नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण का संकल्प: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीद परिवारों से लेकर आदिवासी समाज और ग्रामीणों तक किया सीधा संवाद।

नारायणपुर/कोंडागांव। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने बस्तर प्रवास के दौरान शहीद एवं नक्सल पीड़ित परिवारों से आत्मीय मुलाकात,सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों के साथ बैठक, कन्हारगांव सेवा डेरा में जन चौपाल और मर्दापाल के साप्ताहिक बाजार का दौरा कर नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अब बस्तर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और इसके निर्माण में समाज, युवाओं तथा स्थानीय लोगों की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण होगी।
दिन की शुरुआत नारायणपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में शहीद एवं नक्सल पीड़ित परिवारों से संवाद से हुई। उप मुख्यमंत्री ने परिवारों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को अनुकंपा नियुक्ति,बच्चों की शिक्षा, सहायता राशि,पुनर्वास सहित सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कई पीड़ित परिवारों ने अपने दर्द साझा किए,जिसे सुनकर वातावरण भावुक हो गया। उप मुख्यमंत्री भी भावुक नजर आए। वहीं नक्सल हिंसा से प्रभावित ग्राम हांदावाड़ा की निवासी सोनाय बाई नेताम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हांदावाड़ा में नियुक्ति पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इसके बाद सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग जंगलों की कटाई और बड़े उद्योगों को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जल,जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज प्रमुखों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने,देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने,वन संरक्षण,जैविक खेती,लघु वनोपज के वैज्ञानिक संग्रहण तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। गढ़िया बाबा देवस्थल के संरक्षण के लिए तत्काल बाउंड्री वॉल,नलकूप और सोलर लाइट की व्यवस्था के निर्देश भी दिए। साथ ही अबूझमाड़ के युवाओं को आधुनिक पर्वतीय कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे विकसित करने की बात कही।
बस्तर प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री कन्हारगांव स्थित सेवा डेरा भी पहुंचे, जहां उन्होंने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैम्प अब जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं और इन्हें ‘वीर शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने आसपास के 10 गांवों के विकास कार्यों के लिए प्रत्येक गांव को 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की तथा महिलाओं को लघु वनोपज के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से आजीविका बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
इसी दौरान नारायणपुर से कोण्डागांव जाते समय उप मुख्यमंत्री का काफिला ग्राम मर्दापाल के साप्ताहिक बाजार में भी रुका। उन्होंने ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों से आत्मीय मुलाकात कर क्षेत्र की आवश्यकताओं और बाजार की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सल भय समाप्त होने के बाद वर्षों बाद बाजारों में फिर से रौनक लौट आई है और दूर-दराज के गांवों से लोग बिना डर के बाजार पहुंच रहे हैं।
प्रवास के दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने भी कहा कि शहीद परिवारों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों का सम्मान एवं उनका कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर अब भय और हिंसा के दौर से निकलकर तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मंगलूराम नरेटी,नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



