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CG ब्रेकिंग : कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास के परिधि में धारा-163 लागू, इन कार्यों पर रहेगा पूर्णत: प्रतिबंधित…..

कांकेर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के धारा 163 (1) (2) के अंतर्गत कलेक्ट्रेट परिसर तथा परिसर के आसपास 200 मीटर की परिधि में लोक शांति एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 02 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 60 दिवस की अवधि के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

इस अवधि के दौरान कलेक्टर परिसर एवं परिसर की आसपास के 200 मीटर के दूरी को धरना, प्रदर्शन, सभा, रैली, जुलूस, नारेबाजी इत्यादि के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

कल ही छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व कलाकार संघ ने दिया था धरना

सात सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व कलाकार संघ ने एक दिवसीय प्रदर्शन करते जिला प्रशासन को आवेदन सौंपा। धरने में पूरे जिले से लोक कलाकार पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश के प्रत्येक जिले में छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्व कलाकार संघ प्रदर्शन करेगा। 2 माह में मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है।

CG – पत्नी की मौत का गम सह नहीं पाया पति, उठाया खौफनाक कदम, इस हाल में मिला शव…..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहां एक 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। मृतक की पत्नी की 3 माह पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह हताश रहने लगा था। वहीं उसने परेशान होकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार चैतमा चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाइसेमर निवासी किताब सिंह 50 वर्ष पिता स्व पूरन सिंह ने अपने घर में फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के दौरान पाया कि किताब सिंह की पत्नी कमलाबाई की तीन माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी पत्नी की मौत के बाद से किताब अक्सर गुमसुम रहता था और अकेले ही घर पर रहता था। बताया जाता है कि किताब सिंह ने अपने घर पर फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।

CG – व्याख्याता वंदना भदोरिया को सेवानिवृत्ति पर धूमधाम से दी गई विदाई…

व्याख्याता वंदना भदोरिया को सेवानिवृत्ति पर धूमधाम से दी गई विदाई

जगदलपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तितीरगांव की वरिष्ठ व्याख्याता वंदना भदोरिया की अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर शासकीय सेवा से सेवानिवृत होने पर शाला परिवार के द्वारा बड़े धूमधाम से विदाई दी गई।

शनिवार को संस्था में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती खीरमानी कश्यप, सरपंच ग्राम पंचायत तितिरगांव, प्राचार्य श्रीमती हेमलता त्रिपाठी तथा पूर्व उपसरपंच श्री विष्णु प्रसाद पाणिग्रही की गरिमामयी उपस्थिति में संस्था में पदस्थ वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती वंदना भदोरिया को शासकीय सेवा में सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गई।
संस्था के वरिष्ठ व्याख्या गजेंद्र श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए वंदना भदोरिया के सरल सहज स्वभाव का बताते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की।

मुख्य अतिथि सरपंच श्रीमती खिरमनी कश्यप ने अपने भावुक भरे उद्बोधन में बताया कि आपकी पढ़ाई मेरे बच्चे आज डॉक्टर बने हैं तथा आज ही मेरे पुत्री का नर्स की नौकरी लगने का लेटर आया है।

प्राचार्य हेमलता त्रिपाठी ने कहा कि श्रीमती वंदना भदोरिया 1984 से ग्राम तोकापाल से शिक्षक की सेवा में आई उसके पश्चात वर्ष 2010 में पदोन्नति होकर तीतर गांव में पदस्थ रहते हुए उन्होंने लगातार 15 वर्षों तक यही सेवाएं दी ।उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण आज ग्रामवासी भी अत्यंत भावुक हो गए हैं।

पूर्व उपसरपंच विष्णु प्रसाद पाणिग्रही ने भी वंदना भदोरिया को मेहनती व मिलनसार शिक्षिका बताते हुए उनकी पूरी पूरी प्रशंसा की।

आज के कार्यक्रम में कई शिक्षकों और छात्र-छात्रा ने श्रीमती वंदना भदोरिया के सम्मान में कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उसके पश्चात श्रीमती वंदना भदोरिया को पूरे बाजे गाजे के साथ पटाखे फोड़ते, नाचते गाते संस्था के समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं ने उनके घर तक छोड़ने गए। कार्यक्रम का संचालन कुमारी रूपा यादव व्याख्याता के द्वारा किया गया।

वंदना भदोरिया व्याख्याता की सेवा निवृत्ति के विदाई समारोह पर संस्था के समस्त शिक्षक, छात्र/छात्रा व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारजनों से की मुलाकात…

रायपुर: “सत्पुरुषसंसर्गो हि कृतार्थयति जीवनम्।” यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की हमारे परिवारजनों से हुई मुलाकात जीवन भर याद रहने वाला प्रेरक अनुभव है। अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच जिस आत्मीयता से मोदीजी ने सबका हाल‑चाल पूछा, बच्चों से सहज होकर बात की और आशीर्वाद दिया, वह अविस्मरणीय है। माननीय प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ उनके सान्निध्य में बैठने का अवसर मिला, यह हमारे लिए भावुक कर देने वाला क्षण था। इस गरिमामय और आत्मीय भेंट के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।

CG -फॉरेस्ट क्वॉटर में मिली खून से लथपथ लाश, हत्या या फिर…..इलाके में फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस…..

