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आज का राशिफल: बुधवार को इन राशियों को मिलेगी अच्छी खबर, जानें किसकी चमकेगी किस्मत और कैसा रहेगा दिन

नया भारत डेस्क : आज का राशिफल कैसा होगा। किस राशि को आज के दिन खास सावधानी बरतनी होगी और किस राशि के लिए दिन बेहद खास होगा। हम आपको हर दिन आपके राशिफल (Daily Horoscope) की जानकारी देंगे जिसके जरिए आप अपनी दिनचर्या में खास बातों को ध्यान रख सकते हैं।

2 जुलाई 2025 – बुधवार का राशिफल

मेष (ARIES)

आज आपको अपने कामकाज में चतुराई से आगे बढ़ना होगा। आपकी वाणी में आकर्षण रहेगा, जिससे दूसरों को आसानी से प्रभावित कर पाएंगे। नौकरी या व्यापार में कोई नया प्रस्ताव मिल सकता है।

क्या न करें: बिना सोच-विचार के निवेश न करें या किसी की बातों में बहकर कोई फैसला न लें।

उपाय: गौ माता को हरा चारा खिलाएं और छोटे बच्चों को हरी चीजें (खाने की) दें।

बुधवार मंत्र: ॐ बुधाय नमः

वृषभ (TAURUS)

आज मन थोड़ा भटक सकता है, लेकिन दिन जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, आपकी निर्णय क्षमता मजबूत होती जाएगी। किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में थोड़ी समझदारी की जरूरत होगी।

क्या न करें: बातों को ज्यादा तूल न दें और जिद से काम न लें।

उपाय: हरे रंग के वस्त्र पहनें और तुलसी के पौधे में जल दें।

बुधवार मंत्र: ॐ ऐं श्रीं श्रीं बुधाय नमः

मिथुन (GEMINI)

बुध आपकी ही राशि का स्वामी है, इसलिए आज का दिन आपके लिए बेहद प्रभावशाली रह सकता है। आपकी योजनाएं कामयाब होंगी। संवाद में पारदर्शिता रखें तो अच्छे परिणाम मिलेंगे।

क्या न करें: व्यर्थ की बातों या झूठे वादों से दूर रहें।

उपाय: गणपति को दूर्वा अर्पित करें और गाय को गुड़ खिलाएं।

बुधवार मंत्र: ॐ वक्रतुण्डाय नमः

कर्क (CANCER)

आपका मन कहीं शांत जगह जाने को करेगा। आज रचनात्मकता में निखार आएगा और कुछ नया सीखने या सिखाने का मौका मिल सकता है। दिमागी स्पष्टता बनी रहेगी।

क्या न करें: भावनाओं को खुद पर हावी न होने दें।

उपाय: हरे मूंग का दान करें और पक्षियों को दाना डालें।

बुधवार मंत्र: ॐ सौम्याय बुधाय नमः

सिंह (LEO)

आपकी नेतृत्व क्षमता आज प्रभावशाली रहेगी। लेकिन बातचीत में संयम और विनम्रता रखें। वरिष्ठों के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। आर्थिक दृष्टि से दिन ठीक है, लेकिन सोच-समझकर खर्च करें।

क्या न करें: अहंकार में आकर किसी को नीचा दिखाने की कोशिश न करें।

उपाय: किसी मंदिर में पन्ना (हरी चीज) या हरे फल दान करें।

बुधवार मंत्र: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

कन्या (VIRGO)

यह दिन आपके आत्मनिरीक्षण और कार्य-योजना के लिए आदर्श है। आप व्यवस्थित ढंग से कार्य करेंगे, जिससे आसपास के लोग भी प्रेरित होंगे।

क्या न करें: अपने आप पर या दूसरों पर अत्यधिक कठोर न बनें।

उपाय: गणेश जी को हरा लड्डू या पान चढ़ाएं।

बुधवार मंत्र: ॐ बुद्धिदाताय नमः

तुला (LIBRA)

