छत्तीसगढ़

CG- गांजा तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 4 क्विंटल से ज्यादा गांजा जब्त, फरार आरोपी यूपी से गिरफ्तार……

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ओडिशा के मलकानगिरी से हरियाणा ले जाई जा रही गांजे की भारी खेप को पुलिस ने रास्ते में पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान 90 पैकेटों में भरा कुल 4 क्विंटल 33 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 23 लाख रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही करीब 25 लाख रुपये की फॉर्च्यूनर कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है।

इस मामले में पुलिस ने फरार आरोपी सुखपाल को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस को चकमा देकर भागने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, गांजे की यह खेप ओडिशा के मलकानगिरी से हरियाणा ले जाई जा रही थी। इसी दौरान पुलिस की चेकिंग देखकर तस्करों ने सिंगारभाट के पास गांजे से भरी खेप छोड़ दी और मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने घटनास्थल से गांजे के 90 पैकेट बरामद किए। जांच के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही फॉर्च्यूनर कार भी जब्त की गई। वाहन की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है।

जांच में तस्करों के पुलिस से बचने के तरीके भी सामने आए हैं। आरोपी अलग-अलग वाहनों के नंबर बदल-बदलकर पुलिस की नजरों से बचने की कोशिश कर रहे थे। इस तरीके से वे अंतरराज्यीय मार्गों पर तस्करी की खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचा रहे थे।

घटना के बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपी सुखपाल को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों और गांजे की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है।

इस कार्रवाई में कुल जब्त सामग्री की कीमत करीब 2 करोड़ 48 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, पूरे तस्करी नेटवर्क की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

ओडिशा से हरियाणा तक गांजे की सप्लाई के इस मामले ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क की सक्रियता उजागर की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजे की खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।

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