President Draupadi Murmu Visit CG : आज छत्तीसगढ़ आएगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जानें मिनट टू मिनट कार्यक्रम……

रायपुर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 से 23 अक्टूबर, 2026 तक छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगी। जारी शेड्यूल के अनुसार आज राष्ट्रपति सुबह करीब 11:55 बजे रायपुर आएंगी। जिसके बाद 12:45 बजे रायपुर के लोक भवन में पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में एक 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके अलावा वह शाम 4 बजे वे रायपुर में नुआखाई त्योहार के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ और ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। दर्शन के लिए जगन्नाथ मंदिर भी जाएंगी।
23 अक्टूबर को राष्ट्रपति जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अवसर पर ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होंगी और एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगी।कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12:45 बजे लालबाग मैदान में होगा।
राज्यपाल डेका करेंगे अध्यक्षता, मुख्यमंत्री साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े , स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी शामिल होंगे।
इसके अलावा बस्तर के सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर के विधायक किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप और महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
बस्तर की सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है दशहरा
बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। यह उत्सव बस्तर की जनजातीय संस्कृति, आस्था और सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण प्रतीक है। मुरिया दरबार इस आयोजन की प्रमुख परंपराओं में से एक है, जिसमें बस्तर की पारंपरिक व्यवस्था और जनभागीदारी की झलक देखने को मिलती है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से इस ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व मिलेगा।



