अंबिकापुर। सरगुजा जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक युवती की गर्भपात की दवा खाने के बाद मौत हो गई। यह मामला न केवल स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दबावों की भी एक भयावह तस्वीर पेश करता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका की शादी तय हो चुकी थी। युवती अपने मंगेतर से लगातार संपर्क में थी और दोनों के बीच मुलाकात भी होती थी। इसी दौरान युवती गर्भवती हो गई। गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद दोनों ने इसे छिपाने का प्रयास किया। सामाजिक बदनामी और पारिवारिक दबाव के डर से युवती ने गर्भपात कराने का निर्णय लिया।
बताया जा रहा है कि युवती ने चिकित्सकीय परामर्श के बिना गर्भपात की दवा का सेवन किया। दवा खाने के कुछ समय बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव और कमजोरी की शिकायत के बाद परिजन और मंगेतर घबरा गए। हालतगंभीर होने पर मंगेतर ने ही युवती को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण के चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतिका सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।






