रहे हैं और अब वह बदलाव चाहते हैं. पीके ने दावा किया कि लोकसभा में NDA को 30 से अधिक सीटें इसलिए आ गई, क्योंकि मोदी-नीतीश से बड़ा फैक्टर लालू यादव हैं. लोग बीजेपी और जेडीयू को इसलिए वोट देते हैं ताकि फिर से लालू यादव सत्ता में ना आए.

CG – पत्नी पी गई 500 की शराब, गुस्साए पति ने उठाया ये खौफनाक कदम….

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर पुलिस ने पत्नी की हत्या करने वाले पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी का नाम जाॅन केरकेट्टा 39 वर्ष है। घटना बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम उबका तेंदू पारा की है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, शिकायतकर्ता सावन विश्वकर्मा (60 वर्ष) निवासी रतबा थाना बगीचा ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बेटी पूजा उर्फ संपत्ति केरकेट्टा का प्रेम विवाह ग्राम उबका तेंदू पारा निवासी जॉन केरकेट्टा से हुआ था। 20 वर्षों से एक साथ रह रहे थे। दोनों के दो बच्चे भी है। मृतिका पूजा केरकेट्टा और पति आरोपी जॉन केरकेट्टा के बीच विवाद व मारपीट हुई थी। आरोपी जॉन केरकेट्टा के द्वारा मृतिका पूजा केरकेट्टा के सिर में डंडे से वार कर हत्या कर दिया था।

थाना बगीचा में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। पुलिस टीम के द्वारा तत्काल घटना स्थल रवाना होकर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्डम कराया गया। पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति जॉन केरकेट्टा उम्र 39 वर्ष को उबका तेंदूपारा के जंगल से हिरासत में लिया गया।

पुलिस की पूछताछ पर आरोपी जॉन केरकेट्टा ने बताया कि 30 जून को वह सुबह 8 बजे धान ढोने गया था। दोपहर 1 बजे वापस घर लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी घर में नहीं थी, जिससे नाराज होकर वह शराब पीने चले गया। फिर वहां से खाद लेने बगीचा आ गया। बगीचा से शाम 4 बजे लौटा तो देखा उसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था। थोड़ी देर बाद मृतिका पूजा केरकेट्टा ने दरवाजा खोला। वह शराब के नशे में थी, जिससे आरोपी नाराज होकर फिर शराब पीने चला गया। शाम 6 बजे जब वह घर लौटा तो देखा कि उसकी पत्नी और भी अधिक शराब के नशे में थी। पति से बिना पूछे ही उसने घर में रखे 1000 में से 500 की शराब पी गई थी। इसी बात को लेकर आरोपी पति अपनी पत्नी से वाद विवाद करने लगा। आरोपी जॉन केरकेट्टा के द्वारा आवेश में आकर घर में मृतिका पूजा केरकेट्टा को एक थप्पड़ मारा, जिससे नाराज हो कर मृतिका पूजा केरकेट्टा बाहर से एक डंडा लाई और पति के ऊपर हमला करने लगी। आरोपी ने भी डंडे को छिनकर उसी डंडे से पत्नी के सिर पर हमला कर दिया गया। वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। इसी दौरान आरोपी ने पत्नी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया और फरार हो गया।

पुलिस के द्वारा आरोपी जॉन केरकेट्टा के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी के डंडे को जब्त कर लिया गया है। आरोपी के द्वार अपराध स्वीकार करने व प्रयाप्त अपराध सबूत पाए जाने पर पुलिस के द्वारा आरोपी जॉन केरकेट्टा को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।

मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि बगीचा क्षेत्र में एक व्यक्ति के द्वारा शराब के नशे में अपनी पत्नी की हत्या कर दी गई थी, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

Uttarakhand News: उत्तराखंड में सबसे लंबे कार्यकाल वाले भाजपा मुख्यमंत्री बने पुष्कर सिंह धामी, रचा नया कीर्तिमान…

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 25 साल के अस्तित्व में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। तीन बार के विधायक पुष्कर सिंह धामी को राज्य का नेतृत्व सौंप बीजेपी ने उत्तराखंड में एक स्थिर सरकार देने काम किया गया।सीएम धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

सीएम धामी ने 3 साल 358 दिन का कार्यकाल पूरा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी पीछे छोड़ दिया है। सीएम धामी का कार्यकाल उत्तराखंड के इतिहास में दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल है। जबकि पहले स्थान पर कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में कइ महत्वपूर्ण फैसले लिए, जिनमें सख्त नकल विरोधी कानून, भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे निर्णय शामिल हैं।

सीएम ने देश विदेश के उधोगपतियों को राजी करने में कामयाब हुए और बड़ी संख्यां में उधोगपतियों ने राज्य में निवेश का भरोसा दिया. और आज वो दिखने लगा है.फिल्म से लेकर होटल व्यवसाय में उधमी निवेश कर रहे हैं. नए उधोग लगे रहे हैं.टूरिज्म में निवेश हो रहा है.