आज का दिन सामूहिक कार्यों के लिए बहुत अच्छा है। सहयोग से बड़ा लाभ मिल सकता है। आपके सौम्य व्यवहार से लोग आकर्षित होंगे।

क्या न करें: किसी निर्णय को लेकर बार-बार सोचकर खुद को भ्रमित न करें।

उपाय: हरे वस्त्र पहनें और तुलसी में दीपक जलाएं।

बुधवार मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं बुधाय नमः

वृश्चिक (SCORPIO)

आज का दिन कामकाजी दृष्टिकोण से व्यस्त रहेगा, लेकिन संतोषजनक परिणाम मिलेंगे। बातचीत में दृढ़ता रखें और बेझिझक अपनी बात कहें।

क्या न करें: दूसरों की बातों को अनावश्यक रूप से दिल पर न लें।

उपाय: हरे फल (जैसे अमरूद या अंगूर) का दान करें।

बुधवार मंत्र: ॐ बुधाय बुद्धिप्रियाय नमः

धनु (SAGITTARIUS)

आज किसी दूर के संपर्क से अच्छी खबर मिल सकती है। आपकी विचारशीलता लोगों को प्रभावित करेगी। विद्यार्थी वर्ग के लिए दिन विशेष शुभ है।

क्या न करें: बहस या अनावश्यक तर्क से बचें।

उपाय: हरे मूंग की खिचड़ी बनाकर गाय को खिलाएं।

बुधवार मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः

मकर (CAPRICORN)

ध्यान और अनुशासन आपके दिन को संतुलित बनाएंगे। योजनाओं में स्थिरता आएगी। सामाजिक क्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी।

क्या न करें: पुराने मामलों में उलझकर वर्तमान को बिगाड़ना ठीक नहीं।

उपाय: किसी कन्या को हरे वस्त्र भेंट करें।

बुधवार मंत्र: ॐ बुध बुद्धाय नमः

कुंभ (AQUARIUS)

आज आपके विचार दूसरों को प्रभावित करेंगे। ऑफिस में कोई नया सुझाव सफलता दिला सकता है। यात्राओं से लाभ होगा।

क्या न करें: जल्दबाज़ी में कोई फैसला न लें।

उपाय: पन्ना रत्न (यदि संभव हो) या हरे रंग की चीजें साथ रखें।

बुधवार मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

मीन (PISCES)

आज आपको मानसिक शांति और आंतरिक स्पष्टता का अनुभव होगा। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आध्यात्मिक मार्ग पर कदम बढ़ सकते हैं।

क्या न करें: खुद की तुलना दूसरों से न करें।

उपाय: तुलसी पत्र से गणेश जी को पूजन करें और गरीब को हरी सब्जी दान करें।

बुधवार मंत्र: ॐ नमः शिवाय

ग्रह व नक्षत्रों की चाल का आपकी राशि पर होने वाला प्रभाव। दैनिक राशिफल की मदद से आप अपने भविष्य को और भी शानदार बना सकते हैं। इस फलादेश में आपके दैनिक जीवन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का भविष्य दिया होता है।

CG:आल इंडिया लीनेस क्लब बेमेतरा “प्रेरणा मेन “द्वारा जिला चिकित्सालय बेमेतरा में राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे मनाया

