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CG – DSP पर प्यार, धोखा और ब्लैकमेलिंग का लगा आरोप, मोहब्बत के फेर में ढाई करोड़ की ठगी, जानें महिला अफसर अपनी सफाई में क्या कहा……

रायपुर। रायपुर के खम्हारडीह थाने में दर्ज शिकायत ने छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे को हिला दिया है। मामले में राज्य पुलिस सेवा की महिला DSP कल्पना वर्मा पर व्यापारी दीपक टंडन ने प्यार का जाल बुनकर ब्लैकमेलिंग, रिश्वत लेने और धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

दीपक टंडन ने बताया कि उनकी शादी 2011 में हुई थी। वर्ष 2021 में उनकी मुलाकात डीएसपी कल्पना वर्मा से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो करीब चार साल तक चला। आरोप है कि इस दौरान कल्पना वर्मा ने लगातार पैसों की मांग की और वह अब तक दो करोड़ रुपये से ज्यादा दे चुका है।

दीपक का कहना है कि जब डीएसपी ने शादी का दबाव बनाया, तो उसने अपनी पत्नी को तलाक देने से साफ इनकार कर दिया। इसी के बाद पैसों को लेकर विवाद बढ़ा और दीपक ने अपने पैसे वापस करने की मांग शुरू की।

वहीं दीपक की पत्नी बरखा टंडन का कहना है कि उनके पति रात 3 बजे तक डीएसपी कल्पना वर्मा से वीडियो कॉल पर बात करते थे। मना करने पर भी दीपक नहीं मानते थे। बरखा ने आरोप लगाया कि कल्पना वर्मा ने दीपक की पत्नी से 45 लाख रुपये का चेक लेने का दबाव बनाया और चेक की रकम भी निकाल ली गई। बरखा का कहना है कि पैसे लेने के बाद डीएसपी ने उल्टा उनके ही खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी। बरखा और दीपक अब अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। इसके अलावा दंपति ने स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है।

डीएसपी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस पूरे मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है। साथ ही उन्होंने कहा ये जानबूझकर उन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है।

CG Open School : छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल परीक्षा 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन, देखिये पूरी डिटेल……

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल से जुडी अपडेट सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर ने हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक़, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर ने हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी मुख्य/अवसर परीक्षा मार्च–अप्रैल 2026 के प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अगले वर्ष होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने इक्छुक विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो गयी है। जो आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 है। इस दौरान सामान्य शुल्क के साथ आवेदन पत्र भरे जायेंगे। इसके पश्चात् विद्यार्थी को विलंब शुल्क के साथ आवेदन करना पडेगा। विद्यार्थी ₹500 विलंब शुल्क के साथ 18 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

कैसे प्राप्त करें आवेदन फॉर्म

विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों आवेदन फॉर्म पा सकते हैं। ऑफलाइन फॉर्म के लिए छात्र-छात्राएं पास के अध्ययन केंद्र जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते है। साथ ही इससे सम्बंधित प्रवेश से संबंधित सभी जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की वेबसाइट http://www.sos.cg.nic.in पर जाना होगा। वेबसाइट ओपन करते ही होम स्क्रीन पर आवेदन फार्म मार्च-अप्रैल 2026 दिखेगा। उसके नीचे परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 के लिए प्रथम बार और अवसर टैब दिखेंगे। जिसपर क्लीक करके आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।

धान उपार्जन केंद्रों में बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों के लिए धान विक्रय हुआ आसान…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया गया है। शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रदेशभर के धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी बाधा के सुगमता से अपना धान विक्रय कर पा रहे हैं।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम मुडेसा निवासी किसान श्री मीना राम विश्वकर्मा ने धान खरीदी व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनकी 1 एकड़ 16 डिसमिल भूमि से उत्पन्न 21 क्विंटल धान को वे मेंड्राकला उपार्जन केंद्र में बेचने पहुंचे, जहां उन्हें टोकन कटाने से लेकर धान की तौल तक किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

