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Uttarakhand News- कांवड़ यात्रा 2025: श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करेगी उत्तराखण्ड सरकार, कहा- श्रद्धालुओं का खास ख्याल रखा जाए….

देहरादून। श्रद्धा और आस्था के महापर्व कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखण्ड सरकार पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने एक सख्त और समर्पित कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक निगरानी अभियान चलाया जाएगा।

श्रद्धालुओं को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराएं

कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए शासन ने सख्त व्यवस्था लागू कर दी है। स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि इस संबंध में यात्रा मार्गों पर मौजूद सभी होटल, ढाबा, ठेली, फड़ व अन्य खाद्य कारोबारियों को कुछ जरूरी निर्देश दिए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है।

खाद्य कारोबारी को करना होगा ये काम

स्वास्थ्य सचिव के निर्देशानुसार हर खाद्य कारोबारी को अपने लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र की एक साफ-सुथरी प्रति अपने प्रतिष्ठान में प्रमुख जगह पर लगानी होगी, ताकि उपभोक्ता उसे आसानी से देख सकें। छोटे व्यापारियों व ठेले-फड़ वालों को भी अपना फोटो पहचान पत्र और पंजीकरण प्रमाण पत्र अपने पास रखना और प्रदर्शित करना जरूरी होगा।

2 लाख का लगेगा जुर्माना

जो कारोबारी ये निर्देश नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 2 लाख तक का जुर्माना लग सकता है। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन हो। श्रद्धालुओं की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पंडालों, भंडारों और अन्य भोजन केंद्रों पर परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिलावटखोरों और मानकों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस खाद्य व्यवसाय करने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। मिलावट या नियम उल्लंघन करने वालों को आर्थिक दंड के साथ-साथ आपराधिक कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।

आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) माध्यमों से जनता और संचालकों को शुद्ध भोजन की पहचान, खाद्य नियमों और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर – 18001804246 पर कोई भी व्यक्ति खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत पर प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर जाकर कार्रवाई करेंगी।

Uttarakhand News: राष्ट्रीय खेल नीति 2025 को मिली कैबिनेट की मंजूरी, ओलंपिक 2036 की तैयारी का रोडमैप तैयार; सीएम धामी ने पीएम मोदी का जताया आभार…

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने के लक्ष्य से राष्ट्रीय खेल नीति (NSP) 2025 (National Sports Policy 2025) को मंजूरी दी। जिसका उद्देश्य 2036 ओलंपिक खेलों की प्रभावी तैयारी करना है। बताया जा रहा है कि यह नीति वर्ष 2001 की खेल नीति की जगह लेगी। इसी बीच सीएम धामी ने पीएम मोदी का आभार जताया है।

रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (Employee linked Incentive) योजना और राष्ट्रीय खेल नीति 2025 National Sports Policy 2025) को मंज़ूरी देना अत्यंत सराहनीय निर्णय है।

3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर

सीएम धामी ने बताया कि लगभग 1 लाख करोड़ के बजट वाली Employee linked Incentive योजना का उद्देश्य आने वाले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना है, जिससे युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के साथ एक सशक्त भविष्य भी मिलेगा।

वहीं, राष्ट्रीय खेल नीति 2025 National Sports Policy 2025) देश को खेलों के क्षेत्र में एक नई दिशा देने वाली है, जो न केवल खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन और प्रशिक्षण देगी, बल्कि भारत को 2036 ओलंपिक सहित अंतर्राष्ट्रीय खेल मंचों पर एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी। इन दूरदर्शी और जनकल्याणकारी निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार।

CG – नशे में धुत्त आरक्षक ने दूसरे आरक्षक को बेल्ट से पीटा, SP ने लिया बड़ा एक्शन, दी ये सजा…..

