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CG – सड़क किनारे नहर में मिली पूर्व सरपंच के बेटे की लाश, इलाके में मचा हड़कंप, हत्या या फिर….जांच में जुटी पुलिस…..

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर के नैला उपथाना क्षेत्र के सिवनी गांव के पूर्व सरपंच के बेटे की लाश सड़क किनारे नहर में मिली है। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। शव पर चोट के निशान से हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना पर पुलिस पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। इलाके में सनसनी फैल गई। मामला नैला थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान पूर्व सरपंच महारथी चौहान के बेटे अर्जुन सिंह चौहान के रूप में हुई है। वह अपने घर से हरेली पर्व के दिन निकला था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। फिर उसकी लाश सड़क किनारे नहर में मिली। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अर्जुन की लाश मिलने से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। शव पर चोट के निशान मिलने से पुलिस ने प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई है। फिलहाल मामले की गहनता से जांच जारी है।

CG – दिल दहला देने वाला हादसा : उफनते नाले में गिरी कार, पूरा परिवार था सवार, माँ के हाथ से छूटकर पानी में बहा 3 साल का मासूम, रेस्क्यू जारी……

बिलासपुर। तेजी से बढ़ रहे जल स्तर और तेज बहाव के कारण हरेली पर्व पर मंदिर दर्शन कर वापस लौट रहे ग्रामीणों की कार अनियंत्रित हो गई और तेज बहाव के साथ उफनते नाले में जा गिरी। कार में सवार आठ लोग किसी तरह बाहर सुरक्षित निकले। अफसोस ये कि कार में सवार तीन साल का मासूम कार के साथ नाले के तेज धार में बह गया। कार और मासूम की तलाश जारी है। मामला सीपत थाना क्षेत्र की है।

सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम खम्हरिया में रहने वाले 29 वर्षीय मोहनलाल साहू उर्फ भोला साहू का परिवार हरेली त्योहार में अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ सीपत के उच्चभट्ठी स्थित देवी मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। कार में दो महिला,दो पुरुष और पांच बच्चे सवार थे। दर्शन के बाद वापस अपने गांव लौटते समय उन्हें रात हो गई। इस दौरान भारी बारिश के चलते ग्राम झलमला से थोड़ी दूर स्थित तुंगन नाले के ऊपर बने पुल से तीन फीट ऊपर बह रहा था। मोहन साहू को लगा कि वह नाला पार कर जाएगा और खतरे को नजरअंदाज कर अपनी वैगन आर कार पुल से पार करवाने लगा। पानी के तेज बहाव के चलते कार का संतुलन बिगड़ गया और कार तेज बहाव में बहते हुए नाले में बह गया।

पुल से नीचे गिरकर कार नाले में बहने लगी और लगभग 60 फीट तक पहुंच गई। परिवार के लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर कार का दरवाजा खोला और आठ लोग तैरकर बड़ी मुश्किल से बाहर निकले। मोहनलाल साहू उर्फ भोला का 3 साल का बेटा तेजस और कार नाले में बह गया। तेजस कार में अपनी मां की गोद में बैठा था और उसकी मां ने उसका हाथ मजबूती से पकड़ रखा था। पर पानी में गिरने के बाद पानी के तेज बहाव में मां का हाथ छूट गया और तेजस बह गया। बाहर आकर उन्होंने इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी।

सूचना मिलते ही ग्रामीण युवा नाले में बच्चे और कार को तलाश करने लगे। सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी भी मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंच गए और एसडीआरएफ को बुलवाया। रेस्क्यू अभियान में भी बच्चे और कार का कुछ पता नहीं चल रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि मौके से 800 मीटर दूर सेलर एनीकट तक कार और बच्चा बह गया हो। हालांकि सीपत टीआई गोपाल सतपथी से मिली जानकारी के अनुसार कार मिल गई है, जिसे पानी से निकाला जा रहा हैं। वहीं बच्चे की तलाश की जा रही हैं।

स्वच्छता हम सभी की है जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में हमारी स्वच्छता दीदियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जिन्होंने निष्ठा, परिश्रम और सेवा-भावना के साथ समाज को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में आयोजित सम्मान समारोह में स्वच्छता दीदियों को साड़ी, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर एक प्राकृतिक रूप से समृद्ध और सुंदर जिला है, लेकिन पहले जब वे गांवों का दौरा करते थे, तो सड़कों के किनारे फैला कचरा गांवों और नगरों की सुंदरता को धूमिल कर देता था। इस स्थिति को बदलने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर इसे राष्ट्रीय जनआंदोलन में परिवर्तित किया। उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर लोगों को प्रेरित किया और गांव-गांव, शहर-शहर स्वच्छता की अलख जगाई। उन्होंने हर नागरिक को स्वच्छ और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिलाने का प्रयास किया।

 स्वच्छता हम सभी की है जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में हमारी स्वच्छता दीदियों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके अथक परिश्रम और समर्पण का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे वास्तव में सम्मान की पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने हमें स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में अमूल्य योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घर, मोहल्ले, चौराहे, मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की सफाई को अपना कर्तव्य मानें और स्वच्छता को अपनी आदत में शामिल करें।

उल्लेखनीय है कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी स्वच्छता सुधारों के मूल्यांकन और प्रोत्साहन हेतु स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) के अंतर्गत 4,589 शहरों को शामिल किया गया था। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में जशपुर जिले के नगरीय निकायों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन कर देश भर में अपना परचम लहराया है।इसमें जशपुरनगर ने 20,000 से 50,000 की जनसंख्या वर्ग में पूरे देश में 10वां स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 की 505वीं रैंकिंग से एक लंबी छलांग है।

 स्वच्छता हम सभी की है जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

इसी वर्ग में नगर पंचायत कुनकुरी ने 13वां रैंक, नगर पंचायत पत्थलगांव ने 30वां रैंक, नगर पंचायत बगीचा ने 51वां रैंक, और नगर पंचायत कोतबा ने 64वां रैंक हासिल किया है। यह असाधारण उपलब्धि स्वच्छता दीदियों के परिश्रम और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयास का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगरीय निकायों द्वारा योजनाबद्ध रूप से कई कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें बी.टी. रोड निर्माण, रोड मार्किंग, सामुदायिक शौचालयों का उन्नयन, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वॉल पेंटिंग, वेस्ट मैटेरियल से पार्कों का निर्माण, कम्पोस्टिंग शेड और रिसाइक्लिंग सेंटर की स्थापना, फुटपाथों पर पेवर ब्लॉक लगाना, साइनेज आदि प्रमुख हैं। लेकिन इन प्रयासों की आत्मा बनी हैं वे स्वच्छता दीदियाँ, जो हर गली, मोहल्ले में जाकर डोर टू डोर कचरा संग्रहण जैसे श्रमसाध्य कार्यों को अंजाम देती हैं।

 स्वच्छता हम सभी की है जिम्मेदारी – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

इस अवसर पर जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने सभी स्वच्छता दीदियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों और नागरिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि स्वच्छता दीदियाँ वह कार्य कर रही हैं जो पहले समाज में उपेक्षित था। उन्होंने कहा कि कभी स्वच्छता के प्रति लोगों में चेतना नहीं थी, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत दीदियों ने लोगों को न केवल जागरूक किया, बल्कि व्यवहार परिवर्तन भी सुनिश्चित किया, जिससे जशपुर को यह गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के इस जिले में शुरू हुई एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, मुख्यमंत्री साय ने 25 मेधावी छात्रों को पहनाया कैडेट बैच…

रायपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के युुवाओं को अब एनसीसी में एयर स्क्वाड्रन के जरिए अपना कैरियर बनाने के लिए मदद मिल पाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में एनसीसी की एयर स्क्वाड्रन शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह छत्तीसगढ़ की 3 सीजी एनसीसी एयर स्क्वाड्रन होगी।  श्री साय के प्रयासों से यह  जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगी।