किसान श्री विश्वकर्मा ने बताया कि उपार्जन केंद्र पहुंचते ही नमी परीक्षण, गुणवत्ता जांच और अन्य प्रक्रियाएं तत्काल पूर्ण कर ली गईं। केंद्र में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध था और धान की तौल पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ हो रहा है और उनकी आय में वृद्धि हुई है। श्री विश्वकर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

जिला प्रशासन द्वारा शासन के निर्देशों के अनुसार सभी उपार्जन केंद्रों में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, नमी मापक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, टोकन प्रणाली और पर्याप्त बारदाने जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया गया है। निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग के कारण खरीदी कार्य पूरी तरह सुचारू और पारदर्शी रूप से संचालित हो रहा है, जिससे किसानों को कहीं भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

कोंडापल्ली में संचार क्रांति का नया सवेरा: मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही नाच उठे ग्रामीण….

रायपुर: दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।

कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।

जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।

इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।

अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।

दशकों की प्रतीक्षा समाप्त: कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, गांव में उत्सव का माहौल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।

योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।

इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।

कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।

गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।

कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।

बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है। – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

विद्युत विभाग का बड़ा एक्शन : अवैध रूप से उपयोग पर होगी एफआईआर, 88 बकायादारों के काटे गए कनेक्शन…

रायपुर: बिजली बिल की लगातार बढ़ती राशि पर प्रभावी नियंत्रण तथा लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर कार्यवाही के लिए विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विगत दिवस बलरामपुर- रामानुजगंज जिले के बरियो वितरण केंद्र में विशेष वसूली अभियान चलाया गया, जिसके तहत विभागीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की।

मुख्य अभियंता छत्तीसगढ विद्युत वितरण कंपनी अम्बिकापुर क्षेत्र श्री यशवंत शिलेदार के नेतृत्व में ,अधीक्षण अभियंता श्री के.एन. सिंह, कार्यपालन अभियंता बलरामपुर श्री प्रकाश अग्रवाल तथा जिले में पदस्थ सभी सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की संयुक्त टीम सुबह 10:00 बजे ही बरियो पहुंची और बकायादारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की शुरुआत की।

इस दौरान 88 बड़े बकायादारों के विद्युत कनेक्शन की बकाया राशि 23 लाख96 हज़ार 988 रुपये के लिए काटे गए। 24 बकायादारों ने तत्काल अपने बकाये का भुगतान करते हुए कुल 9 लाख 19 हज़ार 563 रुपये जमा किए।

मुख्य अभियंता श्री शिलेदार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बकाया वसूली के लिए प्रतिदिन इसी प्रकार सघन मुहिम चलाएं, ताकि बकाया राशि की रिकवरी में तेजी लाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, उनके घरों की शाम के समय नियमित जांच की जाए।

यदि कोई उपभोक्ता अनाधिकृत रूप से बिजली उपयोग करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आसपास से अनाधिकृत कनेक्शन लेकर बिजली उपयोग करने पर धारा 138 के तहत एफआईआर दर्ज कर न्यायालयीन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा कर कार्य में सहयोग दें अन्यथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

मृणाल मंडल ने धान विक्रय का सही मूल्य मिला : ऑनलाइन टोकन से आसान हुआ धान खरीदी….

रायपुर: ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने धान खरीदी प्रक्रिया को सरल और सहज बनाया है l किसान स्वयं ऑनलाइन टोकन के माध्यम से घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर सकते हैं। समिति में पहुंचते ही उन्हें बिना किसी परेशानी के धान बेचना आसानी हुआ।

जिला बलरामपुर- रामानुजगंज के बलरामपुर विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र बरदर में ग्राम रामनगरकला रहने वाले किसान श्री मृणाल मंडल ने अपनी मेहनत से उपजे लगभग 166 बोरी धान का विक्रय किया। समिति में मिली बेहतर व्यवस्था, सहज प्रक्रिया और त्वरित खरीदी ने उन्हें संतुष्ट किया, मृणाल मंडल बताते हैं कि धान का सर्वाधिक मूल्य ने उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाया है। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदी का प्रावधान किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।

श्री मंडल ने बताया कि समय पर समिति पहुंचना और तुरंत धान की खरीदी होना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बिना लंबी प्रतीक्षा और बिना किसी भागदौड़ और सुव्यवस्थित खरीदी व्यवस्था से धान विक्रय हो गया। उन्होंने बताया की इस बार की उपज के मिले राशि से परिवार की जरूरत, अगली फसल की तैयारी में उपयोग करेंगे। श्री मंडल ने धान खरीदी व्यवस्था को सरल एवं सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त भी किया।

CG – इस अस्पताल के खिलाफ एक्शन : नोडल एजेंसी ने की बड़ी कार्रवाई, आयुष्मान योजना के तहत 1 साल के लिए निरस्त किया पंजीयन…..

