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बचपन की यादों संग उप मुख्यमंत्री साव ने मनाया हरेली, छत्तीसगढ़ी स्वाद से किया मेहमानों का स्वागत….

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास पर गुरुवार को सुबह से हरेली की धूम रही। उन्होंने सपरिवार हल और कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गौमाता को आटे की लोंदी और गुड़ खिलाया। उन्होंने गेड़ी का भी आनंद लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक रोहित साहू और मोतीलाल साहू भी हरेली पर्व में शामिल हुए।

हरेली पर उप मुख्यमंत्री साव के निवास पर चहुंओर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोक जीवन और खानपान की झलक दिखी। उन्होंने हरेली पर्व में शामिल होने अपने निवास पहुंचे सभी लोगों का परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों चौसेला, गुलगुल भजिया, बरा, टमाटर की चटनी और भजिया खिलाकर स्वागत व आवभगत किया। उन्होंने हरेली पर अपने निवास में शीशम का पौधा लगाया।

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली तीज-तिहारों से संपन्न छत्तीसगढ़ का साल का पहला लोक पर्व है। मुख्यतः कृषि और किसानों को समर्पित यह पर्व आज पूरे प्रदेश में उत्साह व उमंग के साथ मनाया जा रहा है। हरेली में गेड़ी का परंपरागत साथ बच्चों के लिए भी इस त्योहार को उत्साहपूर्ण बनाता है। हरेली से मेरे बचपन की कई अच्छी और सुखद यादें जुड़ी हुई हैं। रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, खनिज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष छगन मूंदड़ा, बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जैन, पवन साय और अनुराग अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी हरेली पर्व में शामिल हुए।

CG – विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा 75 दिनों का होता है : हरेली अमावस्या के पावन दिन में पाटजात्रा विधि की रस्म के साथ प्रारंभ किया जाता है : किरण सिंह देव, जगदलपुर विधायक, प्रदेशाध्यक्ष

जय माता दंतेश्वरी

आज विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के प्रथम रश्म पाटजात्रा विधि में शामिल हुआ।

जगदलपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा 75 दिनों का होता है जिसकी शुरुआत आज अर्थात, #हरेली अमावस्या के पावन दिन में पाटजात्रा विधि की रस्म के साथ प्रारंभ किया जाता है।

आज बस्तर की आराध्य देवी मां_दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में ठुरलु खोटला का विधि-विधान से पूजा अर्चना कर बस्तर के इस भव्य आयोजन के प्रथम रस्म के तौर पर पाटजात्रा विधान को संपन्न किया गया।

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#BastarDussehra #BastarFestival
#हरेलीतिहार

हरेली पर्व की छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे उप मुख्यमंत्री साव का निवास, पारंपरिक व्यंजनों और संस्कृति की झलक….

रायपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नवा रायपुर स्थित शासकीय निवास पर गुरुवार को सुबह से हरेली की धूम रही। उन्होंने सपरिवार हल और कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गौमाता को आटे की लोंदी और गुड़ खिलाया। उन्होंने गेड़ी का भी आनंद लिया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक रोहित साहू और मोतीलाल साहू भी हरेली पर्व में शामिल हुए।

हरेली पर उप मुख्यमंत्री साव के निवास पर चहुंओर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोक जीवन और खानपान की झलक दिखी। उन्होंने हरेली पर्व में शामिल होने अपने निवास पहुंचे सभी लोगों का परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों चौसेला, गुलगुल भजिया, बरा, टमाटर की चटनी और भजिया खिलाकर स्वागत व आवभगत किया। उन्होंने हरेली पर अपने निवास में शीशम का पौधा लगाया।

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली तीज-तिहारों से संपन्न छत्तीसगढ़ का साल का पहला लोक पर्व है। मुख्यतः कृषि और किसानों को समर्पित यह पर्व आज पूरे प्रदेश में उत्साह व उमंग के साथ मनाया जा रहा है। हरेली में गेड़ी का परंपरागत साथ बच्चों के लिए भी इस त्योहार को उत्साहपूर्ण बनाता है। हरेली से मेरे बचपन की कई अच्छी और सुखद यादें जुड़ी हुई हैं। रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर, खनिज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष छगन मूंदड़ा, बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जैन, पवन साय और अनुराग अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि भी हरेली पर्व में शामिल हुए।

इस जिले में पीएम आवास योजना-ग्रामीण के तहत 21,875 मकानों का लक्ष्य, अब तक 20,297 को मिली स्वीकृति….