राजनांदगांव। नशे की हालत में धुत एक आरक्षक ने ड्यूटी के दौरान पहले वाहन चालक के साथ मारपीट की और फिर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाए जाने पर प्रधान आरक्षक को भी अपना शिकार बना लिया। घटना की जानकारी लगने पर पुलिस अधीक्षक ने आरोपी आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी आरक्षक महेंद्र साहू की ड्यूटी 29 जून की रात डायल 112 वाहन में चालक प्रवीण कुमार साहू के साथ लगाई गई थी। ड्यूटी पॉइंट छोड़कर कहीं और जाने को लेकर महेंद्र साहू ने वाहन चालक के साथ विवाद किया जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही आरोपी की नशे की हालत में ड्यूटी करने की शिकायत पर उसे लालबाग पुलिस द्वारा बसंतपुर थाना क्षेत्र के जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षणके लिए ले जाया गया।

अस्पताल में जांच के दौरान प्रधान आरक्षक प्रभात तिवारी के साथ भी आरक्षक महेंद्र साहू ने बेल्ट से मारपीट कर दी। इस गंभीर घटना की शिकायत होते ही पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी आरक्षक महेंद्र साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

Uttarakhand News: ‘बिचौलियों की भूमिका खत्म’, डिजिटल क्रांति को लेकर CM धामी का बड़ा बयान, कहा- शासन को पारदर्शी और आमजन तक सुलभ बनाया….

देहरादून। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने डिजिटल क्रांति को लेकर कहा कि भारत अब तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का वैश्विक अगुवा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व में भारत ने बीते 10 वर्षों में एक अद्भुत डिजिटल क्रांति का अनुभव किया है। 2015 में शुरू हुआ ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान आज हर नागरिक के जीवन में परिवर्तन की गवाही दे रहा है।

हर व्यक्ति डिजिटल रूप से सशक्त

जहां UPI ने भारत को दुनिया का सबसे तेज़ और आसान डिजिटल पेमेंट सिस्टम प्रदान किया। वहीं DBT ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाकर बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी। डिजिलॉकर, जनधन योजना, भारत नेट जैसी पहलों ने गांव से लेकर शहर तक हर व्यक्ति को डिजिटल रूप से सशक्त किया है।

आज उत्तराखण्ड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बैठा किसान, दुकानदार, छात्र और गृहिणी भी तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। डिजिटल इंडिया केवल तकनीकी परिवर्तन नहीं, बल्कि यह विश्वास का एक मजबूत पुल है। जिसने शासन को पारदर्शी, जवाबदेह और आमजन तक सुलभ बनाया है।

Uttarakhand News- उत्तराखण्ड कैंपा शासी निकाय की बैठक: CM धामी ने की योजनाओं की समीक्षा, हरेला पर्व को जन-अभियान बनाने का आह्वान….

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा (क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) शासी निकाय की बैठक हुई। इस दौरान बैठक में कैंपा निधि के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कैंपा फंड का उपयोग राज्य में वनों के सतत प्रबंधन, वानिकी विकास, पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा वनों पर आश्रित समुदायों के कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर में ग्रीन कवर बढ़ाने हेतु, कैम्पा फंड इस्तेमाल किए जाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर से भी अनुमति प्राप्त करने की कार्यवाई की जाए।

व्यापक रणनीति बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए। वन क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवीकरण को शीर्ष प्राथमिकता में रखा जाए। इसके लिए वन विभाग के साथ पेयजल, जलागम, ग्राम्य विकास और कृषि विभाग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने वनाग्नि रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के जरिए व्यापक रणनीति बनाने के निर्देश दिए।

उत्तराखण्ड कैंपा शासी निकाय की बैठक: CM धामी ने संचालित योजनाओं की समीक्षा, हरेला पर्व को लेकर कही ये बात - Lalluram

पौधों के सर्वाइवल रेट पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के कार्य में केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर पौधों के सर्वाइवल रेट पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कैंपा निधि से संचालित परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए।

व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। इसमें फलदार, औषधीय गुणों से युक्त पौधे अधिक लगाये जाएं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के लिए जन सहभागिता सुनिश्चित की जाए और लोगों को एक पेड़ मां के नाम लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि गौरा देवी की जन्म शताब्दी पर वन विभाग द्वारा सभी डिविजन में फलधार पौधे लगाये जाएं।