राजनांदगांव। चिन्मय मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पंजीयन एक वर्ष के लिए निरस्त कर दिया गया है। राज्य नोडल एजेंसी के आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यालय अधिकारी ने योजना के दिशा-निर्देशों और अनुबंध के उल्लंघन के कारण यह कार्रवाई की है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार की नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट (एनएएफयू) से चिन्मय मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संबंध में कुछ अनियमितताओं की सूची मिली थी। इसके बाद, राज्य स्तरीय जांच टीम ने अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, अस्पताल के स्पष्टीकरण को जांच टीम ने संतोषजनक नहीं पाया, जिसके बाद पंजीयन रद्द करने का निर्णय लिया गया।

अचानक निरीक्षण के दौरान, जांच टीम को कई अनियमितताएं मिली। अस्पताल में महिला और पुरुष जनरल वार्ड नर्सिंग होम एक्ट के निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं थे। महिला, पुरुष और बच्चों तीनों को एक ही जनरल वार्ड में भर्ती किया गया था। इसके अलावा अस्पताल के आईसीयू वार्ड में बिस्तरों के बीच की दूरी भी योजना के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं थी। बताया जा रहा है यह इस तरह की तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले भी राजनांदगांव बसंतपुर के हेल्थ केयर हॉस्पिटल और जय तुलसी नर्सिंग होम पर भी इसी तरह की अनियमितताओं के लिए कार्रवाई की जा चुकी है।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा निहारिका नाग बनी राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता…

रायपुर: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शंकरगढ़ की होनहार छात्रा निहारिका नाग ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर विद्यार्थी देखता है। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाली यह बाल प्रतिभा आज अपने हुनर से न सिर्फ जिले का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मानचित्र पर रोशन किया है।

मिट्टीकला में मिला नया आयाम

शंकरगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा निहारिका नाग को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश के बाद अपनी मिट्टी कला सामर्थ्य को निखारने का सुनहरा अवसर मिला, जहां विद्यालय के बेहतर माहौल, उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञों के प्रशिक्षण ने उनके सपनों को मजबूती दी।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्वर्ण पदक से मिली नई उड़ान

निहारिका ने पहले जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपने कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने में सहायक साबित हुई।

उद्भव 2025 में राष्ट्रीय स्वर्ण पदक से हुई दोहरी जीत

इसके बाद निहारिका ने आंध्र प्रदेश में आयोजित 6 वीं ईएमआरएस राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लगातार दोहरा स्वर्ण पदक जीतकर निहारिका ने अपने विद्यालय और छत्तीसगढ़  राज्य का मान बढ़ाया है।

राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कला उत्सव उद्भव 2025 में छत्तीसगढ़ राज्य का किया नाम रोशन

शिक्षकों का मार्गदर्शन बना सफलता की नींव

निहारिका के इस सफलता के पीछे उनके कला शिक्षक श्री राहुल जंघेल की प्रेरणा और विद्यालय के प्राचार्य श्री संजय कुमार तिर्की का सतत सहयोग और मार्गदर्शन रहा। निहारिका ने साबित कर दिखाया कि प्रतिभा को बस सही मंच की जरूरत होती है। निहारिका की बचपन से ही मिट्टी कला के प्रति गंभीर रुझान रखती थीं और विद्यालय ने उनकी इस प्रतिभा को ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेहनत और मार्गदर्शन से बनती है नई पहचान

निहारिका की इस उपलब्धि से  बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में उत्साह का माहौल है। निहारिका की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद ऊंचे सपने देखते हैं।  निहारिका नाग की तरह मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ का एक ग्राम बनेगा ‘सोलर मॉडल विलेज’….

