बिलासपुर में 16 जनवरी कों पचरी घाट में राम सखा गुहा निषाद माता बिलासा स्मृति दिवस कों शोभा यात्रा निकाली गई इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय निषाद केबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश भी शामिल हुए जहाँ हजारों की संख्या में निषाद समाज के लोंग शामिल हुए बताते चलें की 26 डी जे एक साथ संचालित हो रही थी और इसी धुन में निषाद समाज के लोंग झूमते नाचते थिरकते शोभा यात्रा में दिखे मालूम हो की लावर सरपंच चन्दन कुमार कैवर्त का भी भारी भरकम पुष्प गुच्छ से समाज के लोगों नें चौक में भब्य स्वागत किया,
बताते चलें की एक वीरांगना, जिन्होंने अपने असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प से समाज में एक अमिट छाप छोड़ी। उनका जन्म 16वीं शताब्दी में अरपा नदी के किनारे हुआ था, और वह केवट समुदाय से ताल्लुक रखती थीं। वह बचपन से ही तलवारबाजी, भाला फेंकने और नौकायन में निपुण थीं, और उनके दिल में हमेशा दूसरों की सेवा करने की इच्छा रहती थी।
ऐतिहासिक रूप से, बिलासपुर पर रतनपुर के कलचुरी राजवंश का शासन था । हालांकि, यह शहर मराठा साम्राज्य के शासनकाल के दौरान, लगभग 1741 में प्रमुखता में आया। बिलासपुर शहर लगभग 400 वर्ष पुराना है और इसका नाम “बिलासपुर” एक मछुआरे “बिलासा” से लिया गया है।









