छत्तीसगढ़

CG- छत्तीसगढ़ में शर्मसार हुई मानवता: विधवा महिला को प्रेमी की पत्नी और परिजनों ने निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया, शरीर पर लगाया गोबर — वजह सुनकर सिहर उठेंगे आप…..

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक परिवार ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। एक विधवा महिला काे सिर्फ इसलिए गांव में निर्वस्त्र कर घुमाया कि वह दोबारा अपना घर बसाना चाहती थी।छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक परिवार ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। एक विधवा महिला काे सिर्फ इसलिए गांव में निर्वस्त्र कर घुमाया कि वह दोबारा अपना घर बसाना चाहती थी

प्रेमी के साथ जब गांव आई तब प्रेमी के परिजनों ने सारी मर्यादाओं को लांघ दिया। महिला को घर से निकालकर उसके कपड़े फाड़ दिए। निर्वस्त्र कर सार्वजनिक रूप से उसे गांव में घुमाया, शरीर पर गोबर पोत दिया। इतने से भी जी नहीं भरा तो चप्पल जूते से पिटाई भी करते रहे। बहरहाल पुलिस ने आरोपी ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दिल दहला देने वाली यह घटना ग्राम रानीझाप की है। यहां की 35 वर्षीय महिला ने एक साल पहले ही अपने पति को खोया था। जिसके बाद से उसका गांव के ही शादीशुदा व्यक्ति हरि प्रसाद राठौर (35) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सामाजिक लोक-लाज के डर से दोनों 3 माह पहले 29 अक्टूबर को गांव से भाग गए थे और मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के मालाचुवा गांव में छिपकर रह रहे थे। शुक्रवार को जब यह जोड़ा वापस गांव लौटा, तो तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और दोनों पक्ष खोडरी चौकी बुलाए गए। वहां महिला ने स्पष्ट कर दिया कि वह हरि प्रसाद के साथ ही रहना चाहती है। इसके बाद सभी गांव वापस आ गए।

शनिवार सुबह तकरीबन 10 बजे हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, भाई मनोज और यशोदा राठौर अन्य लोगों के साथ उनके पास पहुंचे। इन लोगों ने घर में घुसकर महिला को बाहर खींचा और मारपीट शुरू कर दी। आक्रोशित परिजनों ने प्रतिशोध की आग में महिला के कपड़े फाड़ दिए और उसे निर्वस्त्र हालत में ही पूरे गांव की गलियों में घुमाना शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने महिला के शरीर पर गोबर भी पोत दिया था। उसे अपमानित करते हुए गांव के मुख्य मार्ग स्थित काली मंदिर तक ले जाया गया। इस दौरान महिला रहम की भीख मांगती रही, पर बेरहमी करने वालों का दिल नहीं पसीजा।

पीड़िता के परिजनों और गांव के कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाई। अमर सिंह धुर्वे और दशरथ विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने आगे आकर आरोपियों को रोका और महिला को उनके चंगुल से छुड़ाया। तत्काल उसे कपड़े उपलब्ध कराए गए और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को उपचार व बयान के लिए अपने साथ ले गई। इस मामले में खोडरी पुलिस ने मुख्य आरोपी सरोज राठौर, मनोज और यशोदा राठौर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

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