संजू जैन 7000885784बेमेतरा:लीनेस क्लब बेमेतरा प्रेरणा मेन “द्वारा जिलाचिकित्सालय बेमेतरा में पदस्थ समस्त डाक्टरों का सम्मान किया गया स्मृति चिन्ह एवं पौधा सम्मान स्वरूप दियागया।लीनेस क्लब प्रेरणा मेन की अध्यक्ष लीनेस शशि तिवारी ने कहा डाॅक्टर अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित परदुःखकातर हो सेवा भाव से कार्य करते हैं वे बिमार का जीवन बचाने एवं स्वस्थ करने हेतु उसके अन्तिम क्षण तक प्रयास रत रहते हैं ली. वर्षागौतम ली.ललिता साहू ली आरती साहू ली नेहा वर्मा ली.पिंकी नेमा उपस्थित थीं सिविल सर्जन डाॅ लोकेश साहूजी को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया डाॅ बुद्धेश्वर वर्मा. डाॅ एस पी कोसरिया डाॅ साहू एनेस्थीसिया.डाॅ के डी साहू मेडिसिन डाॅ. विभा वर्मन डाॅ स्वाति यदु डा.खुशबू देवांगन के साथ जिला चिकित्सालय बेमेतरा के उपस्थित समस्त डाक्टरों को सम्मान स्वरूप एक एक पौधा दियागया,इस अवसर पर मेट्रन,नर्सिंग ऑफिसर, समस्त चिकित्सकीय स्टॉफ उपस्थित रहे।

MP NEWS: ख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के व्यक्तित्व विकास केंद्र के बीच मंत्रालय में एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। इस साझेदारी के अंतर्गत दोनों संस्थान जल संरक्षण, सतत् कृषि और ग्रामीण आजीविका सृजन, ग्राम विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, गौधन संवर्धन, नशामुक्ति, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।

यह समझौता सतत् विकास लक्ष्यों की दिशा में राज्य सरकार की पहलों को सशक्त्‍करने, पीपीपी मॉडल (सार्वजनिक निजी भागीदारी) को बढ़ावा देने, नीतिगत निर्णयों में सहयोग, योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और व्यापक सर्वेक्षण के माध्यम से प्रदेश की दीर्घकालिक विकास योजना विजन@2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए समझौता पत्र के आदान-प्रदान के अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री संजय शुक्ला, म.प्र. राज्य नीति आयोग के श्री ऋषि गर्ग, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के श्री रोहन जैन, श्री अजित भास्कर तथा अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे। पद्म विभूषण श्री श्री रविशंकर जी द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ लिविंग संस्था समग्र विकास सहित क्षमता विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

आर्ट ऑफ लिविंग के विभिन्न कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों, वैज्ञानिकों, सशस्त्र बलों, पंचायती राज प्रतिनिधियों, युवाओं, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों हेतु विशेष रूप से बनाए गए हैं। संस्था जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, वनीकरण, नशामुक्ति, जेल सुधार, सीमावर्ती गाँव विकास जैसे क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है।

साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग की विभिन्न राज्य सरकारों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों के साथ सक्रिय भागीदारी है। भारत सरकार (DoPT) ‘कर्मयोगी भारत’ के साथ संस्था का समझौता सरकारी अधिकारियों के लिए क्षमता विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन हेतु भी प्रभावी है।

MP NEWS- आत्मनिर्भर ग्रामों की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना को मंत्रि-परिषद की मंजूरी, प्रत्येक विधानसभा से होगा एक ग्राम चयनित…

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा के एक ऐसे ग्राम का चयन किया जाएगा जिसकी वर्तमान जनसंख्या न्यूनतम 2000 हो एवं गौ-वंश की न्यूनतम संख्या 500 हो। ऐसे ग्रामों को मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम के रूप में विकसित कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

ये ग्राम आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के अन्य ग्रामों के समक्ष विकास का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के अंतर्गत गौ-पालन एवं डेयरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, चारागाह विकास, अधोसंरचना विकास, स्वरोजगार सहित ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किये जाने का निर्णय लिया गया।

राज्य शासन की अवधारणा है कि प्रदेश में कुछ ग्राम इस प्रकार विकसित किये जायें ताकि वे आत्मनिर्भर होकर प्रदेश के समस्त ग्रामों के लिए उदाहरण बनें तथा अन्य ग्राम इन चयनित ग्रामों से प्रेरित होकर स्वयं भी आत्मनिर्भरता और चहुँमुखी विकास की ओर अग्रसर हों। इन चयनित ग्रामों में विभिन्न विभागों के अन्य विकास कार्यों के साथ मुख्य रूप से गौवंशीय एवं अन्य दुधारू पशुओं के पालन, दुग्ध-उत्पादन एवं डेयरी विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा। जहां स्वच्छता एवं हरियाली के साथ-साथ गौसेवा और आध्यात्मिकता से समन्वित आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रत्यक्षतः दृष्टिगोचर हो और ग्राम “वृन्दावन” के रूप में साकार हो सके।

मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना के उद्देश्यों में गौपालन एवं डेयरी विकास को बढ़ावा देना। ग्राम को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ सहकारिता के माध्यम से दुग्ध व्यवसाय का प्रसार करना, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार हो सके। पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि, जल संरक्षण तथा सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों को जनभागीदारी से क्रियान्वित करना, चारागाह विकास, ग्राम में अधोसंरचना विकास, ग्रामीण परिवारों का रोजगार/स्वरोजगार आधारित आर्थिक सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण विकास के विषयगत दृष्टिकोणों को अपनाते हुए सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

चयनित वृन्दावन ग्राम में विभिन्न विभागों के माध्यम से जो सुविधाएं उपलब्ध करायी जाना है, वे 6 श्रेणियों में होगी। चयनित वृन्दावन ग्राम में अधोसरंचना के लिए गौशाला, ग्राम पंचायत भवन, सामुदायिक भवन, आँगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूल भवन, यात्री प्रतीक्षालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, पुस्तकालय, सर्वसुविधायुक्त आजिविका भवन/ग्रामीण आजीविका के लिए वर्कशेड, पशु चिकित्सालय, ग्राम तक कनेक्टिविटी, ग्राम के अंतर्गत आंतरिक सड़कें/नाली, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान एवं गोडाउन, हर घर जल (सोलर उर्जा आधारित पम्प के माध्यम से), ग्रामीण उद्योग आधारित आर्ट एण्ड क्राफ्ट सेंटर, बायोगैस सयंत्र, शांतिधाम निर्माण, गौ-समाधि स्थल, सेग्रीगेशन शेड, जल निकासी के लिए नाली, कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र, ग्राम में विद्युत प्रवाह के लिए सौर उर्जा एवं गैर परम्परागत उर्जा क्षेत्र में विकास, पात्र परिवारों के लिये जलवायु अनुकूल आवास तथा (व्यक्तिगत शौचालय), सार्वजनिक उद्यान (पार्क), सार्वजनिक शौचालय, सिंचाई स्रोत विकास एवं ड्रिप एरीगेशन की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

आजीविका संबंधी गतिविधियों में नंदन फलोद्यान, पोषण वाटिका, दुग्ध कलेक्शन सेंटर, लघु वनोपज आधारित लघु उद्योग, कृषि/फल उपज आधारित उद्योग, ग्राम में उपलब्ध कौशल आधारित सेवाओं के विकास की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। वाटर कनजर्वेशन संबंधी जल संचयन संरचनाएं, रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग, नलकूप रिचार्ज, डगवेल रिचार्ज, स्टॉप डेम/चेकडेम, तालाबों का संरक्षण इसी प्रकार पंचायत सशक्तिकरण संबंधी में स्वयं की आय के स्रोत का विकास तथा ई-पंचायत /CSCकी सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी।