जशपुर के पीएमश्री विद्यालय में अब एनसीसी एयर स्क्वाड्रन शुरू होगी

मुख्यमंत्री ने विद्यालय में एयर एनसीसी के लिए चयनित 25 मेधावी विद्यार्थियों को एनसीसी कैडेट्स का बैच लगाकर पंजीयन की शुरुआत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें 13 बालिकाएं और 12 बालक शामिल हैं।  इस अवसर पर विंग कमांडर श्री विवेक कुमार साहू ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक श्रीमती गोमती साय और श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप  सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जशपुर के पीएमश्री विद्यालय में अब एनसीसी एयर स्क्वाड्रन शुरू होगी

रंग लाई मुख्यमंत्री की पहल, जशपुर मेेें शुरू हुई एयर स्कवाड्रन 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय ने पिछले एनसीसी दिवस समारोह के दौरान रायपुर के समान राज्य के अन्य हवाई पट्टी वाले शहरों में भी एनसीसी की एयर स्कवाड्रन शुरू करने की इच्छा व्यक्त की थी। अभी तक छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर में ही एयर एनसीसी और उड़ान का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि जगदलपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और जशपुर जैसे स्थानों पर भी हवाई पट्टियों की सुविधा उपलब्ध है।

जशपुर के पीएमश्री विद्यालय में अब एनसीसी एयर स्क्वाड्रन शुरू होगीमुख्यमंत्री की इस पहल पर मार्च माह में जशपुर की आगडीह हवाई पट्टी को 3 सीजी एयर एनसीसी स्क्वाड्रन के लिए स्वीकृति प्रदान की गई और एक माइक्रोलाइट विमान को प्रशिक्षण हेतु जशपुर भेजा गया। इस दौरान लगभग 100 कैडेट्स को उड़ान का वास्तविक अनुभव प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं हवाई पट्टी पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया और कैडेट्स से संवाद किया। कैडेट्स ने उन्हें विमान से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ भी साझा कीं।

प्रशिक्षण प्राप्त कैडेट को रोजगार के बेहतर अवसर 

जशपुर के पीएमश्री विद्यालय में अब एनसीसी एयर स्क्वाड्रन शुरू होगी

वर्तमान में 3 सीजी एयर एनसीसी एयर स्क्वाड्रन, पूरे देश में एकमात्र एयर स्क्वाड्रन है जिसमें एम्स, एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्र कैडेट के रूप में जुड़े हुए हैं। कैडेटों को  यूपीएससी और एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से सेना में 25 वैकेन्सी /पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं, एसएससी के माध्यम से ऑफिसर्स ट्रेनिग अकादमी के लिए 50 वैकेंसी/पाठ्यक्रम के अवसर मिलते हैं जिसमें यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है और केवल एसएसबी साक्षात्कार के माध्यम से चयन के अवसर मिलते है। 20 सीटें लडकियों के लिए आरक्षित होती हैं। वायु सेना के उड़ान प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों सहित सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत वेकेंसी होती है। जिसके लिए एएफसीएटी, यूपीएससी परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। इसी तरह से पैरामिलिट्री फोर्स भर्ती में 2 से 10 बोनस अंक दिया जाता है।कई उद्योगों में भी एनसीसी सी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – ‘नियद नेल्ला नार’ से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक…

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के वे सुदूरवर्ती गाँव, जो वर्षों तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहे, आज नई उम्मीदों और उजालों की ओर अग्रसर हैं। जहाँ कभी बिजली, सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहीं अब वही गाँव प्रगति के रास्ते पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव की नींव मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जन सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप 15 फरवरी 2024 को ‘नियद नेल्लानार – आपका आदर्श ग्राम योजना’ के रूप में रखी गई।

यह योजना उन क्षेत्रों तक शासन की संवेदनशील और सक्रिय पहुँच सुनिश्चित करने का क्रांतिकारी प्रयास है, जहाँ अब तक केवल उपेक्षा और प्रतीक्षा का सन्नाटा था।  मुख्यमंत्री श्री साय का स्पष्ट मानना रहा है कि केवल सुरक्षा शिविर स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं, जब तक वहाँ शासन की संवेदनशील उपस्थिति और समग्र विकास की किरण नहीं पहुँचे। इसी सोच के साथ बस्तर के पाँच नक्सल प्रभावित जिलों—सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कांकेर—में 54 नए सुरक्षा शिविर स्थापित किए गए।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – 'नियद नेल्ला नार' से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक

इन शिविरों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 327 गाँवों को चिन्हित कर यह निर्णय लिया गया कि इन सभी को शत-प्रतिशत योजनाओं से जोड़ते हुए एक नया विकास मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल के साथ ही गाँवों में बदलाव की हवा बहने लगी है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने 31 नए प्राथमिक विद्यालयों की स्वीकृति दी, जिनमें से 13 स्कूलों में कक्षाएँ शुरू हो चुकी हैं। 185 आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 107 पहले ही प्रारंभ हो चुके हैं, जिससे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा मिलने लगी है।

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 20 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए, जिनमें से 16 स्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ हो चुके हैं। ये वही गाँव हैं जहाँ पहले एक सामान्य दवा के लिए भी लोगों को मीलों जंगल पार करना पड़ता था।  मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में संचार और संपर्क साधनों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। पहले जहाँ मोबाइल सिग्नल का नामोनिशान नहीं था, वहाँ अब 119 मोबाइल टावरों की योजना बनी और 43 टावर कार्यशील हो चुके हैं। 144 हाई मास्ट लाइट्स की मंजूरी दी गई, जिनमें से 92 गाँवों में अब रात के अंधेरे में उजियारा फैलने लगा है।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – 'नियद नेल्ला नार' से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक

सड़क और पुल निर्माण के लिए 173 योजनाएँ बनाई गईं, जिनमें से 116 को स्वीकृति मिल चुकी है और 26 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक भावनात्मक जुड़ाव और पहचान का सशक्त माध्यम बन चुका है। आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 70,954 लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं, 46,172 वृद्धजनों को आयु प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं और 11,133 नागरिकों का मतदाता पंजीकरण हुआ है, जिससे वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदार बन पाए हैं।

46,172 लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी कर मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 12,232 मकानों का लक्ष्य तय किया गया है, जिनमें से 5,984 परिवारों को स्वीकृति मिल चुकी है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,677 किसानों को सहायता राशि प्रदान की गई है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 6,460 घरों में व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए हैं। रसोई को धुएँ से मुक्त करने के उद्देश्य से 18,983 महिलाओं को उज्ज्वला और गौ-गैस योजना के तहत गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में गूंज रही है विकास की आवाज – 'नियद नेल्ला नार' से शासन पहुँचा विश्वास के द्वार तक

30 गाँवों में डीटीएच कनेक्शन भी दिए गए हैं, जिससे ये गाँव अब सूचना और मनोरंजन के मुख्य प्रवाह से जुड़ चुके हैं। यह परिवर्तन मात्र योजनाओं का संकलन नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच एक नए भरोसे का रिश्ता है, जिसकी बुनियाद सहभागिता और पारदर्शिता पर टिकी है। वर्षों तक शासन से कटे रहे लोग अब स्वयं विकास की निगरानी में सहभागी बन रहे हैं। अब ग्रामीण स्वयं आंगनबाड़ी की उपस्थिति पंजी, राशन दुकान की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर रहे हैं। यह वही बस्तर है, जो भय से विश्वास और उपेक्षा से भागीदारी की ओर बढ़ चला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस दूरदर्शिता ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि सुशासन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन से आता है। ‘नियद नेल्लानार’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि यह बस्तर के पुनर्जागरण की यात्रा है—एक ऐसी यात्रा जिसमें बंदूक की जगह अब किताबें हैं, अंधेरे की जगह उजियारा है और असहमति की जगह अब सहभागी लोकतंत्र की भावना है।

