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CG – सहेली ज्वेलर्स सदर में एक रंगारंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमें तंबोला हाजी और अन्य गेम रखे गए थे हरियाली थीम पर पूरा प्रोग्राम पर किया गया…

रायपुर। सहेली ज्वेलर्स सदर में एक रंगारंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमें तंबोला हाजी और अन्य गेम रखे गए थे हरियाली थीम पर पूरा प्रोग्राम पर किया गया था सारी महिलाएं ग्रीन ड्रेस पहनकर आये थे सॉन्ग बूमेन पावर क्लब के काफी मेंबर सहेली ज्वेलर्स के प्रोग्राम में भाग लिया और बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

सटांग वूमेन पावर क्लब की संस्थापिका नीता थापा देबी, सुषमा काले, स्मिता धानी साहू, भूषण साहू ,शीतल मार्को, रूपा चौधरी ,स्वाति पांडा और अन्य से लोगों ने इसमें भाग लिया और सभी सहेली ज्वेलरी के आभूषण पहन कर कैट बोट का आयोजन किया गया था तो वहीं सविता गुप्ता ने अपनी मीठी मीठी बातों ने व जजमेंट करके समा बांधा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: सीएम धामी ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता का दिया संदेश….

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हल्द्वानी स्थित एफटीआई परिसर में आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम में पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत गत वर्ष की गई थी और इस वर्ष भी यह अभियान पूरे देश में उत्साहपूर्वक चलाया जा रहा है। उत्तराखण्ड में इस अभियान का विधिवत शुभारंभ हरेला पर्व के अवसर पर किया गया, जिसमें पहले ही दिन रिकॉर्ड 8,13,000 लोगों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता दर्ज की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रकृति संरक्षण हमारा संकल्प है” और देवभूमि उत्तराखण्ड में यह अभियान पूरे एक माह तक जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पवित्र सावन मास में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अवश्य लगाएं और प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दें।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में हाल ही में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्परता से आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों में जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री दर्शन हेतु आते हैं, वहां व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्थलों में श्रद्धालुओं की केयरिंग कैपेसिटी के अनुसार प्रवेश, स्थान का संभावित विस्तार, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के पालन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनसा देवी मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यह व्यवस्थाएं सख्ती से लागू की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं कि वे अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम न केवल सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि विकास परियोजनाओं की गति बनाए रखने और नागरिकों को सुचारु सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संघर्ष ही सफलता का मार्ग है, ‘‘दृढ़ संकल्प के साथ करें अध्ययन’’ – मंत्री टंकराम वर्मा….

रायपुर: राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा आज बलौदाबाजार स्थित शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं के लिए 3.25 करोड़ रुपए से अधिक के विकास योजनाओं की सौगात प्रदान की। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि छात्र जीवन में कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जाती है। इतिहास साक्षी है जो संघर्ष करते हैं वही लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार छात्राओं को उच्च शिक्षा की दिशा में प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा है कि ‘‘बेटियाँ पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रदेश का गौरव बनें।’’

छात्राओं के लिए शिक्षा और अधोसंरचना विकास के लिए 3 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

मंत्री श्री वर्मा ने महाविद्यालय में 52.70 लाख रुपए की लागत से बने अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही 272.81 लाख रुपए की लागत से बनने वाले छात्रावास भवन का भूमिपूजन एवं शिलान्यास भी किया। छात्राओं की मांग पर उन्होंने 1000 सीटों की क्षमता वाले नवीन कॉन्फ्रेंस हॉल, दो स्मार्ट क्लासरूम एवं कॉलेज परिसर में हाई मास्क लाइट की स्थापना की घोषणा भी की। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने नवप्रवेशी छात्राओं को रक्षासूत्र बांधकर उनका स्वागत किया। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे न केवल शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करें, बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी जिले और राज्य का नाम रोशन करें।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वासु वर्मा ने कहा कि – ‘‘महाविद्यालय को प्राप्त यह सौगात छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन-प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है।’‘ कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, अन्य जनप्रतिनिधिगण, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।

CG:29 जुलाई को राजीव भवन बेमेतरा में जिला प्रभारी पूर्व विधायक रायपुर विकास उपाध्याय मंडल सेक्टर कमेटी कांग्रेस का 12 बजे लेगे महत्त्वपूर्ण बैठक

