
संजू जैन:7000885784
बेमेतरा: युवा कांग्रेस में संगठनात्मक पुनर्संरचना की प्रक्रिया तेज हो गई है। हाल ही में बेमेतरा जिला युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बनाए गए प्रांजल तिवारी ने गुरुवार को एक महत्त्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए जिला व ब्लॉक स्तर की पूरी युवा कांग्रेस इकाई को भंग कर दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचित विधानसभा अध्यक्षों को छोड़कर सभी पदाधिकारी तत्काल प्रभाव से पदमुक्त माने जाएंगे नव–नियुक्त जिलाध्यक्ष प्रांजल तिवारी ने कहा कि जिले में युवा कांग्रेस को अधिक सक्रिय, मजबूत और धरातलीय बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। संगठन में नई ऊर्जा व योग्यता आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुनर्गठन आवश्यक था उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में नए सशक्त ढांचे की घोषणा की जाएगी जिलाध्यक्ष प्रांजल तिवारी द्वारा जारी किए गए इस आदेश के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि युवा कांग्रेस बेमेतरा जल्द ही नए नेतृत्व व नई कार्यशैली के साथ नजर आएगी

Month: December 2025
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की विभागीय समीक्षा, टिहरी के राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पीजी कॉलेज के रूप में विकसित करने पर चर्चा….
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अनुपालन में शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 12 नवम्बर 2025 को जारी विभागीय पत्र के माध्यम से राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी की स्थिति के मूल्यांकन हेतु एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि गठित समिति ने 14 नवम्बर 2025 को राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का स्थलीय निरीक्षण कर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज परिसर में उपलब्ध भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल तथा एमएससी नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वर्तमान में संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट का शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट का हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया, जिसके बाद इसको पीजी की मान्यता दे दी गई।
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। इस समीक्षा बैठक में डॉ एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने चम्पावत में विकास योजनाओं की समीक्षा की, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत किया पौधरोपण…
चम्पावत : मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जिला सभागार चम्पावत में जिले की प्रमुख विकास योजनाओं, जनपदीय नवाचारों, मुख्यमंत्री घोषणाओं, केंद्र व राज्य सेक्टर की योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उन्होंने विभागवार कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने गोल्ज्यू कॉरिडोर, कृषि महाविद्यालय, पैरामेडिकल कॉलेज, छमनिया स्पोर्ट्स महाविद्यालय, यू.यू.एस.डी.ए. पेयजल योजना, एनएच स्वाला सुधार योजना सहित अन्य योजनाओं पर चर्चा की।
बैठक से पूर्व मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित नवाचार, उत्पादों और विभागीय उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की तथा विभागों को इन नवाचारों को और अधिक विस्तार एवं प्रोत्साहन देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने जिला सभागार में “आदर्श चम्पावत” लोगो का अनावरण भी किया। इस दौरान जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जिले में चल रहे प्रमुख नवाचारों, ज्ञान केंद्र लाइब्रेरी, ज्ञान सेतु पुल, Computer on Wheels और Pirul Briquetting Unit आदि की जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने पंचेश्वर में एंग्लिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष वार्षिक एंगलर्स मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने चम्पावत–लोहाघाट मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं विशेषकर रेलवे विस्तार को मास्टर प्लान में सम्मिलित किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूंजीगत व्यय बढ़ाया जाए, कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए और कार्य योजना के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जाएं। जनता की शिकायतों व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर में नक्सल-विरोधी अभियान में वीर जवानों की शहादत पर गहरी संवेदना व्यक्त की….
