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Uttarakhand Panchayat Elections : 12 जिलों के 40 विकासखंडों में मतदान जारी, सीएम धामी ने मतदाताओं से की सक्रिय भागीदारी की अपील….

उत्तराखंड : उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के लिए दूसरे चरण (Uttarakhand Panchayat Election Second Phase) की वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है. 12 जिलों के 40 विकासखंडों में 8,276 मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी है. वोटिंग 5 बजे तक चलेगी. सहसपुर, रायपुर, डोईवाला में वोटिंग जारी है.

बता दें कि पहले चरण के लिए 24 जुलाई को मतदान हुआ है. इधर मतदान को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी की मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है. उन्होंने वोटर्स से सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इन चुनावों में प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का संचालन होता है. उन्होंने सभी मतदाताओं से विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं.

उत्तराखंड में UCC लागू: सीएम धामी बोले– सभी नागरिकों को मिले समान अधिकार, लिव-इन का पंजीकरण अनिवार्य कर बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित….

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्य सेवक सदन में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया. समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखण्ड की जनता का सम्मान है. राज्य की जनता के आशीर्वाद से ही उत्तराखण्ड में UCC का सपना साकार हो पाया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि UCC लागू कर राज्य सरकार ने बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि देने का काम किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यू.सी.सी लागू होने के बाद अब राज्य में सभी नागरिकों के अधिकार समान हो गए हैं. यू.सी.सी ने समाज में भेदभाव खत्म करने का काम किया है.

UCC लागू होने के बाद सभी नागरिकों के अधिकार हुए समान, लिव इन रिलेशनशिप के लिए  पंजीकरण अनिवार्य किए जाने से बहन-बेटियों की सुरक्षा भी हुई ...

मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता में महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित किया गया है. लिव इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किए जाने से बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है. उन्होंने कहा कि निश्चित ही समान नागरिक संहिता की ये गंगा उत्तराखण्ड राज्य से संपूर्ण देश में जाएगी. हमारी विचारधारा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बाबा साहेब की स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को राष्ट्र चेतना के पंच तीर्थ के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून, और ऑपरेशन कालनेमि जैसे कई कड़े फैसले लिए हैं.

Uttarakhand News: धर्मांतरण कानून पहले से ज्यादा होगा सख्त, CM धामी का बड़ा बयान, कहा- पुलिस मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा एसआईटी का गठन…

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाते हुए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड सीमांत प्रदेश होने के साथ ही सनातन की पुण्य भूमि भी है। इसलिए यहां डेमोग्राफी में बदलाव की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाए।

संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे

सीएम धामी ने कहा कि पुलिस इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे। धर्मांतरण कराने वाले तत्वों के जाल में फंसे लोगों को उचित परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए, धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाए जाने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन कालनेमी भी ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने में सफल रहा है। इस मुहिम को आगे भी चलाए जाने की जरूरत है। इसलिए पुलिस मुख्यालय के स्तर पर, इसकी निगरानी के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।

CG Strike : तीन दिवसीय हड़ताल पर गए तहसीलदार- नायब तहसीलदार, रजिस्ट्री समेत कई काम हुए ठप, सरकार के समक्ष रखीं ये 17 सूत्रीय मांगें…..

रायपुर। प्रदेश भर में आज से तहसीलदारों की 3 दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार हिसस ले रहे हैं। इस हड़ताल के चलते तहसीलों में 3 दिन तक यानी 30 जुलाई तक कोई भी काम नही होंगे। संघ ने 18 जुलाई को ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी थी।

लंबे समय से मांग कर रहे हैं राजस्व के अफसर

दरअसल, लंबे समय से प्रदेश के राजस्व अफसरों की मांग पूरी नहीं की जा रही है. छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ द्वारा पूर्व में भी विभाग एवं शासन को समय-समय पर विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया है. विभाग एवं शासन से संसाधनों की कमी, मानवीय संसाधन, तकनीकी सुविधाएं, सुरक्षा, शासकीय वाहन एवं प्रशासनिक सहयोग जैसी मांगे की गयी है. लेकिन अभी तक मांगों की अनदेखी की जा रही है. जिसके विरोध में आज से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है।

इसके तहत पहले दिन 28 जुलाई को जिला स्तर पर सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन होगा। 29 जुलाई को संभाग स्तर पर सामूहिक अवकाश एवं प्रदर्शन किया जाएगा और 30 जुलाई को प्रदेश स्तर पर सामूहिक अवकाश लेकर राजधानी में धरना प्रदर्शन किया जायेगा। यदि 30 जुलाई तक तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों समेत सभी राजस्व अफसरों की मांग पूरी नहीं की जाती है तो इसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जायेगा।

शासन ने मांगों पर पहल किये जाने की कही बात

तहसीलदारों के आंदोलन और उनकी मांगों के मद्देनजर राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अरविन्द एक्का ने समस्त कलेक्टरों को पत्र जारी कर किसी भी राजस्व अफसर को अवकाश नहीं देने और अनुपस्थित रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही यह भी लिखा गया है कि संघ की मांगों के मद्देनजर राजस्व विभाग ने समय-समय पर पत्र लिखकर सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। हालांकि इस संबंध में कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष केके लहरे का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में से कोई भी मांग अब तक पूरी नहीं की गई है। यही वजह है कि तमाम प्रयासों के बाद अब संघ अनोलन शुरू करने जा रहा है।