धमतरी: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाय-जी) भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीनों को पक्के घर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिले में वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर सराहनीय प्रगति हो रही है।

25 जुलाई 2025 की स्थिति में प्राप्त आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले के सभी चार विकासखंडों धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी में मिलकर कुल 21,875 मकानों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 20,297 मकानों की स्वीकृति दी जा चुकी है। इस योजना की कार्यप्रणाली चरणबद्ध है, जिसमें मकान निर्माण हेतु राशि की किश्तों में भुगतान किया जाता है।

जिले में अब तक 19,723 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का भुगतान किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 90 प्रतिशत से अधिक है। इसी प्रकार, 18,270 मकानों में प्लिंथ स्तर तक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे जिले का समग्र प्लिंथ प्रगति प्रतिशत 92.63 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह प्रगति दर्शाती है कि योजना का कार्यान्वयन धरातल पर प्रभावी रूप से हो रहा है।
विकासखंडवार प्रगति विवरणः

1. धमतरी विकासखंडः
धमतरी विकासखंड में कुल 5,178 मकानों का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 4,840 को स्वीकृति दी जा चुकी है। 4,740 लाभार्थियों को पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है और 4,482 मकानों में प्लिंथ कार्य पूर्ण हुआ है। इस विकासखंड की प्लिंथ प्रगति 94.56 प्रतिशत है, जबकि मकान पूर्णता का प्रतिशत 34.3 प्रतिशत है, जो सराहनीय प्रयास को दर्शाता है। यहां 1,661 मकान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं।

2. कुरूद विकासखंडः
कुरूद क्षेत्र में कुल 4,523 मकानों का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिनमें से 4,291 को स्वीकृति मिली। अब तक 4,246 मकानों में पहली किश्त और 4,062 मकानों में प्लिंथ कार्य पूर्ण हो चुका है। प्लिंथ प्रगति 95.62 प्रतिशत और पूर्णता प्रतिशत 38.5 प्रतिशत है। कुल 1,652 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यह ब्लॉक जिले में अग्रणी स्थिति में है।

3. मगरलोड विकासखंडः
मकान प्लिंथ स्तर पर हैं और 1,482 मकानों का कार्य पूर्ण हो चुका है। कुल 3,870 के लक्ष्य में से 3,582 मकानों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 3,376 लाभार्थियों को पहली किश्त प्राप्त हो चुकी है। यहां पूर्णता प्रतिशत 41.4 प्रतिशत है, जो पूरे जिले में सबसे अधिक है।

4. नगरी विकासखंडः
नगरी विकासखंड में कुल 8,304 मकानों का लक्ष्य निर्धारित है, जो जिले का सबसे बड़ा भाग है। अब तक 7,584 मकानों की स्वीकृति हुई है और 7,359 लाभार्थियों को पहली किश्त का भुगतान हो चुका है। हालांकि प्लिंथ प्रगति 86.95 प्रतिशत पर है, जो अन्य विकासखंडों की तुलना में कम है, लेकिन पूर्ण मकानों की संख्या सबसे अधिक 2,710 है। पूर्णता प्रतिशत 35.7 प्रतिशत है। नगरी क्षेत्र की चुनौती बड़ी संख्या के बावजूद संतुलित रूप से आगे बढ़ रही है।

समग्र उपलब्धियाँः
. कुल स्वीकृत मकानः 20,297
. पहली किश्त प्राप्त लाभार्थीः 19,723
. प्लिंथ स्तर तक पूर्ण मकानः 18,270
. पूर्ण निर्माणः 7,505 मकान
. कुल पूर्णता प्रतिशतः 37.0 प्रतिशत

यह प्रगति न केवल शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि जिला प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण जनता के समन्वित प्रयासों का परिणाम भी है। निर्माण की निगरानी, स्वच्छता, और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कर ग्रामीण विकास में एक नई पहचान गढ़ी जा रही है।
सकारात्मक संकेत और चुनौतियाँ। इस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि योजना के क्रियान्वयन में गति बनी हुई है और वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।

मगरलोड और कुरूद जैसे विकासखंडों ने अपेक्षाकृत बेहतरीन प्रदर्शन किया है। नगरी क्षेत्र को निर्माण की गति को और तेज करने की आवश्यकता है, ताकि उसका प्रतिशत भी अन्य क्षेत्रों की बराबरी कर सके।
जिले में “अपूर्ण मकानों की संख्या केवल 8 है”, और 1,453 मकानों में कार्य दोबारा प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह योजना ग्रामीण आबादी की जीवनशैली में सुधार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत नींव तैयार कर रही है।