रायपुर : बीजापुर जिले में आज चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। संयुक्त सर्च एवं कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने 12 माओवादियों को न्यूट्रलाइज किया है। क्षेत्र में अभी भी सर्च अभियान सतत जारी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए डीआरजी बीजापुर के प्रधान आरक्षक मोनू वडड़ी, आरक्षक दुकारू गोंडे और आरक्षक रमेश सोड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक-संतप्त परिवारों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुठभेड़ में घायल दो अन्य जवान खतरे से बाहर हैं और उनके समुचित उपचार की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। उन्होंने दोनों जवानों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के विरुद्ध यह निर्णायक सफलता यह स्पष्ट संकेत है कि लाल आतंक का अंत अब बहुत निकट है। उन्होंने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार और सुरक्षाबल “माओवाद के पूर्ण खात्मे” के संकल्प पर पूरी मजबूती से अडिग हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब तक बस्तर के अंतिम गाँव तक शांति, सुरक्षा और विकास का प्रकाश नहीं पहुँच जाता, तब तक यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफल कार्रवाई में शामिल सभी सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की और कहा कि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ की एक और नई उपलब्धि: आईआईटीटीएम ग्वालियर में प्रशिक्षण प्राप्त कर छत्तीसगढ़ के 45 युवा बने गाइड…
रायपुर : पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ के सौजन्य से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान आईआईटीटीएम ग्वालियर में 45 युवाओं ने सफलतापूर्वक गाइड प्रशिक्षण का कार्यक्रम पूरा कर लिया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रशिक्षणार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
3 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक चले इस एक माह के गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकांश प्रशिक्षणार्थी बस्तर क्षेत्र से थे। इस प्रशिक्षण मे पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन प्रबंधन जैसे विषयों का गहन अध्ययन कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को व्यावहारिक अनुभव भी दिए गए ताकि वे छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं को प्रभावी रूप से प्रदर्शित कर सकें।

आईआईटीटीएम के डायरेक्टर डॉ. आलोक शर्मा, प्रोफेसर्स तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों ने प्रशिक्षण समापन कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित कर सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा प्रदेश की साय सरकार की इन सकारात्मक पहल की सराहना की।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण हमारी नई पीढ़ी को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा। छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने और प्रदेश की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस पहल से न केवल युवाओं में पर्यटन उद्योग के प्रति जागरूकता और कौशल विकसित हुआ है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

प्रशिक्षित गाइडों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार बेहतर ढंग से किया जा सकेगा जो छत्तीसगढ़ को विश्व पर्यटन मानचित्र पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश सरकार की पर्यटन संवर्धन की नीति के अनुरूप एक सफल कदम है, जो युवाओं के सशक्तिकरण में अहम योगदान देता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी ब्रह्मानंद की जयंती पर किया नमन….
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु स्वामी ब्रह्मानंद की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद लोधी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, तपस्या, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते हुए मानवता, सदाचार और समरसता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी ब्रह्मानंद लोधी के दिव्य विचार, आदर्श और जीवन-मूल्य आज भी समाज को कर्तव्य, अध्यात्म और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जयंती हमें यह संकल्प दिलाती है कि हम सब मिलकर एक संवेदनशील, सशक्त और संस्कारित समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती पर किया नमन….
रायपुर : भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की 141वीं जयंती के अवसर पर आज सूरजपुर जिले के पण्डोनगर स्थित राष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर डॉ. प्रसाद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, समर्पण, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से स्वतंत्र भारत की आधारशिला को मजबूत किया। उन्होंने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रपति डॉ. प्रसाद का पण्डोनगर आगमन इस क्षेत्र के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय रहा है। यह स्थान आज भी उनकी अमूल्य विरासत और उनके विचारों को संजोए हुए है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के आगमन के बाद पण्डो समुदाय सहित अन्य जनजातीय समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले, जिसका प्रभाव आज भी क्षेत्र के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की प्रगति और उनकी संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मृदंग वाद्य-संगीत और स्थानीय सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ: अधिसूचना प्रकाशन की प्रक्रिया अब होगी पूरी तरह डिजिटल और त्वरित….