विशेष लक्ष्य में प्राकृतिक कृषि, धार्मिक स्थलों / भूमियों का संरक्षण, घर से कचरा उठाने स्वच्छता वाहन, ग्रे वाटर मैनेजमेंट, मल-कीचड प्रबंधन, राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना, शत प्रतिशत समग्र ईकेवाइसी, ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे, ग्राम के आर्ट एवं क्राफ्ट को बढ़ावा देने के लिए हस्तशिल्प कला केन्द्र, ग्राम की शालाओं/आंगनबाडियों में अध्यनरत बच्चों के लिये पौष्टिक भोजन, अतिक्रमण मुक्त ग्राम तथा ग्राम की स्थानिक योजना की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण योजना के क्रियान्वयन की सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मद अंतर्गत क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक 1766 पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 4 हजार 572 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण किया जाकर बारहमासी संपर्क सुविधा प्रदान की जायेगी। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनीटिरिंग के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को समुचित निर्णय लिये जाने के लिए अधिकृत किये जाने की स्वीकृति दी गयी।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, की स्थापना भोपाल में किए जाने की सैंद्धातिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गाँधीनगर के परिसर (Campus) की स्थापना भोपाल में किए जाने के लिए सैंद्धातिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) की स्थापना के लिए तीन वर्षों के लिए प्रति वर्ष एक करोड़ 5 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल परिसर में उपलब्ध भूमि में से 10 एकड़ भूमि को विभाग स्तर से हस्तांतरित किया जायेगा। भोपाल में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के स्थाई भवन का निर्माण पूर्ण होने तक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में उपलब्ध भवन को अस्थायी रूप से राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए उपलब्ध कराये जाने का अनुमोदन किया गया।

इसके स्थापित होने से राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार एवं कौशल, विशिष्ट उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में मध्यप्रदेश की प्रतिष्ठा में वृद्धि, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के मध्य सहयोग में वृद्धि होगी।

विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के विभागीय छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए मेस संचालन की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। विभाग के छात्रावास की संख्या 108, विद्यार्थियों की संख्या 9050 है। इसके लिए 14 करोड़ अनावर्ती तथा 17 करोड़ आवर्ती व्यय कुल 31 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुल 1266 नवीन पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं में 202 वैज्ञानिक अधिकारी को सम्मिलित कर कुल 1266 पदों की स्वीकृति दी गयी। स्वीकृति अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 176(3) के क्रियान्वयन के लिए 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले समस्त अपराधों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के अनिवार्य तथा आवश्यक भ्रमण के लिए 1266 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई। नए कानून को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

नव गठित जिलों में संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत तीन नव गठित जिलों में जिला संयोजक जनजातीय तथा अनुसूचित जाति जिला कार्यालयों की स्थापना की स्वीकृति दी गई। इसमें मऊगंज के लिए 16 पद, मैहर के लिए 18 पद तथा पांढुर्णा के लिए 14 पद कुल 48 नवीन पदों का सृजन और 381.30 लाख रूपये वार्षिक अतिरिक्त वितीय व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।

MP NEWS- एक बगिया मां के नाम” बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव….

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में “एक बगिया मां के नाम” से नई योजना आरंभ की जा रही है। इसमें प्रदेश स्तर पर स्व-सहायता समूह की 30 हजार महिलाओं की 30 हजार एकड़ भूमि पर लगभग 900 करोड़ की लागत से आजीविका संवर्धन के लिए 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण कर फल उद्यान विकसित किए जाएंगे। इस योजना में हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए भी धनराशि प्रदान की जाएगी। उद्यान विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलेगा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लगभग 100 नदियों के उद्गम स्थलों पर 10-10 एकड़ भूमि पर 42 करोड़ रुपए की लागत से पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से 15 सितंबर तक “एक पेड़ मां के नाम” अभियान आयोजित होगा, जिसे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी सहित सभी विभाग जनसहभागिता से संचालित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किया जाना है। समिति में सांसद, विधायक, पंचायत तथा नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ ही चिकित्सा, विधि, इंजीनियरिंग, समाज सेवा, कृषि, उद्यानिकी डेयरी आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञ और प्रख्यातजन शामिल होंगे।

जल गंगा संवर्धन अभियान में बने 85 हजार से अधिक खेत तालाब

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत खेत का पानी खेत में संचित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 85 हजार से अधिक खेत तालाबों का निर्माण किया गया। भूजल संवर्धन के लिए 1 लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण किया गया। पानी की अमृत बूंद को सहेजने के लिए अमृत सरोवर 2.0 के तहत 1000 से अधिक नए अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ हुआ। शहरी क्षेत्र में समाज की सहभागिता से 3300 से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, 2200 नालों की सफाई और 4000 वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई। इसके साथ ही 40 लाख से अधिक नागरिकों ने 5000 से अधिक ऐतिहासिक/धार्मिक जल स्रोतों (बावड़ी, मंदिर तालाबों आदि) की सफाई और जीर्णोद्धार में भाग लिया। अभियान के अंतर्गत 2 लाख 30 हजार जलदूतों का रजिस्ट्रेशन हुआ।

राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुईं 15 हजार से अधिक जल संरचनाएं

नर्मदा परिक्रमा पथ और पंचकाषी यात्रा जैसे अन्य तीर्थ मार्गों का डिजिटलीकरण किया गया। अवरिल निर्मल नर्मदा योजना के तहत 5600 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण की योजना स्वीकृत कराकर कार्य आरंभ किया गया। वन क्षेत्रों में वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2500 से अधिक तालाब, स्टॉप डैम जैसी जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया। प्रदेश की 15 हजार से अधिक जल संरचनाओं और जल संग्रहण संरचनाओं को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का कार्य भी अभियान के अंतर्गत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मानसून में रोपण के लिए 6 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं।

7 जुलाई से 6 अगस्त तक होगा मूंग और उड़द का उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग उपार्जन के लिए 3.51 लाख मैट्रिक टन और उड़द उपार्जन के लिए 1.23 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मूंग के लिए 30 जून तक 2 लाख 94 हजार किसानों ने तथा उड़द के लिए 11 हजार 495 किसानों का पंजीयन हो चुका है। पंजीयन के लिए 6 जुलाई तक अंतिम तिथि निर्धारित है। प्रदेशभर में मूंग और उड़द का उपार्जन 7 जुलाई से 6 अगस्त तक किया जाएगा।

यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन 30 जून को पूर्ण हुआ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि यूनियन कार्बाइड के कचरे का निष्पादन 30 जून को पूर्ण कर लिया गया है, इससे प्रदेश को 40 साल पुराने इस कलंक से मुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई को प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में हुए रीजनल इंडस्ट्रीज स्किल एंड एंप्लॉयमेंट कॉन्क्लेव (RISE) तथा गुजरात के सूरत में आयोजित निवेशक संवाद कार्यक्रम की उपलब्धियों से मंत्रीगण को अवगत कराया।

उप मुख्यमंत्री, मंत्री एवं विधायकों को जन्मदिवस की दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री दिलीप अहिरवार को जन्म दिवस पर पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में उपस्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत को भी जन्म दिवस पर शुभकामनाएं दीं तथा मंत्रीगण को बताया कि पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव और विधायक श्रीमती रीति पाठक का जन्म दिन भी आज है।

Bihar News: खुशखबरी! अयोध्या स्थित राम मंदिर की तर्ज पर सीतामढ़ी में बनेगा मां सीता का भव्य मंदिर, मुख्यमंत्री ने जताई खुशी….

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगाई है. बैठक में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना को स्वीकृति मिली है. बिहार राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु निरंतर योगदान देने वाले राज्य के वरिष्ठ एवं आजीविका संकट से जूझ रहे उत्कृष्ट कलाकारों को 3000 रुपये पेंशन दिया जाएगा. साथ ही बैठक में सीतामढ़ी जिले में मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के अनुरूप विकास किए जाने के लिए 882 करोड़ 87 लख रुपए की स्वीकृति मिली है.

सीएम नीतीश ने जताई खुशी

मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण की योजना को आज कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है। आज कैबिनेट में पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए तैयार की गई… pic.twitter.com/JFdAqPm1bm

— Nitish Kumar (@NitishKumar) July 1, 2025

इसकी जानकारी सीएम नीतीश ने खुद एक्स पर पोस्ट कर भी दी है. मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं के निर्माण की योजना को आज कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है.