रायपुर: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले के उन्हीं ग्रामों को प्रतिस्पर्धा में शामिल किया जाएगा, जिनकी जनसंख्या 5 हजार से अधिक है। चूंकि जिले में इस श्रेणी के ग्राम सीमित संख्या में हैं, इसलिए प्रशासन ने सर्वाधिक जनसंख्या वाले 10 ग्रामों का चयन कर उन्हें छह माह की प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया में शामिल करने का निर्णय लिया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके।

रायगढ़ जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्राम ग्राम पंचायतों में घरघोड़ा विकासखंड का ग्राम कुडुमकेला, तमनार विकासखंड का ग्राम तमनार, रायगढ़ विकासखंड का ग्राम खैरपुर, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम विजयनगर, तमनार विकासखंड का ग्राम तराईमाल, लैलूंगा विकासखंड का ग्राम गहनाझरिया, पुसौर विकासखंड का ग्राम गढ़मरिया, धरमजयगढ़ विकासखंड का ग्राम छाल, पुसौर विकासखंड का ग्राम सिसरिंगा, और पुसौर विकासखंड का ग्राम कोडातराई। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।

जिले के सभी विकासखंड से ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब अगले छह माह तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जनजागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी।

इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी तथा संबंधित शासकीय अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।

क्रेडा के सहायक अभियंता श्री विक्रम वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। छह माह की अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन ग्रामीणों द्वारा स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर किया जाएगा।

इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम का विस्तृत डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2025 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

डीएमएफ से एक दिन मॉडल जिला बनेगा कोरबा – मंत्री लखनलाल देवांग….

रायपुर: प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत कार्यों की प्रगति, किए गए कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार क्षेत्र श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक रामपुर के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जबकि पदेन अध्यक्ष कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वनमंडलाधिकारी कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, कटघोरा के डीएफओ श्री कुमार निशांत, आयुक्त नगर निगम श्री आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग, सांसद-विधायक प्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम, एसडीएम कोरबा श्री सरोज महिलांगे सहित अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।

बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले के समग्र विकास में डीएमएफ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं और यदि यही गति बनी रही, तो कोरबा शीघ्र ही एक मॉडल जिले के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पौष्टिक आहार, पीवीटीजी समुदाय को रोजगार, नीट की कोचिंग जैसी जनहितैषी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे आमजन की आवश्यकताओं का समाधान भी होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को मजबूती भी मिलेगी। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से शहर के सड़कों में डामरीकरण करने, बेलगरी बस्ती क्षेत्र में पुल और सड़क का निर्माण कर यातायात को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

शासी परिषद की बैठक में डीएमएफ राशि व्यय के नए नियमों की दी गई जानकारी

मंत्री श्री देवांगन ने यह भी कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास के लिए डीएमएफ राशि का प्रावधान सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की भी मंशा है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और जनता को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध हों। कलेक्टर एवं जिला प्रशासन इस दिशा में कार्य कर रहा है तथा डीएमएफ का उपयोग उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, निर्माण कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभागीय कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर समय पर शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में बुका-सतरेंगा एवं झोराघाट क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इससे कोरबा जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी।

बैठक में वर्ष 2025-26 के महत्वपूर्ण कार्यों, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के प्रावधानों, न्यास राशि के उपयोग, विभिन्न वित्तीय प्रगतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग ने डीएमएफ से संबंधित गतिविधियों, प्रगति तथा आगामी वर्ष के कार्ययोजना के मसौदे की जानकारी प्रस्तुत की। शासी परिषद के समक्ष डीएमएफ नियमों, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति, भुगतान की स्थिति, डीएमएफ की प्राप्ति एवं व्यय, तथा महालेखाकार द्वारा संपादित आडिट की स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। आडिट में प्राप्त बिंदुओं के समाधान, अनुपालन तथा भविष्य में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व बढ़ाने संबंधी कदमों पर भी चर्चा की गई। परिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना अनुमोदन हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों पर विचार करते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सुझाव प्रदान किए और भविष्य की योजनाओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक का समापन जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास, जनहित में संसाधनों के प्रभावी उपयोग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ किया गया।