धमतरी

कलेक्टर के मार्गदर्शन में आरबीएसके अंतर्गत विशेष हृदय जांच शिविर, बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों की हुई विस्तृत जांच…26 बच्चों को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता, चिन्हित बच्चों को उपचार एवं फॉलो-अप में नहीं होगी कोई परेशानी : कलेक्टर

धमतरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत जिले में 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में जन्मजात हृदय दोषों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिला अस्पताल, धमतरी में एक दिवसीय विशेष हृदय जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रातः 10.30 बजे से सायं 5.00 बजे तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यह विशेष शिविर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री यू.एल. कौशिक के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व से चिन्हित एवं पात्र बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गहन जांच की गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में जन्मजात दोष, विकासात्मक विलंब, पोषण संबंधी समस्याओं एवं गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उन्हें निःशुल्क एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना रहा।

शिविर में एमएमआई रायपुर की वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. किंजल बक्शी का विशेष सहयोग रहा। उनके द्वारा अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से बच्चों की ईकोकार्डियोग्राफी जांच कर हृदय रोगों की सटीक पहचान की गई।

शिविर के दौरान कुल 53 बच्चों की विस्तृत जांच की गई, जिनमें से 49 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई। इनमें 26 बच्चों को तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पाई गई, जबकि 23 बच्चों को नियमित फॉलो-अप एवं आगे के उपचार हेतु चिन्हित किया गया। वहीं 04 बच्चे ईको जांच में पूर्णतः सामान्य पाए गए।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित बच्चों के उपचार, सर्जरी, रेफरल एवं आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के लिए आवश्यक समन्वय एवं सहायता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी बच्चे को उपचार में विलंब या असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से बच्चों में गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस प्रकार के विशेष शिविरों से जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल रही है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि चिन्हित बच्चों को उपचार, सर्जरी एवं फॉलो-अप में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।”

शिविर के सफल आयोजन में जिला स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं आरबीएसके टीम का सराहनीय योगदान रहा।

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