17 सूत्रीय मांगों की मुख्य बातें

1. सभी तहसीलों में स्टाफ की नियुक्ति – कंप्यूटर ऑपरेटर, नायब नाजिर, माल जमादार, भृत्य, वाहन चालक और पटवारियों की तैनाती हो।
2. सीधी भर्ती व पदोन्नति का अनुपात 50:50 रखा जाए और पुरानी घोषणा लागू हो।
3. नायब तहसीलदार को राजपत्रित पद घोषित किया जाए।
4. लंबित ग्रेड-पे सुधार तुरंत किया जाए।
5. प्रोटोकॉल व फील्ड ड्यूटी के लिए सरकारी वाहन या भत्ता उपलब्ध कराया जाए।
6. बिना ठोस कारण निलंबित अफसरों की 15 दिन में बहाली।
7. न्यायालयीन आदेशों को जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए।
8. कोर्ट केस पर FIR रोकने के लिए जारी आदेश का सख्त पालन।
9. न्यायालयीन कार्य हेतु अलग व्यवस्था, प्रोटोकॉल ड्यूटी से मुक्त किया जाए।
10. आउटसोर्स स्टाफ की नियुक्ति का अधिकार तहसीलदार को दिया जाए।
11. e-Court, भू-अभिलेख जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति।
12. SLR/ASLR की बहाली।
13. शासकीय मोबाइल नंबर व डिवाइस।
14. हर तहसील में सुरक्षाकर्मी व वाहन की व्यवस्था।
15. सड़क दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं पर तत्काल मुआवजा राशि देने के स्पष्ट निर्देश।
16. संघ की औपचारिक मान्यता।
17. राजस्व न्यायालय सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति।

Uttarakhand News- मनसा देवी मंदिर हादसे के बाद धार्मिक स्थलों पर सीएम धामी का फोकस: भीड़ प्रबंधन और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश….

उत्तराखंड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर, टनकपुर स्थित पूर्णागिरि धाम, नैनीताल के कैंची धाम, अल्मोड़ा के जागेश्वर मंदिर, पौड़ी जिले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सहित अन्य प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालु पंजीकरण, पैदल मार्गों और सीढ़ियों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने तथा अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन अनुभव प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों मंडलों के आयुक्तों की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाए। इस समिति में संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से मनसा देवी मंदिर परिसर तथा अन्य प्रमुख मंदिर परिसरों के सुनियोजित विकास, धारण क्षमता में वृद्धि और व्यवस्थित दुकान प्रबंधन पर बल देते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था को सुदृढ़, सुव्यवस्थित और सुगम बनाया जाए। श्रद्धालुओं का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करते हुए चरणबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत….

रायपुर: सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं।

हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव

पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।

CG – छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेता मनोज राजपूत ने फिर किया ये बड़ा कांड, FIR दर्ज, जानिए क्या है पूरा मामला…..

दुर्ग। शहर के चर्चित बिल्डर, जमीन कारोबारी और छत्तीसगढ़ी फिल्मों के अभिनेता मनोज राजपूत एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ सुपेला थाना में गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने अपने आपराधिक मामलों को छिपाकर गलत जानकारी के आधार पर शपथ पत्र तैयार कराया और पासपोर्ट बनवाया। वहीं सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज हुई।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, मनोज राजपूत ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आपराधिक इतिहास को छिपाया और झूठा शपथ पत्र देकर सुपेला थाने से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किया। लेकिन जब पुलिस जांच में यह सामने आया कि उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं—जिनमें दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, धोखाधड़ी और मारपीट जैसे संगीन आरोप शामिल हैं—तो तुरंत एक पत्र पासपोर्ट कार्यालय को भेजा गया। इसके बाद उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया।

पते में किया हेरफेर

मनोज राजपूत ने अपने वास्तविक पते (मोहन नगर थाना क्षेत्र) की बजाय सुपेला थाना क्षेत्र के मोतीलाल नेहरू नगर, वार्ड 03 का पता दिखाकर पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट हासिल की। यह प्रयास उनके आपराधिक इतिहास को छिपाने की मंशा से किया गया था। लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और पूरे घटनाक्रम को उजागर किया।

दर्ज हुए अपराध

सुपेला थाना में मनोज राजपूत पर FIR नंबर 806/2025 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 12 के तहत कार्रवाई की गई है। मामला 14 जुलाई 2025 को दर्ज हुआ था।