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मंत्रालय में ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले उपस्थित थीं।
ई-गजट ऑनलाईन पोर्टल पोर्टल के माध्यम से अब शासन के सभी विभाग तथा जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेश, अधिसूचनाएँ, अध्यादेश एवं अन्य प्रकाशन सामग्री सीधे ऑनलाईन पाण्डुलिपि रूप में संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग को भेजी जाएगी, जहाँ से शासकीय मुद्रणालय इसे ई-गजट के रूप में ऑनलाइन प्रकाशित करेगा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विकसित इस नई प्रणाली के तहत राजपत्र प्रकाशन की संपूर्ण प्रक्रिया अब डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। पूर्व में विभागों एवं जिला कार्यालयों से मुद्रणालय तक पाण्डुलिपि भेजने की प्रक्रिया समयसाध्य और भौतिक संसाधनों पर आधारित थी, जिसे अब पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। नए ई-गजट पोर्टल के माध्यम से विभाग अपने आदेश एवं अधिसूचनाएँ सीधे अपलोड करेंगे तथा प्रकाशित राजपत्र भी सभी के लिए ऑनलाइन सुलभ रहेगा।
ई-गजट प्रणाली लागू होने से अधिसूचना प्रकाशन संबंधी कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आएगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल प्रक्रियाएँ सरल होंगी, बल्कि कार्य पूर्णतः पेपर-लेस होने से शासन की ई-गवर्नेंस नीतियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। राजपत्रों का ऑनलाइन प्रकाशन पारदर्शिता, सुलभता और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल राज्य में डिजिटल शासन, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ई-गजट पोर्टल के शुभारंभ से अब राजपत्र प्रकाशन अधिक सुगम, समयबद्ध और आधुनिक स्वरूप में उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान दत्तात्रेय जयंती की प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं….
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान दत्तात्रेय की जयंती (4 दिसम्बर) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने भगवान दत्तात्रेय से समस्त नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय सत्कर्म, सादगी, विनम्रता, त्याग और ज्ञान के शाश्वत प्रतीक हैं। उन्होंने मानव जीवन को अहंकार से मुक्त होकर ज्ञानमार्ग अपनाने और जीवन को सद्कर्मों से आलोकित करने की प्रेरणा दी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश — तीनों देवताओं के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं। उनकी उपासना से ज्ञान, शक्ति, धैर्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान दत्तात्रेय जयंती हम सबके लिए आत्मचिंतन, सद्विचार और संस्कारों से भरे जीवन की प्रेरणा लेकर आती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान दत्तात्रेय के उपदेशों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता को बढ़ाने का संकल्प लें।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष : किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का तकनीकी सशक्तिकरण और आय में उल्लेखनीय प्रगति….
रायपुर : बिलासपुर जिले में किसानों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें एकीकृत खेती प्रणाली, मूल्य संवर्धन, संसाधन संरक्षण, बागवानी को बढ़ावा और कृषि यांत्रिकीकरण जैसे कदम शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, फसल की पैदावार में सुधार करना और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से बिलासपुर जिले में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं ने नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्ष 2000 से 2025 के बीच कृषि, सिंचाई, फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
फसल बीमा में जागरूकता और लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2025 में किसानों की संख्या, ऋणी और अऋणी आवेदन तथा बीमित राशि में बढ़त दर्ज की गई। खरीफ सीजन में किसानों की संख्या 11 प्रतिशत, ऋणी आवेदनों में 107 प्रतिशत और बीमित राशि में 23 प्रतिशत बढ़ी। रबी सीजन में भी किसानों की संख्या 44 प्रतिशत और अऋणी आवेदनों में 20 प्रतिशत की बढ़त हुई, इससे स्पष्ट होता है कि किसानों में योजना के प्रति विश्वास और जागरूकता लगातार मजबूत हो रही है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रगति
वर्ष 2019 में 99 हजार 682 किसानों का पंजीयन था, जो अब 2025 में बढ़कर 1 लाख 55 हजार 366 हो गया है। अब तक 1 लाख 02 हजार 353 किसानों को 20वीं किस्त का लाभ मिला और कुल 2047.06 लाख रुपये वितरित किए गए, इससे किसानों की आय में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
महिला किसानों का तकनीकी सशक्तिकरण
महिला किसानों को ड्रोन और आधुनिक फसल छिड़काव तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्हें खेतों में तकनीकी दक्षता प्राप्त कराने का अवसर दिया गया। इससे उत्पादन में सुधार हुआ और आधुनिक तकनीक का प्रभाव खेतों तक पहुँचा।
फसल उत्पादन और सिंचाई में विस्तार
किसानों की आय में वृद्धि तथा दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान पीएम आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य फसलों के रकबे में 12 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक वृद्धि देखी गई। नहर, तालाब, कुएँ, नलकूप और नदी नालों के माध्यम से सिंचित क्षेत्र में 27 प्रतिशत से 47 प्रतिशत तक विस्तार हुआ। इससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में बेहतर उत्पादन और आय के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी प्रशिक्षण और किसानों की सक्रिय भागीदारी बिलासपुर जिले को कृषि विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे ले जा रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही है।