अयोध्या राम मंदिर की तर्ज पर होगा निर्माण

उन्होंने आगे लिखा, आज कैबिनेट में पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए तैयार की गई वृहद योजना के लिए 882 करोड़ 87 लाख रू की स्वीकृति प्रदान की गई है. इस योजना का जल्द ही कार्यारंभ कर दिया जाएगा. मैंने अगस्त महीने तक इसका शिलान्यास कराने का निर्देश दिया है. हमलोग पुनौराधाम, सीतामढ़ी में भव्य मंदिर निर्माण शीघ्र पूरा कराने हेतु कृतसंकल्पित हैं. इसका श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, अयोध्या की तर्ज पर समग्र विकास किया जाएगा. पुनौराधाम में मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण सभी देशवासियों के लिए तथा विशेष रूप से हम सभी बिहारवासियों के लिए सौभाग्य एवं गर्व की बात है.

Bihar News: बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 9 प्रमंडलों में RDD, 27 जिलों में DEO सहित सैकड़ों अफसर और इंजीनियरों का हुआ तबादला….

पटना। जून महीने की आखिरी दिन यानी की कल सोमवार (30 जून) को बिहार सरकार ने बड़े पैमाने पर अफसर व इंजीनियरों का तबादला किया है. इसमें 9 प्रमंडल में शिक्षा विभाग के आरडीडी व 27 जिलों में डिस्टिक एजुकेशन अफसर भी बदले गए हैं. वहीं 11 ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, 321 इंजीनियर, 125 बीपीआरओ और 117 आरओ को भी इधर से उधर किया गया है.

पटना के जिला शिक्षा अधिकारी बने साकेत रंजन

पटना जिला के जिला शिक्षा पदाधिकारी का जिम्मा साकेत रंजन को दिया गया है. वहीं, शिक्षा विभाग के मुख्यालय में कई अफसर इधर-उधर से इधर से उधर किए गए हैं. वन विभाग में 27 रेंजरों का भी ट्रांसफर हुआ है. निबंध उत्पाद एवं मध्य निषेध विभाग के 38 व खान एवं भू तत्व विभाग के 22 अफसरों का तबादला किया गया है.

प्राथमिक शिक्षा उपनिदेशक बने प्रफुल्ल कुमार मिश्रा

पूर्णिया के डीईओ प्रफुल्ल कुमार मिश्रा प्राथमिक शिक्षा उपनिदेशक बनाए गए हैं. वहीं, संजीव कुमार माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक बने हैं. प्रमोद कुमार साहू को जन शिक्षा का उपनिदेशक व दीप्ति को सहायक निदेशक बनाया गया है. पवन कुमार व अमरेंद्र कुमार पांडे भागलपुर के डीपीओ बने हैं. वहीं. जावेद आलम को मध्याह्न भोजन निदेशालय में सहायक निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है.

Bihar News: कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, बिहार में उत्कृष्ट कलाकारों को मिलेगी 3000 रुपये मासिक पेंशन….

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगाई है. बैठक में मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना को स्वीकृति मिली है. बिहार राज्य के समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने हेतु निरंतर योगदान देने वाले राज्य के वरिष्ठ एवं आजीविका संकट से जूझ रहे उत्कृष्ट कलाकारों को 3000 रुपये पेंशन दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना

इसी के साथ बिहार में मुख्यमंत्री गुरु शिष्य परंपरा योजना शुरू की जाएगी. इसके लिए 2025-26 में एक करोड़ 11 लाख 60000 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है. केंद्र प्रायोजित नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए 3635. 15 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है.

चतुर्थी कृषि रोड मैप योजना

चतुर्थी कृषि रोड मैप योजना के तहत सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति मिली है. बामेती एवं जिला स्तरीय कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण को वित्तीय वर्ष 2025 -26 के लिए 80 करोड़ 99 लाख ₹20000 की स्वीकृति है.