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअली किया श्रीमद् भागवत कथा का संबोधन, संतगणों और श्रद्धालुओं का किया अभिनंदन…

 उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास से भीमगोडा, हरिद्वार में जगदीश स्वरूप विद्यानन्द आश्रम ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ-श्रीमद् भागवत कथा को वर्चुअली सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने भागवत कथा में उपस्थित जगद्गुरु आचार्य गरीबदास महाराज, श्रीब्रह्मसागर महाराज भूरी वाले, स्वामी अमृतानन्द महाराज, स्वामी राम जी महाराज एवं कथा व्यास पूज्य इन्द्रेश उपाध्याय और सभी संतगणों, श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

श्रीकृष्ण की वाणी का साकार रूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का समागम और हरि कथा, दोनों ही दुर्लभ हैं और ये दोनों सौभाग्य से ही प्राप्त होते हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण कोई सामान्य ग्रंथ नहीं, अपितु स्वयं श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी का साकार रूप है। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म इन चारों पुरुषार्थों का उत्कृष्ट वर्णन मिलता है।

सनातन की पताका विश्व में लहरा रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में जब मनुष्य भौतिकता की दौड़ में मानसिक और आत्मिक रूप से अशांत है, तो ऐसे समय में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण हमें आंतरिक शांति, समाधान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में लहरा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। हम जहां एक ओर केदारखण्ड और मानसखण्ड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के लिए अनेकों कार्य कर रहे हैं। वहीं हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी की है। हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है।

अंबिकापुर डाइट में नवीन पाठ्य पुस्तक को पढ़ाए जाने हेतु 6 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न।

बच्चों को नवीन पाठ्य पुस्तक के आधार पर पढ़ाएंगे और उन्हें सिखाएंगे।

((नयाभारत सितेश सिरदार लखनपुर)):–
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान( डाइट)अंबिकापुर में आयोजित नवीन पाठ्य पुस्तक परआधारित आवासीय प्रशिक्षण 6 दिवसीय (प्राथमिक स्तर )का सफल समापन किया गया। यह प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को नई पाठ्यपुस्तकों एवं बाल अनुकूल शिक्षण विधियों से परिचित कराना था। समापन अवसर पर डाइट फैकेल्टी श्रीमती पुष्पा सिंह, श्रीमती मीना शुक्ला एवं प्रशिक्षण प्रभारी पूनम सिंह के द्वारा शिक्षकों को आगामी नवीन पाठ्यपुस्तकों तथा विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। बच्चों को नई किताबें तभी समझ पाएंगे जब शिक्षक स्वयं उसे आत्मसात करेंगे यह प्रशिक्षण इसी दिशा में हमारा पहला कदम है।शिक्षकों के समर्पण और प्रशिक्षण से प्राप्त नवाचार ही आने वाले समय में बच्चों की सीखने की क्षमता को मजबूत बनाएगी। इस अवसर पर एफएलएन एवं प्रशिक्षण प्रभारी पूनम के द्वारा प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया गया कि यह छह दिवसीय प्रशिक्षण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्राथमिक स्तर के नवनिहालों को बेहतर शैक्षिक बुनियाद तैयार करने की एक निर्णायक शुरुआत है उन्होंने कहा नींव स्तर की साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता बच्चों की संपूर्ण विकास की कुंजी है। यदि प्राथमिक स्तर पर बच्चा पढ़ना, लिखना समझना और गणितीय सोच विकसित कर लेता है,तो आगे की शिक्षा उसके लिए सहज हो जाती है। प्रशिक्षण में सरगुजा जिला के 6 ब्लॉक अंबिकापुर,उदयपुर, मैनपाट बतौली,सीतापुर, लुण्डा से 54 बीआरजी जिसमें प्रत्येक विकासखंड से तीन सीएससी तथा 6 प्राथमिक शिक्षक शामिल हुए इसमें पहली दूसरी और तीसरी कक्षा की नई पाठ्यपुस्तकों को लेकर शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दी गई। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में रेखा राय, सूरज कांति , रोशलीन, दीप्ति भावसार, रामजतन यादव एवं भागीरथी कुमार अजय शामिल रहे। सभी मास्टर ट्रेनर ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को नवीन पाठ्यपुस्तकों की विशेषताओं, स्थानीय संदर्भ आधारित शिक्षण विधियों, योग खेल तथा कला शिक्षा एवं गतिविधियों के जरिए बच्चों कों रुचिकर तरीकों से सीखने पर रणनीति तैयार की गई। एफ एल एन के लक्ष्यो को प्राप्त करने की रणनीतियों की गहराई से जानकारी दी गई।शिक्षकों कों यह बताया गया कि
NEP 2020 पर आधारित नवीन पाठ्य पुस्तक किस तरह बच्चो के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है।

CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी नहीं कर पाएंगे ये काम, लगा प्रतिबंध, राजपत्र में अधिसूचना जारी….

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी अब शेयर मार्केट में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे। Intraday, क्रिप्टोकरेंसी की खरीदी और Future and option (F&O) में ट्रेडिंग को सरकार ने अवचार के तौर पर माना है। इससे छत्तीसगढ़ के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए इनका लेन-देन प्रतिबंधित हो गया है। इसकी अधिसूचना राज्य सरकार ने जारी कर दी है।

छत्तीसगढ़ राजपत्र में किए गए प्रकाशन में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 नियम 19 में, उप-नियम (5) के खण्ड (1) के उप खण्ड जोड़ा गया है। इसके साथ शेयरों, प्रतिभूतियों या अन्य निवेशों की बार-बार खरीद एवं बिक्री (Intra day, BTST, Future and option (F&O) व cryptocurrency में ट्रेडिंग / निवेश) को अवचार (कदाचार) माना जाएगा।

इसके साथ ही सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों को राहत देते हुए इन्वेस्टमेंट के लिहाज से शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और डिबेंचर्स में निवेश करने की अनुमति दी है।

CG NEWS: #CGBusinessEasy एक्स पर देशभर में छाया, छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक पहल को जबरदस्त सराहना…

रायपुर: छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 ने सोशल मीडिया पर अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की।राजधानी रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान #CGBusinessEasy हैशटैग ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर पूरे दिन भारत में शीर्ष ट्रेंड्स में अपनी प्रमुख जगह बनाए रखी। यह ट्रेंड इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की नई पहल ने देशभर के उद्योग जगत और नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया है।

सोशल मीडिया पर 6000 से अधिक पोस्ट किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति-विशेषज्ञों ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ऑनलाइन भूमि आबंटन एवं प्रबंधन प्रणाली की सराहना की। यूजर्स ने इन पहलों को छत्तीसगढ़ को भारत का अगला निवेश और औद्योगिक हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।

अनेक एक्स यूजर्स ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नेतृत्व क्षमता को सराहते हुए लिखा कि छत्तीसगढ़ ने जो पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था लागू की है, वह अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन सकती है। कुछ पोस्ट्स में इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदेश में रिकॉर्ड समय में निवेश स्वीकृति, भूमि आवंटन और सब्सिडी वितरण जैसे कार्य अब एक क्लिक में पूरे होंगे, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

ट्रेंड में भाग लेने वालों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को प्रगतिशील और दूरदर्शी बताया। कई यूजर्स ने यह भी लिखा कि राज्य सरकार की लॉजिस्टिक नीति, जन विश्वास विधेयक और बस्तर व सरगुजा जैसे क्षेत्रों के विकास संबंधी घोषणाओं ने छत्तीसगढ़ को पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया। यह ट्रेंड छत्तीसगढ़ के प्रति बढ़ती निवेशक रुचि और सकारात्मक भावना का प्रमाण है। सोशल मीडिया पर हुए जबरदस्त रिस्पॉन्स से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ अब तेजी से निवेशकों की पहली पसंद बनने की ओर अग्रसर है।

CG NEWS- “नारी गरिमा का उत्सव”: छत्तीसगढ़ में सामाजिक क्रांति का प्रतीक बनी महतारी वंदन योजना…

