CG – 18 बीएलओ का रुका वेतन, प्रधान पाठक से लेकर सहायक शिक्षक पर इस वजह से गिरी कार्यवाही की गाज……

बीजापुर। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले 18 बीएलओ के खिलाफ कार्यवाही की गई है। इस संबंध में तहसीलदार भोपालपट्टनम एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी भोपलपट्टनम को पत्र लिखकर इन 18 बीएलओ के खिलाफ नवंबर माह का वेतन आहरण रोकने के लिए कहा गया है। इस संबंध में तहसीलदार के बिना अनुमति के वेतन आहरण रोकने और कार्रवाई से अवगत करवाने के निर्देश दिए गए हैं। पूरा मामला भोपालपट्टनम तहसील का है।
चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान पाठक से लेकर सहायक शिक्षक को बीएलओ का दायित्व सौंपा गया था। इस संबंध में भोपालपट्टनम तहसीलदार लक्ष्मण कुमार राठिया ने बताया कि निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार एसआईआर का कार्य किया जा रहा है। भोपालपट्टनम ब्लॉक के 18 बीएलओ के द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही थी और फार्म कलेक्शन में शिथिलता बरती जा रही थी जिसके चलते कार्यवाही की गई है।
बैठक में अनुपस्थित रहे थे बीएलओ
मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण SIR अभियान के तहत बीजापुर जिले में नामावली अद्यतन कार्य तेजी से जारी है। लेकिन इसी प्रक्रिया में निर्वाचन दायित्वों के प्रति उदासीनता दिखाना 18 बीएलओ के खिलाफ कलेक्टर संबित मिश्रा के निर्देश पर तहसीलदार ने कार्यवाही की है। भोपालपट्टनम तहसील कार्यालय में समीक्षा बैठक और आवश्यक दिशा निर्देश के लिए बैठक 27 नवंबर को बुलाई गई थी। पूर्व सूचना वॉट्सएप ग्रुप और कंट्रोल रूम के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से कॉल करके सभी बीएलओ को उपलब्ध कराए जाने के बावजूद 18 बीएलओ बैठक में अनुपस्थित पाए गए। प्रक्रिया में टालमटोल व दिशा-निर्देशों की अवहेलना को लोक सेवा आचरण अधिनियम 1965 की धारा 3 का सीधा उल्लंघन माना गया, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तहसीलदार के द्वारा कलेक्टर संबित मिश्रा के आदेश से तत्काल प्रभाव से सभी 18 बीएलओ का वेतन आहरण रोकने के आदेश जारी कर दिए। आदेश खण्ड शिक्षा अधिकारी को भेजे गए हैं और आगे की प्रगति की निगरानी भी जारी रहेगी।
इस संबंध में जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर संबित मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR के दौरान घर-घर सत्यापन, सुधार एवं नाम जोड़ने की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कड़ी कार्यवाही की जाएगी।





