छत्तीसगढ़

CG-नोडल अफसर सस्पेंड : धान खरीदी में गड़बड़ी पर हुई कार्रवाई, नोडल अधिकारी को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित……

जांजगीर-चांपा। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों की मेहनत और सरकार की महत्वपूर्ण योजना से जुड़ी इस प्रक्रिया में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने उपार्जन केंद्र हरदी, तहसील अकलतरा के नोडल अधिकारी सुनील राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई धान खरीदी कार्य में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी को देखते हुए की गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, उपार्जन केंद्र हरदी में धान खरीदी के दौरान किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि नोडल अधिकारी सुनील राव खरीदी कार्य के दौरान अक्सर अनुपस्थित रहते थे, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार निर्धारित समय पर खरीदी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाती थी, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही थी।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि नोडल अधिकारी न केवल अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाह थे, बल्कि उनका व्यवहार भी गैर-जिम्मेदाराना था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि अधिकारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की गई और समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया। बताया गया कि नोडल अधिकारी द्वारा एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अशोभनीय टिप्पणी की गई, जो एक शासकीय सेवक के आचरण के सर्वथा विपरीत है। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कार्रवाई को उचित ठहराया है।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसानों के हितों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि किसानों को बिना किसी परेशानी के उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निलंबन आदेश के अनुसार, सुनील राव का निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय जिला पंचायत जांजगीर-चांपा रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जा सके।

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