

((नयाभारत सितेश सिरदार लखनपुर)):–
सरगुजा जिले के लखनपुर उदयपुर के सीमा में बहने वाले रेड नदी से रेत माफियाओं के द्वारा रेत का उत्खनन कर अवैध परिवहन किया जा रहा था। जिसकी शिकायत लगातार प्रशासन को मिली थी। सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशानुसार एसडीएम वन सिंह सिंह नेताम के मार्गदर्शन में राजस्व और पुलिस कि संयुक्त टीम ने लखनपुर थाने के सामने अवैध रेत परिवहन को लेकर दो टीपर एक ट्रैक्टर वाहन को जप्त कर लखनपुर थाने में खड़ा कराया गया है। वही नायब तहसीलदार सर्वेश पटेल ने कहा कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाया जाने यह कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध परिवहन कार्रवाई के मामले में नायब तहसीलदार सर्वेश पटेल थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक पीतांबर सिंह, आरक्षक दशरथ राजवाड़े, रामकुमार यादव सहित अन्य पुलिस स्टाफ सक्रिय रहे।
Month: December 2025
कबीरधाम में डिजिटल शिक्षा क्रांति का वनांचल तक विस्तार: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बोड़ला ब्लॉक के 08 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ….
रायपुर: डिजिटल शिक्षा की पहल को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज हायर सेकेंडरी स्कूल खैरबना कला से बोड़ला विकासखण्ड के 08 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम की शुरुआत की। कवर्धा और सहसपुर लोहारा विकासखंड में स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। जिसके पश्चात अब बोड़ला विकासखंड के स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए गए। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह पहल वनांचल क्षेत्रों तक डिजिटल शिक्षा को विस्तार दे रही है।

स्मार्ट क्लास शुभारंभ के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ. बीरेंद्र साहू, श्रीमती गंगाबाई लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री नीलू साहू, श्री मन्नू चंदेल, श्री नरेश साहू, श्री गुलाब साहू, श्री लखन पटेल, श्री रूपलाल साहू, श्री योगेश साहू, श्री शत्रुहन पटेल, श्रीमती दिलकनी सुरेश साहू, जिला शिक्षाधिकारी श्री एफ आर वर्मा सहित स्कूल के शिक्षकगण, छात्र छात्राएं और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्मार्ट क्लासेज आधुनिक तकनीकों, 3डी एनीमेशन और ऑडियो वीडियो कंटेंट का उपयोग कर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाएगी। स्मार्ट क्लास की मदद से विद्यार्थी विज्ञान, गणित, भूगोल जैसे कॉन्सेप्ट आधारित विषयों को एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से अधिक प्रभावी तरीके से सीख सकेंगे। जिसका लाभ उन्हें इन विषयों के जटिल कॉन्सेप्ट को क्लियर करने और बुनियादी समझ को मजबूत बनाने में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के कारण स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से दूसरे स्कूलों से विषय विशेषज्ञ भी बच्चों की एक साथ क्लास ले सकेंगे। उन्होंने विज्ञान और गणित के साथ के साथ भूगोल तथा अन्य विषयों की पढ़ाई स्मार्ट क्लास से करवाने के लिए कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस दौरान बच्चों के साथ बैठकर डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पादप कोशिका की संरचना एवं विभिन्न अंगों के बारे में 3डी इमेजिंग के माध्यम से लाइव प्रदर्शन देखा। उन्होंने छात्रों से कहा कि डिजिटल बोर्ड से किसी विषय का त्रि आयामी चित्र एवं ऑडियो विजुअल के साथ प्रस्तुतीकरण काफी इंटरेक्टिव तरीके से किया जाता है। जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ आते हैं। अतः इसका पूरा लाभ उठाएं और विषयों पर अच्छी पकड़ बनाएं। यह पहल केवल आधुनिक उपकरण स्थापित करने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण और सुदूर वनांचल इलाकों के छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, सुलभ और प्रेरक बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है।
गौरतलब है कि जिले के 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। जिसमें कवर्धा, सहसपुर लोहारा और बोड़ला विकासखंड के 34 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया जा चुका है। आगे शेष स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास का शुभारंभ जल्द होने जा रहा है। इस स्मार्ट क्लास पहल के साथ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, ग्रामीण, दूरदराज़ इलाकों के बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई का अवसर मिलेगा जो उन्हें आगे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होगा।
बच्चों से जाने उनके अनुभव, लगन से पढ़ाई करने किया प्रोत्साहित