निष्कर्षः

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत धमतरी जिले में हो रही प्रगति उत्साहजनक और प्रेरणादायक है। यह दर्शाता है कि शासन की योजनाएं तब प्रभावी सिद्ध होती हैं जब स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधि और नागरिक मिलकर कार्य करें। इस प्रकार की योजनाओं से न केवल आवासहीनों को पक्के घर मिलते हैं, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान की भावना भी सृजित होती है।आने वाले समय में जिला प्रशासन को यही दिशा बनाए रखते हुए शेष लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु और तेजी से कार्य करना होगा। यदि यही कार्यसंस्कृति बनी रही, तो धमतरी जिला न केवल प्रदेश में, बल्कि देश में भी ग्रामीण आवास निर्माण की मिसाल बन सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की विधानसभा में की गई घोषणा हुई पूर्ण….

रायपुर: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य में दवाइयों की गुणवत्तापूर्ण सप्लाई के लिए विधानसभा में ये घोषणा की थी कि सभी वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा ताकि उनकी सही लोकेशन और सही समय का हमेशा पता चलता रहे । स्वास्थ्य मंत्री की इस घोषणा पर अमल करते हुए सीजीएमएससी ने लगभग 70 वाहनों में अत्याधुनिक जीपीएस लगाया है। इसकी खासियत है कि जहां नेटवर्क नहीं रहता वहां लोकेशन और रूट को रिकॉर्ड कर ये बाद में दिखाता है। इससे गड़बड़ी या देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल इन वाहनों की काम की कार्यशैली को जानने और देखने के लिए सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के और स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया के साथ नया रायपुर के सेक्टर 27 स्थित सीजीएमएससी कार्यालय पहुंचे और अवलोकन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने वाहनों की गुणवत्ता, दवाइयों के स्टोरेज, वातानुकूलित व्यवस्था और मांगपत्र लेकर रवाना हो रहे ड्राइवरों की कार्य शैली को देखा। साथ ही वेबसाइट पर इस वाहनों की रियल टाइम लोकेशन भी देखी।

सीजीएमएससी की दवाइयों को राज्य भर के अस्पतालों में पहुंचाने वाले लगभग 70 वातानुकूलित वाहन अब अत्याधुनिक जीपीएस से हैं लैस

लिमिटेड दवाइयों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वातानुकूलित सप्लाई चैन वाहनों के जरिए दवाइयों, कंज्यूमेबल समान और रीजेंट्स को पूरे राज्य में पहुंचाया जाता है। हर साल लगभग 1 हज़ार प्रकार की दवाएं और 6 सौ प्रकार के कंज्यूमेबल सामान तथा रीजेंट्स को पूरे राज्य में भेजा जाता है।

इन वाहनों की खास बात है कि ये प्रोडक्ट क्वालिटी और दवाइयों की क्षमता को बरकरार रखते हैं। इसमें टेंपरेचर सेंसिटिव दवाइयों को अच्छे तरीके से रखा जाता है ताकि दवाइयों का टेंपरेचर नियंत्रण में रहे और वो खराब न हों। इनमें सुरक्षा के अनुसार दवाइयों का स्टोरेज होता है। इसकी वजह से प्राप्तकर्ता के पास सुरक्षित तरीके से दवाइयां पहुंचती हैं।

सीजीएमएससी की दवाइयों को राज्य भर के अस्पतालों में पहुंचाने वाले लगभग 70 वातानुकूलित वाहन अब अत्याधुनिक जीपीएस से हैं लैस

इन वाहनों के माध्यम से दवाइयों की सप्लाई करने से दवाइयों का जीवन बरकरार रहता है। इस दौरान गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होता है और बेहतर काम की वजह से सप्लायर और कस्टमर के रिश्ते को मजबूती मिलती है। सीजीएमएससी के इन वाहनों द्वारा वैक्सीनेशन और आपातकालीन कार्यक्रमों के संचालन में अहम भूमिका निभायी जाती है साथ ही राष्ट्रीय टीकाकरण और महामारी के दौरान त्वरित कार्य संपन्न करने में भी ये अहम भूमिका निभाते हैं।

सीजीएमएससी ने पारदर्शिता के लिए इसे अपने वेबपोर्टल से लिंक किया है ताकि कोई भी गाड़ियों की लोकेशन को देख सके। इस दौरान सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने राज्य में 16 वेयर हाउस की संख्या में इजाफा करते हुए इसे सभी जिलों में खोलने की मांग रखी जिस पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही है।

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार में बालोद जिले में ड्रोन दीदियों ने दिखाई आधुनिकता की झलक….

