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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य टीबी जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन की दिशा में प्रभावी और सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी व्यापक कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को “निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान” की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।

इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को “टीबी मुक्त” घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।

Uttarakhand News: कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, CM धामी बोले- ‘यह नया भारत है, जो दुश्मनों को करारा जवाब देता है’…

उत्तराखण्ड : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गांधी पार्क, देहरादून में कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कारगिल शहीदों के परिवारजनों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान चमोली जिले के कालेश्वर में ई.सी.एच.एस एवं सैनिक विश्राम गृह का निर्माण किए जाने और नैनीताल में सैनिक विश्राम गृह बनाए जाने की घोषणा की।

22500 लोगों को रोजगार दिया जा रहा

सीएम धामी ने कहा कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा, जिसमें 50 प्रतिशत सिविलियन भी होंगे। उपनल के माध्यम से राज्य के 22500 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है, जिनकी विनियमितीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मातृभूमि की रक्षा के लिए (Kargil Vijay Diwas) अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीर जवानों को देश हमेशा याद रखेगा।

उन्होंने कहा कारगिल की घाटियों, पहाड़ों और हवाओं में भारत के जवानों का दुश्मन के खिलाफ किया गया युद्ध, आज भी उसी वेग से गूंज रहा है। हमारी सेना दुश्मन की गोली का जवाब गोलों से देती है। उन्होंने कहा यह नया भारत है जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है।

दुश्मनों को घुटने टेकने पर किया मजबूर

कारगिल युद्ध के दौरान भारत के शूरवीरों ने अदम्य साहस, उत्कृष्ट रणनीति, अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मनों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कारगिल युद्ध में वीरभूमि उत्तराखण्ड के 75 जवान शहीद हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के (Kargil Vijay Diwas) जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीकों और हथियारों से लैस किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से मात्र चार दिनों में पाकिस्तान को घुटनों के बल पर लाकर खड़ा कर दिया था। ऑपरेशन सिंदूर से दुश्मनों को साफ संदेश दिया कि भारत की बहन-बेटियों के सिंदूर उजाड़ने वालों का नामो निशान मिटा दिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वन रैंक-वन पेंशन योजना, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि एवं बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने से संबंधित कई निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से (Kargil Vijay Diwas) बढ़ाकर 50 लाख रुपए, परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी वृद्धि की है।

परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ की गई है। शहीदों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा रहा है और इसके लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए परिवहन निगम की बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए तक की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाएं बहुत मजबूत हुई हैं। कारगिल युद्ध में सैकड़ों जवान शहीद हुए, जिसमें हमारे राज्य के (Kargil Vijay Diwas) 75 जवान शहीद हुए थे। इसमें 31 शहीद जवान देहरादून क्षेत्र के थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश के अब तक 1831 जवान शहीद हुए हैं, जिनमें से 1528 जवानों को वीरता पुरस्कार मिला है। 344 विशिष्ट सेवा पदक हमारे उत्तराखण्ड के वीर जवानों को मिले हैं। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा शहीद जवानों के परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया गया है। जिसके माध्यम से अब तक 37 लोगों को रोजगार मिला है।

CG News : छत्तीसगढ़ को मिली बड़ी सौगात, इन चार शहरों में खुलेंगे डे केयर कैंसर सेंटर…..

रायपुर। केंद्र सरकार ने बजट में की गई घोषणा के अनुरुप छत्तीसगढ़ को चार डे केयर कैंसर सेंटर की सौगात दी है। सरकार ने सभी राज्यों में स्थापित होने वाले डे केयर कैंसर सेंटरों की सूची जारी की है, जिसमें छत्तीसगढ़ का भी नाम है। सबसे अधिक डे केयर कैंसर सेंटर उत्तर प्रदेश में खुलेंगे। केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, देश भर में 200 से अधिक डे केयर कैंसर सेंटर (डीसीसीसी) की स्थापना को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत डीसीसीसी की सूची में छत्तीसगढ़ से महासमुंद, कोंडागांव, सुकमा और गौरेला पेंड्रा मरवाही शामिल हैं। इन इलाकों में कैंसर पीडि़तों की संख्या ज्यादा है।

