छत्तीसगढ़

CG नियुक्ति ब्रेकिंग : 20 जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किया आदेश…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के रिटायरमेंट से ठीक पहले हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 20 कोर्ट मैनेजर एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति आदेश जारी किया है। रिक्त पदों के लिए कुछ महीने पहले आवेदन आमंत्रित कर परीक्षा आयोजित की गई थी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के वेब साइट में नियुक्ति आदेश जारी कर दिया है, सभी नियुक्तियां 3 वर्ष की परिवीक्षावधि के अधीन होंगी।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने कोर्ट मैनेजर, आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किया था। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों की चयन सूची जारी की गई।

भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त को नियुक्ति आदेश जारी किया है। जारी आदेश में स्टेबलिशमेंट पर कोर्ट मैनेजर के पद पर अंकित कुमार झा को हाई कोर्ट में पदस्थ किया गया है। उदयन दुबे को दुर्ग जिला न्यायालय, संयोगिता सिंह को कमर्शियल कोर्ट रायपुर, रमाकांत पटेल को अंबिकापुर जिला कोर्ट, विरज कुमार देवांगन को कोरबा जिला कोर्ट, राहुल वर्मा को कोरिया जिला कोर्ट, अभिजीत रथ को महासमुंद जिला कोर्ट, प्रवीण कुमार को रामानुजगंज जिला कोर्ट, आशुतोष कुमार को बेमेतरा जिला कोर्ट, निधि नागवंशी को बिलासपुर जिला कोर्ट, ऋचा पाठक को धमतरी जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया।

विजय कुमार साहू को कवर्धा जिला कोर्ट, मनोज कुमार सिंह को रायपुर जिला कोर्ट, प्रतिभा लकड़ा को कांकेर जिला कोर्ट, बाम्पी दुबे को राजनांदगांव जिला कोर्ट, कोमल भोई को जगदलपुर जिला कोर्ट, शैलेन्द्र सिंह भास्कर को दंतेवाड़ा जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया। वहीं कमलेश कुमार गोरकर को कोंडागांव जिला कोर्ट, देवेंद्र भगत को सूरजपुर जिला कोर्ट एवं गोपाल सिंह नेताम को जशपुर जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजर के पद में पदस्थ किया गया है।

आकस्मिकता निधि से भर्ती होने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के रिक्त पदों के लिए 19 आवेदकों का भृत्य के पद पर नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। नियुक्त उम्मीदवारों को पदभारग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के वेब साइट में नियुक्ति से संबंधित सभी जानकारी दी गई है।

3 वर्ष की परिवीक्षा, ये शर्तें रहेंगी लागू

परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण न होने पर परिवीक्षा अवधि आगे एक वर्ष तक और बढ़ाई जा सकेगी और जब तक सेवा हेतु स्थायी न कर दिया जाये तब तक उन्हें परिवीक्षा पर माना जायेगा।
परिवीक्षा काल में उनकी सेवायें बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकेगी।
अस्थायी सेवा काल में वे यदि स्वयं सेवा से मुक्त होना चाहेंगे तो एक माह की पूर्व सूचना रजिस्ट्री को देनी होगी या यदि तुरन्त कार्य मुक्त होना चाहें तो एक माह की सूचना के बदले एक माह का वेतन जमा करना होगा। इसी प्रकार यदि नियोक्ता द्वारा उन्हें सेवा से पृथक किया जाना हो तो उन्हें नियोक्ता द्वारा एक माह की पूर्व सूचना दी जायेगी या ऐसी सूचना के बदले एक माह का वेतन देकर तुरन्त सेवा से पृथक कर दिया जायेगा।

चयनित अभ्यर्थियों को 03 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से कोर्ट मैनेजर के पद पर उनके नाम के सम्मुख दर्शाये गये पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि उनके द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर अपना कार्यभार ग्रहण नहीं किया जाता है और नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा कार्यभार ग्रहण करने हेतु अतिरिक्त समय नहीं दिया जाता तो उन्हें कार्यभार ग्रहण करने से अपात्र किया जावेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिया गया स्वस्थता का प्रमाण पत्र पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करते समय प्रस्तुत करेंगें जिसका व्यय उन्हें स्वयं वहन करना होगा।

सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रदत्त शारीरिक अथवा मानसिक स्वस्थता का प्रमाण पत्र प्रतिकूल होने की अवस्था में नियुक्ति आदेश स्वयमेव निस्त माना जा सकेगा।

उनके द्वारा रजिस्ट्री में प्रस्तुत अनुप्रमाणन फार्म के पुलिस प्रमाणीकरण अथवा सत्यापन प्रतिकूल होने की अवस्था में नियुक्ति आदेश स्वयमेव निरस्त माना जावेगा।

उच्च न्यायालय के सेवाकाल में किसी अन्य विभाग को किसी पद के लिये सीधे आवेदन नहीं करेंगें।
बिना पूर्व अनुमति के किसी विद्यालय/महाविद्यालय में अध्ययन नहीं करेंगे, और न ही स्वाध्यायी छात्र के रूप में किसी परीक्षा में सम्मिलित होगें, यदि वे अध्ययन करते हुए अथवा परीक्षा में सम्मिलित होते हुए पाये गये तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
कार्यभार ग्रहण करते समय समस्त शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की मूल प्रति पदस्थापना कार्यालय में अवश्य प्रस्तुत करना होगा।
यह नियुक्ति अनन्तिम (Provisional) है तथा जाति, जनजाति प्रमाण पत्र उचित माध्यमों से सत्यापित किए जाने के अध्यधीन है और सत्यापन करने पर यदि यह पता चलता है कि अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति जैसा भी मामला हो, से सम्बन्ध होने का दावा झूठा है तो बिना कोई कारण बताए तथा झूठा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत ऐसी कार्यवाही जो की जा सकती है संबंधी कार्यवाही के अतिरिक्त, संबंधित की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
उपरोक्त चयनित अभ्यर्थियों की वरीयता कोर्ट मैनेजर के सबसे अंतिम स्थान पर होगा तथा उनकी पारस्परिक वरीयता उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से नहीं अपितु प्रावीण्य सूची में उपरोक्तानुसार उनके क्रम से शासित होगी।
“आरक्षित पद” के विरुद्ध चयनित उम्मीदवारों को कार्यभार ग्रहण करते समय संलग्न प्रारूप के अनुसार शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
यह नियुक्ति [1] माननीय उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में विधाराधीन S.L.P. (C) No. 19668/2022 द्वारा पारित अंतिम आदेश तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में विचाराधीन प्रकरण WPS 4341/2026, WPS 4488/2026, WPS 4494/2026 & WPS 4758/2026 में पारित अंतिम आदेश के अध्यधीन होगी।

यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय सेवायें (नियुक्ति, सेवा की शर्तें तथा आचरण) नियम, 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही है अतः इस आदेश में वर्णित शर्तों के अतिरिक्त उनकी सेवाएं उक्त नियम के प्रावधानों से शासित होंगी।

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