CG News: छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी मरीजों की परेशानियां! जूनियर डॉक्टर्स ने खोला मोर्चा, दी ये चेतावनी….

अंबिकापुर। बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स एक बार फिर आंदोलन पर उतर आए है। अपनी मांगों को लेकर आज से जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांग नहीं मानती तो वे इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार कर देंगे।
17 सूत्रीय मांगों लेकर जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन
बता दें कि छत्तीसगढ़ में एक बार फिर जूनियर डॉक्टरों की मांगों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, बॉन्ड की अवधि कम करने समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के मुताबिक, रायपुर की टीम ने करीब 15 दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं। मुलाकात के दौरान मांगों पर जल्द आदेश जारी करने का आश्वासन मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की बैठक हुई और चरणबद्ध आंदोलन का फैसला लिया गया।
इमरजेंसी सेवाओं को बंद करने की चेतावनी
इसी कड़ी में एक दिन पहले जूनियर डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। लेकिन सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं किए जाने से नाराज जूनियर डॉक्टर्स ने आज से स्ट्राइक पर चले गए है। यही नहीं डॉक्टर्स ने भी चेतावनी दे दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी जाती तो आने वाले दिनों में इमरजेंसी सेवाओं को भी बंद कर देंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
यानी आने वाले दिनों में अगर सरकार और जूनियर डॉक्टरों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो इसका असर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ सकता है। जूनियर डॉक्टरों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। फिलहाल कैंडल मार्च और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ ओपीडी का बहिष्कार किया गया है। अब देखना होगा कि सरकार जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों पर कब तक फैसला लेती है, और क्या इमरजेंसी सेवा बंद करने की नौबत आने से पहले सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई समाधान निकल पाता है।