जिला अस्पतालों में स्थान और कर्मचारियों व सामान की उपलब्धता के अनुसार डीसीसीसी स्थापित किए जाएँगे। हालाँकि, व्यवहार्यता और राज्य के प्रस्तावों के आधार पर, डीसीसीसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में भी स्थापित किए जा सकते हैं। डीसीसीसी की स्थापना की प्रति इकाई लागत उस सुविधा की आवश्यकता और कमियों के अनुसार 1.49 करोड़ रुपये तक हो सकती है। निधि की आवश्यकता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के राज्य के वित्तीय संसाधनों (आरई) द्वारा पूरी की जाएगी और राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों का अनुपात एनएचएम के मानदंडों के अनुसार होगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के कैंसर रजिस्ट्री डेटा का उपयोग करके एक राष्ट्रीय गैप विश्लेषण किया और केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में की गई घोषणा के अनुसार, राज्यों के परामर्श से डे केयर कैंसर केन्द्रों (डीसीसीसी) की स्थापना की योजना बनाई। उच्च बोझ वाले जिलों को प्राथमिकता दी गई, राज्यों/ केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए और संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा दोहराव से बचने के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम समन्वय समिति (एनपीसीसी) द्वारा उन्हें अंतिम रूप दिया गया। केन्द्रीय बजट 2025-26 की घोषणा के अनुसार, सरकार अगले 3 वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे केयर कैंसर सेंटर (डीसीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रही है।

महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल…

रायपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर एवं विकास तरंगिणी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज महिलाओं के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जागरूकता एवं जाँच शिविर का एनआईटी परिसर में आयोजन किया गया। यह जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम विशेषतः सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए आयोजित किया गया।

शिविर के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क जाँच, परामर्श और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शिविर में शामिल हुए और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की जांच की गई और नि:शुल्क जांच, परामर्श और दवाइयां प्रदान किया गया। महिलाओं की बड़ी संख्या ने इस पहल में भाग लेते हुए स्वास्थ्य जांच कराई और स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता से लाभ प्राप्त किया।

महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि ऐसे शिविर महिलाओं को समय पर बीमारियों की जांच के लिए प्रेरित करते हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आज अनेक बीमारियाँ हमारी बदलती जीवनशैली, रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों से दूर होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा योग जैसे भारतीय आचार-विचार को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना करते हुए “सर्वे भवन्तु सुखिनः” के सिद्धांत को अपनाने की बात कही।

महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह पहल न केवल रोगों की समय पर पहचान में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में भी एक अच्छा कदम है। यह स्वस्थ नारी और सशक्त समाज की ओर बढ़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि यह शिविर शिक्षा और स्वास्थ्य के मध्य एक सेतु का कार्य करेगा।

CG – पवित्र सावन महीने में बाबा विश्वनाथ की दर्शन करने मस्तूरी के मानिकचौरी से निकला 12 श्रद्धांलुओं का जथ्था पढ़े पूरी ख़बर

मस्तूरी//मानिकचौरी और आसपास गाँव के 12 लोगों का जथ्था 26 जुलाई दिन शनिवार क़ो बिलासपुर जक्शन से बाबा धाम काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए रवाना हुई जिनमें केदार नाथ साहु हेमलाल जगत खेमराज पटेल सरपंच साधु साहु बिन्दा निषाद जन्नु‌ मोहन आशा राम महेन्द्र साहु राजकुमार साहु आदि शामिल है। केदार साहू बताते है की जनता इन तीर्थ यात्राओं की उपयोगिता समझती है इसलिए उनकी यात्रा का समुचित प्रबंध करने के लिए आवश्यक व्यवस्था जुटाने वाले साधन खड़े करना परमार्थ प्रयोजन माना जाता है धर्मशालाएं विशुद्ध रूप से धर्मप्रचारकों के निवास के लिए ही बनती थी। स्थान-स्थान पर भंडारे का प्रबंध इसलिए रहता था कि तीर्थयात्रा वाले परिव्राजकों को सुविधापूर्वक भोजन मिल जाए। अन्न क्षेत्र भी इसीलिए खोले जाते है। प्याऊ इन पथिकों के लिए थे। अतिथि सत्कार का जो प्रचलन है, उसमें भी यही भाव था कि साधु संस्था के सदस्य संत, ब्राह्मण, तीर्थयात्री जिधर से निकलें, उधर उन्हें कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन दिनों तीर्थयात्रियों को सुविधाएं हर जगह सरलतापूर्वक मिल जाती थी, इसलिए वे अपना कार्य अपरिग्रही रहकर भी सुविधा के साथ सम्पन्न करते रहते थे।

