CG- मां-बाप को कमरे में बंद कर लता ने लगाई फांसी, रातभर रहे कैद; सुबह ताला खुला तो हॉल में लटकी मिली 26 साल की बेटी….

धमतरी। मगरलोड नगर पंचायत के वार्ड नंबर-4 में 26 साल की युवती की मौत का मामला सामने आया है। लता सिन्हा ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी। हैरान करने वाली बात यह है कि मौत से पहले लता ने अपने माता-पिता को कमरे में बाहर से बंद कर दिया था। दोनों रातभर उसी कमरे में कैद रहे और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी कि बेटी ने घर के हॉल में फांसी लगा ली है।
सुबह रिश्तेदारों और ग्रामीणों की मदद से कमरे का ताला खुला तो सामने का दृश्य देखकर माता-पिता के होश उड़ गए। हॉल में लता फंदे पर लटकी मिली।
रात में खाना खाया, फिर अचानक कमरे में पहुंची
लता के पिता हीरालाल सिन्हा के मुताबिक, घटना वाली रात घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार ने साथ में खाना खाया था। इसके बाद माता-पिता कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे।
इसी दौरान लता कमरे के पास आई और दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया। माता-पिता ने आवाज लगाई तो उन्हें लगा कि बेटी शायद मजाक कर रही है। लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला।
रातभर दोनों कमरे में बंद रहे।
सुबह रिश्तेदारों को फोन कर बताया- कमरे में बंद हैं
सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो माता-पिता ने फोन के जरिए रिश्तेदारों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्हें कमरे में बाहर से बंद कर दिया गया है।
रिश्तेदार घर पहुंचे। आसपास के ग्रामीण भी जुट गए। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। टीम मौके पर पहुंची और घर का मुख्य दरवाजा खोलने के बाद अंदर लगे ताले को तोड़ा गया।
कमरे से बाहर निकलते ही माता-पिता हॉल की ओर पहुंचे। वहां उनकी बेटी लता फंदे पर लटकी हुई थी।
परिवार ने बताया- बैगा के यहां बढ़ गया था आना-जाना
घटना के बाद परिवार ने लता के गांव के ही एक बैगा से संपर्क को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि कुछ समय से लता का बैगा के यहां आना-जाना बढ़ गया था। वह उससे लंबे समय तक फोन पर बातचीत भी करती थी।
परिवार को आशंका है कि लता किसी मानसिक दबाव या डर में हो सकती थी। हालांकि, अभी यह परिवार की आशंका है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बैगा का इस घटना से कोई संबंध था या नहीं।
मोबाइल से खुलेगा राज, कॉल डिटेल की जांच
पुलिस ने लता का मोबाइल जब्त कर लिया है। अब उसकी कॉल डिटेल और फोन में मौजूद अन्य जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले लता किन लोगों के संपर्क में थी और किन नंबरों पर उसकी लगातार बातचीत हो रही थी।बैगा से पूछताछ की भी बात सामने आई है।
आत्महत्या के पीछे क्या वजह? कई सवाल अनसुलझे
लता ने माता-पिता को पहले कमरे में बंद किया और इसके बाद हॉल में फांसी लगा ली। यही बात इस पूरे मामले को रहस्यमय बना रही है।
आखिर उसने ऐसा क्यों किया? क्या वह नहीं चाहती थी कि कोई उसे बचा सके? क्या वह किसी मानसिक दबाव में थी? क्या इसके पीछे प्रेम प्रसंग या कोई और वजह थी? या फिर बैगा से उसके संपर्क का इस घटना से कोई संबंध है?
इन सवालों के जवाब फिलहाल पुलिस जांच में तलाशे जा रहे हैं।
मगरलोड थाने में पिता हीरालाल सिन्हा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।