हमारी सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए संकल्पित है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है, जो न केवल किसी जरूरतमंद को जीवनदान देता है, बल्कि मानवता के प्रति हमारी सेवा भावना का श्रेष्ठतम उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज जशपुर जिले के ग्राम बगिया में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री एक ऐतिहासिक और सराहनीय पहल है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति समय पर रक्तदाताओं से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है। यह पहल जीवनरक्षक सहायता को सहज, सुलभ और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुझे यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जशपुर जिले में हर वर्ग के नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और समाज सेवा में अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। आज रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ, क्योंकि जीवनदान देने वाला व्यक्ति वास्तव में ईश्वर के समकक्ष होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि रक्त का हमारे जीवन में क्या महत्व है। सही समय पर उपयुक्त रक्त समूह का रक्त मिलने से किसी के प्राणों की रक्षा की जा सकती है, इसलिए रक्तदान को ‘महादान’ कहा गया है। राज्य में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सर्वाधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है, जो जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल है। मैं इस मंच से प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे यथासंभव रक्तदान कर इस जीवनरक्षक कार्य में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। हाल ही में हमने एम्बुलेंस सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी नागरिकों को यह आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी सरकार प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए संकल्पित है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जशपुर के आजीवन सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए और “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने श्री नीरज शर्मा, श्री अजय कुमार कुशवाहा और श्री शिव नारायण सोनी को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि “रक्त-मित्र” डायरेक्ट्री, जिला प्रशासन एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला जशपुर की एक अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत 480 स्वैच्छिक रक्तदाताओं के नाम एवं मोबाइल नंबर सूचीबद्ध किए गए हैं। इस डायरेक्ट्री के माध्यम से जब भी किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होगी, वह सीधे सूची में दिए गए नंबरों पर संपर्क कर रक्त प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने किया “रक्त-मित्र” पुस्तिका का विमोचन, रेडक्रॉस के आजीवन सदस्यों को किया सम्मानित

इस प्रयास से रोगियों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उन्हें समय पर रक्त मिल सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या समाजसेवी “रक्त-मित्र” बनना चाहता है, तो वह डायरेक्ट्री में दिए गए QR कोड को स्कैन कर गूगल फॉर्म भर सकता है। साथ ही, कलेक्टर एवं अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस जिला मुख्यालय, जशपुर (कलेक्ट्रेट परिसर, कक्ष क्रमांक 122) में संपर्क कर भी “रक्त-मित्र” के रूप में पंजीयन कर सकता है।

इस गरिमामय कार्यक्रम में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगाँव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री हरिओम द्विवेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रशांत कुशवाहा, रेडक्रॉस सोसायटी के श्री रूपेश प्राणी ग्राही, अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

CG – फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब इन डिग्रीधारियों को भी मिलेगा आवेदन का मौका…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में फार्मासिस्ट (ग्रेड-2) पदों पर भर्ती को लेकर जारी विवाद में आज हाईकोर्ट ने बड़ा निर्णय सुनाया है। भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान की है। यह मामला 30 जून 2025 को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी उस विज्ञापन से जुड़ा है, जिसके तहत केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी धारकों को ही पात्र माना गया था। रिट याचिका (सेवा) क्रमांक 8548/2025, राहुल वर्मा एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य में न्यायालय ने बी. फार्मा डिग्रीधारकों के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उन्हें भी आवेदन का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति इस बात को लेकर थी कि उक्त विज्ञापन में केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी धारकों को ही पात्र माना गया था और बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी. फार्मा) अथवा उससे उच्च डिग्री धारकों को, जो फार्मेसी काउंसिल में विधिवत पंजीकृत हैं, आवेदन करने से वंचित कर दिया गया था। इस तथ्य को ध्यान रखते हुए कि ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि दिनांक 25 जुलाई 2025 को शाम 5:00 बजे तक थी, उच्च न्यायालय ने राज्य शासन को निर्देशित किया है कि वह छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (सीजी व्यापम) को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करे, जिससे बी. फार्मा डिग्रीधारी इच्छुक अभ्यर्थी भी पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत कर सकें। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश व्यक्तिगत न होकर सार्वत्रिक रूप से लागू होगा और ऐसे सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होगा, जिनके पास फार्मेसी में डिग्री है और जो विज्ञापन में वर्णित अन्य आवश्यक योग्यताएं पूर्ण करते हैं।

साथ ही न्यायालय ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि वह इस आदेश की जानकारी सीजी व्यापम सहित सभी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए, और बी. फार्मा डिग्रीधारी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन पोर्टल में किए गए परिवर्तनों का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सुनिश्चित करे।
मामले में याचिकाकर्ताओं का पक्ष अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन. भारत ने पक्ष रखा।

