छत्तीसगढ़

CG- बैंक क्लर्क को पुलिस ने किया गिरफ्तार, इस बड़े कांड को दिया अंजाम, जाने क्या है पूरा मामला…..

मुंगेली। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में संचालित पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत लेन-देन के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बैंक के तत्कालीन क्लर्क को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन विवरण और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया सामने आने पर यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी को 24 सितंबर 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान टिकेश कुमार (30 वर्ष), पिता स्व. रैन सिंह, निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, वर्तमान पता हांडीपारा, तात्यापारा चौक, थाना आजाद चौक, जिला रायपुर के रूप में हुई है।

कलेक्टर के आदेश पर शुरू हुई जांचमामला पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से जुड़े अनधिकृत लेन-देन का है। 7 अगस्त 2026 को कलेक्टर, जिला मुंगेली के आदेश क्रमांक 15388/राजस्व/अधोसंरचना/2026 के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा मुंगेली में संचालित शासकीय खाता क्रमांक 3742452827 से संबंधित अनधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।

निर्देश के पालन में सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने प्रारंभिक जांच की और उपलब्ध बैंकिंग दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अपराध क्रमांक 253/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भापुसे) ने शासकीय राशि से संबंधित लेन-देन की विस्तृत और निष्पक्ष जांच, बैंकिंग रिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों के सूक्ष्म परीक्षण तथा प्रकरण से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित कर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।

एसएसपी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने संबंधित बैंक खाते, ट्रांजेक्शन विवरण, रिकॉर्ड, संबंधित व्यक्तियों के बैंक खातों और उपलब्ध दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।

30 सितंबर से 8 अक्टूबर के बीच सात ट्रांजेक्शन

पुलिस की विवेचना में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के उक्त शासकीय खाते से कुल 7 बार अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। इन लेन-देन के माध्यम से कुल 26,87,000 रुपये की राशि का आहरण एवं पुनः जमा कर अनियमित रूप से लेन-देन किया जाना पाया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि 30 सितंबर 2025 को शासकीय खाते से आरोपी टिकेश कुमार के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8,50,000 रुपये स्थानांतरित किए गए।

इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में 9,19,000 रुपये और 9,18,000 रुपये, यानी कुल 18,37,000 रुपये का अंतरण किया गया। इस तरह शासकीय खाते से कुल 26,87,000 रुपये का अनधिकृत अंतरण सामने आया।

पुलिस के अनुसार, इस लेन-देन में 1,61,500 रुपये ओवर रकम होने के कारण शासन के खाते में वापस हो गए थे।

बैंक क्लर्क के पास थी कई अहम बैंकिंग जिम्मेदारियां

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी टिकेश कुमार 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में क्लर्क के पद पर पदस्थ था।

पुलिस के मुताबिक बैंक प्रबंधन द्वारा आरोपी को ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी/आरटीजीएस और राशि अंतरण सहित विभिन्न बैंकिंग कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बैंक मैनेजर के निर्देश पर पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के बंद शासकीय खाते को दोबारा सक्रिय कराया गया था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने उक्त राशि का अंतरण बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात बताई है। पुलिस ने आरोपी के कथन के साथ-साथ बैंकिंग दस्तावेज, लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड, सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध विवरण और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया।

साक्ष्य मिलने पर बढ़ाई गई धारा, आरोपी जेल भेजा गया

पुलिस के अनुसार उपलब्ध बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया पाए जाने पर प्रकरण में धारा 316(5) बीएनएस जोड़ी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को 24 सितंबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

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