सावन माह के तीसरे सोमवार को भोलेनाथ का किया जलाभिषेक

भीलवाड़ा। श्रावण माह के तीसरे सोमवार शिव शक्ति महादेव मंदिर पटेल नगर के बैनर तले पूज्य गुरु पंडित कमलेश झा के सानिध्य में वैदिक एवं अध्यात्मिक पद्धति द्वारा आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा जो की हरनी महादेव से शिव शक्ति महादेव मंदिर पटेल नगर में स्थापित भोलेनाथ को वेलपत्र एवं गंगाजल से जलाभिषेक किया गया। भीलवाड़ा में ये कावड़ यात्रा एक अनोखी और पूर्णतया अदभुत थी, जिसमे हरिद्वार, पुष्कर और हरनी महादेव के तालाब का पानी का संगम होकर कावड़ और कलश भरकर हरनी महादेव को साक्षी मानकर सभी श्रद्धालु भक्तजन नंगे पांव कांवड़ और कलश लेकर हर हर महादेव का उदघोष और जय कारा लगाते हुए शिवशक्ति महादेव मंदिर पटेल नगर में स्थापित महादेव से आशीर्वाद लिया साथ ही सभी श्रद्धालु एवं भक्तजन को प्रसाद वितरण कर इस पावन आयोजन का समापन किया गया। इस भव्य आयोजन में मंदिर के संरक्षक वशिष्ठ दुबे, सुशील शुक्ला, शंकर सिंह, सूर्यमणि पांडे, संतोष झा, अजीत झा और समस्त कॉलोनी वासी सहभागीदार बने।

CG जॉब अलर्ट : इन पदों पर निकली भर्ती,12वीं पास भी कर सकते है आवेदन, देखें पूरी डिटेल…

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 11 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए 12वीं पास और पाॅलीटेक्निक डिप्लोमा होना अनिवार्य है।

कार्यालय संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं जगदलपुर के द्वारा बस्तर जिले के अंतर्गत पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के रिक्त पदों पर एकमुश्त मासिक मानदेय के आधार पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र मूल प्रमाण पत्रों की सत्यापित छायाप्रति सहित पंजीकृत डाक के माध्यम से आगामी 11 अगस्त 2025 तक आमंत्रित किए गए हैं। उक्त पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के तहत मान्यता प्राप्त संस्था से बायोलॉजी विषय में 12 वीं उत्तीर्ण एवं वेटनरी पॉलीटेक्निक डिप्लोमा होना चाहिए। इन पदों पर एक वर्ष के लिए मासिक मानदेय पर भर्ती किया जाएगा।

कृत्रिम गर्भाधान कार्य में दक्षता एवं बस्तर जिले के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के आधार पर आवेदकों का चयन किया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता के प्राप्तांक एवं अनुभव के आधार पर कुल अंक 100 होंगे अधिकतम 10 अंक अनुभव पर 90 अंकों की गणना निर्धारित शैक्षणिक अर्हता के प्राप्तांक के आधार पर की जाएगी। अनुभव की गणना प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए 2 अंक होंगे। जो अधिकतम 10 अंकों तक देय होगा। अनुभव का लाभ शासकीय कार्य में नियुक्ति आदेश में लागू होगा।

हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर हजारों कांवड़ियों का किया भव्य स्वागत

रायपुर, 28 जुलाई 2025/ सावन मास के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के प्राचीन, धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के तीर्थ स्थल बाबा भोरमदेव मंदिर में भक्ति और श्रद्धा की गूंज उस समय चरम पर पहुँच गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हजारों कांवड़ियों और शिवभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्रीद्वय श्री विजय शर्मा और श्री अरुण साव उपस्थित थे।

यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री स्वयं श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कर रहे हैं। पुष्पवर्षा के पश्चात् मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक किया तथा प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर परिसर में उपस्थित कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना और पूरे आत्मीय भाव से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सावन मास के तीसरे सोमवार को बाबा भोरमदेव की पावन धरती पर शिवभक्तों के साथ जुड़ना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व का विषय है। हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं—यह हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की जीवंत मिसाल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमरकंटक से 151 किलोमीटर पदयात्रा कर भोरमदेव मंदिर में जलाभिषेक करने वाली पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकास के लिए 146 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प करेगी, बल्कि मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा से लेकर सरोदा जलाशय तक एक समग्र धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से अमरकंटक जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के अनूपपुर में 5 एकड़ भूमि आबंटन की प्रक्रिया जारी है, जहाँ एक भव्य श्रद्धालु भवन का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को सावन मास की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा इस पुण्य अवसर की महत्ता को और भी अभूतपूर्व बना गई है।

*पौराणिक परंपरा का गौरव: भक्ति से सराबोर हुआ बाबा भोरमदेव परिसर*

सावन मास में भगवान शिव—देवों के देव—के जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कवर्धा से 18 किलोमीटर दूर ग्राम चौरा में स्थित 11वीं शताब्दी का यह भोरमदेव मंदिर ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। श्रावण मास में छत्तीसगढ़ के कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा, खैरागढ़, राजनांदगांव सहित मध्यप्रदेश के अमरकंटक से हजारों श्रद्धालु पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव और डोंगरिया के प्राचीन जलेश्वर शिवलिंग में जलाभिषेक करने आते हैं। श्रद्धालु माँ नर्मदा से जल भरकर नंगे पाँव और भगवा वस्त्रों में 150 किलोमीटर से अधिक की दुर्गम यात्रा कर “बोल बम” के जयघोष और भजनों के साथ भोरमदेव, जलेश्वर महादेव और पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर पहुँचते हैं।