संजू जैन:7000885784
बेमेतरा:मंडल सेक्टर कमेंटी का गठन बेमेतरा जिला के तीनों विधान सभा क्षेत्र में किया जाना है इसी सन्दर्भ में जिला प्रभारी रूप मे विकास उपाध्याय पूर्व विधायक रायपुर (पश्चिम )का बेमेतरा आगमन दिनांक 29 जुलाई दिन मंगलवार 12 बजे राजीव भवन ( बेरला रोड़ ) होने जा रहा है साथ मे रविन्द्र चौबे पूर्व मंत्री गुरु रुद्र कुमार पूर्व मंत्री , गुरुदयाल सिंह बंजारे पूर्व विधायक नवागढ़ एवं बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा उपस्थित रहेंगे नवनियुक्त ब्लॉक प्रभारी बेमेतरा जिले समस्त ब्लॉक अध्यक्ष शहर अध्यक्ष महिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित उपस्थित रहेंगे

दिनाँक 29/07/2025 दिन मंगलवार*
स्थान — *राजीव भवन*
*दोपहर 12 बजे….उक्त जानकारी ललित विश्वकर्मा
महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा द्वारा दिया गया

90 प्रतिशत पूर्णता वाली योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करें –उप मुख्यमंत्री अरुण साव…

रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में 90 प्रतिशत कार्य पूर्णता वाले नल जल योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतही जल पर आधारित कई गांवों के लिए प्रगतिरत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा।

उन्होंने जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देशित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी. डी. साण्डिल्य भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का पुण्य काम आपके जिम्मे है। केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है। मिशन के कार्यों को तय समय़ावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मैदानी टीम के साथ प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से उनका त्वरित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

'समूह जलप्रदाय योजनाओं के कार्यों में भी लाएं तेजी'

श्री साव ने कहा कि सबसे पहले जिन योजनाओं के कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उनके बचे कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराकर हर-घर-जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ऐसे गांवों में तेजी से कार्य कर जल्दी ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकते हैं। इन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू होने के बाद 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कार्य प्रगति वाली योजनाओं को पूर्ण कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल निर्धारित कार्ययोजना व लक्ष्यों के आधार पर ही कार्य करें। आप मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अन्य योजनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समूह जलप्रदाय योजनाओं के कामों में भी तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए जिससे कि समय पर प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन उप-अभियंताओं के मैदानी बल में शामिल होने से योजनाओं को पूर्ण करने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता से काम करते हुए निर्धारित समयावधि में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए जुट जाने को कहा।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 19 हजार 656 गांवों के लिए 29 हजार 160 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके माध्यम से 49 लाख 98 हजार ग्रामीण परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के तहत अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 नल जल योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत नल जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यों को गति दी जा रही है। निर्माणाधीन सभी कार्यों को आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार 846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 योजनाओं तथा 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

मिशन कर्मयोगी: राष्ट्र निर्माण का संकल्प – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष आज नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत हुए इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव श्रीमती वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं।

क्षमता विकास आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊँचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूर्ण समर्पण के साथ लागू करने तथा इसके लाभ को प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने हेतु राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। सरकार निरंतर शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर नवाचार और अभिनव पहलों के माध्यम से व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि यह पहल लोक सेवकों को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही जन-केंद्रित नीतियों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हम सभी मिलकर कुशल और प्रेरित लोक सेवकों के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार कर पाएँगे।

इस अवसर पर आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्रीन उद्यम की परिकल्पना को साकार करने साय सरकार दे रही विशेष पैकेज: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन….

रायपुर: सीआईआई(Confederation of Indian Industry) द्वारा आयोजित “ग्रीन स्टील व माइनिंग समिट 2025” प्रदेश के वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सम्मिलित हुए। देश भर से आए उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में राज्य में 1 नवंबर, 2024 से राज्य एवं देश की श्रेष्ठ “औद्योगिक विकास नीति 2024-30” को लागू किया गया है। खनिज संसाधन के उत्पादन में देश के सर्वोत्तम राज्य, विद्युत उत्पादन में नंबर एक, एवं प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में हर सेक्टर के उद्योग निवेश करने रुचि ले रहे।।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पारंपरिक स्टील के निर्माण में में बड़ी मात्रा में कार्बन का उत्सर्जन होता है जोकि जलवायु के लिए हानिकारक है। इसलिए यह आवश्यक हैकि इसके उत्सर्जन को कम करने के उपायों पर गंभीरता से विचार किया जाकर उत्सर्जन कम किया जावे ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वच्छ और सुंदर रहने योग्य घरती सौंपें। हमारी नवीन औद्योगिक नीति में पहली बार “ग्रीन उद्यम” की परिकल्पना को साकार करने के लिए पर्यावरण संरक्षण उपायों को अपनाने के लिए औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट अनुदान (पर्यावरणीय प्रोजेक्ट अनुदान), जल एवं उर्जा दक्षता (एनर्जी ऑडिट) व्यय प्रतिपूर्ति, गैर काष्ठ वनोपज प्रसंस्करण एवं ग्रीन हाइड्रोजन / कम्प्रेस्ड बॉयो गैस सेक्टर के वृहद उद्यम हेतु औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया गया है।

सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील व माइनिंग समिट में देशभर से आए उद्योगपतियों से संवाद

छत्तीसगढ़ राज्य की नयी “औद्यागिक विकास नीति 2024-30” में उद्योगों की नवीन तकनीक को अपनाने हेतु प्रोत्साहित कियाजा रहा है । यदि स्टील उद्योगों द्वारा इस दिशा में कार्य किया जाता है तो राज्य शासन की ओर से मदद की जाएगी। श्री देवांगन ने कहा की राज्य के आयरन ओर भंडार बस्तर क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के द्वारा कोर-सेक्टर के स्टील इकाईयों तथा अन्य कोर सेक्टर की इकाईयों को पात्रतानुसार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के अतिरिक्त 50 प्रतिशत तक आयरन ओर रायल्टी तथा 100 प्रतिशत कोल पर रायल्टी एवं राज्य को प्राप्त होने वाले सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक वर्ष तक किये जाने का प्रावधान भी किया गया है ।

सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील व माइनिंग समिट में देशभर से आए उद्योगपतियों से संवाद

इसके अलावा राज्य की नीति में नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति ,विद्युत शुल्क छूट, स्टॉम्प शुल्क छूट ,पंजीयन शुल्क प्रतिपूर्ति ,डायर्वशन शुल्क छूट ,जल व्यय प्रतिपूर्ति ,रॉयल्टी प्रतिपूर्ति ,रोजगार व्यय अनुदान ,ईपीएफ प्रतिपूर्ति ,प्रशिक्षण व्यय प्रतिपूर्ति एवं ,1000 करोड से अधिक निवेश करने वाले / 1000 व्यक्तियों को रोजगार देने वालों के लिए बी-स्पोक योजना का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम में सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, सीआईआई के ईस्टन रीजन के चेयरमैन श्री शास्वत गोयेंका, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, समेत अन्य प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे।।

छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन, ग्रीन स्टील उत्पादन पर विशेष अनुदान भी मिलेगा: मुख्यमंत्री साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।

समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।

‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता

मुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्ण

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।

इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।

250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिल

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री संजय जैन, को-चेयरमैन श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री बजरंग गोयल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं सचिव उद्योग श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

ग्राम जुडवानी में लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीण का मकान ढहा शासन प्रशासन से मुआवजा की मांग।

((नयाभारत सितेश सिरदार सरगुजा:–)
सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जुडवानी में भारी बारिश के कारण ग्रामीण का मकान ढह गया मकान गिरने से कमरे के अंदर रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक हीरमनिया बाई पति नंदलाल सारथी ग्राम जुडवानी निवासी का मकान 27 वन 28 जुलाई की दरमियानी रात अचानक भरभरा के गिर गया जिससे खपड़ैल लकड़ी गोला और रूम के अंदर रखें सामान क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि उस वक्त ग्रामीण परिवार दूसरे कमरे में सोया हुआ था नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। वही बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के बीच घर के दीवारों में सीडहन आने की वजह से घर की दीवार भरभरा कर गिर गया वही हीरमनिया पति नंदलाल सारथी ने शासन प्रशासन से मुआवजे की मांग की है साथ ही हल्का पटवारी को सोमवार को इसकी सूचना दी गई है।

CG – BJP ब्रेकिंग : भाजपा ने इन जिलों में पदाधिकारियों की घोषणा, जानिए किसे क्या मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा ने 3 जिलों में नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है। जिन जिलों की कार्यकारिणी गठित की गयी है, उसमें बालोद, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जिला शामिल हैं।

जानिए पूरी लिस्ट….