छत्तीसगढ़

CG- हॉस्टल में करंट ने ली 15 साल के छात्र की जान, वार्डन सस्पेंड… स्कूल प्रबंधन पर लगे ये गंभीर आरोप…..

सीतापुर। ग्राम सूर स्थित केन मेमोरियल इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई कर रहे 10 वीं के एक छात्र की करंट लगने से मौत हो गई। आश्चर्य की बात ये कि इस पूरी घटना को स्कूल प्रबंधन दबाने में लगा रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन के बाद मामला खुला, तब जाकर प्रशासन के निर्देश पर हॉस्टल वार्डन को निलंबित किया गया।

घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन मामले में लीपा-पोती करने जुटा रहा और गंभीर रूप से झुलसे छात्र को नजदीकी सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाने के बजाय इलाज कराने खड़गांव के एक निजी क्लीनिक ले गए। तबियत ज्यादा बिगड़ने के कारण तकरीबन एक घंटे बाद उसे सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य लेकर गए, तब तक काफी देर हो चुकी थी। छात्र ग्राम तमता निवासी आशुतोष (15), पिता विकास लकड़ा की कुछ समय बाद मौत हो गई। घटना 10 अक्टूबर रात की है।

ऐसे खुला मामला

मामला तब सामने आया, जब छात्र की मौत की खबर मिलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने हॉस्टल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। करीब 3 घंटे चले हंगामे और नारेबाजी के बाद प्रशासन ने वार्डन राजधानी खेस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषी स्कूल, हॉस्टल प्रबंधन पर केस दर्ज करने का लिखित आश्वासन दिया है। अभाविप के नगर मंत्री रितेश गुप्ता ने कहा, विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।

स्कूल के प्रबंधक विलचुस तिर्की ने कहा कि इस घटना से हम सभी दुखी है। घटना कैसे हुई अभी हम कुछ भी नहीं बता सकते हैं। हास्टल वार्डन को फिलहाल हटा दिया है।

प्रदीप कुमार जायसवाल, टीआई का कहना है, प्रारंभिक जांच में करंट से मौत की बात सामने आई है। घटना स्थल पर इनवर्टर का तार मिला है, जो कटा था। पीएम रिपोर्ट आने पर संबंधित पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।

हॉस्टल में बिजली के बैकअप के लिए इनवर्टर लगाया गया है। इन्वर्टर का तार अंडरग्राउंड नहीं है। ये दीवार के सहारे एक से दूसरे कमरे में गया है। ये वीवीसी वायर है। बाथरूम के दरवाजे होकर इसे अंदर ले जाया गया है। दरवाजा लोहे का है। इससे तार के ऊपर का कवर दरवाजा बंद होने व खुलने से कट गया। प्रबंधन का इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे करंट फैला और आशुतोष इसकी चपेट में आ गया।

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