CG – रायपुर के नामी होटल में युवती के ड्रग्स लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, 500 के नोट में डालकर मजे से ले रही थी ड्रग्स, देखें वीडियो……

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक लड़की बैड में बैठकर मजे से ड्रग्स ले रही है। बताया जा रहा है कि वीडियो रायपुर के गंज थाना क्षेत्र के एक बड़े होटल का है। वीडियो को किसी ने कमरे में लगी खिड़की के बाहर से बनाया है।

2ः19 मिनट के वीडियो में आप देख सकते हैं कि जींस टॉप पहने एक लड़की ने पहले एक छोटी सी पुड़िया निकाली और फिर पर्स से पांच सौ का नोट निकाल कर उसमें ड्रग्स डालकर बनाने लगी। ड्रग्स तैयार होने के बाद लड़की उस ड्रग्स को चाटते हुये भी दिख रही है।

इस संबंध में रायपुर शहर एएसपी लखन पटले ने कहा कि एक वीडियो सामने आया है। लड़की पांच सौ के नोट में कुछ मिलाते हुये दिख रही है। मामले में जांच की जा रही है। साथ युवती की भी तलाश की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

देखें वीडियो…

CG- छात्र ने की खुदखुशी : घर में फंदे से लटककर दे दी जान, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम, सदमे में परिजन…..

बिलासपुर। बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां 17 वर्षीय किशोर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि मृतक दसवीं कक्षा का छात्र था, जो परीक्षा में फेल होने से गहरे मानसिक तनाव में था।

किशोर ने अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। जब परिजनों ने दरवाजा खोला तो वह फंदे पर लटका हुआ मिला। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

परिजनों और पड़ोसियों के मुताबिक, वह परीक्षा में असफल होने के कारण काफी निराश और गुमसुम रहने लगा था। आशंका है कि इसी तनाव ने उसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।

CG Politics : छत्तीसगढ़ से बनाए उपराष्ट्रपति,कांग्रेस ने सुझाया बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता का नाम, पीसीसी चीफ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र…..

रायपुर। देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह स्वास्थ्य कारणों को बताई। अब देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा इसका फैसला उपराष्ट्रपति के चुनाव से होगा। इस बीच छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखकर उपराष्ट्रपति पद के लिए छत्तीसगढ़ के एक नेता का नाम सुझाया है।

पत्र में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने उपराष्ट्रपति पद से छत्तीसगढ़ को वरीयता देते हुए नियुक्त करने की मांग की है। कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा है कि 2000 से अब तक छत्तीसग़ढ़ ने लोकसभा के 11 सीट में से औसतन 10 सीट जीताकर संसद के रुप में भेजा है।

2014 में केंद्र में छत्तीसगढ़ की 11 में से 10 सीटें जीती, 2019 में 9 सीटें जीती और फिर 2024 में 10 सीटें भाजपा को जीताकर संसद में भेजा, लेकिन तीनों बार छत्तीसगढ़ को सिर्फ एक राज्यमंत्री का प्रतिनिधित्व मिला। कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा है कि भाजपा में इस वक्त कई नेता मौजूद हैं, जो उप राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर सकते हैं।

पीसीसी अध्यक्ष ने कहा है कि रमेश बैस जैसे नेता 7 बार के सांसद और झारखंड, महाराष्ट्र और त्रिपुरा जैसे राज्यों के राज्यपाल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 10 सांसदों में किसी को भी महत्वपूर्ण पद नहीं मिला है। ऐसे मं छत्तीसगढ़ से किसी सीनियर को उप राष्ट्रपति का पद दिया जाये।

उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचन आयोग की तैयारियां शुरू हो गई है। लोकसभा और राज्यसभा में 786 सदस्य उपराष्ट्रपति का चुनाव करेंगे, जीत के लिए 394 सीट जरूरी है। विधानसभा सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार इस चुनाव में विधायकों की कोई भूमिका नहीं होती है, सिर्फ राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य ही इसका निर्वाचन करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयोग द्वारा शीघ्र ही नोटिफिकेशन जारी कर किया जाएगा।