CG:कन्या शाला देवकर में मची हरेली की धूम बच्चों ने लगाई हरियाली की मेहंदी…. नीम की पत्तियाँ वातावरण को शुद्ध करती है–गिरिजा पटेल


संजू जैन7000885784 बेमेतरा:शासकीय कन्या प्राथमिक शाला देवकर विकासखंड साजा में बस्ता विहीन शनिवार को बहुत ही धूमधाम से छत्तीसगढ़ के प्रथम त्यौहार का आयोजन किया गया। हरियाली के प्रतीक इस पर्व में शाला की शिक्षिकाएं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागी बच्चे रसोइया। सफाईकर्मी,समाज से महिलाएं हरे रंग की वेशभूषा मे उपस्थित हुए। जिसमें मुख्य रूप से नीम के पत्तों से कार्ड निर्माण, टियारा निर्माण, गेड़ी चढ़ना, शाला में उपलब्ध औजारों की पूजा, नीम की टहनियों को शाला परिसर और कक्षाओं में लगाना, पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति, गौ माता को लोंदी खिलाना एवं समाज से उपस्थित महिलाओं को हरे रंग के उपहार प्रदान किया गया। एवं उनके द्वारा बच्चों के साथ कार्यक्रम प्रस्तुति दिया गया। बच्चों के हाथों में प्रधान पाठिका द्वारा हरियाली संबंधित मेंहदी लगाया गया। प्रधान पाठिका गिरिजा पटेल ने बच्चो को बताया कि हरेली पर्व का हमारे छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व है और जो सारे कार्य इस पर्व में किए जाते है और जो हम बच्चों के साथ विद्यालय में करते है सबका अलग अलग महत्व है।यह त्यौहार सावन मास की अमावस्या को मनाया जाता है। जो प्रायः जुलाई या अगस्त माह में आता है इस समय तक कृषकों की बियासी का कार्य पूर्ण हो चुका होता है। तो औजारों की सफाई कर व पूजा कर उनको व्यवस्थित किया जाता है। इस प्रकार यह पर्व कृषि के महत्व को भी दर्शाता है यह प्रकृति की पूजा का पर्व है। गाय को खिलाए जाने वाले लोंदी में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व होते है जो उनके लिए स्वास्थ्यप्रद होते है। और यह गायों की सेवा का भाव भी दर्शाता है गेड़ी चढ़कर लोग पेड़ों व फलों को तोड़कर घर ले आते जो प्रकृति की पूजा और दया का प्रतीक है। और यह एक पारंपरिकगतिविधि है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है लोग गेड़ी चढ़ने के लिए एकत्रित होते है जो सामाजिक एकता का परिचय देता हैनीम की पत्तियां वातावरण को शुद्ध करती है उक्त माह में सूर्य का प्रकाश कम होने और वर्षा अधिक होने से बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है जिससे नीम की पत्तियां सुरक्षा प्रदाय करती है l वीणा रावटे ने बताया कि प्रत्येक त्यौहार का हमारे जीवन में विशेष महत्व है हमें इसे उल्लास के साथ मनाना चाहिए। बच्चों और पूरे शाला परिवार में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उक्त आयोजन में प्रधान पाठिका गिरिजा पटेल, वीणा रावटे, बसंती अग्रवाल, आशा अग्रवाल, शारदा अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल, भीमा, खेमा, पुष्पा, महेशीया, सुनीता, रमौतीन, सुंदर ठाकुर, मुजीत खान उपस्थित थे।

CG – सरकारी नौकरी : उच्च शिक्षा विभाग में इन पदों पर होगी भर्ती, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने दस्तावेज सत्यापन की तारीख की घोषित…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग में होने होने वाली 137 पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने दस्तावेजों के सत्यापन की तारीख घोषित कर दी है। रिक्त पदों की पूर्ती के लिए अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन 19 अगस्त से 22 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा।

137 पदों की पूर्ति

उच्च शिक्षा विभाग के अतंर्गत प्राध्यापक (विषय- सूचना प्रौद्योगिकी, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, कम्प्यूटर साइंस, वाणिज्य एवं राजनीति शास्त्र) के विज्ञापित 05 विषयों के कुल 137 पदों की पूर्ति हेतु अभ्यर्थियों का सीधे दस्तावेज सत्यापन दिनांक 19.08.2025 से 22.09.2025 तक आयोजित किया जायेगा।