रायगढ़। छाल रेंज के गंजाईपाली से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। गंजाईपाली बिट में फॉरेस्ट गार्ड के रूप में पदस्थ यादराम अजगल्ले की पत्नी की लाश उनके क्वॉटर में खून से लथपथ हालत में मिली। घटना की जानकारी मिलते ही छाल पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

फिलहाल मौत के कारणों पर पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है, लेकिन पूरे क्षेत्र में दहशत और बेचैनी का माहौल है। घटना धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज की गंजाईपाली फॉरेस्ट क्वॉटर की बताई जा रही।

प्रधानमंत्री ने रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की….

रायपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लिया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ है।

प्रधानमंत्री ने खासकर युवाओं के बीच पुलिस के प्रति जनता की धारणा बदलने की तत्काल जरूरत पर बल दिया, जिसके लिए दक्षता, संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को फिर से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और व्यापक प्रशासन को निर्जन द्वीपों को एकीकृत करने के लिए नवीन रणनीतियां अपनाने, राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के अंतर्गत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन प्रणालियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया, और कहा कि फोरेंसिक के बेहतर अनुप्रयोग से आपराधिक न्याय प्रणाली और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन की अध्यक्षता की Kelo Pravah »

प्रधानमंत्री ने प्रतिबंधित संगठनों की नियमित निगरानी के लिए तंत्र स्थापित करने, वामपंथी उग्रवाद से मुक्त क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित करने और तटीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नवोन्मेषी मॉडल अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए एक समग्र सरकारी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें प्रवर्तन, पुनर्वास और सामुदायिक स्तर पर हस्तक्षेप एक साथ किया जाए।

सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के विविध मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। विज़न 2047 की दिशा में पुलिस व्यवस्था के दीर्घकालिक रोडमैप, आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध में उभरते रुझान, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का लाभ उठाने, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ने मज़बूत तैयारियों और समन्वय की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और पुलिस प्रमुखों से चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों, जिनमें चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति भी शामिल है, के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, तत्क्षण समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलिस नेतृत्व से आह्वान किया कि वे विकासशील राष्ट्र की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पुलिस व्यवस्था को फिर से व्यवस्थित करें, ताकि विकसित भारत बनने की राह पर साफ हो सके।

प्रधानमंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को भी पुरस्कार प्रदान किए। यह सम्मान शहरी पुलिस व्यवस्था में नवाचार और सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए पहली बार स्थापित किया गया है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री और केंद्रीय गृह सचिव ने भाग लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि देश भर से विभिन्न रैंकों के 700 से अधिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से इस सम्मेलन में शामिल हुए।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने नवा रायपुर निवास में सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 128वां एपिसोड….

रायपुर: शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में वरिष्ठ नागरिकों और समाज प्रमुखों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड को सुनकर इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए नवाचार और उपलब्धियाँ प्रेरणा का स्रोत – श्री यादव

श्री यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों का उल्लेख प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरक है। प्रधानमंत्री ने
खाद्यान्न उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी,शहद प्रसंस्करण की उन्नत विधियां एवं उत्पादन वृद्धि,
नौसेना सशक्तिकरण और नेवल म्यूज़ियम,नेचर फॉर्मिंग का महत्व,
सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता वाचन,
लातविया व अन्य देशों में भव्य गीता महोत्सव,
—जैसे विषयों पर देश को गौरवान्वित करने वाली महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का दूरदर्शी नेतृत्व देश को आत्मनिर्भरता, नवाचार और सतत विकास की ओर अग्रसर कर रहा है।

शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने नवा रायपुर निवास में सुना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 128वां एपिसोड

देश किसान, युवा और हर वर्ग के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर रहा है – शिक्षा मंत्री

कार्यक्रम के बाद  लोगों के साथ चर्चा करते हुए श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश का हर वर्ग
किसान, युवा, महिला, वैज्ञानिक और खिलाड़ी—सुख, समृद्धि और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत को विश्व समुदाय में अग्रणी बनाने के लिए हर नागरिक को ‘वोकल फॉर लोकल’, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता आधारित विकास को अपनाना होगा।

‘ मन की बात’ राष्ट्र की सामूहिक चेतना का मजबूत माध्यम

शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक चेतना का उत्सव बन चुका है। यह देश की सकारात्मक कहानियों, श्रेष्ठ प्रयासों और जमीनी नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।

श्री यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायी विचार आज के भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को आम जनता तक पहुँचाएँ और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

‘बस्तर पंडुम 2026’ हेतु उच्चस्तरीय बैठक का हुआ आयोजन: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित वन मंत्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल बैठक में हुए शामिल….

रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को जीवंत बनाने के लिए ‘बस्तर पंडुम 2026′ के आयोजन के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के रायपुर स्थित निवास पर उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल बैठक में शामिल हुए। इस महोत्सव में बस्तर संभाग की अनूठी लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को मंच देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन न केवल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देने और उनकी कला को प्रोत्साहन प्रदान करने का सुनहरा अवसर भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इसका सफल आयोजन हेतु सभी विभागों को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करना है। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम अपने आप में अनूठा अवसर है जो बस्तर के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विविधता और उसकी खूबसूरती एक बड़े मंच पर दिखाने का मौका प्रदान करती है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन राज्य की संस्कृति का परिचायक है। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा में पूर्ण करनी होंगी।

05 जनवरी-05 फरवरी 2026 तक होने वाले ‘बस्तर पंडुम 2026’ में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर के पारंपरिक नृत्य-गीत, रीति-रिवाज, जनजातीय नृत्य, वाद्ययंत्र, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन, जनजातीय गीत, वेशभूषा, चित्रकला, आंचलिक साहित्य, जनजातीय नाट्य, जनजातीय आभूषण, पेय पदार्थ एवं वन-औषधी के प्रदर्शन पर आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। ये प्रतियोगिताओं क्रमशः जनपद, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित की जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल बैठक में हुए शामिल

प्रतियोगिता का पहला चरण 05 से 15 जनवरी 2026 तक जनपद स्तर पर होगा, दूसरा चरण 20 से 25 जनवरी 2026 तक जिला स्तर पर और अंतिम चरण 01 से 05 फरवरी 2026 तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा। प्रत्येक चरण के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर पण्डुम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किये जाने हेतु जनजातीय बाहुल्य राज्यों के जनप्रतिनिधियों, केन्द्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिकों, राजदूतों एवं बस्तर क्षेत्र के स्थानीय विषय विशेषज्ञ, पद्म विभूषित गणमान्य नागरिकों, बस्तर क्षेत्र के विभिन्न कार्य क्षेत्रों उपलब्धि प्राप्त विशिष्ट जनों को बस्तर की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बस्तर के समस्त समाज प्रमुख, सिरहा, मांझी, चालकी को भी आमंत्रित करने को कहा।

सभी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हुये देश के समस्त राज्यों के कलाकारों को जनजातीय लोक कला नृत्यों के प्रदर्शन एवं प्रस्तुति हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिए। बस्तर पंडुम में संभाग के 07 जिलों के 1885 ग्राम पंचायत, 32 जनपद पंचायत, 08 नगर पालिका, 12 नगर पंचायत तथा 01 नगर निगम क्षेत्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, संचालक श्री विवेक आचार्य, बस्तर पंडुम के नोडल अधिकारी श्री युगल किशोर एवं मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के ओएसडी श्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।

CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम का डबल अटैक, ठंड के बीच बरसेंगे बदरा, कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…..

रायपुर। दिसंबर महीने की शुरुआत प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और ठंडी के साथ होने की संभावना है। कई इलाकों में अलर्ट भी जारी किया गया है। आने वाले पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। रविवार को राज्य का 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

श्रीलंका चक्रवाती सिस्टम की वजह से राज्य में नमी का प्रवेश हो रहा है। इसके प्रभाव से रविवार को दिन में रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में बादल छा गए। धूप का प्रभाव कम होने से पारा नहीं चढ़ पाया और मौसम में थोड़ी ठंडकता महसूस हुई। राज्य में रात का औसत तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नमी का प्रभाव एक दो दिन बने रहने की संभावना है। इससे रात के न्यूनतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि होने के आसार हैं। इसके साथ दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ने के साथ उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बने रहने की संभावना है। पिछले चौबीस घंटे में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग का रिकार्ड किया। वहीं न्यूनतम पारा अंबिकापुर का था। रायपुर का न्यूनतम तापमान 14.6 तथा अधिकतम पारा 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर और दुर्ग में हलकी वर्षा की संभावना जताई है। यहां यलो अलर्ट जारी किया गया है।

आज कैसा रहेगा राजधानी में मौसम?

राजधानी में सुबह के वक्त बादल छाए हुए हैं, लोगों का अच्छी ठंडी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है। 24 घंटों में तापमान 16 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा चिंतन का केंद्र बना छत्तीसगढ़: डीजीपी कॉन्फ्रेंस में हुए निर्णय देश की आंतरिक सुरक्षा को देंगे नई मजबूती- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डीजीपी कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक संपन्न होना राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तथा देशभर के डीजीपी और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा, महत्व और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों तक देश के सर्वोच्च नेतृत्व एवं सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी छत्तीसगढ़ में उपस्थित रहे। राजधानी रायपुर में सम्पन्न यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षात्मक नीतियों, रणनीतियों और समन्वय तंत्र पर गहन चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और आतिथ्य व्यवस्था में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।