छत्तीसगढ़

Chhattisgarh News : कौन हैं सुखदेव भगत? जिसे कांग्रेस ने सचिन पायलट की जगह बनाया छत्तीसगढ़ का प्रभारी…

डेस्क : कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ संगठन में बड़ा दांव खेला है. पार्टी झारखंड से आने वाले वरिष्ठ और अनुभवी नेता सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. उन्होंने सचिन पायलट की जगह ली है. इस फेरबदल के साथ ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस के गलियारों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि नया प्रभारी मिलने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में बूथ स्तर से लेकर संगठन तक बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि नया प्रभार मिलने के बाद सुखदेव भगत जल्द ही छत्तीसगढ़ का दौरा कर सकते हैं. इसके अलावा वह वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं. सुखदेव के पास लंबा अनुभव रहा है. वह झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक रह चुके हैं. अभी वह लोहरदगा से सांसद हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने इस लंबे तजुर्बे के दम पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नया प्राण फूंकने में कितने कामयाब हो पाते हैं.

साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली थी हार

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी को साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से पार्टी दोबारा प्रदेश में अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती है. अब आने वाले चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी अभी से ही फोकस कर रही है. अब सुखदेव भगत छत्तीसगढ़ में संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के संवाद बढ़ाने पर जोर देंगे, जिससे पार्टी को फायदा हो

साल 2005 में पहली बार विधायक बने थे सुखदेव भगत
सुखदेव भगत राजनीति में आने से पहले प्रशासनिक सेवा में थे. वह साल 2005 में कांग्रेस में शामिल हुए और उन्होंने लोहरदगा से चुनाव लड़ा. तब उन्होंने जीत दर्ज की और झारखंड विधानसभा पहुंचे. इसके बाद साल 2009 और 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. लगातार दो बार हार से उनके राजनीतिक करियर पर भी ग्रहण लगने लगा था. फिर आया साल 2015.

अभी लोहरदगा सीट से सांसद हैं सुखदेव भगत
इस साल लोहरदगा सीट पर उपचुनाव हुआ और उन्होंने मौका लपक लिया. वह चुनाव जीत गए और विधानसभा पहुंचे. इसी बीच 2013 से 2017 तक वह झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे. फिर 2019 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. लेकिन तब एक बार उन्हें फिर से विधानसभा में हार मिली थी. इसके बाद 2022 में उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस में वापसी. कांग्रेस ने उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें 2024 लोकसभा का चुनाव लोहरदगा से लड़वाया और वह जीते भी. कांग्रेस ने उन्हें कई राज्यों का ऑब्जर्वर भी बनाया था.

Related Articles

Back to top button