402 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन निर्धारित

उपरोक्त पद हेतु कुल 402 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन निर्धारित तिथि को प्रथम पाली पूर्वान्ह 10:00 बजे एवं द्वितीय पाली अपरान्ह 02.00 बजे किया जायेगा। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित एवं अनर्ह पाए जाने पर उक्त अभ्यर्थियों को आगामी भर्ती संबंधी प्रक्रिया में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

अभ्यर्थी के पास आवश्यक शैक्षणिक अर्हताओं एवं अन्य अर्हताओं का “प्रमाण-पत्र” ऑनलाईन आवेदन करने हेतु निर्धारित अंतिम तिथि अथवा उसके पूर्व प्राप्त कर लिया होना चाहिए। ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि के बाद की तिथि को जारी की गई शैक्षणिक अर्हताओं एवं अन्य अर्हताओं के प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे।

इस संबंध में शैक्षणिक दस्तावेजों / अनुभव / स्थायी जाति/निवास/आय/ निःशक्तजन प्रमाण पत्र/ पहचान पत्र/अन्य प्रमाण पत्रों के मूल प्रति तथा एक-एक सत्यापित अथवा स्वप्रमाणित छायाप्रति प्रस्तुत करें। आवश्यक शैक्षणिक अर्हता/अन्य प्रमाण पत्रों की कमी होने पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी समाप्त कर दी जायेगी एवं इस संबंध में कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा।

CG – घर के सामने ख़डी बाइक ले उड़े अज्ञात चोर मामला दर्ज जाँच में जुटी पुलिस पढ़े पूरी ख़बर

महासमुंद जिले के सरायपाली के थाना सिंघोडा में मोटरसाइकिल चोरी का मामला दर्ज हुआ है। थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक ने जानकारी दी कि प्रार्थी महादेव सिदार पिता स्व.भागीरथी सिदार (उम्र 45 वर्ष),निवासी ग्राम परसकोल,थाना सिंघोडा,जिला महासमुंद ने 25 जुलाई 2025 को थाना उपस्थित होकर अज्ञात चोर द्वारा उसकी मोटरसाइकिल चोरी होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी ने बताया कि दिनांक 24/07/2025 की रात करीब 09:00 बजे उसने अपनी एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 13 AT 2901),कीमति लगभग ₹20,000 अपने घर के सामने खड़ी की थी। अगले दिन सुबह 07:00 बजे उसने देखा कि उसकी मोटरसाइकिल वहां नहीं थी। आसपास खोजबीन करने और ग्रामीणों तरुण पटेल,राहुल नायक एवं ओमप्रकाश नायक की मदद से पता करने पर भी वाहन का कोई सुराग नहीं मिला। आवेदन के अवलोकन पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पाया गया, जिसके बाद थाना सिंघोडा पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

CG – कटघोरा वनमण्डल में भ्रष्टाचार की विधायक ने कलेक्टर से की शिकायत जांच की मांग डीएफओ सहित मातहत अधिकारियों में मचा हड़कंप पढ़े पूरी ख़बर

कोरबा//कटघोरा जिले के वनमंडल कटघोरा में वन अधिकारियों द्वारा किये गए प्रमाणित भ्रष्टाचार के मामलों में वर्षों से लंबित जांच व कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अन्य भ्रष्ट्राचारित कार्यो की जांच करने पाली- तानाखार विधायक द्वारा कलेक्टर से मांग के बाद कटघोरा डीएफओ व मातहत अधिकारियों- कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