दूसरा चैलेंज

राज्य को सामाजिक मजबूती देना

सीएम धामी ने राज्य को सामाजिक मजबूती देने के लिए UCC लेकर आए. राज्य में सबके लिए एक कानून इसे साथ ही उत्तराखंड इस कानून को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया. पिछले चार सालों में सीएम धामी राज्य में लव जिहाद , धर्मपरिवर्तन जैसे समाज को तोड़ने वाले इशू पर सख्त दिखे और नतीजा सबके सामने है।

तीसरा चैलेंज

युवाओं के लिए रोजगार

सीएम की सबसे बड़ी चिंता थी राज्य से पलायन को रोकना और आज इस पर सीएम धामी कुछ हदतक सफल होते नजर रहे हैं. इसके लिए सीएम राज्य में स्वरोजगार की योजना के तहत युवाओं को अपना बिजिनस खड़ा करने में मदद किया.सख्त नकल कानून को लागू कर परीक्षाएं करवाइ.विभागों में खाली पड़े पदों के लिए वैकेंसी निकाल भरना शुरू किया..लघु उधोग के अवसर पैदा किए और फर्क दिखने लगा आज 4 सालों में 25 हजार से ज्यादा लोगों को सरकारी नौकरी मिली. होम स्टे से लेकर सरकार द्वारा सब्सिडी के तहत शुरू स्वरोजगार योजना के जरिए प्रदेश के युवा स्वाबलंबी बन रहे हैंउधमी बन रहे हैं.

व्यवसायिक खेती के अवसर पैदा किए गए युवा सरकार द्वारा दी जा रही सब्सीडी के जरिए व्यवसायिक खेती से जुड़ रहे हैं..सेब से लेकर अन्य फलों की बागवानी कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रहै हैं

चौथा चैलेंज

राज्य कि महिलाओं को स्वाबलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना

इस चैलेंज को पूरा करने के लिए सीएम धामी इस सोच से आगे बढ़े. मातृशक्ति उत्तराखंड के समाज की रीढ़ हैं और रीढ़ अगर मजबूत नहीं होगा तो सीधा खड़ा रहना मुश्किल होगा। इसलिए सीएम ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देते हुए नई महिला नीति बनाकर राज्य की मां बहनो को आर्थिक रुप से सशक्त बनाने में जुट गए. और आज राज्य कि महिलाएं..सरकारी नौकरियों और सहकारी समितियों में आरक्षण के जरिए रोजगार पा रही हैं

महिला सारथी योजना से स्वरोजगार के अवसर बढे, महिलाएं आटो रिक्शा और टू-व्हीलर चलाकर आर्थिक रुप से मजबूत हो रही है. इसके अलावे लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, एकल महिला स्वरोजगार योजना, ड्रोन दीदी योजना के जरिए भी महिलाओं के लिए स्वरोजगार मिल रहा है और वो स्वाबलंबी बन रही हैं।

पांचवा चैलेंज

अगले पांच सालों में राज्य को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचाना जहां से उत्तराखंड को पीछे मुड़कर ना देखना पड़े

पिछले चार सालों के व्यवस्थित चारधाम यात्रा ने ये साबित कर दिया कि सरकार चौकन्ना है. इस अब सिर्फ श्रधालु नहीं टूरिस्ट भी आ रहे हैं. सरकार कई नई योजनाओं पर अच्छे और बड़े विजन के साथ काम कर रही है जो कि निश्चित तौर पर सीएम धामी की राज्य के प्रति सोच को मजबूत करता है

Uttarakhand News: कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी, अधिकारियों संग करेंगे समीक्षा बैठक….

हरिद्वार. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कांवड़ मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे. गुरुकुल कांगड़ी हैलीपैड पर कार्यकर्ताओं ने सीएम का स्वागत किया. जिसके बाद सीएम हैलीपैड से सीसीआर टावर के लिए रवाना हो गए. तैयारियों को लेकर सीएम धामी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे.

बैठक में कांवड़ मेला-2025 की व्यवस्थाओं पर चर्चा होनी है. साथ ही सफाई, स्वास्थ्य और शौचालयों की स्थिति पर रिपोर्ट ली जाएगी. इसके अलावा सीएम घाटों और कांवड़ मार्ग पर लगे CCTV कैमरों का भी जायजा लेंगे. बैठक के बाद सीएम दोपहर 1.30 बजे देहरादून के लिए रवाना हो जाएंगे.

बता दें कि कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं. कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम पहले ही निर्देश दे चुके हैं. जिसके मुताबिक कांवड़ मार्ग पर दुकानों पर लाइसेंस लगाना अनिवार्य है. ऐसे में बिना नाम, लाइसेंस वाली दुकानें बंद की जाएंगी. फूड सेफ्टी एक्ट के तहत सफाई को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. सफाई नहीं होने पर 2 लाख तक का जुर्माना भी लग सकता है. सीएम ने कहा है कि करीब 4 करोड़ श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर आते हैं ऐसे में कांवड़ यात्रा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं.

CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यादव समाज प्रतिनिधिमंडल की भेंट, सामाजिक विकास को लेकर हुई चर्चा….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके रायपुर स्थित निवास कार्यालय में यादव समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल विधायक श्री गजेंद्र यादव के नेतृत्व में पहुंचा था।

मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधियों के साथ समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की एकता, सहयोग और प्रगति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार समाज के विकास में हरसंभव मदद करेगी।

इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में महापौर राजनांदगांव श्री मधुसूदन यादव तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से यादव समाज के पदाधिकारी श्री माधव लाल यादव, श्री बोधन यादव, श्री गुलेंद्र यादव , श्री देवेंद्र यादव, श्री परमानंद यादव, श्री जगमोहन लाल यादव, श्री खेमराज यादव आदि शामिल रहे।