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस दौरान ऑनलाइन जुड़े सभी 8 स्कूलों के बच्चों से बात कर स्मार्ट क्लास से पढ़ाई के संबंध में उनके अनुभव जाने। बच्चों ने बताया कि अब विज्ञान और गणित जैसे विषयों को समझने में बड़ी आसानी हो रही है। उन्होंने इस सुविधा के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। बच्चों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्कूलों में उन्नत संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है ताकि पढ़ाई लिखाई बेहतर हो। उन्होंने छात्रों से कहा कि भविष्य में क्या बनना है यह लक्ष्य तय कर खूब मेहनत और लगन से पढ़ाई करें।
CG – खेत में अधजला शव मिलने से मचा हड़कप, क्षत-विक्षत अवस्था में गुप्तांग, लाश की नहीं हुई पहचान, जांच में जुटी पुलिस और फोरेंसिक टीम…..
कोरबा। कोरबा के करतला थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब ग्राम पंचायत औराई के समीप एक खेत में अज्ञात व्यक्ति का अधजला शव बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार शव तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है और अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
घटनास्थल पर शव की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। शव पूरी तरह निर्वस्त्र और फूला हुआ पाया गया है, जबकि मृतक के गुप्तांग क्षत-विक्षत अवस्था में थे। पुलिस और फोरेंसिक टीम के अनुसार, यह लग रहा है कि शव को किसी और स्थान से यहां लाकर अधजला स्थिति में रखा गया हो, क्योंकि आसपास के क्षेत्र में कोई जलने का निशान नहीं पाया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतिश ठाकुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा।
वहीं, पहचान कराने के प्रयास के तहत पुलिस ने आसपास के गांवों में मुनादी कराई है और स्थानीय लोगों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में मृतक की तस्वीर साझा की जा रही है।
पुलिस मामले को हत्या की आशंका के रूप में देख रही है और फोरेंसिक टीम घटना स्थल पर मौजूद है। पुलिस के मुताबिक शव की विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने नंदनवन-नंदन पक्षी विहार का किया निरीक्षण…
रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर स्थित नंदनवन-नंदन पक्षी विहार के निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिसर का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। मंत्री श्री कश्यप ने नंदनवन को बायोडायवर्सिटी थीम पार्क के रूप में विकसित करने के लिए चरणबद्ध डीपीआर तैयार कर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन को ऐसा केंद्र बनाया जाए, जहां जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं नंदनवन पक्षी विहार में
मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि नंदनवनपक्षी विहार रायपुर में स्थित एक चिड़ियाघर और पिकनिक स्थल है। यहां विदेशी पक्षियों सहित कई प्रकार के पक्षी रखे गए हैं और यह शहर के लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन और पिकनिक स्पॉट है। यहां अफ्रीकन ग्रे पेलिकन, ब्लैक श्वान, मकाऊ और शुतुरमुर्ग जैसे कई विदेशी पक्षी देखे जा सकते हैं।

पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार दें ध्यान
अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ चर्चा कर पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और क्षेत्र को अधिक आकर्षक तथा सुरक्षित बनाने संबंधी सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि नंदनवन की टीम सभी पक्षियों को उनकी नस्ल के अनुसार विशिष्ट आहार के साथ जरूरत पड़ने पर दवाईयां व खाद्य पदार्थ देते हैं,ताकि पक्षी स्वस्थ रहें। यहां रखे गए विदेशी पक्षी प्रजनन भी कर रहे हैं, उसका सतत मानिटरिंग कराएं। नंदनवन पक्षी विहार के अंदर पर्यटकों को बैठने के लिए पेड़ों के तरह कुर्सियां बनाई गई है। इसके अलावा सेल्फी जोन का भी निर्माण किया गया है।
इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ श्री व्ही श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ श्री अरुण कुमार पांडे, रायपुर सीसीएफ श्री मनिवासगन एस., सीसीएफ (वन्यजीव) सुश्री सतोविषा समाजदार, रायपुर डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, जंगल सफारी संचालक श्री थेझस शेखर सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में बीजेपी की विधानसभावार प्रभारियों की हुई नियुक्ति, देखें किस नेता को कहां की मिली कमान…..
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने विधानसभावार प्रभारियों की नियुक्ति की है। राजीव अग्रवाल को पाटन का विधानसभा तो रामसेवक पैकरा को कोटा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह 36 विधानसभा के प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
जानिए किसे कहां की मिली कमान…


अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में सूरजपुर में भव्य राज्यस्तरीय समारोह….
रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर 03 दिसंबर को सूरजपुर जिले में भव्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल होंगी। सुरजपुर नगर पालिका परिषद कार्यालय के समीप स्थित रंगमंच में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, समान अवसर और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खाद्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, सरगुजा सांसद श्री चिन्तामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मराबी, प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।
राज्यस्तरीय इस समारोह में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम, जानकारीपरक गतिविधियाँ, जागरूकता सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल की जाएंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों की सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ करना और उनके लिए संवेदनशील तथा समावेशी वातावरण को बढ़ावा देना है।
राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है – राज्यपाल रमेन डेका….
रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि राज्यों की विविधताओं को राष्ट्रीय एकता एक सूत्र में पिरोती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रारंभ हुआ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान इसी एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक है।

विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है
राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखण्ड, लक्षद्वीप, और पुडुचेरी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि भाषाओं, वेशभूषा, खान-पान, कला और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद हमारी आत्मा एक है। यही विविधता भारत को विश्व में अद्वितीय बनाती है। केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में इन राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया।

कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी विजय नगर साम्राज्य ने
राज्यपाल ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक ईकाई नहीं है बल्कि हजारों वर्षाे की सभ्यता संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत संगम है। श्री डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम है। बीते युग में विजय नगर साम्राज्य ने कला और स्थापत्य को ऊंचाई दी, वैसे ही आज बैंगलुरू भारत का आईटी हब बन गया है। कर्नाटक अपने प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है।
भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया संगम साहित्य ने
राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है। भारत की सबसे प्राचीन भाषाओं में एक तमिल भाषा की यह भूमि, महान मंदिर स्थापत्य, भरतनाट्यम नृत्य, संगीत और समृद्ध साहित्य परंपरा के लिए विश्व प्रसिद्ध है। संगम साहित्य और तिरूक्कुरल जैसे ग्रंथों ने भारतीय ज्ञान को समृद्ध किया है। तमिलनाडु देश की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाता है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विकास क्षेत्र है।
हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हमारी इमारतें
राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यहां की गलियों में भारत का इतिहास सांस लेता है, चाहे वह प्राचीन इन्द्रप्रस्थ की कहानी हो या आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम हो। लाल किला, कुतुब मीनार, संसद भवन, इंडिया गेट- ये केवल इमारतें नहीं बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरव के प्रतीक हैं। यहां सांस्कृतिक विविधता हर गली और मोहल्ले में देखने मिलती है।

प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य में उत्तराखंड और छत्तीसगढ़
श्री डेका ने कहा कि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना एक साथ हुई थी। दोनों राज्यों में कई समानताएं है जैसे इन राज्यों में आबादी का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। उत्तराखंड की हिमालय की चोटियां, नदियां और घने जंगल इसकी पहचान है वहीं छत्तीसगढ़ भी जंगल, नदियां, पहाड़ और प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर राज्य है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां हैं।
खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पुडुचेरी में एवं जैव विविधता से समृद्ध लक्षद्वीप
राज्यपाल ने कहा कि पुडुचेरी अपने फ्रांसीसी स्थापत्य, आध्यात्मिक वातावरण और सांस्कृतिक समन्वय के लिए प्रसिद्ध है। प्राचीन काल में पुडुचेरी फ्रांस के साथ व्यापार का मुख्य केंद्र था। आज कई पर्यटक यहां के खूबसूरत समुद्र तटों और उस समय की सभ्यता की झलक पाने के लिए आते हैं। हिन्द महासागर में स्थित अनमोल द्वीप समूह लक्षद्वीप अपने नीले पानी, स्वच्छ समुद्र तट और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। आज जब पूरा विश्व पर्यावरण संकट की चुनौती से जुझ रहा है, तब लक्षद्वीप की जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन की प्रेरणा देती है।
विविधता ही भारत की असली शक्ति
राज्यपाल ने कहा कि इन सभी प्रदेशों की विविधता ही भारत की असली शक्ति है। एक भारत श्रेष्ठ कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तब हमें इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के योगदान को और अधिक मजबूती देनी होगी। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि एक कार्य ऐसा जरूर करें, जिसमें मानवीय सेवा निहित हो। पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश भी उन्होंने दिया।
विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने
समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना ने भी तमिलनाडु राज्य की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। कर्नाटक के यक्षगान (यक्षगणना), तमिलनाडु के लोक नृत्य, दिल्ली के पंजाब फोक नृत्य सहित उत्तराखंड के लोक नृत्य गौपति, लक्षद्वीप के छड़ी नृत्य एवं पुडुचेरी के गरडी नृत्यों ने अतिथियों का मन मोह लिया।
राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया राज्यों के प्रतिनिधियों को
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा – रमेन डेका….
रायपुर: नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमंेे राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा करता है
श्री डेका ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है।

अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं
श्री डेका ने कहा कि 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्हांेने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं।
केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करंे। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग के लैब का किया अवलोकन
कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन श्री आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक श्री निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य श्री आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।
अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास : इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि….
रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।
छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे।
इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l
उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।
यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल श्री अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।
अगले महीने रायपुर में होगा साहित्य उत्सव, देश भर के 100 से अधिक साहित्यकार जुटेंगे : मुख्यमंत्री साय ने किया उत्सव के लोगो का अनावरण…..
रायपुर: नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, श्री गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, श्री प्रदीप श्रीवास्तव और श्रीमती शकुंतला तरार उपस्थित थे।

लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।
इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो
अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।
लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।

लोगो में अंकित ‘आदि से अनादि तक’ वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल ‘सुरसरि सम सबके हित होई’ वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।
रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।