गोगपा विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम द्वारा कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि कटघोरा वनमंडल अंतर्गत उप वनमंडल कटघोरा और पाली में वर्ष 2018-19 से लेकर आज दिनांक तक जितने भी निर्माण कार्य हुए हैं- जैसे तालाब,रपटा,पुलिया,चेक डेम निर्माण इन सभी कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। यहां पदस्थ तत्कालीन सभी वनमंडलाधिकारियों,मातहत अधिकारियों/कर्मचारियों तक सभी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। कटघोरा उप वनमंडल अंतर्गत कुटेशरनगोई बीट में वर्ष 2018-19 में तालाब में भारी अनियमिता की गई इस कार्य में फर्जी भुगतान एवं गुण्वत्ताहीन कार्य के संबंध में कार्यवाही करने हेतु कार्यालय प्रधान मुख्य वन सरंक्षक छ.ग. से जांच एवं कार्यवाही करने हेतु पत्र क्रमांक/ सत. शिका./सा.- 692/318 नवा रायपुर दिनांक 21.02.2022 के माध्यम से वनमंडलाधिकारी कटघोरा को निर्देशित किया गया था लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं। वहीं उप वनमंडल पाली में भी ऐसे ही भ्रष्टाचार को जमकर अंजाम दिया गया, जिसमें फर्जी मजदूरी भुगतान, गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य शामिल है। पूर्व में किए गए उक्त भ्रष्टाचार में किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार में अनगिनत कारनामे किये गये है जैसे-पसान रेंज पौधा रोपण घोटाला के साथ-साथ घटिया निर्माण कार्य, केंदई रेंज में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य आदि। अभी तत्कालीन घटना कटघोरा की एक फर्म को फर्जी भुगतान कर 50 प्रतिशत की राशि उप वनमंडलाधिकारी संजय त्रिपाठी एवं रेंजर रामनिवास दहायत के द्वारा मांग किया जा रहा है। जिसके संबंध में फर्म की संचालिका द्वारा शिकायत करने की खबर सोशल मीडिया न्यूज के माध्यम से प्रकाशित हुआ है। इसमें किसी प्रकार की कार्यवाही आज दिनांक तक नहीं की गई। जिसके कारण जनता में शासन के प्रति नराजगी, रोष एवं आक्रोश व्याप्त है। इस संबंध में आग्रह है कि जांच टीम गठित कर जांच करवाकर दोषियों के ऊपर कड़ी कार्यवाही किया जाये जिससे भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। वर्ष 2018-19 से आज दिनांक तक जितने भी कार्य वन विभाग द्वारा करवाये गये है, जिनमे बिगड़े वनों का सुधार कार्य,पौधा रोपण कार्य,तालाब निर्माण,रपटा निर्माण,पुलिया निर्माण,चेक डेम निर्माण कार्य,कैम्पा मद का कार्य एवं अन्य कार्य इन कार्यों में की गई भ्रष्टाचार के संबंध में वन विभाग व शासन को शिकायत पत्र प्राप्त हुए है,जिस पर विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है। उन सभी को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल संज्ञान में लेते हुए जांच करवाकर दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।

CG – LOVE SEX और धोका : फेसबुक पर की दोस्ती, फिर यूपी से डोंगरगढ़ आकर दो दिनों तक लाॅज में किया दुष्कर्म, फिर जो हुआ….

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ लाॅज में युवती से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी यूपी का रहने वाला है और कोरबा की युवती से फेसबुक पर दोस्ती कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को पकड़कर जेल भेज दिया गया है।

फेसबुक पर दोस्ती

दरअसल, पीड़िता ने थाना कोतवाली जिला कोरबा में लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी विकास सिंह निवासी प्रतापगढ़ थाना कोतवाली उत्तरप्रदेश के साथ वर्ष 2020 में फेसबुक के माध्यम से जान पहचान हुई थी। बातचीत एवं मिलने-जुलने से धीरे-धीरे दोनों में प्रेम प्रसंग हुआ और दोनों ने विवाह करने की इच्छा जताई। यह बात आरोपी के घर वाले भी जानते थे।

डोंगरगढ़ लॉज में दुष्कर्म

जुलाई 2023 में आरोपी एवं पीड़िता दोनों डोंगरगढ़ मंदिर आये थे। इस दौरान लॉज में 2 दिन के लिये रूके थे। इसी बीच आरोपी पीड़िता से शादी करने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाया। दोनों का प्रेम प्रसंग 2-3 साल ठीक चला।

7 सितम्बर 2024 के बाद से आरोपी किसी कहासूनी बात को लेकर पीड़िता से लड़ाई-झगड़ा करने और शादी से मना कर दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली जिला कोरबा में बिना नबंरी अपराध पंजीबद्ध कर केस डायरी को थाना डोंगरगढ़ भेजा गया। अपराध क्र0- 184/2025 धारा- 69 बीएनएस का असल अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया।

कर्नाटक से गिरफ्तार

विवेचना दौरान आरोपी कर्नाटक राज्य के बैंगलुरू में होने का पता चलने पर टीम गठित कर कर्नाटक राज्य के बैंगलूरू भेजा गया। टीम द्वारा आरोपी को तावरेकेरे चामुन्डी अगरबत्ती इंडिया प्रायवेट लमिटेड के पास वेल्डींग दुकान जिला बैंगलुरू से आरोपी को पकड़कर डोंगरगढ़ लाया गया। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

नाम आरोपीः- विकास सिंह पिता रमेश सिंह उम्र- 25 साल निवासी प्रतापगढ़ थाना कोतवाली उत्तरप्रदेश