छत्तीसगढ़

CG- दो कर्मचारी बर्खास्त BREAKING : प्रशासन का बड़ा एक्शन, दो कर्मचारियों को किया बर्खास्त, इस वहज से हुई सेवा समाप्त, जाने पूरा मामला……

कोण्डागांव। जिले में श्रम विभाग के अंतर्गत गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन के लिए रिश्वत लेने के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। भ्रष्टाचार के इस मामले में दो संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि एक श्रम उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जिला श्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है।

जानकारी के अनुसार, श्रम विभाग के संविदा कर्मचारी सिंधु नाथ मंडल और उमा शंकर साहू के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी कि वे गुमास्ता लाइसेंस पंजीयन के लिए आवेदकों से 5 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। जांच में दोनों कर्मचारियों पर लगे आरोप सही पाए गए, जिसके बाद अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर ने तुरंत प्रभाव से दोनों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया।

इसके अलावा, श्रम उप निरीक्षक निर्मल कुमार सोरी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें तहसील कार्यालय बड़े राजपुर में पदस्थ किया गया है। इस पूरे मामले में जिला श्रम अधिकारी आजाद सिंह पात्र की जिम्मेदारी को भी प्रशासन ने संदेह की दृष्टि से देखा है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

अपर कलेक्टर ठाकुर ने बताया कि कोण्डागांव प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को देखते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें।

Related Articles

Back to top button