
छत्तीसगढ़ धमतरी में सामने आए गौमांस प्रकरण को लेकर गाड़ा समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को सैकड़ों समाजजन सड़कों पर उतरे और कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
धमतरी शहर के साल्हेवार पारा में 13 जून को गौमांस बिक्री का मामला सामने आया था। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 86 किलो मांस बरामद किया था और एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपी द्वारा स्वयं को गाड़ा समाज का सदस्य बताए जाने के बाद समाज में नाराजगी फैल गई।
गाड़ा समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से ओडिशा का निवासी है और उसके कृत्य को पूरे समाज से जोड़कर समाज की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। समाज ने स्पष्ट कहा कि किसी एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समुदाय को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
सोमवार को बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।

समाज के प्रांताध्यक्ष प्रदीप कुमार कुलदीप ने कहा कि आरोपी के बयान से पूरे समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
फिलहाल गाड़ा समाज की ओर से प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और समाज की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।