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना

चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत काम होंगे. मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 2025-26 में 30 करोड़ 49 लाख 37 227 रुपए की स्वीकृति दी गई है. बिहार विधानसभा सचिवालय में प्रशासनिक संवर्ग में निदेशक राजीव कुमार का संविदा आधारित नियोजन समाप्त होने के बाद 1-7-2025 से 1 वर्ष के लिए निर्देशक के पद पर संविदा आधारित नियोजन विस्तारित करने की स्वीकृति मिली है.

अनुदान की सुविधा किया जाएगा प्रदान

सेवानिवृत्ति अपर पुलिस अधीक्षक, विशेष कार्य बल रमाकांत प्रसाद की पुनर्नियुक्ति की अवधि 1-7- 2025 से 30.6.2026 तक 1 वर्ष विस्तारित किया जाएगा. बिहार राज्य स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से अनुदान की सुविधा प्रदान किया जाएगा.

100000 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य

सीतामढ़ी जिले में मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के अनुरूप विकास किए जाने के लिए 882 करोड़ 87 लख रुपए की स्वीकृति मिली है. मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना अंतर्गत 2025-26 में 5000 लाभार्थी और वित्तीय वर्ष 2026- 27 से लेकर 2030- 31 तक 100000 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है.

CG NEWS: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खाद की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश….

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों को सतत रूप से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही और किसानों को इसके लाभ से अवगत कराने को कहा। श्री साय ने कलेक्टरों के माध्यम से जिलेवार सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी और सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती-किसानी का यह समय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस समय खाद-बीज की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर फसलों की बुआई और उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर और उचित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि समितियों में एनपीके खाद की व्यवस्था भी की जा रही है, किसानों को इसे उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं। उन्होंने अमानक और नकली खाद की बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे मामलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित मार्कफेड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, कहा- पारंपरिक कारीगरों की आजीविका संवारने के लिए बनेगी विशेष रणनीति….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पारंपरिक रूप से बुनाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प और माटी कला से जुड़े कारीगरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी इस कार्य में लगे लोगों की आजीविका को पुनर्जीवित करना और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ग्रामोद्योग विभाग के कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान राज्य में रेशम, हस्तशिल्प, खादी, हथकरघा और माटीकला से जुड़े पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों और उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत शामिल सभी घटकों से जुड़ी आधारभूत जानकारी ली और कहा कि इन क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक और विपणन के लिए ठोस एवं समन्वित कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्थायी रूप से रोजगार के अवसरों का सृजन हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रेशम उत्पादन, कोसा वस्त्र निर्माण और हथकरघा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की परंपरा और दक्षता को नई ऊंचाई देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में संचालित भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान के माध्यम से कुशल कारीगरों की आवश्यकता को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने संस्थान के सुचारु संचालन की दिशा में भी ठोस कदम उठाने की बात कही। श्री साय ने कहा कि विभाग द्वारा प्रशिक्षण के लिए जो राशि आबंटित की जाती है, उसका पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि कारीगरों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।

रेशम और हस्तशिल्प को मिलेगा नया बाजार, ऑनलाइन बिक्री और निर्यात पर होगा फोकस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक शिल्प और बुनाई से जुड़े अत्यंत कुशल कारीगर मौजूद हैं, जो पीढ़ियों से बेहद सुंदर और आकर्षक कलाकृतियां एवं उत्पाद तैयार करते आ रहे हैं। ये हस्तनिर्मित वस्तुएं लोगों को काफी पसंद आती हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि इन उत्पादों को राज्य और देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री और निर्यात की संभावनाओं को सक्रिय रूप से तलाशने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की बात भी उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिटी मॉल का निर्माण समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के उत्पादों को विशेष स्थान और ब्रांडिंग मिल सके तथा छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएं।

इस क्षेत्र में नई तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार लाया जाए, ताकि रेशम उद्योग को मजबूती मिले और अधिक से अधिक लोगों को इससे रोजगार उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि हम अपने पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों की कला को सम्मान देकर ही उनके जीवन को समृद्ध बना सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव ग्रामोद्योग श्री श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड श्री जे.पी. मौर्य सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।