मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य

---Advertisement---
IF YOUR BUSINESS IS NOT ON THE INTERNET,
THEN YOUR BUSINESS WILL BE OUT OF BUSINESS.
Click Here
Get Your Bussness Online
@ Just ₹9,999
Click Here

Uttarakhand News: धामी सरकार और ITBP के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण समझौता, जानिए इससे आम जनता को कैसे मिलेगा लाभ…

On: January 16, 2026 12:37 AM
Follow Us:
---Advertisement---

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड शासन और भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मध्य स्वस्थ सीमा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा भी उपस्थित रहे. इस एमओयू का उद्देश्य पिथौरागढ़, चमोली एवं उत्तरकाशी जनपदों के अंतर्गत स्थित 108 सीमावर्ती गांवों में निवासरत नागरिक आबादी को एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. यह अभियान चरण–1 के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा.

एमओयू के तहत भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), मुख्यालय उत्तरी सीमांत, देहरादून को प्रथम पक्ष तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड सरकार को द्वितीय पक्ष के रूप में नामित किया गया है. समझौते के अनुसार, आईटीबीपी द्वारा योग्य चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा उपलब्ध एमआई रूम एवं टेली-मेडिसिन सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीमावर्ती गांवों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी. साथ ही लाभार्थियों के मेडिकल हेल्थ कार्ड,रिकॉर्ड का रख-रखाव एवं उपकरणों, दवाईयों तथा उपयोगी सामग्रियों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि स्वस्थ सीमा अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है. यह न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों में विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व को भी बढ़ावा देगा. उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगिण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह एमओयू उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अवसर पर जानकारी दी गई कि आगामी एमओयू एवं प्रस्तावित समझौतों के अंतर्गत, स्थानीय पशुपालकों से नॉन-वेज उत्पादों की सीधी खरीद प्रक्रिया को सुदृढ़ करने हेतु समझौता किया जाना प्रस्तावित है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो सके और उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो.

राज्य की सहकारी चीनी मिलों से उत्तम गुणवत्ता की चीनी की खरीद के लिए भी समझौता प्रस्तावित है. दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित एवं प्रभावी आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आईटीबीपी द्वारा UCADA हेलीकॉप्टर सेवाओं के उपयोग के लिए एमओयू किया जाना भी प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को प्रभावी रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर साकार कर रही है. Point to Point Model के माध्यम से किसानों से सीधी खरीद सुनिश्चित की गई है, जिससे 550 से अधिक सीमावर्ती निवासी लाभान्वित हुए हैं और ठेकेदार एवं दलाल प्रणाली को पूर्णतः समाप्त करते हुए किसी भी प्रकार के middle man की भूमिका नहीं रही है.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है और पूरे वर्ष ऑर्गेनिक, ताज़ी एवं निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिसमें बरसात एवं सर्दियों जैसे कठिन मौसम भी शामिल हैं. स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले नॉन-वेज, फल, सब्ज़ी एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, बल्कि उत्पादकों की आय में भी वृद्धि हुई है. इसके साथ ही यह पहल रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हो रही है, क्योंकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी अवसर प्राप्त हो रहे हैं. पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह व्यवस्था अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है. समग्र रूप से यह पहल 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में से 10 लक्ष्यों की सफल प्राप्ति में योगदान देती है, जो इसे सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से एक प्रभावशाली और सतत मॉडल बनाती है.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें