छत्तीसगढ़

CG – मिनीमाता शा.उच्च माध्यमिक विद्यालय टिकारी में खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर की खेल के प्रति लगाव और ध्यान सिंह से ध्यानचंद बनने तक की पूरी कहानी से विद्यार्थियों को कराया गया रूबरू पढ़े पूरी ख़बर

मस्तूरी//मिनीमाता शा.उच्च माध्यमिक विद्यालय टिकारी में खेल दिवस अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया गया इस अवसर पर संस्था के प्रभारी प्राचार्य मंजू प्रभा मिंज के निर्देशानुसार व्यायाम शिक्षक श्री आशीष मिश्रा के द्वारा ध्यानचंद जी के जीवन पर प्रकाश डाला गया है ।ध्यानचंद जी का जन्म 29 अगस्त 1905 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और आज के प्रयागराज में हुआ था । ध्यानचंद की रुचि बचपन से ही हॉकी में थी 16 वर्ष की आयु में ध्यान चंद अपने पिता के नक्शे कदम पर फौज में शामिल हो गए और वहीं से उन्होंने भारत देश के लिए हॉकी खेलने शुरू किया। ध्यानचंद ने भारत को तीन बार हॉकी के ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 400 से ज्यादा गोल किए। उनकी इन उपलब्धियां को देखते हुए सन 1956 में उनको पद्मभूषण से नवाजा गया। ध्यानचंद का नाम शुरू में ध्यान सिंह था और उनके चांदनी रात में अभ्यास करने के कारण उनके नाम के पीछे चंद जोड़ दिया गया। उनके हॉकी के प्रति किए गए अभूतपूर्व योगदान के कारण उनके जन्मदिवस 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है। अंत में सभी ने शासन के आदेशानुसार खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के लिये शपथ लिया ।

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