छत्तीसगढ़

CG बर्खास्त ब्रेकिंग : धान खरीदी के बिच बड़ी कार्रवाई, समिति प्रबंधक और ऑपरेटर बर्खास्त, इस वजह से हुई सेवा समाप्त……

धमतरी। छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाए रखने के लिए शासन और जिला प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में धमतरी जिले से बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। धान उपार्जन में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के मामले में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक और ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि में संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, इन्द्रावती भवन नवा रायपुर अटल नगर द्वारा पत्र क्रमांक 3990/धान उपार्जन 2025 दिनांक 24 दिसंबर 2025 के माध्यम से धान खरीदी के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इसके साथ ही उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, धमतरी द्वारा भी पत्र क्रमांक उ.पा.स.ध./विपणन धा.ख./2026/170 के तहत नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, समिति स्तर पर इन निर्देशों की अनदेखी की गई।

प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी (पंजीयन क्रमांक 674) के धान उपार्जन केंद्र में पदस्थ ऑपरेटर अशोक कुमार साहू एवं समिति प्रबंधक गोपाल राम साहू पर घोर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता के गंभीर आरोप सामने आए। 7 जनवरी 2026 को डिप्टी कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ कृषकों द्वारा अवैध रूप से धान का विक्रय किया जा रहा था। यह स्थिति सीधे तौर पर शासन के निर्देशों का उल्लंघन थी।

इसके बाद 12 जनवरी 2026 को कलेक्टर द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान भी धान उपार्जन से जुड़े बिंदुओं पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। वहीं 13 जनवरी 2026 को पुनः किए गए निरीक्षण में स्थिति और भी गंभीर पाई गई। उपार्जन केंद्र में दो ढेरियों में मिलावटयुक्त धान पाया गया, साथ ही एक किसान के टोकन पर किसी अन्य किसान का धान खपाने का प्रयास भी उजागर हुआ।

इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया कि धान उपार्जन जैसे संवेदनशील कार्य में गंभीर अनियमितता की गई है, जिससे शासन की मंशा और पारदर्शी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति के बोर्ड द्वारा 13 जनवरी 2026 को बैठक आयोजित की गई। बैठक में विषय क्रमांक 1 के अंतर्गत सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

इसके तहत पंजीयक द्वारा जारी सेवा नियम 2018 की कंडिका 16.5 के प्रावधानों के अंतर्गत ऑपरेटर अशोक कुमार साहू एवं समिति प्रबंधक गोपाल राम साहू को समिति की सेवा से पृथक कर दिया गया।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान उपार्जन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे भी जिले के सभी उपार्जन केंद्रों की सतत निगरानी और नियमित जांच जारी रहेगी, और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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