रायपुर : छत्तीसगढ़ का पारंपरिक और प्रथम त्यौहार हरेली जिले भर में अपार उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सावन मास की अमावस्या को मनाए जाने वाला यह पर्व, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि, संस्कृति और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है, इस बार भी अपने रंग-रूप और परंपराओं के साथ लोगों के दिलों में उत्सव का माहौल लेकर आया। इस अवसर पर किसानों ने अपने पारंपरिक कृषि यंत्रों हल, नांगर, कुदाली और फावड़े की पूजा कर फसलों की सुखद पैदावार और समृद्धि की कामना की।

वहीं बालोद जिले की तीन ड्रोन दीदियों ने आधुनिक तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम पेश करते हुए आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन की पूजा कर हरेली तिहार को नया आयाम दिया। जिले में तीन ड्रोन दीदियों श्रीमती चित्ररेखा साहू, श्रीमती भावना साहू और सुश्री रूचि साहू ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर एक नई मिसाल पेश की है। ये ड्रोन दीदियां, जो शासन की ड्रोन दीदी योजना के तहत तकनीकी रूप से प्रशिक्षित हैं, जो कि नियमित रूप से किसानों के मित्र के रूप में तथा कृषि कार्य में अहम भूमिका निभाते हुए फसलों में नैनो उर्वरक छिड़काव का कार्य मिनटों में पूरा कर देती हैं।

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार में बालोद जिले में ड्रोन दीदियों ने दिखाई आधुनिकता की झलक | Drone sisters showed a glimpse of modernity in the traditional Hareli festival of ...

आज उन्होंने हरेली तिहार के अवसर पर ड्रोन को धूप-दीप से पूजित किया और नारियल व गुड़ के चीले का भोग लगाया। ड्रोन दीदी श्रीमती चित्ररेखा साहू ने कहा कि हमारी परंपरा हमें कृषि यंत्रों का सम्मान सिखाती है। ड्रोन आज हमारा आधुनिक कृषि यंत्र है, जो दवाई छिड़काव और फसलों की निगरानी में मदद करता है।

इसे पूजकर हम प्रकृति और तकनीक के मेल को बढ़ावा दे रहे हैं। ड्रोन दीदी श्रीमती भावना साहू ने बताया कि ड्रोन तकनीक से खेती में समय और मेहनत की बचत हो रही है, और हरेली तिहार के इस अवसर पर उन्होंने संकल्प लिया कि वे जिले के अन्य किसानों को भी इस तकनीक से जोड़ेंगी।

Balod on X: "छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार में ड्रोन दीदियों ने दिखाई आधुनिकता की झलक। बालोद जिले की ड्रोन दीदियों ने आज हरेली तिहार पर ...

ड्रोन दीदी सुश्री रूचि साहू ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि बालोद जिले के हर खेत तक ड्रोन की पहुंच हो, ताकि फसल उत्पादन दोगुना हो और किसानों का जीवन आसान बने। ड्रोन दीदियों ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरगामी सोंच से हम महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस योजना से हमें आत्मनिर्भर बनकर जीवन में बेहतर कार्य करने का आत्मबल मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से आज कृषि के क्षेत्र में निरंतर नवाचार देखने को मिल रहा है।

इससे हम लोगों को बेहतर आय और सुखद जीवन मिला है। हमारे द्वारा निरंतर ही किसानों के फसलों में नैनो उर्वरक का छिड़काव व देखरेख किया जा रहा है। ड्रोन दीदियों ने हरेली तिहार के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, उन्हें हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है।

नक्सलवाद की रात ढल रही है, बस्तर में विकास की नई सुबह हो रही है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर में नक्सलवाद की रात अब ढल रही है और विकास की नई सुबह का उदय हो चुका है। डबल इंजन सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों का यह परिणाम है कि आज बस्तर रेंज में ₹2.54 करोड़ के इनामी 66 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ने का संकल्प लिया है। इनमें ₹25 लाख के इनामी एसजेडसीएम (SZCM) रामन्ना ईरपा उर्फ जगदीश का आत्मसमर्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ही दिन में बीजापुर से 25, दंतेवाड़ा से 15, कांकेर से 13, नारायणपुर से 8 और सुकमा से 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर वे अब हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने को तैयार हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते 18 महीनों में कुल 1,570 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। यह हमारे शासन की पारदर्शी नीतियों, नागरिक-हितैषी कार्यप्रणाली और पुनर्वास के प्रति ईमानदारीपूर्ण दृष्टिकोण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण के समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बस्तर के दूरस्थ और अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ सुरक्षा और विकास का कार्य कर रही है। सड़कों का विस्तार, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुँचाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी नीति बस्तर के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हम आत्मसमर्पण कर रहे नक्सलियों के भविष्य को संवारने हेतु प्रतिबद्ध हैं।

CG- माँ की हत्या : कलयुगी बेटे ने की माँ की हत्या, पिता पर भी किया कुल्हाड़ी से हमला, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम, कातिल बेटा गिरफ्तार…..