रायपुर: छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर, जहां मातृत्व की ममता और नारीत्व की गरिमा सदियों से पूजनीय रही है, वहीं आज एक नई सामाजिक क्रांति आकार ले रही है, महतारी वंदन योजना के रूप में। यह केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि नारी गरिमा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का महोत्सव बन गई है, जिसने राज्य की लाखों महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने की दिशा दी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना का शुभारंभ करते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की हर माँ, बहन और बेटी को मुख्यधारा में लाने का संकल्प है। उन्होंने इसे “नारी गरिमा का उत्सव” कहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की सक्रिय भागीदारी से यह योजना बहुत ही कम समय में जन-आंदोलन में परिवर्तित हो गई। शासन की प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और समर्पण ने इसे घर-घर तक पहुंचा दिया।

विशेष लेख :महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल

आंकड़ों से आगे बढ़ती कहानी:

मार्च 2024 से जुलाई 2025 तक कुल 17 किश्तों में लगभग 70 लाख महिलाओं को 11 हजार 08 करोड़ रूपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उन सपनों की पूंजी है जिन्हें अब तक परिस्थितियों ने दबा दिया था। योजना से महिलाओं को जो आत्मबल मिला, उसने उनके जीवन को नए आयाम दिए।

आर्थिक स्वावलंबन का रास्ता:

आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हैं। किसी ने छोटा व्यवसाय शुरू किया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को सहजता से पूरा किया। यह आर्थिक संबल महिलाओं को आत्मविश्वास, सामाजिक पहचान और सम्मान दे रहा है। वे अब केवल पारंपरिक भूमिकाओं में सीमित नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक रीढ़ और समाज की निर्णायक शक्ति बनती जा रही हैं।

हर गांव की नारी, अब प्रेरणा की अधिकारी:

योजना की असली तस्वीर उन कहानियों में है, जो अब गांव-गांव में प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं श्रीमती कंचन जो ग्राम गीधा, मुंगेली की निवासी हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाले पैसों से गुपचुप ठेला व्यवसाय को बढ़ाया और अब घर की ज़िम्मेदारियाँ आसानी से निभा रही हैं।
कुरूद ग्राम की निवासी श्रीमती श्यामा बाई जो कंडरा जनजाति से आती हैं और बांस शिल्प के पारंपरिक व्यवसाय से अब आजीविका चलाती हैं। योजना की सहायता अपने व्यवसाय को बढ़ाकर 8000 रुपए तक मासिक आमदनी अर्जित कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर

मोहला-मानपुर की ग्राम दिघवाड़ी निवासी श्रीमती गीता यादव कहती हैं कि सालाना मिलने वाले 12 हजार रूपए हमारी कई जरूरतों को पूरा करने में मददगार होंगे। इससे रोजमर्रा के खर्च, बच्चों के दवाइयों और पढ़ाई का समान खरीदने में राहत मिलेगी।
ग्राम हथरा निवासी श्रीमती कान्ति बाई ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिली राशि से वह अपनी और घर की जरूरतें पूरी कर सकेंगी। अब उन्हें छोटी-मोटी चीजों के लिए बार-बार पति से कहने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस योजना को महिलाओं को केवल सहायता नहीं, बल्कि समाज में भागीदारी का अधिकार देने वाला प्रयास बताया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील सोच और जमीनी सक्रियता ने इसे नीतिगत घोषणा से निकालकर समाज की धड़कन बना दिया है।

छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर

एक नई सुबह की दस्तक:

आज जब हम छत्तीसगढ़ की गलियों और घरों में झांकते हैं, तो वहां हमें आंकड़ों से परे एक विश्वास, आत्मबल और आशा की कहानी दिखाई देती है। महतारी वंदन योजना अब केवल सरकार की उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज की मुस्कान बन गई है। छत्तीसगढ़ की हर माँ-बेटी की आवाज़ में अब यह आत्मविश्वास झलकता है।

’’अब हर महतारी सशक्त है, अब हर बेटी समर्थ है।’’