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आयी है। एक कलयुगी बेटे ने मामूली सी बात पर अपनी माँ की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं अपने पिता पर भी जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी दिनेश कोसले को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला ग्राम सारंगपुर (थाना फास्टरपुर-सेतगंगा) का है। आरोपी की पहचान 34 वर्षीय आरोपी दिनेश कोसले के रूप में हुई है। दिनेश कोसले परिवारिक विवाद के कारण वह माता-पिता से नाराज रहता था। उनके बीच कुछ न कुछ परिवारिक विवाद होता रहता था। 23 जुलाई को भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिससे गुस्से में आकर दिनेश कोसले ने बिस्तर पर सो रही अपनी मां देवकी बाई कोसले की हत्या कर दी। उसने भारी समान से अपनी मां के सिर पर कई वार किये जिससे उसकी मौत हो गयी।

पिता को भी नहीं छोड़ा

इसके बाद आरोपी बेटे ने अपने पिता समारू कोसले पर कुल्हाड़ी से हमला किया। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के बाद वो भाग गया। वहीँ, पिता समारू कोसले को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मामले की सूचना पुलिस को दी गयी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गयी और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ धारा 103(1), 109(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल किये गए लोहे की कुल्हाड़ी और लकड़ी के बत्ते को जब्त कर लिया है।

CG – बड़ेराजपुर क्षेत्रों में धुमधाम के साथ मनाया गया हरेली…

बड़ेराजपुर क्षेत्रों में धुमधाम के साथ मनाया गया हरेली

फरसगांव/विश्रामपुरी। कोंडागांव जिले के विकासखण्ड बड़ेराजपुर अंतर्गत सभी क्षेत्रों में हरेली त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया, जिसमें हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार माना जाता है, जो कृषि और हरियाली से जुड़ा है। यह त्यौहार किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन वे अपने खेती के उपकरणों की पूजा करते हैं।

परंपराएं :

हरेली के दिन, किसान अपने हल, बैलगाड़ी, और अन्य कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। वे देवी-देवताओं को भी चढ़ावा चढ़ाते हैं, और घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं, जैसे कि गुलगुल भजिया और गुड़ का चीला।

गेड़ी :

हरेली त्यौहार में बच्चे और युवा गेड़ी का भरपूर आनंद लेते हैं। गेड़ी बांस से बनी एक पारंपरिक सवारी है, जिसे बच्चे और युवा एक-दूसरे के साथ दौड़ने और खेलने के लिए इस्तेमाल करते हैं.

सांस्कृतिक महत्व :

हरेली त्यौहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह त्यौहार न केवल कृषि से जुड़ा है, बल्कि यह लोगों के बीच एकजुटता और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा देता है. इसी तरह हरवेल क्षेत्रों में भी हरेली त्यौहार मनाया गया ग्राम हरवेल के सरपंच प्रतिनिधि महेश नेताम द्वारा सभी को छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार हरेली की शुभकामनाएं दी गई सुबह से ही रिमझिम बारिश भी शुरू हो गई थी

परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं।
इसी तरह ग्राम हरवेल, बालेंगा, पिटीसपाल, तितरवंड, किबड़ा, डिहीपारा, तर‌ईबेड़ा, पीढ़ापाल, पातरीपारा, कुल्दाडिही और अन्य क्षेत्रों में धुमधाम के साथ मनाया गया।

CG – घर में घुसकर हैवानियत : नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर ले गया मामा के घर, बनाया हवस का शिकार, फिर जो हुआ…..

बलरामपुर। जिले से नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मनोज ने घर में घुसकर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी और उसे अपने मामा के घर ले गया। जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ गंदा काम किया। मामला थाना रघुनाथ नगर का है।

पीड़िता ने रोते-बिलखते अपने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देशानुसार आरोपी मनोज कुमार (21 वर्षीय) को गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के खिलाफ धारा333 351(1), 137 (2) 64 बीएनएस, पाक्सो एक्ट 4,6 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल रामानुजगंज भेजा गया है।